पुलिस को मिली बडी सफलता- नक्सलियों का नेशनल को-आर्डिनेटर नक्का वेंकेट राव हुआ गिरफतार

पुलिस को मिली बडी सफलता- नक्सलियों का नेशनल को-आर्डिनेटर नक्का वेंकेट राव हुआ गिरफतार
गिरफतार नक्सली भारत सरकार के केन्द्रीय उपक्रम नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीटयूट, हैदराबाद में सीनियर टेक्नीकल आफिसर के पद पर कार्यरत है तथा विस्फोटक विशेषज्ञ है।
पत्नी हेमललिता आंध्रप्रदेश में एडव्होकेट है तथा उपकार नामक एनजीओ संस्था चलाती है।
श्री जी. पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग ने आज दिनांक 23.12.2018 को रेंज कार्यालय में ली गई प्रेस कान्फ्रेस में मीडिया को बताया कि काफी लंबे समय से जंगल के अंदर नक्सलियों को आम्र्स-एम्युनेशन एवं लाजिस्टिक सपोर्ट, नक्सलियों के अंडर ग्राउण्ड शहरी नेटवर्क द्वारा सप्लाई करने की जानकरी प्राप्त हो रही थी। आत्मसमर्पित नक्सलियों द्वारा भी शहरी नेटवर्क के माध्यम से नक्सलियों को मदद मिलने का अहम खुलासा किया गया था। अतएव शहरी नेटवर्क के संबंध में जानकारी संकलित करने का काम लंबे समय से लगातार चल रहा था तथा विगत एक माह से अनेक महत्वपूर्ण सूचनायें पुलिस को मिल रही थी। इसी दौरान यह सूचना मिली थी कि नक्सलियों के नेशनल को-आर्डिनेटर, जिसे नक्सली मूर्ति के नाम से पुकारते हैं, एमएमसी जोन के सेन्ट्रल कमेटी मेम्बर दीपक तेलतुमड़े को सामान पहुंचाने के लिये आने वाला है। चूंकि नेशनल को-आर्डिनेटर के हमेशा मोटर साइकिल से मूव्हमेंट करने की सूचना थी, अतएव संवेदनशील क्षेत्रों में कई दिनों से एमसीपी लगाकर, लगातार चेकिंग कराई जा रही थी। इसी के तहत दिनांक 23.12.2018 को जिला राजनांदगांव के थाना बागनदी क्षेत्रान्तर्गत चाबुकनाला मोड़ के पास बागनदी पुलिस द्वारा लगाये गये एमसीपी में चेकिंग के दौरान नक्का वेंकट राव उर्फ मूर्ति वेंकटराव वल्द साहेब वेंकटराव, उम्र 54 वर्ष, निवासी ग्राम व थाना कुत्तापेठ, जिला ईस्ट गोदावरी, आंध्रप्रदेश को गिरफतार किया गया है।
गिरफतार नक्सली के कब्जे से 08 नग नक्सली साहित्य एवं कई दस्तावेज, 01 नग मोबाईल, 02 नग मैनपेक सेट मय चार्जर (HTRF) एवं 23 नग डेटोनेटर जप्त किया गया है। पूछताछ में इसने बताया है कि वह नक्सलियों के शहरी नेटवर्क में काम करता है तथा राजनांदगांव जिले में किसी बडी वारदात को अंजाम देने के लिये डेटोनेटर की सप्लाई दीपक तेलतुमडे़ को करने के लिये आया है। इस संबंध में थाना बागनदी में अपराध क्रमांक 51/18 धारा 4,5 विस्फो. अधि. 38, 39 विधि विरूद्ध क्रियाकलाप अधि. के तहत पंजीबद्ध किया गया है तथा गिरफतार नक्सली से पूछताछ जारी है।
श्री सिंह ने बताया कि गिरफतार नक्सली भारत सरकार के केन्द्रीय उपक्रम नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीटयूट, हैदराबाद में सीनियर टेक्नीकल आफिसर के पद पर कार्यरत है तथा विस्फोटक विशेषज्ञ है। यह वर्ष 1985 से रेडिकल छात्र आंदोलन आंध्रप्रदेश में सक्रिय रहकर माओवादी विचारधारा से प्रेरित हुआ है। वर्ष 2016 में टांडा एरिया के कौरूवा जंगल में सीसीएम दीपक, देवजी के साथ तथा दिसम्बर 2017 में भी टांडा एरिया के ही बागरझोला जंगल में दीपक के साथ इसकी बैठक हुई थी। नक्सल प्रभावित अन्य इलाकों में भी इसकी सक्रिय आमदरफ्त की जानकारी है, ये नक्सलियों के मध्य कोआर्डिनेट कर संदेश पहुंचाने के साथ-साथ गुरिल्ला जोन को लाजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराता है। यह नक्सली देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले किसान आंदोलन, नर्मदा बचाओ आंदोलन, दलित आंदोलन, मंडला-चुटका परमाणु परियोजना विरोध आंदोलन, एलगार परिषद (भीमा कोरेगांव), एसईजेड के विरोध में चलने वाले आंदोलन, विभिन्न स्थानों पर विस्थापन के खिलाफ होने वाले आंदोलन में सक्रिय भागीदारी कर आंदोलनों को भडकाने व स्थाईरूप देने का काम करता है।
इसकी पत्नी हेमललिता आंध्रप्रदेश में एडव्होकेट है तथा उपकार नामक एनजीओ संस्था चलाती है। गिरफतार नक्सली का छोटा भाई नारायण राव भी माओवादी विचारधारा से प्रभावित है तथा सिविल लिबर्टीज कमेटी तेलांगना राज्य का महासचिव है। पूछताछ में गिरफतार नक्सली ने खुलासा किया है कि उसके कब्जे से बरामद वायरलेस सेट को इसके भाई नारायण राव द्वारा ही इसे दिया गया है। स्पष्ट है कि इसका भाई नारायण राव भी नक्सली संगठन का सक्रिय सदस्य है। गौरतलब है कि गिरफतार नक्सली नक्का के ही दिशा निर्देशन में पेसा द्वारा विस्फोटकों का ट्रासंपोर्टेसन देश के विभिन्न हिस्सों में किया जाता है, इससे संबंधित समस्त पत्राचार पेसा के साथ इसी के द्वारा किया जाता रहा है। संभावना है कि इसके द्वारा नक्सलियों को व्यापक पैमाने पर अवैध रूप से विस्फोटक सप्लाई की गई है, जिसका खुलासा आगे पूछताछ में हो सकता है। केन्द्र सरकार के महत्वपूर्ण उपक्रम में जिम्मेदार अधिकारी होने से इसके उपर किसी तरह के शक की कोई गुंजाइश न होने से, इसने अपने पद एवं हैसियत का गलत इस्तेमाल करते हुए camouflage रहकर, नक्सलियों को आम्र्स-एम्युनेशन एवं लाजिस्टिक मदद करते आ रहा है।
Related Images :


Share:

मै थक जाउं तो भारत रूक जाएगी, मै हार जाउं तो स्वाभिमान हार जाएगी - Poem

मै थक जाउं तो भारत रूक जाएगी, मै हार जाउं तो स्वाभिमान हार जाएगी

मै थक जाउं तो भारत रूक जाएगी, मै हार जाउं तो स्वाभिमान हार जाएगी
रूक कर एक कहानी सुनाती हूं, हकीकत की बात बताती हूं

