Saturday, September 18, 2021

जातक प्रश्न : मेरी पत्नी मुझसे झगड़ा करती है और चैन की नींद सो जाती है, परन्तु मुझे नींद नहीं आती है। ऐसा क्या करूँ कि मुझे भी कोई फर्क न पड़े?

जातक प्रश्न : मेरी पत्नी मुझसे झगड़ा करती है और चैन की नींद सो जाती है, परन्तु मुझे नींद नहीं आती है। ऐसा क्या करूँ कि मुझे भी कोई फर्क न पड़े?

"पति-पत्नी का झगड़ा दो या दो से अधिक राजाओं के बीच की युद्ध नहीं है, जिसमें आपके लिए किसी भी शर्त में युध्द जीतना आवश्यक हो।" माता श्यामा देवी

माता श्यामा देवी की तर्क पढ़ने के बाद आपको पता चल चुका होगा कि आपको अपने जीवनसाथी से जीतने की जरूरत नहीं है। मैं आपको दूसरा परिभाषा भी बता देना चाहता हूँ जिसमें श्री मालिक जोशी ने कहा था "मेरे लिये मेरी पत्नी और मेरी माँ समस्त तीर्थों से अधिक श्रेष्ठ और पवित्र है।" उन्होंने ये भी कहा था कि "सामान्यतः जीवनसाथी के बिना बेहतर जीवन की कल्पना मूर्खतापूर्ण है।" मेरा व्यक्तिगत रूप से यही मानना है कि "हर इंसान की सामान्यतः एक जैसी प्राकृतिक आचरण होती है, समय काल और परिस्थितियों के अनुसार हम जिन आचरण को सही या ग़लत समझने की अवधारणा बना लेते हैं अधिकतर मामलों में हमारा दर्शन या यह कहें कि हमारा पैमाना अधूरा अथवा गलत होता है।"

आपको किसी निष्कर्ष में ले जाने के पहले यह भी क्लीयर बता देना चाहता हूँ कि यदि आप ये सोचते हों कि आपकी जीवनसाथी गलत है तो ख़्याल रखिए ये आपकी भ्रम मात्र है। यदि आप विवाह विच्छेद के विकल्प का चुनाव करने की सोच रहे हैं तो आपको बता देना चाहता हूँ कि आप जिनसे विवाह करने की सोच रहे हैं वह किसी नेटवर्क प्रदाता कंपनी का रिचार्ज वाउचर नहीं है जो यह गारंटी देता हो कि अमुक रिचार्ज में कितने दिन की वैधता होगी, कितने घंटे या कितने मिनट की कॉलिंग फैसिलिटी और कितना MB या GB डेटा होगी।

अब आपके पास प्रमुख रूप से तीन परिभाषा और अँगूठाछाप लेखक, अबोध विचारक के बईसुरहा दर्शन का तर्क हैं। इन सभी बिंदुओं पर बुद्धि लगाने से सम्भव है आपको भी यही निष्कर्ष मिले कि आपकी यही जीवनसाथी बेहतर साबित हो सकता है। थोड़ा प्रयास करिये उन्हें थोड़ा समय दीजिये, थोड़ा विश्वास करिये। मैं एक अच्छे शुभचिंतक के रूप में आपको यही सलाह दूँगा कि अपने जीवनसाथी के छोटी मोटी गलतियों को अनदेखा करने, उन्हें माफ़ करने और बिना गलती के माफ़ी मांगने की आदतों को अपने आचरण में शामिल कर लीजिए। मैं आपको पुनः सलाह देने के पूर्व बता देना चाहता हूँ कि "किसी भी युध्द में आपके प्रतिद्वंद्वी को कितना अधिक हानि अथवा क्षति पहुंची ये परिणाम मायने नहीं रखता; बल्कि मायने तो इस बात की है कि इससे आपको क्या-क्या हानि हुआ।" पति-पत्नी के बीच की झगड़े में तो आप ही अपने सेनापति हैं और आपकी जीवनसाथी आपके अपने ही सैनिक हैं फिर युध्द का परिणाम चाहे जो भी हो, हानि तो आपको ही होनी है।

मैं अंत में आपको यही सलाह देना चाहता हूँ कि आप युध्द की स्थिति से बचें; घर से बाहर उद्यान घूमने चले जाएं। बच्चों के साथ खेलने लग जाये या फिर कपिल शर्मा के शो देख लें। आप चाहें तो अपने मोबाइल में हैडफोन लगाकर भारी भरकम आवाज में आँख बंद करके अपनी पसंदीदा गाने सुनें।

स्पेसिली जब आपको नींद न आये तब भी आप अपने मोबाइल में हैडफोन लगाकर भारी भरकम आवाज में आँख बंद करके या कम्बल ओढ़कर अपनी पसंदीदा गाने सुनें।

धर्मगुरु हुलेश्वर बाबा
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Wednesday, September 15, 2021

बहनों और बेटियों के नाम संदेश; बालिकाएँ ख़ासकर अविवाहित लड़कियाँ इन तेरह सुझाव को जरूर पढ़ें ...

बहनों और बेटियों के नाम संदेश; बालिकाएँ और लड़कियाँ इसे जरूर पढ़ें ...

मैं इसके  (लेख के )माध्यम से केवल १३ सुझाव दे रहा हूँ क्योंकि ये तेरह सुझाव आपके (तेरे / तेरा) जीवन को बेहतरीन बनाने के लिए कारगर साबित होने वाले हैं। 

बालिकाएँ, ख़ासकर अविवाहित लड़कियाँ जिसमें मेरी बहनें और बेटियाँ भी शामिल हैं, उनसे अनुरोध है कि वे:  

1- अपनी सारी मर्यादाओं, धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक नियमों को ख़ुद के अनुसार स्वयं ही तय करें; दूसरे के तय किये गए की नकल करना बुद्धिमानी नहीं है।

2- आपकी जीवन दुनियाभर के सभी जीवन में सबसे अधिक अनमोल और महत्वपूर्ण है तथा आपकी आज़ादी आपके जीवन के लिए आवश्यक और अनिवार्य तत्व है।

3- कभी भी किसी भी शर्त में ग़ुलामी स्वीकार न करें; बिना सोचे समझे दूसरे की बातों में आना, चुगली का शिकार होना भी मानसिक ग़ुलामी ही है।

4- यदि आप विवाह करने वाले हैं तो उसके पहले आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित कर लें। अपने से कम उम्र, ओहदे और शिक्षा वाले लड़के को ही जीवनसाथी बनाएँ ताकि आपके साथ प्रताड़ना की संभावना कम हो और जीवन में सारे अनिवार्य आज़ादी मिलता रहे।

5- पुरुष प्रधान सामाजिक मानसिकता को त्यागें। पति परमेश्वर, भगवान या श्रेष्ठ नहीं होता ये जान लें। पति मित्र है, जीवन की यात्रा में वह सहयोगी से बढ़कर कुछ नहीं है।

6- विवाहोपरांत यदि आपकी पति आपकी पिटाई करे तो आप भी आत्मरक्षा के सारे कदम उठा सकती हैं। इस स्थिति में पति को पीटना धर्म के अनुकूल है।

7- किसी भी स्थिति में प्रताड़ना को हावी न होने दें; प्रताड़ित होकर आत्मघाती कदम उठाना मूर्खता से बढ़कर कुछ नहीं है।

8- विवाहोपरांत पति पक्ष पर झूठे आरोप लगाना घोर अधार्मिक कदम है। यदि वास्तव में दहेज़ अथवा अन्य प्रताड़ना से आप गुज़र रहे हों तो जितना सही है उतने ही बिंदुओं पर कार्यवाही के लिए कंप्लेन करें.. बढ़ा चढ़ाकर अथवा अन्य पारिवारिक सदस्यों को बेवजह न फँसायें।

9- अपनी इच्छाओं का दमन करना और दबावपूर्ण जीवन जीने को मजबूर होना आत्महत्या के समान है।

10- "स्त्री सेक्स करने, बच्चे पैदा करने और सेवा करने की मशीन नहीं है।" इसे भलीभांति जान लें।

11- पूरे ब्रम्हाण्ड में नर और मादा का बराबर का योगदान है इसलिए कोई उच्च या कोई नीच नहीं है।

12- नियमित रूप से किताबें पढ़ें, यथासंभव पढाई जारी रखें और शोध करें। समय समय पर यूट्यूब के माध्यम से नए स्किल्स सीखें और मोटिवेशन स्पीकर्स को भी सुनें। 

13- अपने कार्यकलाप और जीवनशैली की समीक्षा करते रहें, देशकाल और समय के अनुसार बेस्ट जीवनशैली अपनाएँ।  

हुलेश्वर जोशी
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
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Sunday, September 12, 2021

दहिमन क्या है; दहिमन के मुख्य फ़ायदे क्या है? : श्री हुलेश्वर जोशी

दहिमन क्या है; दहिमन के मुख्य फ़ायदे क्या है? : श्री हुलेश्वर जोशी

दहिमन मुख्यतः वनऔषधीय पेड़ है; जिसके उपयोग से स्थानीय लोग और आयुर्वेद चिकित्सक अधिकतर रोगों की उपचार करते हैं। ये पेड़ सतपुड़ा, अमरकंटक और सरगुजा संभाग से लगे वन क्षेत्र और कबीरधाम जिले के जंगलों में प्रमुखता से पाये जाते हैं।

दहिमन के अन्य नाम:
Boraginaceae, कॉर्डिया मैकलोडी हुक, दही पलाश, ढेंगन, दाई वास, भोटी, पनकी, शिकारी का पेड़, तेजसागुन, देहिपलस और दहिमन आदि नामों से जाना जाता है।

दहिमन क्यों लगाएँ, इसके मुख्य फायदे क्या है?
1- कैंसर रोग का उपचार (पत्ते अथवा छाल का जूस)
2- किड़नी में सूजन और पाचन संबंधी रोग का उपचार (छाल का जूस)
3- सर्पदंश और ज़हर खुरानी का उपचार (छाल ल जूस)
4- ब्लडप्रेशर (पत्ते का चूर्ण)
5- मोटापा की उपचार (छाल का जूस अथवा नीबू रस के साथ छिलके का चूर्ण)
6- शराब छुड़ाने के लिए उपयोगी (जूस, पत्ते या छाल)
7- घांव का उपचार (पत्ते का लेप)
8- पीलिया का उपचार (छाल या पत्ते जा जूस या छाल का पावडर)
9- फायदे की अधिक जानकारी के लिए वन्य क्षेत्रों के किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से मिलकर बात करें।

दहिमन के संबंध में मान्यता
1- दहिमन पेड़ के छांव में बैठने से शांति मिलती है।
2- दहिमन पेड़ के छांव में या इसके लकड़ी के टुकड़े/पीढ़वा में बैठकर दारू पीने से नशा कम करता है।

दहिमन के पेड़ को पहचानें कैसे?
आप दहिमन के पत्तों पर आप कुछ भी लिखेंगे तो आपका लिखा हुआ शब्द या चित्र पत्ते में भीतर की ओर रेखा खिंचने के बजाय थोड़ी ही देर में ऊपर की ओर उभर कर आता है।
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Tuesday, August 24, 2021

विशेष महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा पहुंचे नारायणपुर तीनों जिला नारायणपुर, कांकेर और कोंडागांव में संचालित नक्सल अभियानों की समीक्षा की