महिला सेना खडा करने का बीडा एक उठाती हूं
‘मणिकर्णिका’ से ’लक्ष्मीबाई’ बनने की राज बताती हूं
हारना जो सीखी नही, उस चुलबुल ’मनु’ की गौरव गाती हूं
जिसने हमें आजादी दी, उसकी आहूति के किस्से सुनाती हूं
रूक कर एक कहानी सुनाती हूं, हकीकत की बात बताती हूं

लॉर्ड डलहौजी के हडप नीति का विरोध कर जाती हूं
स्वयंसेवक सेना बनाकर महिलाओं को युद्ध सिखाती हूं
हमषक्ल ’झलकारी बाई’ को सेनाध्यक्ष बनाती हूं
ओरछा और दतिया के राजाओं को धूल चटाती हूं
रूक कर एक कहानी सुनाती हूं, हकीकत की बात बताती हूं

स्वतंत्र भारत का सपने हर आखों को दिखलाती हूं
‘तात्या टोपे‘ से मिलकर ग्वालियर के किले में कब्जा कर जाती हूं
बारंबार फिरंगियों को गुमराह कर चालाकी दिखाती हूं
कभी गोरों से नही हारी, ऐसी नारी की पाठ पढाती हूं
रूक कर एक कहानी सुनाती हूं, हकीकत की बात बताती हूं

भारतीय स्वतंत्रता का अध्याय नया बनाती हूं
अंग्रजो को भारत से भगाने, एक समाज नया बनाती हूं
लक्ष्य प्राप्ति में सारंगी, पवन, और बादल को हमराही बनाती हूं
कदम-कदम चलती रही मैं, नारीषक्ति की याद दिलाती हूं
रूक कर एक कहानी सुनाती हूं, हकीकत की बात बताती हूं

मै थक जाउं तो भारत रूक जाएगी, मै हार जाउं तो स्वाभिमान हार जाएगी
रूक कर एक कहानी सुनाती हूं, हकीकत की बात बताती हूं


Poet Shri HP Joshi
Dated 17 Dec 2018

Share:

पत्नी ज़हर और अमृत का एक विशिष्ट मिश्रण - शोध

पत्नी ज़हर और अमृत का एक विशिष्ट मिश्रण

जानें, क्या है लॉ ऑफ बेजा कब्जा

पत्नी के संबंध में आपने अरबों-खरबों जोक्स सुना होगा, जो सत्य के नज़दीक या सत्य हो सकता है। परंतु आप पत्नी के तत्वरूप से आप परिचित नही होंगे। इसलिए आपको इस रिसर्च को अंत तक जरूर पढ़ना चाहिए। विश्वप्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक एवम दार्शनिक हुलेश्वर जोशी व उसके टीम ने अपने 34 वर्षों के निरंतर शोध से पता लगाया है कि *पत्नी छठवें तत्व के रूप में विकसित हो रही है।* यदि मनुष्य इसकी अनिवार्यता के विकल्प को नही अपनाया तो यह तेईसवीं शताब्दी के प्रारंभ तक पूर्णरूप से छठवें तत्व के रूप में स्वयं को स्थापित कर लेगी।

एक अन्य शोध में उन्होंने पाया है कि *पत्नी ज़हर और अमृत का एक विशिष्ट प्रकार का मिश्रण है।* जो एक ओर आपको खुशियां देती है आपके सफलता और सुविधाओं के लिए समर्पित रहती हैं तो दूसरी ओर आपके ऊपर बेजा कब्जा कर लेती है किसी भी शर्त में अपने स्वयं एवम अपने गर्भ से जन्मे बच्चों तथा कतिपय मामलों में अपने भाई-बहन के अलावा किसी भी अन्य के लिए उपयोगी नही रहने नही देती। पत्नी स्वतः आपके लिए इतनी कल्याणकारी होगी कि आपको ऐसा लगने लगेगा कि आपके जीवन के लिए केवल वही अनिवार्य है बाकि कुछ और नही, जबकि *लॉ ऑफ बेजा कब्जा*  के तहत वह आपको अन्य के लिए कल्याणकारी रहने नही देगी, आपकी व्यक्तिगत इच्छा और जीवन को समाप्त कर देगी अर्थात *लॉ ऑफ बेजा कब्जा के पालन करने के कारण ही पत्नी ज़हर के समान है।*

Enjoy with Wife, it's a Joke.
Share:

’’सिटीजन काॅप’’ मोबाईल एप्प पुलिस थाना का ही डिजिटल स्वरूप है - श्री जी.पी.सिंह, आईजी दुर्ग

’’सिटीजन काॅप’’ मोबाईल एप्प पुलिस थाना का ही डिजिटल स्वरूप है - श्री जी.पी.सिंह, आईजी दुर्ग

श्री जी.पी. सिंह, दुर्ग आईजी ने लौटाये 25 नग मोबाईल फोन 

सिटीजन काॅप ने लगभग 16 लाख, 92 हजार रूपये के मोबाईल फोन रिकवर किये


श्री जी.पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग के निर्देशन में संचालित सिटीजन काॅप सेल द्वारा सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्लीकेशन पर दर्ज मोबाईल फोन के गुम होने की शिकायतों पर कार्यवाही करते हुये 25 नग मोबाईल फोन रिकवर किया गया। श्री सिंह द्वारा इन 25 नग मोबाईल फोन को उनके मूल मालिको को आवश्यक दस्तावेज देखकर आज दिनांक 08/12/2018 को अपने कार्यालय में वापस सुपुर्द किया गया। गौरतलब है कि ये मोबाईल फोन दीगर राज्य जैसे मध्यप्रदेष के शहडोल, बालाघाट एवं महाराष्ट्र के गोंदिया से रिकवर किये गये है तथा कुछ मोबाईल फोन राज्य के रायपुर, बिलासपुर, मुंगेली, धमतरी, महासमुंद, पाटन, बेमेतरा, बालोद, गरियाबंद एवं राजनांदगांव से भी रिकवर किये गये हैं।

उल्लेखनीय है कि दुर्ग संभाग में सिटीजन काॅप - मोबाइल एप्लीकेशन के अपग्रेडेड वर्जन के साथ मार्च 2018 में लाॅंच किया गया था, तब से अभी तक सिटीजन काॅप के माध्यम से कुल 151 नग मोबाईल फोन बरामद कर संबंधित मोबाईल धारको को लौटाया जा चुका है। अब तक रिकवर किये गये सभी मोबाईल फोन की कीमत लगभग 16 लाख 92 हजार रूपये के करीब है।

गुम/चोरी हुए मोबाईल फोन वापस मिलने के कारण लोगों ने मोबाईल फोन वापस मिलने पर खुषी जाहिर करते हुए सिटीजन काॅप मोबाईल एप्प व रेंज पुलिस महानिरीक्षक के द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की है। मो. फहीम खान अपने भाई मो. वसीम खान का मोबाईल ओप्पो एफ-7 वापस पाकर सिटीजन काॅप के कार्यषैली की सराहना करते हुए अपने फीडबैक में लिखा है ’सिटीजन काॅप एप्प छत्तीसगढ़ पुलिस की सराहनीय पहल है। यह एप्प हमारी सुरक्षा विषेषकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए अत्यंत कारगर है आवष्यकता पडने पर हम इनकी सहायता ले सकते हैं और भविष्य में होने वाले अपराध एवं अपराधियों पर रोक भी लगा सकते हैं। मेरे मोबाईल के गुम हो जाने पर मुझे अत्यंत मानसिक कष्ट हुआ था, जिसे आज आईजी दुर्ग द्वारा मुझे लौटाया गया। मै आईजी श्री सिंह और पुलिस प्रषासन का आभारी हूं।’’ 

श्री सिंह ने बताया किया है कि ’’सिटीजन काॅप’’ मोबाईल एप्प पुलिस थाना का एक डिजिटल स्वरूप है जिसका उपयोग करके आम नागरिकों अपनी समस्याएं/सूचनाएं पुलिस से साझा कर सकते हैं सबसे खास बात यह है एप्प के माध्यम से उपयोगकर्ता की पहचान गोपनीय रहती है। सिटीजन काॅप एप्प आम नागरिकों को यह सुविधा प्रदान करता है कि किसी भी गुम वस्तु की षिकायत घर बैठे एन्ड्रायड मोबाईल का उपयोग कर सिटीजन काॅप एप्प के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। संज्ञान में आया है कि आम नागरिक अपनी खोई हुई वस्तु जैसे मोबाईल फोन, लैपटाॅप, पासपोर्ट, बैंक पासबुक व अन्य आवष्यक दस्तावेज के गुम हो जाने पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये पुलिस थाना एवं वरिष्ठ कार्यालयों का चक्कर लगाते हैं, जिससे उनका समय बरबाद होता है। 

Related Images


Share:

गुरू घासीदास जयंति कैसे मनाएं ?

गुरू घासीदास जयंति कैसे मनाएं ?

दूनिया का सबसे सर्वोच्च ज्ञान ’’मनखे-मनखे एक समान’’ का संदेश देने वाले परमपुज्यनीय गुरू घासीदास बाबा जी का जन्म 18 दिसम्बर सन् 1756 में ग्राम गिरौदपुरी, जिला रायपुर (वर्तमान जिला बलौदाबाजार) में हुआ था। उनके संदेशों एवं जनजागरूकता का ही परिणाम है कि आज मानव समुदाय यह स्वीकारने लगा है कि सभी मनुष्य एक समान हैं, कोई उच्च अथवा कोई नीच नही है, उनके जनआंदोलनों के प्रभाव से ही आज देश का बडा वर्ग शोषित होने से बच पाया है। गुरू घासीदास के जन्म के पूर्व मानव-मानव के बीच केवल असमानता, शोषण और अत्याचार जैसे ही संबंध थे।

गुरू घासीदास के जन्मदिवस को देशवासी गुरू घासीदास जयंति के रूप में बनाते हैं। हम संत समाज से आग्रह करते है कि संत समाज इस आयोजन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले। संतों ज्ञातव्य हो कि गुरू घासीदास की जयंती प्रत्येक वर्ष 18 दिसम्बर से प्रायः 31 दिसम्बर तक लगातार ही मनाया जाता है। कतिपय मामलों में इसके बाद भी लोग अपने आस्था के अनुरूप जयंति मनाते रहते है। इस संबंध में कुछ विशेष सुझाव मैं संत समाज शेयर करना चाहता हूँ:-

1 समाज द्वारा आयोजित जयंती कार्यक्रम में क्रमशः पदयात्रा, चैकपूजा, ध्वजारोहण, पंथी नृत्य, भंडारा व प्रसाद वितरण व रात्रिकाल में सतनाम भजन/सतनाम प्रवचन अथवा गुरु बाबा के जीवन पर आधारित लीला ही कराया जावे। किसी भी प्रकार से नाचा - गम्मत या सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से सतनामी संस्कृति को भ्रष्ट न किया जावे न ही अनैतिक नृत्य व गान कराया जावे। ऐसा करना पूर्णतः निंदनीय व गुरु बाबा का अपमान है।’

2 समय समय पर साहू, यादव, मरार व गोंड़ समाज के मित्रों द्वारा आपत्ति दर्ज कराया गया है कि सतनामी संतों द्वारा बाबा जी पर एकाधिकार जमाते हुए हमें बाबाजी के जयंती में आमंत्रित नही किया जाता है न जयंती कराने के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में बुलाया जाता है और न तो जयंती कार्यक्रम कराने पर योगदान (चंदा, इत्यादि) लिया जाता। बाबा जी तो लोककल्याणकारी हैं उनकी पूजा समस्त मानव समाज के द्वारा की जाती है, इसलिए कुछ लोग बिना पूछे ही जयंती कार्यक्रम में भाग लेकर बाबा जी का पूजन करते हैं तो कुछ बाबा जी के आशीष नही ले पाते और समाज में यह भ्रांति भी फॅल रही है कि गुरू घासीदासबाबा केवल सतनामियों के गुरू है, इसलिए इस संबंध में अमल करने की जरूरत है।

इसलिए संत समाज से निवेदन है कि बाबा जी के जयंती पर कमसेकम उपरोक्त समाज को जरूर शामिल करें। बाबाजी के पूजा करने का सबको अधिकार है, न कि केवल सतनामी को। ’यदि हम नेता, मंत्री व कुछ प्रभावशाली लोगो को आमंत्रित करते हैं तो उनके समाज के सभी लोगो को क्यों नही? मनखे मनखे एक समान’

ऐसे लोगों को किसी भी शर्त में समाजिक आयोजन में माईक न दिया जावे, जो सतनामी समाज त्याग दिए हों। वे सतनामियों को भड़काकर धर्मपरिवर्तन कराने और दीगर समाज से लड़ाने का ही प्रयास करते हैं।


हुलेश्वर जोशी 
कार्यकारिणी सदस्य, 
सतनामी एवम सतनाम धर्म विकास परिषद्, 
रायपुर (छत्तीसगढ़)
Share:

आईजी दुर्ग ने ली रेंज के पुलिस अधीक्षकों की मीटिंग-मतगणना के लिये पुख्ता पुलिस बंदोबस्त करने तथा लंबित प्रकरणों के निकाल के दिये निर्देश

आईजी दुर्ग ने ली रेंज के पुलिस अधीक्षकों की मीटिंग-मतगणना के लिये पुख्ता पुलिस बंदोबस्त करने तथा लंबित प्रकरणों के निकाल के दिये निर्देश

श्री जी. पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज द्वारा आज दिनांक 05.12.2018 को रेंज कार्यालय, दुर्ग में रेंज के पुलिस अधीक्षकों की क्राइम मीटिंग ली गई। मीटिंग में सभी पुलिस अधीक्षकगण एवं अन्य राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे। मीटिंग में सभी जिलों के आपराधिक स्थिति तथा दिनांक 11.12.2018 को मतगणना स्थल पर लगाये जाने वाले पुलिस बंदोबस्त की समीक्षा की गई। 