विशेष महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा पहुंचे नारायणपुर तीनों जिला नारायणपुर, कांकेर और कोंडागांव में संचालित नक्सल अभियानों की समीक्षा की

★ श्री अशोक जुनेजा, विशेष पुलिस महानिदेशक, (नक्सल ऑपरेशन) पहुंचे नारायणपुर।

★ तीन जिलों नारायणपुर, कांकेर और कोंडागांव में संचालित नक्सल अभियानों की समीक्षा की।

★ नक्सल अभियान की समीक्षा में आईजी (बीएसएफ) श्री एस.के. त्यागी, बस्तर आईजी श्री सुन्दरराज पी., डीआईजी (बीएसएफ) श्री एस.एस. दबास, डीआईजी (बीएसएफ, ऑप्स) श्री अनिल कुमार ठाकूर, डीआईजी (बीएसएफ) श्री संजय शर्मा, डीआईजी (आईटीबीपी) श्री पी.एस. डंगबाल, डीआईजी (एसएसबी) श्री सुधीर कुमार, डीआईजी कांकेर श्री बालाजी सोमावार, एसपी कांकेर श्री शलभ सिन्हा, एसपी कोंडागांव श्री सिद्धार्थ तिवारी और एसपी नारायणपुर श्री यू. उदय किरण, सेनानी (बीएसएफ) श्री अनंत, सेनानी (आईटीबीपी) श्री समर बहादुर, सेनानी (आईटीबीपी) श्री पवन सिंह, सेनानी (बीएसएफ) श्री राजीव शर्मा, सेनानी (आईटीबीपी)  श्री पंकज वर्मा, सेनानी (आईटीबीपी) श्री भानुप्रताप सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री नीरज चन्द्राकर सहित केन्द्रीय सशस्त्र बल और पुलिस के राजपत्रित अधिकारी उपस्थित  रहे।

आज दिनांक 24.08.2021 को श्री अशोक जुनेजा, विशेष पुलिस महानिदेशक (नक्सल ऑप्स.) छत्तीसगढ़ द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय नारायणपुर के सभाकक्ष में जिला पुलिस बल, बीएसफ और आईटीबीपी के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लिया गया। बैठक में विगत वर्षो में घटित नक्सल अपराध एवं घटनाओं पर चर्चा के साथ-साथ जिले की कानून व्यवस्था एवं नक्सल उन्मूलन को लेकर योजनाओं एवं रणनीति की समीक्षा की। श्री जुनेजा द्वारा आगामी दिनों में माओवादी नक्सलियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने एवं नक्सलियों को बैकफुट पर लाने के लिये अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।

श्री जुनेजा ने नक्सल विरोधी अभियान, जैसे आरओपी, एरिया डाॅमिनेशन और नक्सल गस्त-सर्चिंग के दौरान पुलिस एवं केन्द्रीय बलों द्वारा बेहतर कम्युनिकेशन और गुणवत्तायुक्त समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर, कांकेर और कोण्डागांव द्वारा अपने-अपने जिले में संचालित नक्सल अभियानों की रूपरेखा को रेखांकित करते हुए पाॅवर प्वाईंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई।

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Saturday, August 14, 2021

स्वतंत्रता को बरकरार रखने के लिए आवश्यक समुदाय के प्रति सम्मानजनक नजरिया बनाये रखना आवश्यक है - श्री हुलेश्वर जोशी

स्वतंत्रता को बरकरार रखने के लिए आवश्यक समुदाय के प्रति सम्मानजनक नजरिया बनाये रखना आवश्यक है - श्री हुलेश्वर जोशी 

सर्वप्रथम मैं हुलेश्वर जोशी समस्त भारतीय नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देता हूँ






जैसा कि आपको ज्ञात है, कि आज 15 अगस्त 2021 को हम भारतीय नागरिक 75वीं स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। संभव है आपने उन लाखों वीर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को भी नहीं भूला होगा जिन्होनें आपकी आजादी के लिये अपने प्राणों की आहूति दे दी। आपको पता होनी चाहिये कि आपको स्वतंत्र कराने के लिए लाखो महापुरूषों ने दर्जनों बार जेलों और कालापानी में यातनाएँ भी सहा है। हमें स्मरण होनी चाहिये कि ये आजादी इतनी आसान नहीं हैं बल्कि लाखों शहादतों की परिणाम है। हमारी संवैधानिक ढ़ाचे इतने बेहतरीन तरीके से तैयार किये गये हैं कि हम अपनी स्वतंत्रता को हमेशा बरकरार रख सकते हैं। हमारे आजादी पर कोई आँच नहीं आ सकती है।

आप जिन मौलिक अधिकारों और मानव अधिकारों सहित सैंकड़ो अधिकारों का लुफ्त उठा रहे हैं इसमें हमारे तीनों सेनाओं के सैनिकों, केन्द्रीय और राज्य सशस्त्र बल तथा सिविल पुलिस सहित अन्य समस्त सुरक्षा एजेंसियों के जवानों की बलिदान, प्राणों की समर्पण तक संकल्पि तत्परतापूर्ण कठोर ड्यूटी भी शामिल है। आपकी स्वतंत्रता को बनाये रखने के साथ ही आपकी सम्पुर्ण सुरक्षा और शांतिपूर्ण जीवन के लिए ये जवान निरंतर मुरूतैद हैं। सायद मेरे जैसे ही आपको भी दुःख होता होगा जब आप देखते होंगे कि कुछ असमाजिक तत्व कतिपय कारणों से हमारे जवानों के योगदान को भूलकर अहसानफरामोशी करते हुए इन्हें अपमानित करने का कारण खोजते हैं। काल्पनिक, झूठे और आधारहीन आरोप के द्वारा अपराधी प्रमाणित कर जाते हैं। कुछ अपराधिक प्रवृत्ति के लोग जवानों के साथ अभद्रता और बत्तमीजी करने में अपनी शान समझने की भूल करते हैं। अतः आपसे अनुरोध है, कि आईये आज संकल्प लें कि हम अपने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, वीर शहीदों और जवानों के प्रति सच्ची श्रद्धा और सम्मान की भावना का विकास करेंगे।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमारे लिये ये संकल्प लेना आवश्यक है कि ‘‘हम अपनी आजादी को बनाये रखेंगे। हम स्वतंत्रता को बरकरार रखने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सेना के जवानों, पुलिस-प्रशासन और न्यायालयों को इम्पाॅवर करने के लिये तत्पर रहेंगे।’’ ख्याल रखियेगा, संवैधानिक और लोकतांत्रिक ढ़ाचे को किसी भी स्थिति में कमजोर करने का प्रयास करना न सिर्फ हमारे अपने लिये वरन् आने वाली पीढ़ी के लिये भी आत्मघाती होने वाली है।
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Sunday, August 08, 2021

पोदला उररकना कार्यक्रम के तहत् बस्तर आईजी श्री सुन्दरराज पी. ने पुलिस थाना और कैम्पों में वृक्षारोपण की शुरूआत की

पोदला उररकना कार्यक्रम के तहत् बस्तर आईजी श्री सुन्दरराज पी. ने पुलिस थाना और कैम्पों में वृक्षारोपण की शुरूआत की

बस्तर आईजी श्री सुन्दरराज पी. दिनांक 06 अगस्त 2021 को जिला नारायणपुर के प्रवास पर रहे। प्रवास के दौरान सर्वप्रथम ‘‘पोदला उररकना कार्यक्रम’’ के तहत उन्होने 29वीं बटालियन आईटीबीपी, कैम्प नेलवाड़ के जवानों और स्कूली बच्चों के साथ मिलकर पुलिस थाना और कैम्प में वृक्षारोपण की शुभारंभ की। वृक्षारोपण के दौरान छात्र-छात्राओं से बात करते हुए उन्हें प्रकृति की संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित करते हुए वृक्षारोपण के फायदे बताये साथ ही स्कूली शिक्षा और जीवन में सफलता के टिप्स दिये तथा बच्चों को ख़ुद ही चाॅकलेट और बिस्कुट वितरित किये। आईजी से मिलकर छात्र-छात्राओं ने खुशी जाहिर करते हुए प्रकृति की संरक्षण के लिए तत्पर रहने की बात कही। वृक्षारोपण उपरांत जवानों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाये रखने के लिए आईटीबीपी कैम्प, नेलवाड़ के जवानों को जीम सामग्री प्रदाय करते हुए जिला नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत 15 पुलिस थाना और कैम्प में जीम स्थापना की शुरूआत की।

आईटीबीपी कैम्प नेलवाड़ में वृक्षारोपण सह जीम शुभारंभ के बाद आईजी बस्तर श्री सुरन्दराज पी. द्वारा 193वीं बटालियन बीएसएफ कैम्प एवं थाना भरण्डा का विजिट किया गया। बीएसएफ के जवानों से मिलकर आईजी ने कुशलक्षेम जाना और जवानों की उत्साहवर्धन के लिए टिप्स दिये। इसके उपरांत ‘‘पोदला उररकना कार्यक्रम’’ के तहत् आईजी बस्तर ने जवानों और ग्रामीणों के साथ मिलकर कैम्प में वृक्षारोपण की तथा जवानों को जीम सामग्री प्रदाय किये। इस दौरान ग्रामीणों खासकर महिलाओं को पुलिस और फोर्स को अपनी समस्याओं से अवगत कराने तथा पुलिस द्वारा त्वरित निराकरण एवं सहयोग प्रदान करने की आश्वासन दिया।

इस दौरान श्री उदय किरण (पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर), श्री समर बहादूर सिंह (सेनानी, 29वीं बटालियन आईटीबीपी), श्री राजीव शर्मा (सेनानी, 193वीं बटालियन बीएसएफ), श्री नीरज चन्द्राकर (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक), सुश्री उन्नति ठाकूर (उप पुलिस अधीक्षक), श्री अभिनव उपाध्याय (उप पुलिस अधीक्षक), श्री अर्जुन कुर्रे (उप पुलिस अधीक्षक), श्री दीपक साव (रक्षित निरीक्षक, नारायणपुर), श्री प्रदीप जोशी (रक्षित निरीक्षक), श्री मनोज बंजारे (थाना प्रभारी, बेनुर) सहित दर्जनों पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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इंग्लिश मीडियम के स्टूडेंट्स और हिन्दी माध्यम के पालक; समस्या और निदान : श्री हुलेश्वर जोशी

इंग्लिश मीडियम के स्टूडेंट्स और हिन्दी माध्यम के पालक; समस्या और निदान : श्री हुलेश्वर जोशी

यदि आपका बच्चा इंग्लिश मीडियम स्कूल में अध्ययनरत है और आप हिन्दी माध्यम से कम पढ़े लिखे व्यक्ति हैं; इसका तात्पर्य ये कि आपके बच्चे की बेसिक स्कूलिंग/ लर्निंग में पिछड़ने की लगभग गारंटी है। इन समस्याओं के निराकरण पर आधारित इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।
आपसे अनुरोध है कि इसे अन्य पालकों को भी फारवर्ड करें अथवा जो पालक स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं करते उनका उचित मार्गदर्शन करें...

यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि जिस इंग्लिश (गैरमातृभाषा) को आप लगभग ग्यारह साल की उम्र में कक्षा छठवीं से पढ़ना शुरू किए, जब आप पूरी तरह से स्थानीय बोली/भाषा और मातृभाषा हिन्दी में पूरी तरह से परिपक्व हो चुके थे। आपके बच्चों के साथ ऐसा कदापि नहीं है; हालाँकि आपने छः-सात साल की उम्र में सीधे कक्षा पहली में प्रवेश लिया था; जबकि आपका बच्चा ढ़ाई से तीन साल की उम्र में ही फर्स्ट क्लास से तीन साल पहले नर्सरी में एडमिशन लेता है। आपसे आपके बचपन की यादें ताज़ा करने को कहा जाए तो लज्जा से आप लाल हो जाएं हालाँकि कुछ कम ही सही मगर नर्सरी के दौरान आपका बच्चा भी ठीक वैसे ही एक्ट करता है जैसे आप ढ़ाई तीन साल के उम्र में करते थे। आपको हँसी नहीं आना चाहिए कि हम जब तीन साल के थे तो बिना माँ-पापा, दादा-दादी अथवा बुआ-चाचा या चाची के सहयोग के बिना भूखे-प्यासे, मुँह में धूल धक्कड़ और कीचड़ से सने ही नहीं बल्कि कपड़े रहित ठीक जैसे जन्म लिए थे अपने मटमैले आँगन में घूमते थे। कई पड़ोसी तो गली के नल और कुआँ तक ऐसे ही निर्वस्त्र चले जाते थे। ऐसी घटनाएँ सायद आपने भी देखी हो, मैं जब कक्षा दूसरी में पढ़ता था तब एक 9वर्षीय सहपाठी क्लासरूम में सुसु कर दिया था। वैसे डिसिप्लिण्ड टीचर के होमवर्क के भय के कक्षा 5th के स्टूडेंट्स के बारे में भी अनेक रोचक बातें जानता हूँ।

अब आप ज़रा विचार करिये, जिस उम्र में आप खुद के कपड़े पहन नहीं पाते थे उस उम्र में अपने बच्चों से एक साथ तीन तीन लैंग्वेज सीखने की अपेक्षा रखते हैं तो ये आपकी गलती है। मैं दावे से कह सकता हूँ आप में से कुछ पालक आज भी अपने बच्चे को नर्सरी क्लास के लिए मेनिपोको पैंट पहनाकर भेजते होंगे। मगर अपेक्षा, दबाव और प्रताड़ना इतनी की एक दिन में ही पटवारी बनने जितना उनका बच्चा सीख जाए। प्रेसर मत दीजिये, प्रताड़ित मत करिये बालकों को, उन्हें मेरिट के घानी में मत फांदिये; थोड़ा बचपन भी जीने दीजिए।

आप इंग्लिश मीडियम के या बहुत पढ़े लिखे न हों तो दावे से कह सकता हूँ आप इंग्लिश मीडियम फर्स्ट क्लास की होमवर्क करके देखिए, आपकी औकात का पता चल जाएगा। मैं हिन्दी मीडियम के 40+ उम्र के ऐसे साथियों को भी जानता हूँ जो अंग्रेजी में स्नातकोत्तर अर्थात मास्टर डिग्री प्राप्त हैं; ये लोग भी PP2/LKG की होमवर्क के लिए गूगल ट्रांसलेट और ऑक्सफ़ोर्ड की डिक्शनरी की सहायता लेते हैं। अंग्रेजी में स्नातकोत्तर आप अंग्रेजी में एक सादा आवेदन नहीं लिख पाते और अपने 10साल के बच्चे से फर्राटेदार इंग्लिश बोलने की अपेक्षा रखते हैं।

आप समझिए; बिना सहयोग, बिना कोचिंग के ख़ासकर उन विषयों के लिए जो आपके बच्चे की मातृभाषा अथवा मातृबोली न हो उसके लिये प्रेसर मत दीजिये, प्रताड़ित मत करिये। 

आप नर्सरी से क्लास थ्री तक के बच्चे को कोचिंग में भेज रहे हों चाहे न भेज रहे हों उनके होमवर्क में स्पोर्ट के लिए आपकी अंग्रेजी भी अच्छी होनी चाहिये। मगर कैसे? ये तो संभव नहीं है कि आप अपना कामधंधे, कृषि मजदूरी अथवा नौकरी/रोजगार छोड़कर इंग्लिश स्पीकिंग सीख लें। इसका तात्पर्य ये है कि आपको कुछ आसान उपाय जानना चाहिए जिससे अंग्रेजी माध्यम के सिलेबस में से आप होमवर्क आसानी से करा सकें।

निदान:
भाग-1, स्मार्टफोन और गूगल आधारित
1- अपने स्मार्टफोन में गूगल ट्रांसलेट डाऊनलोड कर लीजिए।
2- गूगल ट्रांसलेट में होमवर्क में दिए गए प्रश्नों को इंग्लिश में टाइप करके अपनी मातृभाषा में अनुवाद करें..
3- जिस यूनिट/लेसन से होमवर्क मिला हो उसे टाइप करके मातृभाषा में अनुवाद करें...
4- अपनी समझ के आधार पर प्रश्नों का उत्तर लिखने में आपको सहायता मिलेगी।
5- यूट्यूब में सिलेबस और ग्रामर इत्यादि उपलब्ध है, यूट्यूब में सर्च करके इसका लाभ उठा सकते हैं। यूट्यूब में कई ऐसे चैनल हैं जो आपकी काफ़ी हद तक मदद कर सकती है।

भाग-2, किताब आधारित समझ वृद्धि
(यदि आपके पास स्मार्टफोन न हो अथवा इंटरनेट की व्यवस्था न हो)
1- ऑक्सफोर्ड अथवा किसी अच्छे प्रकाशक की हिन्दी से इंग्लिश और इंग्लिश से हिन्दी की बड़ी डिक्सनरी खरीद लें। यदि आपकी मातृभाषा हिन्दी न हो तो अपनी मातृभाषा से सम्बंधित डिक्सनरी खरीदें।
2- अब्दुस सलाम चाउस, की "इंस्टेंट इंग्लिश" नामक किताब अथवा अन्य किताब खरीद लें और इसका नियमित अध्ययन करें।
3- इंग्लिश ग्रामर के लिए 9th से 12th के बीच किसी भी क्लास की युगबोध प्रकाशन की इंग्लिश की गाइड खरीद लें। आप चाहें तो दूसरी कोई अच्छी क़िताब भी खरीद सकते हैं।
4- बच्चे को होमवर्क कराने के साथ साथ आप भी अपने स्किल्स में वृद्धि करने के लिए बच्चे के पाठ्यपुस्तक को कम से कम एक घंटा जरूर पढ़ें।

विशेष: लेखक शिक्षाशास्त्र में मास्टर डिग्री प्राप्त हैं परंतु हिन्दी माध्यम की शिक्षा प्राप्त करने तथा इंग्लिश मीडियम के बच्चे का पेरेंट्स होने के कारण स्वयं समस्याओं से सरवाइव कर रहा है।
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Thursday, August 05, 2021

व्यापार सुझाव : "कॉर्न फ्लेक्स" का व्यापार, ऐसा व्यापार जो आपको 500% का मुनाफ़ा देने को तैयार है - श्रीमती विधि हुलेश्वर जोशी

व्यापार सुझाव : "कॉर्न फ्लेक्स" का व्यापार, ऐसा व्यापार जो आपको 500% का मुनाफ़ा देने को तैयार है - श्रीमती विधि हुलेश्वर जोशी

यदि आप व्यापारी हैं या व्यापार करने के इच्छुक हैं तो CORN Flakes का व्यापार आपको 300% से 500% तक की शुद्ध आमदनी दे सकता है। हालांकि मैं  व्यापार के नाम पर आपको ग्राहकों से लूट करने की सहमति नहीं दे रही हूँ। आपसे अनुरोध है कि आप मल्टी नेशनल कंपनी का विकल्प बनकर ग्राहकों को कम दामों में आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराएं। मेरी यही उद्देश्य  है।  

Corn Flakes का वैट और मूल्य :
उदाहरण के लिए Kellogg CORN FLAKES की एमआरपी चेक कर लीजिये; जो अधिकतर दुकानों और मेडिकल स्टोर में एमआरपी में ही मिलती है। 250 ग्राम कॉर्न फ्लेक्स का एमआरपी 95/- पंचानबे रुपये है।

जोंधरी/भुट्टा से CORN FLAKES बनाने की विधि :
1- बस्तर से ₹10/kg में CORN (जोंधरी/भुट्टा) खरीद लें।
2- भुट्टा (CORN) को साफ़ करवा लें।
3- साबुत भुट्टा (CORN) को उबाल लें।
4- उबले हुए भुट्टा (CORN) को मशीन की सहायता से प्रेस कर चपटी कर लें अर्थात फ्लेक्स का आकार दे दें।
(नोट: इसके लिए संभव है पोहा बनाने की मशीन भी काम में लायी जा सकती है या कॉर्न फ्लेक्स के साथ आप पोहा बनाने का भी व्यापार एक ही मशीन से कर सकते हैं।)
5- चपटी भुट्टा (CORN Flakes) को हल्के से सेंक लें; अर्थात Toast कर दें।
6- अपने ब्रांड के नाम लगे पैकेट्स में वजन करके पैकेजिंग करें।
7- बधाई हो! आपकी व्यापार निकल पड़ी। आप ₹10/-KG वाले भुट्टा को ₹400/-KG में बेचने वाले व्यापारी बन चुके हैं।


सलाहकार :
श्रीमती विधि हुलेश्वर जोशी,
नवा रायपुर, छत्तीसगढ़
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Wednesday, August 04, 2021

What is Merit? : मेरिट की बात, कहीं कुछ स्टूडेंट्स और प्रतियोगी उम्मीदवारों के साथ अन्याय तो नहीं!

What is Merit? : मेरिट की बात, कहीं कुछ स्टूडेंट्स और प्रतियोगी उम्मीदवारों के साथ अन्याय तो नहीं!
"सर्कस के शेर, हाथी, कुत्ते और अन्य जानवर सर्कस में अधिकतर एक्ट बेहतर कर सकते हैं। यदि अन्य स्वजातीय जानवरों के साथ इनकी एक मानक टेस्ट या परीक्षा ली जाये तो सर्कस के ये जानवर अन्य जानवरों से अच्छे या कहें तो अधिक अंक लाएंगे। ख्याल रखना इन नम्बर्स के आधार पर आप इन सर्कस वाले जानवरों को स्किल्ड समझ सकते हैं मगर इन्हे मेरिटधारी समझना आपकी गलती होगी।" HP Joshi

चलिए अब मनुष्यों के भी भ्रम को तोड़ते हुए मेरिट के बारे में कुछ बातें कर लेते हैं, क्योंकि  एक वर्ग खुद को मेरिटधारी समझने की गलती कर रहा है और अपनी मानसिकता में गैर मेरिट लोगों को देश के उन्नति के लिए घातक प्रमाणित करने की कोशिशें कर रहे हैं।  

What is this merit?
सबसे पहले हम "व्हाट इस मेरिट?" को ही जान लेते हैं : "मेरिट वह है मानक है जो किसी भी टेस्टिंग थ्योरी में सर्वाधिक अंक हासिल करने वालों को दी जाती है।"  हालाँकि अब तक की थ्योरी के आधार पर यह उचित थ्योरी है मगर इसमें निहित अन्याय को हम अनदेखी कर जाते हैं। हम मेरिट सिस्टम की कमी क्या है इसे जानने और दूर करने की कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं ये अत्यंत दुर्भाग्यजनक है। 