श्री सिंह द्वारा मतगणना स्थल पर पुलिस बंदोबस्त लगाने के संबंध में पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया  कि:-
दिनांक 11.12.2018 को मतगणना के दौरान मतगणना स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में एक्सेस कंट्रोल के सिद्धान्त का पालन करते हुए zero error पुलिस बंदोबस्त लगाया जावे। धारा 144 का पालन सुनिश्चित किया जावे। मतगणना स्थल पर जिला प्रशासन एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यथोचित पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जावे। पत्रकारों, सुरक्षा बलों, प्रत्याशियों एवं राजनीतिक दलों के एजेण्टों के मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिये स्पेसिफिक व्यवस्था हो, अलग-अलग स्थलों के लिये अलग-अलग रंग के प्रवेशपत्रों की व्यवस्था रखी जावे, ताकि किसी तरह की भ्रांति न हो। पार्किंग के लिये भी प्रवेशपत्र की व्यवस्था रखी जावे। मतगणना स्थल के आसपास प्रतिबंधित स्थलों पर अनाधिकृत व्यक्तियों को न तो प्रवेश दिया जावे न ही आसपास व मार्ग में कहीं पर भीड एकत्रित होने दी जावे। सुनिश्चित किया जावे कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के अनुरूप प्रतिबंधित वस्तुयें मतगणना स्थल के अंदर न ले जाया जा सके। इसके लिये जिला प्रशासन, राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों व एजेण्टों के साथ संयुक्त मीटिंग लेकर पूर्व से सुनिश्चित कर लिया जावे। मीटिंग में पुलिस द्वारा की जा रही सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी जावे, ताकि सब को व्यवस्था की जानकारी रहे तथा स्टेक होल्डरों के कार्य में किसी तरह की बाधा न हो। पुलिस व्यवस्था एवं प्रतिबंधित वस्तुओं के संबंध में भी मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार कराया जावे। विजयी प्रत्याशियों के जुलूस, शहर की कानून व्यवस्था एवं आपात स्थितियों के लिये भी पृथक से व्यवस्था रखी जावे, ताकि शहर में अथा मतगणना स्थल मंे किसी तरह की अव्यवस्था न हो। सुनिश्चित किया जावे कि आदर्श आचरण संहिता का पालन करते हुए विधिवत अनुमति के उपरांत ही जुलूस निकाली जावे, इस बाबत् मीटिंग में प्रत्याशियों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया जावे कि वैध अनुमति के बिना जुलूस निकाले जाने की स्थिति में किस तरह की वैधानिक कार्यवाही हो सकती है। 

रेंज पुलिस महानिरीक्षक द्वारा रेंज के जिलों में लंबित अपराधों, चालानों एवं मर्ग आदि की समीक्षा कर निर्देशित किया गया कि:-
जिला दुर्ग में लंबित 1413, राजनांदगांव में लंबित 1172, कबीरधाम में लंबित 288, बेमेतरा में लंबित 423 तथा बालोद मंे लंबित 452 इस प्रकार रेंज स्तर पर कुल लंबित 3748 अपराधो का विशेष अभियान चलाकर 15 दिवस के भीतर निकाल सुनिश्चित किया जावे। इस हेतु संबंधित पुलिस अधीक्षक अपने जिले के संबंधित पर्यवेक्षणीय अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की मीटिंग लेकर निकाल हेतु समुचित पहल करें तथा सुनिश्चित करें कि वर्ष की समाप्ति पर थानों में 10 प्रतिशत से अधिक प्रकरण लंबित न हो। इसी तरह लंबित चालानों तथा मर्गों का भी 15 दिवस के भीतर निकाल कराया जावे। 
एफएसएल में लंबित प्रकरणों की सूची एफएसएल अधिकारी को उपलब्ध कराकर, लंबित प्रकरणों में प्राथमिकता से रिपोर्ट प्राप्त कर माननीय न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का निराकरण कराया जावे।
थाना प्रभारीगण थाने में अधिक से अधिक समय तक उपस्थित रहें। प्रातः समय पर थाना आयें और प्रार्थियों को सुनें। उनकी रिपोर्टों पर सार्थक कार्यवाही करावें। थानों में आये आवेदकों के साथ सदव्यवहार हो।  किसी भी पीडित को थाना सीमा के नाम पर इधर-उधर भागना न पडे अर्थात  बार्डरलेस पुलिसिंग कराई जावे, ताकि प्रार्थी अपने निकट के थाने में जाकर अपनी रिपोर्ट दर्ज करा सके, अन्य थाना क्षेत्र का मामला होने की स्थिति में जीरो पर अपराध कायम कर प्रारंभिक जांच उपरांत डायरी संबंधित थाने को भेजी जावे।
पीड़ित पक्ष को जिन प्रकरणों में शासन स्तर पर राहत राशि अथवा मुआवजा देने का प्रावधान है, वैसे प्रकरएाों में पीडित पक्ष को जानकारी देकर औपचारिकताओं की पूर्ति कराकर मुआवजा प्रकरण समय पर तैयार कर भिजवायें, ताकि पीडितो कों समय पर राहत राशि प्राप्त हो सके।
पुलिस की व्हिजिबिलिटी में सुधार लायें। सघन एवं प्रभावी गश्त/पेट्रोलिंग कराई जावे।स्वयं थाना प्रभारी अपने स्टाफ के साथ प्रतिदिन शाम को पैदल अपने क्षेत्र के भ्रमण पर निकलें, अडडेबाजी एवं मजमेबाजी करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करें। पैदल गश्त के दौरान 
समंस/वारंटो, विशेषकर स्थाई वारंटों की तामीली में सुधार लायें। वारंटों का वर्गीकरण किया जाकर गंभीर प्रकरणों के वारंटों की तामीली प्राथमिकता से करायी जावे। 
नशे के आदी नाबालिग बच्चों के द्वारा अपराध करने की प्रवृत्ति समाज के लिये घातक है, अतएव नशे के सौदागरों के विरूद्ध सार्थक कार्यवाही की आवश्यकता है। अवैध शराब विक्रय, गांजा-ड्रग्स तस्करी, कबाडी, जुंआ-सटटा एवं संगठित देह व्यापार के विरूद्ध सघन अभियान चलायें, गुण्डों के विरूद्ध जीरो टालरेंस की नीति के तहत कार्य करें, अर्थात सूचीबद्ध गुण्डों के विरूद्ध अदम चेक रिपोर्ट होने पर कम से कम प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही अवश्य हो। धारा 110 जाफौ, जिला बदर एवं रासुका के तहत बदमाशों के विरूद्ध सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही करें।
शराब दुकानों के आसपास संचालित अवैध अहाते, अवैध हुक्का बार एवं रेव पार्टी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जावे। अवैध हुक्का बार एवं रेव पार्टी में नाबालिग बच्चों को भी शामिल कर नशीले पदार्थो का सेवन कराया जाता है तथा शराब दुकानों में भी शराब खरीदने के लिये नाबालिग बच्चों का उपयोग किया जाता है। 
थाना उतई में पंजीबद्ध अपराध का उदाहरण देते हुए श्री सिंह ने पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि विस्फोटकों के दुरूपयोग की रोकथाम के लिये विस्फोटक अधिनियमों एवं विस्फोटक नियमों का पालन कराया जाना आवश्यक है। इसके लिये थाना प्रभारियोें को सजग किया जावे। थाना प्रभारीगण अपने-अपने क्षेत्र में लायसेंसी विस्फोटक भडारो की जांच कर सुनिश्चित करें कि विस्फोटकों का वैध एवं सुरक्षित भडारण हो। विस्फोट प्रशिक्षितों की सूची थाने में उपलब्ध हो। समय-समय पर जांच कराई जावे एवं विस्फोट करने में विशेषज्ञता वाले व्यक्तियों की सूची थाने में रखी जावे, ताकि इन पर समुचित निगाह रखी जावे तथा विस्फोटकों तक असमाजिक तत्वों की पहुंच न हो पाये।
सभी पर्यवेक्षणीय अधिकारी सुनिश्चित करें कि आपराधिक प्रकरणों की कार्बन केस डायरी संधारित हो, ताकि आवश्यकता पडने पर उसका उपयोग किया जा सके।
अधिकारियों/कर्मचारियों की दक्षता बढाने के लिये जिला स्तर पर तथा रेंज स्तर पर विभिन्न विषयों पर सीमित अवधि के प्रशिक्षण आयोजित करायें। विशेषकर विस्फोटक अधिनियम के तहत की जाने वाली कार्यवाहियों के संबंध में पेसा के सहयोग से विवेचकों का प्रशिक्षण अतिशीघ्र रेंज स्तर पर कराया जावे। 
निजी सुरक्षा एजेंसी में कार्यरत कर्मचारियों की भी संलिप्तता अनेक आपराधिक प्रकरणों में पाया गया है। अतएव निजी सुरक्षा एजेंसियों में कार्यरत व्यक्तियों के चरित्र सत्यापन एवं उनके आम्र्स लायसेंस की जांच/तसदीकी सुनिश्चित की जावे।

रेंज पुलिस महानिरीक्षक द्वारा जिलों में लंबित विभागीय जांच एवं शिकायतों के निराकरण की भी समीक्षा की गई एवं निर्देशित किया गया कि:-
वर्ष 2017 एवं उससे पूर्व के लंबित शिकायतों का निकाल 15 दिवस के भीतर तथा वर्ष 2018 के लंबित शिकायतों का 30 दिवस की समयावधि में निकाल सुनिश्चित किया जावे।
6 माह से उपर अवधि के लंबित विभागीय जांचों का भी निकाल एक माह की समयावधि में कराया जावे।

श्री सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षकों को जवानों एवं पुलिस परिवारों के वेलफेयर की ओर भी समुचित ध्यान देने का निर्देश दिया गया:-
वेलफेयर के तहत पुलिस लाईन, दुर्ग में एक उत्तम जिम स्थापित किया गया है। जिसका पुलिस परिवार के लगभग 100 लोग प्रतिदिन लाभ ले रहे हैं। इसी तरह का जिम सभी जिला पुलिस लाईनों में स्थापित कराया जावे, जिसके लिए सभी पुलिस अधीक्षकों को बजट उपलब्ध कराया जा चुका है।
परोपकार निधि के तहत मृत कर्मचारी के परिजनों को 24 घण्टे के भीतर सहायता राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान है, जिसका पालन किया जावे। किसी भी मृत अथवा शहीद कर्मचारी के परिजनों को किसी तरह की कठिनाई न हो इसका ध्यान रखें।
जहां पर पुलिस पेट्रोल पम्प संचालित नहीं है, उसके लिये प्रस्ताव भेजकर स्वीकृति लेकर पुलिस पेट्रोल पंप संचालित किया जावे।
संकल्प हास्पिटल रायपुर पुलिस परिवारों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करना चाहती है, अतएव स्थल एवं दिनांक निर्धारित कर सूचित करें। 
रेंज स्तर पर अलग-अलग खेलो के लिये खिलाडियों की उपलब्धता अनुसार अलग-अलग टीम गठित की जावे। प्रत्येक टीम के लिये अलग-अलग पुलिस अधीक्षकों को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा, जो अपनी टीम के लिये संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। 

श्री सिंह द्वारा जिलों को उपलब्ध कराये गये बजट की भी समीक्षा की गई एवं निर्देशित किया गया कि:- 
प्राप्त बजट के समानुपातिक उपयोग के लिये निर्देशित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के समस्त देयकों का भुगतान सुनिश्चित कर लिया जावे, किसी भी स्थिति में इस वित्तीय वर्ष के बिलों को अगले वित्तीय वर्ष में भुगतान के लिये लंबित न रखा जावे। यदि अतिरिक्त बजट की आवश्यकता हो तो पर्याप्त समय पूर्व मांग पत्र भेजें। जिस बजट का उपयोग संभव न हो उसे समय पर समर्पित करें, ताकि अन्य जिलों को आवश्यकतानुसार बजट आबंटित हो सके।

श्री सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षकों को सिटीजन काप एप की उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा सिटीजन काप एप के जिला दुर्ग में लंबित 277, कबीरधाम में लंबित 22, राजनांदगांव में लंबित 12, जिला बालोद में लंबित 21 तथा बेमेतरा में लंबित 38 कुल 370 शिकायतों का त्वरित निराकरण कराने के लिये निर्देशित किया गया।

Related Image



Share:

पुलिस के सिटीजन काॅप एप्प की उपलब्धि, लगभग 14 लाख, 50 हजार का मोबाईल फोन किया रिकवर

पुलिस के सिटीजन काॅप एप्प की उपलब्धि, लगभग 14 लाख, 50 हजार का मोबाईल फोन किया रिकवर

सिटीजन काॅप के माध्यम से कुल 126 नग मोबाईल फोन बरामद

श्री जी.पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग के निर्देशन में संचालित सिटीजन काॅप सेल द्वारा सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्लीकेशन पर दर्ज मोबाईल फोन के गुम होने की शिकायतों पर कार्यवाही करते हुये 14 नग मोबाईल फोन रिकवर किया गया। श्री सिंह द्वारा इन 14 नग मोबाईल फोन को उनके मूल मालिको को आवश्यक दस्तावेज देखकर आज दिनांक 22/11/2018 को अपने कार्यालय में वापस सुपुर्द किया गया। ये मोबाईल फोन राज्य के बाहर हैदराबाद (तेलंगाना), पंजाब, झारखण्ड, सूरत (गुजरात), बरगढ़ (उडीसा), देवरी (महाराष्ट्र), एवं राज्य के सरायपाली, कांकेर एवं स्थानीय लोगों से रिकवर किये गये हैं।

उल्लेखनीय है कि दुर्ग संभाग में सिटीजन काॅप - मोबाइल एप्लीकेशन के अपग्रेडेड वर्जन के साथ मार्च 2018 में लाॅंच किया गया था, तब से अभी तक सिटीजन काॅप के माध्यम से कुल 126 नग मोबाईल फोन बरामद कर संबंधित मोबाईल धारको को लौटाया जा चुका है। अब तक रिकवर किये गये सभी मोबाईल फोन की कीमत लगभग 14 लाख 50 हजार रूपये के करीब है।।

गुम/चोरी हुए मोबाईल फोन वापस मिलने के कारण लोगों ने मोबाईल फोन वापस मिलने पर खुषी जाहिर करते हुए सिटीजन काॅप मोबाईल एप्प व रेंज पुलिस महानिरीक्षक के द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की है। करीमुद्दीन फरीद अपने मोबाईल वीवो-53आई वापस पाकर सिटीजन काॅप के कार्यषैली की सराहना करते हुए अपने फीडबैक में लिखा है ‘’मेरा मोबाईल खरीदने के एक सप्ताह बाद ही चोरी हो गया था इसलिए इस्तेमाल नही का पाने का अफसोस था। आपके प्रयासों से करीब चार महिने बाद यह मोबाईल मिला है। मुझे इसलिए भी खुषी है कि आपने जिस मोबाईल को खोजकर वापस दिया है उसे मैने अपनी पत्नी को गिफ्ट किया था। मै इसके लिए आपका धन्यवाद और आभार प्रकट करता हूं।’’

Related Images


Share:

नये साल, नव संकल्प हमारा

नये साल, नव संकल्प हमारा


नये साल, नव संकल्प हमारा
"मानवता ही धर्म" के सिद्धांत को अपनाएंगे

सहपाठी सब, भाई बहन हैं
अनवरत, रक्षा का धर्म निभाएंगे।।

न, जाति-धर्म की होंगी बन्धन
"मनखे-मनखे एक समान" हो जाएंगे।।।

राष्ट्रीय सुरक्षा, और गरिमा के लिए
न्यौछावर, प्राण कर जाएंगे।।।।

नये साल ...........



भ्रूण हत्या, भेदभाव के खिलाफ
एक नया, मुहिम चलाएंगे।

"जम्मो जीव हे भाई बरोबर"
को धर्म, अपना बनाएंगे।।

स्वर्ग की कल्पना, साकार करने
सत्य, अहिंसा को अपनाएंगे।।।

शाकाहार, आयुर्वेद के लिए
हम 10-10 पेड़ लगाएंगे।।।।

नये साल ...........