आप कहेंगे, फिर कमी क्या है ? 
मैं पुनः प्रश्न करूँगा क्या टेस्ट अथवा एग्जामिनेशन में शामिल समस्त प्रतिभागियों की स्टार्टिंग लाइन समानांतर थी? 
आप कह सकते हैं "हाँ" क्योकि आपका दर्शन सिमित है।  
मैं कहूंगा- नहीं, क्योंकि सभी प्रतिभागियों को उनके स्टार्टिंग ऑफ़ लाइफ से अवसर की समानता नहीं मिलती है। 

आपको कोई ताज्जुब नहीं होगी कि मोटी फ़ीस वाली बड़ी स्कूलों, एक्सपर्ट्स कोचिंग, व्यक्तिगत ट्यूटर सहित घरेलु काम, पारिवारिक समस्याओं से मुक्त लोग ख़ुद को मेरिट वाले बताते हैं। जबकि यह जांचने की न्यायोचित तकनीक नहीं है; क्योंकि मेरिट और ग़ैरमेरिट का सवाल तब न्यायोचित होगा, जब सभी प्रतिभागियों की शिक्षा और जीवन में अवसर की समानता हो।

वे ग़ैरमेरिट हो ही नहीं सकते जो:
1- असुविधाओं से युक्त जीवन जीने को मजबूर हों।
2- जिन्हें अपनी स्किल्स बढ़ाने का अवसर न मिला हो।
3- जिन्हें अच्छी स्कूल, कोचिंग और निजी ट्यूटर न मिला हो।
4- जिनके पास अच्छे प्रकाशको की किताबें, गाइड, स्मार्टफोन, TV, AC, कूलर, बड़े बंगले न हों।
5- जिनके स्कूल जाने के लिए Ac वाहन न हो।
6- जिनके होमवर्क के लिये घर में सदस्य न हों।
7- जिनके घर में हाई स्पीड Free WiFi न हो।

यदि आप भी मेरिट की ढिंढोरा पीटने वालों में से हैं तो आओ अपनी औकात आजमा लो हम मूलनिवासी, खासकर आदिवासियों के साथ। आओ तो भला कम से कम 01 साल ही अबूझमाड़ में जीकर देखो... तुम्हारी पूरी मेरिट बासी हो जाएगी।

मेरा मानना है सामाजिक न्याय के लिए केवल आरक्षण अथवा जनसंख्या के आधार पर सामाजिक प्रतिनिधित्व का अधिकार ही पर्याप्त नहीं है बल्कि सभी स्टूडेंट्स को समान अवसर उपलब्ध कराया जाना भी आवश्यक है। हालाँकि मैं कुछ ख़ास स्टूडेंट्स को ख़ास ट्रीटमेंट मिलने का विरोध कर सकता था, मगर मैं मानव समुदाय के उन्नति का विरोधी नहीं हूँ।

HP Joshi, Narayanpur (Chhattisgarh)
लेखक "अंगूठाछाप लेखक" नमक किताब के लेखक हैं। 
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Thursday, July 29, 2021

तुम तोड़ जाओ भरोसा, इतना हक़ दे गया था (कविता) : एच पी जोशी

तुम तोड़ जाओ भरोसा, 
इतना हक़ दे गया था।
हर बार खाने के बाद, 
आज फिर कर गया था।
कब तक तुम्हें बेहतर समझने की भूल करूँ?
बताओ, 
बताओ; 
बताओ न क्यों ये कर गया था?
तुम तोड़ जाओ भरोसा........

इतना नासमझ क्यों मैं हो गया था।
कह दो न, 
क्या मैं फिर गया था?
भूलने की कोशिशें करूँ, 
तो मुश्किलें न होंगी।
भूलने की कोशिशें करूँ, 
तो मुश्किलें न होंगी।
क्योंकि दही के भोरहा में कप्सा को लील गया था।।
तुम तोड़ जाओ भरोसा........

कलियाँ बिछाए राहों पर ताकता रहा मैं।
कलियाँ बिछाए राहों पर ताकता रहा मैं।
इंतिजार, 
इंतिजार; 
बेहद इंतिजार करता रहा मैं।
फ़िर भी तुम नहीं आईं, 
क्यों....?
बताओ, 
बताओ; 
बताओ न ये क्या कर रहा मैं?
तुम तोड़ जाओ भरोसा........

जानता हूँ, "हक़ नहीं मुझे" ये हक़ीक़त है।
जानता हूँ, "हक़ नहीं मुझे" ये हक़ीक़त है।
तुम ग़ैर हो चुकी हो, 
ये हक़ीक़त है।
बताओ...
पर क्यों विश्वास दिलाती हो?
तुम्हारे करने से ही हुआ है आज, 
मेरी फुल्ली फ़जीहत है।
मेरी फुल्ली फ़जीहत है।
तुम तोड़ जाओ भरोसा........

नशीहतें दूँ क्या मुझे?
नशीहतें दूँ क्या मुझे?
कि,
भरोसेमंद कोई भी नहीं इस जहाँ में
अब कभी फ़जीहत मत कराना।
सब कोई मुझसा ही स्वार्थी हैं।
सब कोई मुझसा ही स्वार्थी हैं।
जाओ गौठान में गोबर बीनना या भैस चराना।
तुम तोड़ जाओ भरोसा........
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Thursday, July 22, 2021

डिग्निटी ऑफ़ लेबर थ्योरी अर्थात श्रम की गरिमा का सिद्धांत की उपेक्षा भारत के लिए दुभार्ग्यपूर्ण..

डिग्निटी ऑफ़ लेबर थ्योरी अर्थात श्रम की गरिमा का सिद्धांत की उपेक्षा भारत के लिए दुभार्ग्यपूर्ण..

अब्राहम लिंकन चर्मकार थे; उनके पिता जूते बनाया करते थे। भारतीय जाति व्यवस्था के अनुसार उनके जाति को वर्गीकृत करें तो वे असंवैधानिक संबोधनयुक्त जाति के थे; जिन्हें हम निचली जाति की श्रेणी में रखते हैं। जब अब्राहम लिंकन अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गये तो ठीक भारत की तरह अमेरिका के अभिजात्य वर्ग को बड़ी ठेस पहुँची।

सीनेट के समक्ष जब अब्राहम लिंकन अपना पहला भाषण देने खड़े हुए तो एक सीनेटर ने ऊँची आवाज़ में कहा: "मिस्टर लिंकन याद रखो कि तुम्हारे पिता मेरे और मेरे परिवार के जूते बनाया करते थे।" इसी के साथ सीनेट भद्दे अट्टहास से गूँज उठी। प्रतिउत्तर में अब्राहम लिंकन ने कहा कि, मुझे मालूम है कि मेरे पिता जूते बनाते थे। सिर्फ आप के ही नहीं यहाँ बैठे अधिकतर माननीयों के जूते उन्होंने बनाये होंगे। मेरे पिता पूरे मनोयोग से जूते बनाते थे, उनके बनाये जूतों में उनकी आत्मा बसती है। अपने काम के प्रति पूर्ण समर्पण के कारण उनके बनाये जूतों में कभी कोई शिकायत नहीं आयी। क्या आपको उनके काम से कोई शिकायत है? उनके पुत्र होने के नाते मैं स्वयं भी जूते बना और रिपेयरिंग कर लेता हूँ। यदि आपको मेरे पिता के बनाये जूते से कोई शिकायत है तो मैं बता दूँ कि मैं उनके बनाये जूतों की आज भी निःशुल्क मरम्मत कर सकता हूँ। मुझे अपने पिता और उनके काम पर गर्व है।

सीनेट में उनके इस तर्कयुक्त भाषण से सन्नाटा छा गया और इस भाषण को अमेरिकी सीनेट के इतिहास में बहुत बेहतरीन भाषण माना गया। आगे चलकर अब्राहम लिंकन के उस भाषण से एक थ्योरी निकली Dignity of Labour अर्थात श्रम की गरिमा का सिद्धांत। इस सिद्धांत का ये असर हुआ की जितने भी कामगार थे उन्होंने अपने पेशे को अपना सरनेम बना लिया। जैसे कि कोब्लर, शूमेंकर, बुचर, टेलर, स्मिथ, कारपेंटर, पॉटर आदि।

ख़्याल रखना अमेरिका में आज भी श्रम को महत्व दिया जाता है इसीलिए वो दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति है। जबकि भारत जैसे देश जिसे दुनियाभर में सबसे महान समझा जाता है यहाँ जो श्रम करता है उसका कोई सम्मान नहीं है। श्रम करने वाले लोगों की समूह को छोटी और नीच माना जाता है ठीक इसके उलट जो बिलकुल भी श्रम नहीं करते अर्थात दूसरे की श्रम की दलाली करने वाले अथवा ठगी करके मौज करने वाले वर्ग खुद को ऊँचा और महान समझने की भ्रम पाल लेता है।

भारत की सबसे बड़ी दुर्भाग्य ये है कि यहाँ सफाई करने वालों को नीच और गंदगी फैलाने वालों को महान समझने की मानसिकता को जिन्दा रखा जा रहा है।

श्रम की गरिमा के सिद्धांतों के उलट मानसिकता के साथ कोई भी देश महान नहीं हो सकता। यदि इन मानसिकता के साथ आप देश, धर्म या समाज की महानता की कल्पना करते हैं तो ये घोर बकवास मात्र है। ख़्याल रखें व्यवसाय, जाति, धर्म और सीमा के आधार पर दुर्भावना पूर्ण रवैया राष्ट्र निर्माण की बेहतर तरीका नहीं हो सकता।
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Monday, July 05, 2021

IPS श्री मोहित गर्ग बेहतरीन कुशल प्रशासनिक क्षमताओं से युक्त, त्वरित निर्णय लेने में दक्ष और मानवीय संवेदनाओं से युक्त पुलिस अधिकारी हैं।

IPS श्री मोहित गर्ग बेहतरीन कुशल प्रशासनिक क्षमताओं से युक्त, त्वरित निर्णय लेने में दक्ष और मानवीय संवेदनाओं से युक्त पुलिस अधिकारी हैं।

श्री मोहित गर्ग (IPS) सर के अधीनस्थ लगभग 11 महीने तक सेवा करने का अवसर मिला; मैंने पाया कि सर एक कुशल प्रशासनिक क्षमताओं से युक्त पुलिस अधीक्षक के साथ बेहतरीन इंसान भी हैं। सर का मानना रहा है कि नक्सलवाद की समाप्ति हथियार और बदले की भावना से नहीं बल्कि वैचारिक परिवर्तन, शिक्षा और रोजगार के माध्यम से किया जा सकता है।

मैं मोहित सर से सबसे अधिक प्रभावित तब हुआ जब पिछले साल उन्होंने लगभग 300 अधिकारी/कर्मचारियों को उनके इच्छा के अनुरूप थानों/कैम्प और लाइन में पदस्थापना दी थी। सर का मानना है कि जवानों को उनके इच्छानुसार Location में पदस्थापना देने से कार्य की गुणवत्ता में अभूतपूर्व परिवर्तन आते हैं। हालांकि उन्होंने पदस्थापना के दौरान पोस्टिंग लोकेशन की रोटेशन (संवेदनशील से अतिसंवेदनशील और अतिसंवेदनशील से संवेदनशील और जवानों की समस्या का ख़्याल रखा।) मैंने अपनी 16 साल की सेवा में पहली बार पाया कि अधिकारियों की पूर्व ब्रीफिंग के फलस्वरूप अतिसंवेदनशील इलाके में पदस्थापना पाने वाले जवान भी संतुष्ट दिखे और बिना आंतरिक दुःख के अपनी नवीन पदस्थापना में तैनाती के लिए चले गए।

मैंने इन 11 महीने में देखा सर ने कभी भी किसी जवान से दबावपूर्ण काम नहीं लिया, न कभी किसी अवसर पर जहाँ मानवीय गुणों के आधार पर स्वाभाविक गुस्सा आते हैं ऐसे स्थिति में भी गुस्सा करते हुए नहीं देखा।


मैंने अबूझमाड़ पीस मैराथन 2021 के दौरान उन्हें बड़े नजदीक से देखा और समीक्षा किया, वे वास्तव में बेहतरीन कुशल प्रशासनिक क्षमताओं से युक्त और त्वरित निर्णय लेने में दक्ष और मानवीय संवेदनाओं से युक्त हैं। मैराथन के दौरान मैंने बच्चों, छात्रों और खिलाड़ियों के प्रति उनके प्रेम को देखा। मोहित सर अपने आप में अद्वितीय इंसान हैं।

श्री मोहित सर के कुशल नेतृत्व और RI श्री दीपक कुमार साव सर के कार्यों ने नारायणपुर पुलिस को Social Policing और Friends Police में नए कीर्तिमान स्थापित करने में अहम भूमिका अदा किया है। आप दोनों के विशेष योगदान के फलस्वरूप ही नारायणपुर में इकलौता पिकनिक स्पॉट शांत सरोवर (बिंजली डेम) का सौंदर्यीकरण हुआ है वहीं आपके मार्गदर्शन में प्राचीन पहाड़ी मंदिर के सौंदर्यीकरण के साथ साथ जिला नारायणपुर में विकास कार्यों को गति मिली है।

मैं श्री मोहित गर्ग सर को उनके पुलिस अधीक्षक, कबीरधाम के रूप में नवीन पदस्थापना के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूँ। सर आपके साथ पुनः सेवा का अवसर मिले इन्हीं शब्दों के साथ पुनः ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

(हुलेश्वर जोशी)
प्रधान आरक्षक,
जिला पुलिस, नारायणपुर
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Tuesday, June 29, 2021

मोटर सायकल से ही अबुझमाड़ के घोर नक्सल प्रभावित गांव इरकभट्ठी और कच्चापाल पहुचे एसपी श्री मोहित गर्ग, बच्चों को खेलते देखा तो खुद को उनसे मिलने से रोक नहीं पाए श्री गर्ग

मोटर सायकल से ही अबुझमाड़ के घोर नक्सल प्रभावित गांव इरकभट्ठी और कच्चापाल पहुचे एसपी श्री मोहित गर्ग, बच्चों को खेलते देखा तो खुद को उनसे मिलने से रोक नहीं पाए श्री गर्ग

आज दिनांक 29.06.2021 को नारायणपुर पुलिस अबुझमाड़ के घोर नक्सल प्रभावित गांव इरकभट्ठी में ‘‘गोतियाल पुलिस - निया पुलिस, निया नार’’ के तहत संचालित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग जिले के अन्य पुलिस अधिकारियों   श्री नीरज चन्द्राकर (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक), श्री अनुज कुमार (उप पुलिस अधीक्षक),  श्री अभिनव उपाध्याय (उप पुलिस अधीक्षक) और श्री दीपक कुमार साव (रक्षित निरीक्षक) के साथ मोटर सायकल में सवार होकर ग्राम इरकभट्ठी पहुचे। सिविक एक्शन के दौरान 53 बटालियन आईटीबीपी के सहायक सेनानी श्री लियो और थाना प्रभारी श्री योगेन्द्र वर्मा भी उपस्थित रहे।




इरकभट्ठी में आयोजित कार्यक्रम ‘‘गोतियाल पुलिस - निया पुलिस, निया नार’’ में गांव और आसपास के गांव के सैकड़ों आम नागरिक, महिलायें और बच्चे उपस्थित रहे। पुलिस द्वारा युवकों और छात्रों को खेल सामग्री जैसे बेट-बाॅल, स्टम्प, फुटबाॅल, वाॅलीबाॅल, वालीबाॅल नेट और रिंग इत्यादि भेंट स्वरूप वितरित किये गये वहीं महिलाओं को साड़ी व पुरूषों को लूंगी दिया गया तथा छोटे बच्चों को बिस्कुट और चाॅकलेट इत्यादि वितरित किये गये। कार्यक्रम की समाप्ति के उपरांत ग्रामीण लोगों को पुलिस द्वारा भोजन कराया गया। 

जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 35 कि.मी. दूर वन, झील, झरना और पर्वत श्रृंखलाओं के बीच जिला के पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारियों को पाकर लोगों में पुलिस-प्रशासन के प्रति विश्वास की नींव बनी है। श्री गर्ग ने ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि थाना में तैनात पुलिस और आईटीबीपी के प्रत्येक जवान आप सबके सुविधा और सुरक्षा के लिए मुस्तैद हैं। किसी भी प्रकार के सहयोग और सुरक्षा के लिए आम नागरिक पुलिस थाना जाकर अपनी समस्या का निराकरण करा सकते हैं। श्री गर्ग ने डीएसपी श्री लक्ष्मण पोटाई का जिक्र करते हुए कहा कि इस छोटे से गांव के युवा श्री लक्ष्मण पोटाई को आपने देखा है कि वह अच्छी शिक्षा के बदौलत उप पुलिस अधीक्षक बनकर आपके गांव का नाम रौशन किया है। आप सभी से भी अपील है आप अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने में मदद करें, पुलिस प्रशासन इसमें आपके साथ है। आत्मविश्वास से लबरेज एक बुजुर्ग ग्रामीण ने श्री गर्ग से कहा कि ये गांव हमेशा से खुद को नक्सलियों के दशहत और आतंक से सहमा हुआ पाया है, आज हमारे प्रति आपकी और आपके टीम की चिंता और प्रेम को देखकर लगा मानों आप सब हमारे परिजन हैं।



इरकभट्ठी में आयोजित कार्यक्रम के बाद अचानक पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग अपने अधिनस्थ अधिकारियों के साथ मोटर सायकल से ही कच्चापाल निकल पड़े। वहां के लोगों से उनके घरों में मिलकर विकास कार्यों और आवश्यक संसाधनों के बारे में चर्चा की। चर्चा के दौरान जब उन्होंने गांव के बच्चों को खेलते हुए देखा तो बच्चों से मिलने से खुद को रोक नहीं पाये। बालकों से मिलकर श्री गर्ग में उनका मनोबल बढ़ाने के लिए उनका मार्गदर्शन करते हुए कहा कि ‘‘बच्चे, खासकर छात्र देश के सफल और सुखद भविष्य के आधारस्तंभ होते हैं। आप न सिर्फ मन लगाकर पढ़ें, बल्कि आगे बढ़कर देश-दुनिया में अपने माता-पिता, विद्यालय और अबुझमाड़ की नाम रौशन करें। आप अपने संकल्प शक्ति के बल पर जो चाहें, जैसा चाहें, पद और प्रतिष्ठा पा सकते हैं। मेरी शुभकामना है कि आप सब सफल और बेहतरीन इंसान बनें।’’
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Monday, June 21, 2021

ग्राण्डमास्टर दिलीप कुमार ने National 3rd All India Helping Hands (E-KATA CHAMPIONSHIP 2021) में जीता GOLD MEDAL

ग्राण्डमास्टर दिलीप कुमार ने National 3rd All India Helping Hands (E-KATA CHAMPIONSHIP 2021) में जीता GOLD MEDAL

ग्राण्डमास्टर दिलीप कुमार ने National 3rd All India Helping Hands (E-KATA CHAMPIONSHIP 2021) में GOLD MEDAL जीता है, यह चैम्पियनशीप दिनांक 01 जून 2021 को NELLORE DISTRICT, ANDHRA PRADESH में आयोजित हुई थी। 

Contact for Martial Arts Training : Grand Master Dilip Kumar M. (94255-34822)

उल्लेखनीय है कि हाल ही में बिलासपुर निवासी मार्सल आर्ट्स के ग्राण्डमास्टर दिलीप कुमार एम. का 7th Degree Black Belt में प्रमोशन हुआ है जो All India Shaolin Kungfu Belt Grading Test में प्रदर्शन के आधार पर 25 अप्रैल 2021 को मिली है। 

मास्टर केशव कराटे अकादेमी, तेलंगाना द्वारा दिनांक 02 अप्रैल 2021 से 05 अप्रैल 2021 को हुए 1st इंटरनेशनल ऑनलाइन eKATA चैंपियनशिप 2021 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हिये गोल्ड कैटेगरी में चैंपियनशिप प्राप्त किया है। दिलीप कुमार इस चेम्पियनशिप और 7th डाउन ब्लेक बेल्ट प्राप्त करने वाले सबसे कम उम्र के ग्राण्डमास्टर ऑफ मार्सल आर्ट्स हैं। दिलीप कुमार छत्तीसगढ़ के पहले ऐसे मार्सल आर्ट्स के ग्राण्ड मास्टर हैं जिन्होंने कम समय में 7th डाउन ब्लेक बेल्ट हासिल किया है।

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मार्सल आर्ट्स के ग्राण्डमास्टर दिलीप कुमार एम. का 7 डाउन ब्लेक बेल्ट में हुआ प्रमोशन…

मार्सल आर्ट्स के ग्राण्डमास्टर दिलीप कुमार एम. का 7 डाउन ब्लेक बेल्ट में हुआ प्रमोशन…


बिलासपुर निवासी मार्सल आर्ट्स के ग्राण्डमास्टर दिलीप कुमार एम. का 7th Degree Black Belt में प्रमोशन हुआ है। यह प्रमोशन All India Shaolin Kungfu Belt Grading Test में प्रदर्शन के आधार पर 25 अप्रैल 2021 को मिली है। उल्लेखनीय है कि श्री दिलीप कुमार ने हाल ही में मास्टर केशव कराटे अकादेमी, तेलंगाना द्वारा दिनांक 02 अप्रैल 2021 से 05 अप्रैल 2021 को हुए 1st इंटरनेशनल ऑनलाइन eKATA चैंपियनशिप 2021 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हिये गोल्ड कैटेगरी में चैंपियनशिप प्राप्त किया है। दिलीप कुमार इस चेम्पियनशिप और 7th डाउन ब्लेक बेल्ट प्राप्त करने वाले सबसे कम उम्र के ग्राण्डमास्टर ऑफ मार्सल आर्ट्स हैं। दिलीप कुमार छत्तीसगढ़ के पहले ऐसे मार्सल आर्ट्स के ग्राण्ड मास्टर हैं जिन्होंने 7th डाउन ब्लेक बेल्ट हासिल किया है।
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Tuesday, June 08, 2021

गुरु मंत्र : क्या आप Share Market में अपना Business शुरू करने की सोच रहे हैं, यदि हां तो इन टिप्स को जरूर पढ़ें.... वरना हो जाएंगे कंगाल!

गुरु मंत्र : क्या आप Share Market में अपना Business शुरू करने की सोच रहे हैं, यदि हां तो इन टिप्स को जरूर पढ़ें.... वरना हो जाएंगे कंगाल!