Writer
HP Joshi
Sector 27, Atal Nagar
Raipur, Chhattisgarh
Share:

महिला के द्वारा बैक में रखे गिरवी के जमीन को धोखा देकर अपने नाम करने वाले आरोपी रामकुमार उर्फ काली तथा आर्ची के खिलाफ 420 का मामला दर्ज

महिला के द्वारा बैक में रखे गिरवी के जमीन को धोखा देकर अपने नाम करने वाले आरोपी रामकुमार उर्फ काली तथा आर्ची के खिलाफ 420 का मामला दर्ज

बैंक में बंधक जमीन हडपने वाले आरोपियो पर अपराध कायम, रामकुमार उर्फ काली तथा आर्ची की धोखाधड़ी उजागर 

देना बैंक प्रबंधक की रिपोर्ट पर हुई कार्यवाही, लाखों की धोखाधडी का पर्दाफाश

उतई हथखोज पारा निवासी आवेदिका श्रीमती रमाबाई देषलहरे पति स्व. लखन लाल देशलहरे 60 साल ने पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग के कार्यालय जाकर पुलिस महानिरीक्षक श्री जी.पी. सिंह के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की, कि इसने वर्ष 1985-86 में देना बैंक शाखा दुर्ग से कर्ज लिया था। और इसके पति के नाम की खसरा नंबर 1008 की 20 डिसमिल भूमि बैंक में बंधक रखकर इसके पति लखन लाल जमानतदार थे। लखन लाल की मृत्यु दिनाॅक 23.10.11 को होने के पष्चात् यह ग्राम उतई के पटवारी से संपर्क की, तब इसे पता चला कि बैैंक में बंधक रखी गई भूमि रकबा 0.08 हेक्टेयर किसी रामकुमार राय पिता सी.एल. राय निवासी सेक्टर 07 भिलाई के नाम से दर्ज है। तब यह बैंक से जानकारी लेने गई, बैंक वालों ने इसे बताया कि जमीन तो बैंक में बंधक है। 

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा शिकायत की गंभीरता को देखते हुये थाना प्रभारी उतई को आवेदिका के शिकायत पत्र की सूक्ष्म जाॅच हेतु निर्देषित किया गया था। जाॅच पर पाया गया कि आवेदिका द्वारा वर्ष 1985 में देना बैंक दुर्ग से 02 लाख रूपये का लोन लिया गया था, लोन के एवज में आवेदिका के पति ने अपनी 20 डिसमिल जमीन व ऋण पुस्तिका आदि दस्तावेज बैंक में गिरवी रखा था। लोन समय पर न पटाने के कारण बैंक ने सरफेषी एक्ट के तहत दिसम्बर 2006 में बंधक भूखंड को अपने कब्जे में लिया था। आरोपी रामकुमार राय और आर्ची ने मिलकर उक्त भूमि को ऋण चुका देने का प्रलोभन आवेदिका के पति को देकर देना बैंक का बिना ऋण चुकाये फर्जी दस्तावेज बनाकर बंधक भूमि को पुनः छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक रिसाली में गिरवी रख दिया। इसके पश्चात् छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक का ऋण हड़प कर उपरोक्त बंधक जमीन पुनः भिलाई नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित भिलाई में बंधक रखकर ऋण लिया और फर्जी तरीके से जमीन की एनओसी प्राप्त कर जमीन की रजिस्ट्री रामकुमार राय के नाम से करवा ली गई। जाॅच में पाया गया कि छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक रिसाली से समस्त दस्तावेज बैंक में उपलब्ध नहीं है।  संपूर्ण फर्जी कार्यवाही में आवेदिका के पति को ऋण अदा करने का झूठा आष्वासन देकर इस्तेमाल किया गया। जमीन के मूल कागजात देना बैंक में पूर्व से ही बंधक थे। 

देना बैंक प्रबंधक, बैंक के कब्जे एवं स्वामित्व की भूमि की फर्जी रजिस्ट्री से हतप्रभ हो गये और दिनाॅंक 12.11.18 को थाना उतई जाकर देना बैंक के प्रबंधक सायरा बेगम पिता श्री सफर अली ने आरापियों के विरूद्ध लिखित आवेदन देकर आपराधिक षडयंत्र रचकर अमानत में खयानत व धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराया। बैंक में बंधक जमीन को फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने के कुख्यात आरोपी रामकुमार राय उर्फ काली निवासी सेक्टर 07 भिलाई एवं आर्ची भिलाई के विरूद्व थाना उतई में अपराध क्रं. 428/18 धारा 406, 420, 120 बी भादवि का अपराध पंजीबद्व किया गया है। फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराई गई। भूमि उतई के प्राइम लोकेशन में है, इसी भूमि पर आवेदिका एवं उसके पति के द्वारा रामा टाॅकीज संचालित की जाती थी। भूमि का वर्तमान बाजार मूल्य लाखों का है।
Share:

वाट्सएप्प ग्रुप MyPolice (Help! Me) में जूडने के लिए क्लिक करें ......

वाट्सएप्प ग्रुप MyPolice (Help! Me)  मायपुलिस (हेल्प-मी) में जूडने के लिए लिंक में क्लिक करें 

छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों को पुलिस मार्गदर्शन प्रदान करने, एवं छत्तीसगढ़ पुलिस के मोबाईल एप्प ‘‘सिटीजन काॅप’’ के प्रचार प्रसार हेतु श्री एचपी जोशी द्वारा वाट्सएप्प ग्रुप MyPolice (Help! Me)  मायपुलिस (हेल्प-मी)  बनाया गया है। इस ग्रुप में जूडने के लिए नीचे दिये गये वाट्सएप्प ग्रुप के नाम पर क्लिक करें। MyPolice (Help! Me)  मायपुलिस (हेल्प-मी)  में क्लिक करते ही स्वतः ग्रुप में ज्वाईन हो जाएंगे।



ग्रुप में केवल, एडमिन ही पोस्ट कर सकेगा। यदि सदस्यों के आग्रह पर सभी सदस्यों के लिए ग्रुप ओपन किया जाता है, ऐसी स्थिति में ग्रुप में किसी भी प्रकार से समाजिक, राजनैतिक, धार्मिक पोस्ट स्वीकार्य नही है।
शुभकामना संदेश एवं अन्य संदेश शेयर नही किया जाएगा।
सदस्य अपनी समस्या का निजी तौर पर एडमिन से चैट के माध्यम से अवगत करायेंगे, जिसके लिए अपेक्षित उपाय बताया जाएगा।
ग्रुप में अभद्र भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नही होगा।
संविधान, कानून एवं आईटी एक्ट, का उल्लंघन करने पर पुलिस कार्यवाही की जाएगी।
आपसे आग्रह है कि अपने आसपास हो रहे अपराध की सूचना, व्यक्तिगत रूप से एडमिन को ही दें। यदि सूचना से संबंधित प्रमाण हो, तो बेहतर होगा।
आपसे आग्रह है कि केवल एक ही ग्रुप में जूडें।


Please Share this Link 
Share:

जिला राजनांदगांव में विधानसभा चुनाव - 2018 में 82.52 प्रतिशत मतदान के लिए सुरक्षा बल, मतदान दल एवं मतदाताओं का आभार

जिला राजनांदगांव में विधानसभा चुनाव - 2018 में 82.52 प्रतिशत मतदान के लिए सुरक्षा बल, मतदान दल एवं मतदाताओं का आभार