दोस्तों यदि आप Share Market में अपना रूपया लगा रहे हैं तो सावधान रहें किसी के झांसे अथवा बहकावे में आकर लालच कदापि न करें, वरन् Trading शुरू करने के पहले अच्छी तरह से प्रशिक्षण प्राप्त कर लें। Trading पूर्व कम से कम 01 माह तक Market को Watch करें.... Market Watch करने के लिए अधिकतम 5000-10000 रूपये में ही अपना व्यापार शुरू करें। 

यदि आप Share Market में अपना Business शुरू करने की सोच रहे हैं तो इन टिप्स को जरूर पढ़ें....
# अधिक लालच घाटे का सौदा साबित हो सकता है; इसलिए जितना कम हो Profit लेकर निकल लें।
# Trading कोई Competition नहीं है जिसमें प्रतिदिन भाग लेना आपके गरिमा के लिए आवश्यक हो।
# Delivery में Trading करना थोड़ा सुरक्षित है मगर ख्याल रखें  कभी भी बड़ी हानि के साथ Share Close न करें।
# Stop Loss का Concept तैयार रखें।
# यदि आप Intraday पर Trading करते हों तो ख्याल रखिए Carry Forward / Convert to Delivery के लिए आपके पास पर्याप्त Amount हो।
# Bank Nifty खरीददार Expiry Date के आधार पर ही Risk लें।
# जिस दिन काम की अधिकता हो, यात्रा पर हों Intraday पर Buy/Sell न करें।
# किसी Share की Movement 'W' Shap में हो तो Multiple Time Trading करते हुए Profit कमा सकते हैं।
# Strong Trading System तैयार रखें; इसके लिए आवश्यक है कि अपने अनुभव (profit/loss) की डायरी/S.O.P. बनाकर रखें।
# Business आधारित Television Channel / News (CNBC Awaz/ Zee Business, etc.) पर नजर रखें।
# आप जिस कंपनी के Share पर Trading करना चाहते हैं उसके पहले उससे संबंधित पूरी जानकारी पहले ही ले लें।
# Tips के चक्कर में न पड़ें।
# Share Market के Businessman में Loss सहने की सहनशीलता होना आवश्यक है, यदि ऐसा नहीं है तो Share Market में Trading न करें; यह आपके लिए मानसिक तनाव और आत्महत्या का कारण बन सकता है।

H.P. Joshi, Narayanpur (CG)
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Monday, June 07, 2021

नारायणपुर पुलिस की अनोखी पहल : ऐसे किया जा रहा है कोरोना जागरूकता कार्यक्रम का संचालन

नारायणपुर पुलिस की अनोखी पहल, ऐसे किया जा रहा है कोरोना जागरूकता कार्यक्रम का संचालन

कोविड-19, कोरोना महामारी से आम जनता को बचाने तथा इसके प्रसार को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नारायणपुर में लॉकडाउन किया गया है लम्बे दिनों से लॉकडाउन होने तथा घरों में रहने के कारण आम नागरिकों खासकर बच्चों की सृजनात्मक क्षमताओं में कमी आई है जिसे मद्देनजर रखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज चंद्राकर के नेतृत्व में उप पुलिस अधीक्षक श्री अनुज कुमार, उप पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव उपाध्याय, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री उन्नति ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा वर्मा, रक्षित निरीक्षक श्री दीपक साव और थाना प्रभारी श्री तोपसिंह नवरंग की टीम द्वारा दिनांक 10.05.2021 से प्रतिदिन सामाजिक दूरी व कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए विभिन्न प्रकार के मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। कार्यक्रम के पहले दिन सोनपुर चैक, पाठक चैक और जीएडी कॉलोनी में पुलिस टीम ने लोगों को उनके घर के बालकनी अथवा छत में बुलाकर नीचे सड़क से ही पुलिस अधिकारियों द्वारा लोगों में सृजनात्मक क्षमताओं के विकास हेतु सुझाव और कोरोना से संबंधित प्रश्न पूछे गए साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के बेहतर उपाय भी बताए गए। लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करने के रोचक तरीके बताए गए तथा वैक्सीनेशन के फायदे बताते हुए लोगों को वैक्सीनेशन कराने की अपील की गई। कोरोना से संबंधित प्रश्नों के त्वरित और सटिक जवाब देने वाले लोगों और बच्चों को तत्काल मौके पर ही उपहार प्रदान किये गये। पुलिस अधिकारियों द्वारा अपने अनोखे अंदाज में आम नागरिकों के मनोरंजन हेतु स्वयं माईक पकड़कर गाने भी गाये गये, इससे प्रभावित होकर तथा पुलिस टीम के अनुरोध पर आम नागरिकों ने भी अपने बालकनी से ही राष्ट्रगान, गीत व संगीतों का गायन और वादन किया गया, जिससे क्षेत्र में साकारात्मक माहौल का निर्माण हुआ।


पेंटिंग, कविता और लेखन प्रतियोगिता:
कार्यक्रम समाप्ति के बाद दिनांक 11.05.2021 के सायं 5बजे का टारगेट देते हुए लोगों खासबर बच्चों को अपने घरों में रहकर पेंटिंग करने, कविता और लेख लिखने हेतु आग्रह किया गया था जिसमें 80 लोगों, बच्चों ने हिस्सा लिया। लोगों ने अपने अपने दीवालों पर अपनी पेंटिंग्स, कविता और लेख चस्पा किए, कुछ अच्छी पेंटिंग्स, कविता, लेख लिखने वाले प्रतिभागियों को उपहार दिए गए, जिनमें से आन्या जैन, वीर जैन, शुभम जैन, वीरम और डिम्पी ने अपने बेहतरीन कला का प्रदर्शन किया।


ट्रेडिशनल ड्रेस कॉम्पिटिशन का आयोजन:
लॉकडाउन के चलते लोगों खासकर महिलाओं के निराशाजनक जीवन में उत्साह और उमंग लाने के लिए उद्देश्य से नारायणपुर पुलिस द्वारा व्हाट्सएप नम्बर जारी करते हुए दिनांक 13.05.2021 के 12ः00 बजे तक लक्ष्य देते हुए ट्रेडिशनल ड्रेस कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया, इसके तहत प्रतिभागियों को अपने घर में ही ट्रेडिशनल ड्रेस पहनकर उसकी फोटो व्हाट्सएप नम्बर में भेजना था। इस ट्रेडिशनल ड्रेस कॉम्पिटिशन में लगभग 50 महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया, इनमें से धन्नी, खुशबू, भावना, याचना, यश और नित्या ने अपने सबसे अच्छी फोटोग्राफ्स भेजी है। वहीं कृति, नेताल और डिम्पी ने कोरोना जागरूकता से संबंधित सबसे अच्छे वीडियो रिकॉर्डिंग करके भेजा है।

पुलिस के इस अभिवन पहल को नारायणपुर के आम नागरिकों से खूब सराहना मिल रही है, प्रतिदिन लोग अपने घर के छत और बालकनी में पुलिस टीम द्वारा आयोजित मनोरंजक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के लिए प्रतीक्षारत रहते हैं वहीं जिन क्षेत्रों में पुलिस टीम द्वारा ऐसे कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सका है इन क्षेत्रों के लोगों द्वारा पुलिस अधिकारियों और कण्ट्रोल रूम में फोन कर कार्यक्रम आयोजित करने हेतु आग्रह किया जा रहा है, शीघ्र ही उस क्षेत्रों/मोहल्ले में भी जागरूकता कार्यक्रम संचालित किये जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पेंटिंग प्रतियोगिता, कविता और लेखन प्रतियोगिता तथा ट्रेडिशनल ड्रेस कॉम्पिटिशन में भाग लेकर अच्छे फोटोग्राफ्स भेजने वाले प्रतिभागियों को पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर द्वारा पुरुस्कार और सर्टिफिकेट प्रदान किये जाएंगे।
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Sunday, June 06, 2021

पुलिस की अनुकरणीय पहल: एस.पी. श्री मोहित गर्ग और ए.एस.पी. श्री नीरज चन्द्राकर ने किया शुभारंभ, जिला नारायणपुर के हर जवान लगाएंगे 02-02 पौधे और करेंगे देखरेख....


नारायणपुर पुलिस द्वारा पौधारोपण का किया गया शुभारंभ

आज दिनांक 06.06.2021 को रक्षित केन्द्र, नारायणपुर में पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज चन्द्राकर के द्वारा वृक्षारोपण अभियान-2021 की शुभारंभ की गई। इस अवसर पर श्री अनुज कुमार (उप पुलिस अधीक्षक), श्रीमती नेहा वर्मा (उप पुलिस अधीक्षक), सुश्री उन्नति ठाकुर (उप पुलिस अधीक्षक), श्री अर्जुन कुर्रे (उप पुलिस अधीक्षक), श्री अभिनव उपाध्याय (उप पुलिस अधीक्षक), श्री प्रभात पटेल (उप पुलिस अधीक्षक), श्री मणीशंकर चन्द्रा (उप पुलिस अधीक्षक), श्री दीपक कुमार साव (रक्षित निरीक्षक), श्री प्रदीप कुमार जोशी (रक्षित निरीक्षक) और श्री तोपसिंह नवरंगे (थाना प्रभारी, नारायणपुर) सहित रक्षित केन्द्र, नारायणपुर के लगभग 50 अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।


उल्लेखनीय है कि पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर के पहल पर जिला नारायणपुर के समस्त पुलिस कार्यालयों, रक्षित केन्द्र, पुलिस थाना और कैम्पों में 5000 पौधारोपण किया जाना है इसके तहत् जिला पुलिस बल नारायणपुर के जवानों ने अपनी 02-02 पौधे लगाने और उसकी देखरेख करने की मौखिक सहमति भी दी है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस से प्रारंभ होने वाले वृक्षारोपण अभियान-2021 के लिए कलेक्टर के निर्देशानुसार वन विभाग, नारायणपुर और उद्यानिकी विभाग, नारायणपुर द्वारा काजू, कटहल, मुनगा, आंवला, नीम इत्यादि के 5000 पौधे उपलब्ध कराये जा रहे हैं। जिला नारायणपुर में पुलिस विभाग द्वारा वृक्षारोपण हेतु वृक्षारोपण स्थल की साफ-सफाई, गड्ढे खुदाई और खाद इत्यादि डालने का काम शुरू हो चूका है, जिसमें मानसुन आने के बाद जवानों द्वारा वृक्षारोपण की जाएगी।

श्री मोहित गर्ग, पुलिस अधीक्षक ने वृक्षारोपण के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि "वृक्षारोपण हर मनुष्य का कर्तव्य है क्योंकि वृक्ष से प्राप्त होने वाले आक्सीजन मनुष्य सहित समस्त जीवों के जीवन के लिए पहली आवश्यकता है इसके साथ ही वृक्षारोपण प्राकृतिक सौन्दर्यता, भोजन और तापमान नियंत्रण के लिए भी आवश्यक है।"

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Friday, May 28, 2021

पुलिस और सशस्त्र बल के जवान नक्सल क्षेत्रों के विकास की रीढ़ हैं: श्री मोहित गर्ग, SP नारायणपुर

अबूझमाड़ में बिछ रही है पक्की सड़कों का जाल, आजादी के 73 साल बाद पहली बार अबुझमाड़ के लोग उन्नति के राह पर

पुलिस और सशस्त्र बल के जवान नक्सल क्षेत्रों के विकास की रीढ़ हैं: श्री मोहित गर्ग

आजादी के 73 साल बाद अब पल्ली (ओरछा) - बारसूर - गीदम के रास्ते बस चलना प्रारंभ हुआ है, इसके पहले अबुझमाड़ के लोगों को रोड़ और बस सुविधा नहीं होने के कारण न सिर्फ अनेकों प्रकार के कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा था बल्कि वे उन्नति से भी कोसों दूर थे, बस सुविधा नहीं होने के कारण त्वरित चिकित्सकीय उपचार नहीं हो पाता था परिणाम स्वरूप हर साल सैकड़ों लोगों उपचार के अभाव में भी अपनी जान गवां रहे थे। यह सरकार और पुलिस प्रशासन के विशेष प्रयास का ही परिणाम है कि लोगों को अब असुविधाओं का सामना नहीं करना पड़ रहा है। एक ओर जहां विकास विरोधी नक्सली इन कार्यों में व्यवधान पैदा करने में लगे हैं वहीं आम नागरिक पुलिस/प्रशासन के कार्यों से प्रभावित होकर नक्सलवाद के खिलाफ आवाज उठाने एकजूट होने लगे हैं। नक्सलवाद द्वारा फैलाये गये मृत्यु के भय और आतंक के कारण आम नागरिक खूद को उन्नति से परे रखने को मजबूर थे परन्तु अब सरकार के लोेक कल्याणकारी योजनाओं, पुलिस व सशस्त्र बल से प्राप्त सुरक्षा कव्हर ने आम नागरिकों को शिक्षा, रोजगार और उन्नति से जोड़ने का काम किया है। केवल शासन तंत्र ही नहीं वरन् बुद्धजीवियों और पत्रकारों का भी मानना है कि बस्तर में विकास की गति तेज होने से वह दिन दूर नहीं जब समूचे बस्तर लाल आतंक के हिंसा से मुक्त हो जाएगा।

नारायणपुर - पल्ली (ओरछा) - बारसूर मार्ग 2-लेन चौड़ीकरण एवं उन्नयन:- प्रथम चरण में नारायणपुर से बारसूर की ओर (जिला नारायणपु की सीमा क्षेत्रांतर्गत) 43 कि.मी. रोड़ का निर्माण दिनांक 20/06/2012 से प्रारंभ हुआ है, यह रोेड़ 83.2849 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। द्वितीय चरण में बारसूर से पल्ली (ओरछा) की ओर शेष 18.4 कि.मी. रोड़ निर्माण का कार्य दिनांक 25/04/2016 से प्रारंभ हुआ है, जो 54.2579 करोड़ रूपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। दोनो चरण में कुल - 137.5428 करोड़ रूपय की लागत से तैयार हो रही कुल 61.4 कि.मी. लम्बाई के इस रोड़ में  48.4 कि.मी. रोड़ का निर्माण पूरी हो चूकी है तथा 13 कि.मी. रोड़ का निर्माण कार्य प्रगति पर है वहीं 122 पुल-पुलिया में से 67 पुल-पुलिया का निर्माण पूर्ण हो चूका है वहीं 55 पुल-पुलिया का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस रोड़ के दिनांक 30/12/2021 तक पूर्ण होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इस रोड़ के निर्माण हेतु जिला पुलिस बल के अलावा सीपीएफएफ की 03 और छसबल की 01 कंपनी के लगभग 500 जवानों की सुरक्षा कव्हर में तैयार किया जा रहा है यह रोड़। इस मार्ग के निर्माण के दौरान नक्सलियों ने 04 आईईडी विस्फोट, आगजनी की 01 घटना और डकैती का भी 01 घटना घटित किया है सड़क के निर्माण के दौरान 05 जवान शहीद और 08 जवान घायल हुए हैं वहीं 13 आईईडी बरामद किये गये हैं।

छोटेड़ोंगर (धौड़ाई/पल्ली) - ओरछा मार्ग (2-लेन) चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य:- 31 कि.मी. रोड़ का निर्माण दिनांक 18/11/2015 से प्रारंभ हुआ है, यह रोेड़ 58.7465 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। 31 कि.मी. की लम्बी इस रोड़ में 26 कि.मी. रोड़ निर्माण का कार्य पूर्ण हो चूकी है तथा 05 कि.मी. रोड़ निर्माण कार्य प्रगति पर है वहीं इस मार्ग में पड़ने वाली 70 पुल में से 65 पुल का निर्माण हो चूका है, शेष 05 पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जो 30/06/2021 तक पूरी होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इस रोड़ के निर्माण हेतु जिला पुलिस बल के अलावा सीपीएफएफ और छसबल की 02 कंपनी के लगभग 250 जवानों की सुरक्षा कव्हर में तैयार किया जा रहा है यह रोड़। इस मार्ग के निर्माण के दौरान नक्सलियों ने 11 आईईडी विस्फोट और आगजनी की 03 घटना घटित किया है सड़क के निर्माण के दौरान 08 जवान घायल हुए हैं वहीं 13 आईईडी बरामद किये गये हैं।

नारायणपुर - सोनपुर - मरोड़ा मार्ग 2-लेन चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य:- 78 कि.मी. रोड़ का निर्माण दिनांक 24/12/2014 से प्रारंभ हुआ है, यह रोेड़ 49.6923 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। 78 कि.मी. की लम्बी इस रोड़ में 27 कि.मी. रोड़ निर्माण का कार्य पूर्ण हो चूकी है तथा 51 कि.मी. रोड़ निर्माण कार्य प्रगति पर है वहीं इस मार्ग में पड़ने वाली 200 पुल-पुलिया में से 59 पुल-पुलिया का निर्माण हो चूका है, शेष 141 पुल-पुलिया का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जो 30/12/2021 तक पूरी होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इस रोड़ के निर्माण हेतु जिला पुलिस बल के अलावा सीपीएफएफ और छसबल की 04 कंपनी के लगभग 500 जवानों की सुरक्षा कव्हर में तैयार किया जा रहा है यह रोड़। इस मार्ग के निर्माण के दौरान नक्सलियों ने 09 आईईडी विस्फोट, आगजनी की 03 व तोडफोड की 01 घटना घटित किया है इस सड़क के निर्माण के दौरान 01 जवान शहीद और 07 जवान घायल हुए हैं वहीं 08 आईईडी बरामद किये गये हैं।

नारायणपुर से गारपा (आरडी 20किमी) से कच्चापाल (कुदला से कोहकामेटा) मार्ग:- 17.75 कि.मी. रोड़ का निर्माण दिनांक 14/06/2019 से प्रारंभ हुआ है, यह रोेड़ 1091.71 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। 17.75 कि.मी. की लम्बी इस रोड़ में 07 कि.मी. रोड़ निर्माण का कार्य पूर्ण हो चूकी है तथा 10.75 कि.मी. रोड़ निर्माण कार्य प्रगति पर है वहीं इस मार्ग में पड़ने वाली सभी 03 पुल-पुलिया का निर्माण हो चूका है यह मार्ग जो 30/05/2021 तक पूरी होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इस रोड़ के निर्माण हेतु जिला पुलिस बल के अलावा सीपीएफएफ की 01 कंपनी के लगभग 150 जवानों की सुरक्षा कव्हर में तैयार किया जा रहा है यह रोड़। इस मार्ग के निर्माण के दौरान नक्सलियों ने 05 आईईडी विस्फोट और आगजनी की 01 घटना घटित किया है सड़क के निर्माण के दौरान 01 जवान शहीद और 03 जवान घायल हुए हैं वहीं 03 आईईडी बरामद किये गये हैं।

ब्रेहबेड़ा (नारायणपुर) से कंदाड़ी - कीहकाड़ - मुरनार - बेचा मार्ग:- 31.80 कि.मी. रोड़ का निर्माण दिनांक 31/01/2020 से प्रारंभ हुआ है, यह रोेड़ 1870.06 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। 31.80 कि.मी. की लम्बी इस रोड़ में 02 कि.मी. रोड़ निर्माण का कार्य पूर्ण हो चूकी है तथा 29.80 कि.मी. रोड़ निर्माण कार्य प्रगति पर है वहीं इस मार्ग में पड़ने वाली 07 पुल-पुलिया में से 05 पुल-पुलिया का निर्माण हो चूका है, शेष 02 पुल-पुलिया का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस मार्ग के निर्माण के दौरान नक्सलियों ने आगजनी की 01 घटना घटित किया है।

श्री मोहित गर्ग, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर ने बताया कि पुलिस और सशस्त्र बल के जवान नक्सल क्षेत्रों के विकास की रीढ़ हैं इनके योगदान और बलिदान का ही परिणाम है कि आज अबुझमाड़ सहित समूचे बस्तर देश-दुनिया में अपना नया किर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है। हमारे जवान न सिर्फ कानून व्यवस्था स्थापित करने और नक्सल हिंसा मुक्त बस्तर के लिए अपने जान की बाजी लगाकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं बल्कि  बस्तर के विकास के लिए स्कूल, काॅलेज, अस्पताल, प्रशासकीय भवनों, मोबाईल टाॅवर, विद्युत कनेक्टिीविटी और सड़क निर्माण कार्यों को भी सुरक्षा दे रहे हैं। वर्तमान में कोविड-19, कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए जवानों के योगदान अत्यंत सराहनीय, अविस्मरणीय और अतुलनीय है।
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Saturday, May 15, 2021

सामाजिक संस्था "नव संचार फाउंडेशन" कोरोना वारियर्स को बांट रही है फूड पैकेट्स

सामाजिक संस्था "नव संचार फाउंडेशन" कोरोना वारियर्स को बांट रही है फूड पैकेट्स
जिला नारायणपुर में कार्यरत सामाजिक संस्था 'नव संचार फाउंडेशन' द्वारा कोविड-19, कोरोना महामारी के रोकथाम हेतु फ्रंटलाइन वारियर्स के रूप में कार्यरत कर्मियों और अन्य जरूरतमंद लोगों को 1 सप्ताह तक फ़ूड पैकेट्स बांटने जा रही है; इसके अंतर्गत प्रथम एवं द्वितीय दिवस दिनांक 13/05/2021 और 14/05/2021 को पुलिस बल के लगभग 100-100 जवानों को पुलाव, सलाद और  हलुआ बांटा गया वहीं तीसरे दिवस दिनांक 15/05/2021 को पुलिस बल के जवानों और नगरपालिका के सफाई कर्मियों सहित मानसिक रूप से विक्षिप्त और घर से बाहर घूम रहे अन्य जरूरतमंद लोगों को मिलाकर लगभग 150 लोगों को पुलाव, सलाद और हलुआ बांटा गया। फूड पैकेट्स वितरण करने में संस्था के अध्यक्ष श्रीमती सीमा गर्ग, सचिव श्रीमती जागृति गर्ग, सचिव सुश्री आरती गर्ग, कोषाध्यक्ष श्री रोशनलाल गर्ग, सदस्य श्री मधुकरराव, श्रीमती मनु चंद्राकर, श्रीमति श्रुति उपाध्याय और श्रीमती गौरी साव का अहम योगदान है।

नव संचार फाउंडेशन के सचिव श्रीमती जागृति गर्ग ने देशभर के पंजीकृत और गैर पंजीकृत सामाजिक संस्थाओं से अपील की है कि सभी एनजीओ यथासंभव जरूरतमंद लोगों और कोरोना वायरस के रोकथाम में लगे फ्रंटलाइन वारियर्स की सहायता करें।
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Monday, May 03, 2021