श्री जीपी सिंह (आईजी दुर्ग) के विशेष मार्गदर्शन एवं श्री कमल लोचन कश्यप (पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव), श्री वायपी सिंह (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नक्सल, राजनांदगांव) के पर्यवेक्षण में केन्द्रीय बलों, राज्य सशस्त्र बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल के अधिकारी/कर्मचारी, नगर सेना, सहायक आरक्षक एवं विशेष पुलिस अधिकारियो के सुरक्षा घेरे में जिला राजनांदगांव के 06 विधानसभा क्षेत्रों में निष्पक्ष, निर्भीक एवं शांतिपूर्ण विधानसभा आम चुनाव - 2018 सम्पन्न हुआ। ज्ञातव्य हो कि जिले में 82.52 प्रतिशत मतदान हुआ और किसी भी प्रकार से नक्सल हिंसा/अप्रिय घटना घटित नही हुआ।

जिला राजनांदगांव अंतर्गत विधानसभा क्षेत्रों के नाम एवं मतदान प्रतिशत
73 Khairagarh - 84.31%
74 Dongargarh - 81.56%
75 Rajnandgaon - 78.66%
76 Dongargaon - 85.81%
77 Khujji - 84.48%
78 Mohla & Manpur - 80.06%

मै (हुलेश्वर जोशी) लोकतंत्र की रक्षा के लिए चुनाव कार्य में लगे सुरक्षा बलों के अधिकारी/कर्मचारियों, मतदान दल एवं आम नागरिकों (मतदाताओं) के सराहनीय योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं।


HP Joshi
Atal Nagar, Chhattisgarh
Mob - 9406003006

Share:

धनतेरस पर दुर्ग आईजी श्री जी.पी. सिंह ने लौटाये 17 नग मोबाईल फोन

धनतेरस पर दुर्ग आईजी श्री जी.पी. सिंह ने लौटाये 17 नग मोबाईल फोन
सिटीजन काॅप के माध्यम से कुल 112 नग मोबाईल फोन बरामद
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), सूल्तानपुर (उत्तर प्रदेश), बालाघाट (मध्य प्रदेश), अहमदनगर (महाराष्ट्र), गोंदिया (महाराष्ट्र), बरगढ़ (उडिसा), आसाम एवं दिल्ली से रिकवर
श्री जी.पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग के निर्देशन में संचालित सिटीजन काॅप सेल द्वारा सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्लीकेशन पर दर्ज मोबाईल फोन के गुम होने की शिकायतों पर कार्यवाही करते हुये 17 नग मोबाईल फोन रिकवर किया गया। श्री सिंह द्वारा इन 17 नग मोबाईल फोन को उनके मूल मालिको को आवश्यक दस्तावेज देखकर आज दिनांक 05/11/2018 को अपने कार्यालय में वापस सुपुर्द किया गया। उल्लेखनीय है कि दुर्ग संभाग में सिटीजन काॅप - मोबाइल एप्लीकेशन के अपग्रेडेड वर्जन के साथ मार्च 2018 में लाॅंच किया गया था, तब से अभी तक सिटीजन काॅप के माध्यम से कुल 112 नग मोबाईल फोन बरामद कर संबंधित मोबाईल धारको को लौटाया जा चुका है। ये सभी 17 नग मोबाईल फोन राज्य के बाहर से गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश), सूल्तानपुर (उत्तर प्रदेश), बालाघाट (मध्य प्रदेश), अहमदनगर (महाराष्ट्र), गोंदिया (महाराष्ट्र), बरगढ़ (उडिसा), आसाम एवं दिल्ली से रिकवर किये गये हैं।
गुम/चोरी हुए मोबाईल फोन धनतेरस के अवसर पर वापस मिलने के कारण लोगों को अत्यधिक खुशी हुई है। लोगों ने मोबाईल फोन वापस मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए सिटीजन काॅप मोबाईल एप्प व रेंज पुलिस महानिरीक्षक के द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की है। विक्रम नाग अपने मोबाईल सैमसंग जे-7 वापस पाकर सिटीजन काॅप के कार्यशैली की सराहना करते हुए अपने फीडबैक में लिखा है ‘वाह क्या बात है ! मै बहुत खुश हुआ, आपके सिटीजन काॅप एप्प के माध्यम से मेरा मोबाईल आज वापस मिला, आपके टीम को बधाईयां। मै तो सोचा था कि अब मुझे ये मोबाईल नही मिलेगा, किन्तु आईजी साहब द्वारा शुरू किये गये इस मोबाईल एप्प के कारण मुझे पुनः प्राप्त हो गया। कृपया सिटीजन काॅप एप्प को बंद न करें, इससे और बहुत लोगों को लाभ मिला है।’’
Share:

Integrity Pledge of Mr. Huleshwar Joshi

Integrity Pledge of Mr. Huleshwar Joshi


I, (Huleshwar Joshi) believe that corruption has been one of the major obstacles to economic, political and social progress of our country. I believe that all stakeholders such as Government, citizens and private sector need to work together to eradicate corruption.

I, (Huleshwar Joshi) realise that every citizen should be vigilant and commit to highest standards of honesty and integrity at all times and support the fight against corruption.

I, (Huleshwar Joshi) therefore, pledge:
  • To follow probity and rule of law in all walks of life.
  • To neither take nor offer bribe.
  • To perform all tasks in an honest and transparent manner.
  • To be accountable for my actions.
  • To act in public interest.
  • To lead by example exhibiting integrity in personal behaviour.
  • To report any incident of corruption to the appropriate agency.
Huleshwar Joshi
Atal Nagar (Capital of Chhattisgarh)
District Raipur, Chhattisgarh



Share:

दुर्ग रेंज आईजी और कमिश्नर दुर्ग द्वारा कबीरधाम जिले में संयुक्त बैठक लेकर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की गई