पत्नी को काबू में कैसे रखें, पति-पत्नी के रिश्ते मजबूत करने के 15 बेहतरीन उपाय : धर्मगुरु हुलेश्वर बाबा

पत्नी को काबू में कैसे रखें, पति-पत्नी के रिश्ते मजबूत करने के 15 बेहतरीन उपाय : धर्मगुरु हुलेश्वर बाबा
मौजूदा समय में हम परिवार को लेकर इस बात के लिए आशान्वित रहते हैं कि हमारा परिवार सुखमय, शांतिपूर्ण तथा समृद्धियुक्त हो। यदि आप भी इसीतरह के कुछ आशाओं से प्रेरित हैं तो आपको इस बात का ख्याल रखना होगा कि परिवार के सुख, शांति और समृद्धि के लिए परिवार में एकता हो तथा एकता के लिए परिवार का Centralized होना भी जरूरी है जबकि परिवार को Centralized रखने के लिए परिवार का एक अपना Rules हो, DisciplineSet हो तथा इसके लिए बाकायदा JudiciarySystem भी तैयार होनी चाहिए। 

यदि आप इंसानियत के धर्म को समझते हों तो आप किसी एक मानसिकता से ग्रसित होकर परिवार के कम शक्तिशाली लोगों खासकर स्त्री को गुलाम, सेविका या दासी समझने की भूल नहीं करेंगे। इसका तात्पर्य यह है कि आपके परिवार में व्यक्तिगत रूप से शक्ति और आय के आधार पर निर्णय लेने के अधिकार तय नहीं होंगे बल्कि निर्णय का अधिकार परिवार के साझे हित और सर्वांगीण विकास के ध्येय से समानता और न्याय के सिद्धांत पर आधारित होगा। अब तक आप समझ चुके होंगे कि परिवार का मुखिया सबसे अधिक उम्र, सबसे अधिक ताकत अथवा सबसे अधिक आय के आधार पर निर्धारित नहीं होना चाहिए, खासकर लिंग के आधार पर मुखिया होने की मानसिकता तो नैसर्गिक न्याय, नैसर्गिक सौंदर्य, Equality और Rules of Peace के खिलाफ है। यदि आपके परिवार में मुखिया अथवा निर्णय के अधिकार इन आधारों पर तय होते हैं तो आपका परिवार परिवार नहीं बल्कि GoverningBody है वैसे मैं साफ शब्दों में कहूँ तो तानाशाही सरकार है।

अब पत्नी को नियंत्रण करने अथवा काबू या कब्जे में रखने की बात शुरू करने के पहले मैं एक कहानी बताना आवश्यक समझता हूं। मेरे बाप, दादा और परदादाओं के द्वारा निरंतर गाय-बैल, भैसी-भैसा पाला जाता था क्योंकि ये दुग्धपदार्थ और जीवन यापन हेतु कृषि के लिए अत्यंत उपयोगी जानवर हैं। आम मनुष्यों की भांति मेरे बाप दादा भी इन्हें नियंत्रण अथवा कब्ज़े/काबू में रखते थे, मेरे पूर्वज निरंतर भूमि, जमीन जायजाद पर भी अपना कब्जा रखते आ रहे हैं। मेरे परदादाओं का सैकड़ों एकड़ जमीन था हजारों गाय, बैल और भैंस थे जिनका कब्जा वे अन्य लोगों को हस्तांतरित कर लेते थे, दान में अथवा दाम में बेच देते थे; मैं भी भूमि, सामग्री और पशुओं जैसे चल अचल संपत्ति के क्रय विक्रय करने और उसे कब्जा में रखने की मानसिकता को उचित समझकर ऐसा करता हूँ। "मैं मानता हूं कब्जा का हस्तांतरण और विक्रय किया जा सकता है।" सरकारें भी बाकायदा कानून बनाकर कब्जा हस्तातंरण करने और बेचने का नियम बना रखा है जो लगभग सभी देश में संवैधानिक भी है। आपको भी पता है "चल अचल संपत्ति को क्रय विक्रय अथवा दान में देकर इसके कब्जा को हस्तांतरित किया जा सकता है मगर परिवार के सदस्य ही नहीं वरन कोई भी इंसान चल-अचल संपत्ति अथवा वस्तु नहीं है।" 

अब आपको पता है कि आपके परिवार के सदस्य; (माँ-बाप, पति-पत्नी, भाई-बहन और बच्चे) सहित आप स्वयं भी कोई वस्तु नहीं हैं, कोई चल-अचल संपत्ति अथवा जानवर नहीं हैं। इसलिए आप पर कोई कब्जा भी नहीं कर सकता, न आप पर से कोई अपना कब्जा क्रय विक्रय अथवा दान के माध्यम से हस्तांतरित भी कर सकता है। इसका मतलब ये कि पति-पत्नी ही नहीं वरन संतान भी कब्जा में रखने की वस्तु नहीं हैं। यदि आपमें अब भी अपनी पत्नी को काबू में रखने की मानसिकता है तो आप उन्हें जानवर या गुलाम समझने की भूल कर रहें यदि ऐसा भूल कर रहे हैं तो ख्याल रखना आपकी बहन और बेटी भी किसी की...... है; आपकी माँ भी आपके बाप की गुलाम है, दासी है, सेविका है और आपके बाप के लिए हस्तांतरण योग्य वस्तुएं।

हाँ; यदि आप अपनी पत्नी अथवा पति को सदैव आकर्षित रखना चाहते हैं, आप दोनों के मध्य प्रेम और समर्पण की भावना को बरकरार रखना चाहते हैं तो इसके लिए मैं अपना सुझाव देता हूँ:-
1- अपने जीवनसाथी के साथ दोस्त बनकर जीवन जीएं; पत्नी को गुलाम, सेविका या दासी न समझें। (पति-पत्नी में कोई एक महान नहीं बल्कि दोनों बराबर हैं; पति परमेश्वर नहीं होता।)
2- हर स्थिति में सहभागिता बरकरार रखें; भोजन और सब्जी बनाने, बर्तन और कपड़े धोने,  तेल मालिश और हाथ पांव दबाने से न हिचकिचाएं।
3- अपने जीवनसाथी के छोटे मोटे गलतियों की अनदेखी करें।
4- जीवनसाथी को बेजा-कब्जा की वस्तु न समझें, बल्कि उन्हें उनके समुचित मानव अधिकारों के इस्तेमाल के लिए जागरूक करते रहें।
5- नियमित रूप से Picnic Spot, सार्वजनिक स्थानों और Tour's में जाएं और आवश्यक आजादी/स्वतंत्रता प्रदान करें। हर विषय में खुलकर विचार विमर्श करें, अपनी भावनाएं और विचार सादगीपूर्ण तरीके से एक दूसरे से शेयर करें।
6- शारीरिक श्रम में दोनों बराबर का योगदान दें, खासकर जब आपकी अवकाश हों आप भी घर का आधा काम अनिवार्य रूप से करें; जीवनसाथी का पसंदीदा भोजन स्वयं बनाएं, अपने हाथों से खिलाएं और सारे बर्तन धोएं।
7- आकश्मिक स्थिति में यदि लड़ाई झगड़े की स्थिति निर्मित हो रही हो तो माफी मांग लें, अन्यथा हानि आपको ही अधिक होने वाली है।
8- समय समय पर Gifts देते रहें, जब भी आपके जीवनसाथी तारीफ योग्य काम करे तारीफ और धन्यवाद जरूर ज्ञापित करें।
9- यथासंभव समय समय पर उन्हें मायके जरूर ले जाएं, उनके मायके वालों का अपने माता पिता के बराबर सम्मान करें।
10- पत्नी को संभोग करने और बच्चे जन्म देने की Machine न समझें।
11- पत्नी के साथ कभी मारपीट न करें; यदि आप मारपीट करते हैं मतलब आपके गलती पर आपकी पत्नी को भी पीटने का अधिकार है जिसे आपको स्वीकार करना होगा।
12- कभी भी दूसरे पक्ष को इतना प्रताड़ित न करें कि वह आपसे तंग आकर आपके साथी आत्महत्या करने पर मजबूर हो। यदि आप जीवनसाथी से परेशान हैं तो आत्महत्या कदापि न करें बल्कि तत्काल तलाक ले लें।
13- घरेलू शारीरिक काम से राहत दें परंतु खुद व्यस्त रहें और उन्हें भी व्यस्त रखें। अर्थात उच्च शिक्षा और Resurch के लिये अध्ययन करते/कराते रहें, यदि ऐसा संभव न हो तो महान लोगों की जीवनी, आत्मकथा और अन्य किताब पढ़ें और अपने जीवनसाथी को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करें।
14- Social Media Sites, Mobile से मिलने वाले Notifications, धारावाहिक और धार्मिक राजनैतिक समाचार से बचें।
15- Life में Romance बरकरार रखें; जब भी अवसर मिले जीवनसाथी के साथ खिलखिला कर हँसे, जीवनसाथी को मुस्कराने का अवसर दें।
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Friday, April 16, 2021

नारायणपुर पुलिस द्वारा फिल्मांकित हल्बी गीत ‘‘प्रशासन करे दे रक्षा’’ रिलिज, सोशल मीडिया में जमकर हो रहा है वायरल, देखने के लिए अभी क्लिक करें.........


‘‘प्रशासन करे दे रक्षा’’ एक हल्बी गीत है, जिसे नारायणपुर पुलिस द्वारा तैयार कराया गया है। इस गीत के गीतकार श्री मोहित गर्ग (आईपीएस) पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर हैं। इस गीत के माध्यम से सरकार और पुलिस द्वारा आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराये जा रहे मूलभूत कल्याणकारी सेवाएं जैसे राशन, चिकित्सा, शिक्षा, बिजली, पानी, सड़क और सुरक्षा सहित पुलिस तथा केन्द्रीय बलों द्वारा सिविक एक्शन के तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों को उपलब्ध कराये जा रहे आवश्यक संसाधनों को फिल्मांकित किया गया है।

आपसे अनुरोध है कि इस विडियो को सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को शेयर करें, ताकि नक्सलियों को आत्मसमर्पण के माध्यम से समाज के मुख्यधारा में जोडने का हमारा प्रयास सार्थक हो सके।

उल्लेखनीय है कि इस गीत के निदेशक प्रवीण सलाम और उनके साथी अमित सरकार, स्वाती पट्टावी और दिलीप निर्मलकर हैं तथा गायक-गायिका दीपक, सुखदेव, राजू बघेल, रस्सु, प्रियंका और शिवानी हैं। गीत में केमरामेन नागेश मण्डावी है और म्यूजिक परवेज खान का है। गीत रचना में शानू, संतोष और राजू ने श्री गर्ग का सहयोग किया है। वहीं मुख्य कलाकार के रूप में कन्हैया वैष्णव और निकिता उर्वशा ने अपना रोल निभाया है सहयोगी कलाकार के रूप में जीत बघेल, हरिश उईके, पिताम्बर, दिव्यांशू, दिमेश्वरी यादव, दिव्या मानिकपुरी, प्रियंका उसेण्डी, सीखा साहू, बेबी यादव, अर्पण, आदि और शांतनु ने भी काम किया गया है।





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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें?


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