दुर्ग रेंज आईजी और कमिश्नर दुर्ग द्वारा कबीरधाम जिले में संयुक्त बैठक लेकर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की गई
प्रदेश में निष्पक्ष, निर्भिक एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराने व चुनाव तैयारियों का जायजा लेने कबीरधाम जिले के दौरे पर निकले पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज श्री जी. पी. सिंह तथा कमिश्नर दुर्ग, श्री दिलीप वासनीकर आज दिनांक 16.10.18 को कबीरधाम जिले के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होनें कबीरधाम जिले में चुनाव तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली गई। जिसमें जिला कलेक्टर/पुलिस अधीक्षक सहित निर्वाचन कार्य में संलग्न सभी स्टेक होल्डर विभागों के अधिकारी/कर्मचारी शामिल हुए।
मीटिंग में संबंधित जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा चुनाव हेतु अब तक की गई तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के उपरांत रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग श्री जी. पी. सिंह ने समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि :-
आदर्श आचार संहिता का पालन:- भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव-2018 के मतदान तिथियों की घोषणा के उपरांत पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। अतः पुलिस/प्रशासनिक अधिकारीगण सुनिश्चित करें कि जिले में पूरी तरह से आचार संहिता का पालन हो। किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी द्वारा आचार संहिता के तहत निर्धारित मापदण्ड का यदि पालन नही किया जाता है तो उनके विरूद्ध तत्काल वैधानिक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।
Incident Free Polling %& Incident Free Polling हमारा प्रथम लक्ष्य है। चुनाव के दौरान सभी स्टेक होल्डर विभागों के मध्य बेहतर समन्वय हो ताकि किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति निर्मित ही न होने पाए। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी छोटी-सी-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लेकर तत्काल यथोचित वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करें। पुलिस की व्हिजिबिलिटी बढाई जावे तथा कार्यप्रणाली में कसावट लाई जावे। चुनाव के दौरान सुरक्षा संबंधी मामूली से मामूली चूक अथवा असावधानी को गंभीरता से लिया जाता है, अतएव संवेदनशील क्षेत्रों में इन्सीडेंट-फ्री पोलिंग हेतु मतदान केन्द्र, मतदान दल एवं मतदान सामग्री की समुचित सुरक्षा योजना पूर्व से सुनिश्चित कर लें।
महत्वपूर्ण व्यक्तियों एवं उम्मीदवारों की सुरक्षा:- चुनाव के दौरान जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में आमसभा, जुलूस एवं प्रचार प्रसार के दौरान अतिविशिष्ट/विशिष्ट व्यक्तियों, स्टाॅर प्रचारकों एवं उम्मीदवारों को सुरक्षा खतरों के आधार पर पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जावे। उम्मीदवारों एवं महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत चूनौतिपूर्ण होगा, अतः जिला निर्वाचन अधिकारी/पुलिस अधीक्षक सभी दलों एवं निर्दलीय उम्मीदवारों से उनके भ्रमण, कार्यक्रम, रैलियों एवं चुनाव प्रचार की जानकारी पर्याप्त समय पूर्व प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। इस हेतु संबंधितों की बैठक लेकर उन्हें अवगत करावें कि उनकी सुरक्षा के लिये ही यह व्यवस्था बनाई गई है, अतएव सहयोग करते हुए अपने कार्यक्रमों की पूर्व से जानकारी दें, ताकि तदनुरूप आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
मोबाईल चेक-पोस्ट:- मोबाईल चेक-पोस्ट लगाकर बाहर से आने वाले वाहनों की प्रभावी चेकिंग सुनिश्चित की जावे तथा रजिस्टर में संबंधितों की जानकारी जैसे उसका नाम, पता, मोबाईल नंबर, वाहन नंबर, वाहन का प्रकार एवं गंतव्य स्थल आदि का विवरण दर्ज किया जाकर आवश्यकतानुसार तसदीकी कराई जावे।
आकस्मिक कार्ययोजना:- चुनाव के दौरान बनने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आंकलन कर कार्ययोजना तैयार कर लें। इसके लिये पर्याप्त संख्या में रिजर्व बल, क्यूआरटी आदि पृथक से तैयार स्थिति में रखी जावे, ताकि सूचना पर न्यूनतम समय में कार्यवाही की जा सके। पुलिस अधीक्षक कबीरधाम को नक्सल प्रभावित मतदान केन्द्रों को सुरक्षा की दृष्टि से किस प्रकार सेनेटाइज किया जाए एवं ऐसे मतदान केन्द्र जहाॅं संचार के साधन/मोबाईल कनेक्टीविटी की सुविधा नही है, उन क्षेत्रों में वैकल्पिक कम्यूनिकेशन की कार्ययोजना बनाये जाने के निर्देष दिये गये। संवेदनशील एवं विशेषकर नक्सल क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलिंग, आरओपी एवं एरिया डाॅमिनेशन कराया जावे।
फ्लैग मार्च:- फ्लैग मार्च निकालकर जनमानस में सुरक्षा एवं पुलिस के प्रति पाॅजिटिव माहौल सुनिश्चित करें, ताकि आम मतदाता भयमुक्त सकारात्मक माहौल से प्रेरित होकर अधिक से अघिक मतदान में भाग लेकर अपने प्रजातांत्रिक अधिकारों का उपयोग कर सके और मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो।
केन्द्रीय बलों के लिए लाॅजिस्टिक व्यवस्था एवं प्रशिक्षण :- चुनाव के दौरान बाहर से आने वाले केन्द्रीय बलों की लाॅजिस्टिक व्यवस्था, जैसे आवास, बिजली, परिवहन, टाॅयलेट, पेय/निस्तार हेतु जल व्यवस्था, चिकित्सा एवं वेलफेयर से संबंधित अन्य समुचित व्यवस्थायें पूर्व से सुनिश्चित कर लें। ताकि, केन्द्रीय बलों के आवास एवं मूव्हमेंट में कठिनाई न हो। केन्द्रीय बलों के प्रशिक्षण व एरिया फेमिलाइजेशन आदि कार्य हेतु जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर क्षेत्र की भौगोलिक-सामाजिक स्थिति एवं संवेदनशीलता के संबंध में ज्यादा से ज्यादा ब्रीफिंग दी जावे, ताकि वे यहां की परिस्थितियों से वाकिफ होकर बिना किसी कठिनाई के दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
मतदान केन्द्रों की सुरक्षा व्यवस्था:- सभी मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर उसकी उपयुक्तता की समीक्षा कर, सुरक्षा व्यवस्था की प्लानिंग कर लें। मतदान दलों की सुरक्षा व्यवस्था, मुव्हमेंट एवं अन्य व्यवस्थाओं की पूर्व से कार्ययोजना बना लें तथा चुनाव कार्य में लगे समस्त बलों को सुरक्षा संबंधी खतरों के संबंध में ब्रीफिंग एवं डी-ब्रीफिंग की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे।
प्रतिबंधात्मक कार्यवाही:- अपराधों में नियंत्रण के लिए प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् प्रभावी कार्यवाही एक कारगर उपाय होता है, अतः प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् अधिक-से-अधिक कार्यवाही कराई जावे। शराब पीकर वाहन चलाने वाले व्यक्तियों, तीन सवारी, ओवर स्पीड, बिना हेलमेट और बिना नंबर प्लेट, के साथ ही नाबालिक वाहन चालकों पर कडी कार्यवाही कराई जावे।
अवैध शराब पर रोकथाम व बार्डर सीलिंग:- चुनाव के दौरान शराब के अवैध परिवहन एवं डंपिंग होने की पूर्ण संभावना है। अतएव सीमावर्ती क्षेत्रों में सत्त निगरानी रखी जावे तथा चिन्हांकित स्थानों पर प्रभावी नाकेबंदी की जावे, ताकि शराब अथवा अन्य मादक द्रव्यों का अवैध परिवहन न हो सके। वहीं असमाजिक तत्वों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग एवं वैधानिक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे। जिसके तहत होटल, ढाबों, लाॅज, धर्मशालाओं, टैक्सी/बस स्टैण्ड की नियमित चेकिंग कराई जावे। संचालकों को भी हिदायत दी जावे कि यदि किसी भी प्रकार के संदिग्ध व्यक्ति/वस्तुओं की जानकारी उनके संज्ञान में आती है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जावे।
श्री सिंह ने अंत में कहा कि विधानसभा चुनाव 2018 हेतु पुलिस प्रशासन को आम नागरिकों के लिये सुरक्षा का ऐसा वातावरण निर्मित करना होगा, जिससे आम मतदाता निर्भिक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
श्री दिलीप वासनीकर, आयुक्त दुर्ग संभाग द्वारा भी स्टेक होल्डर विभागों के अधिकारियों को चुनाव के दौरान आपसी तालमेल से काम करने की हिदायत दी गई एवं निर्देशित किया गया कि:-
  • चुनाव की तिथि घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता का पालन करना और कराना पुलिस एवं जिला प्रशासन की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। अतः सुनिश्चित किया जावे कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की स्थिति न बने तथा इस तरह की छोटी सी छोटी घटना पर त्वरित विधिसंगत कार्यवाही हो। मतदान में गडबडी वाले संभावित क्षेत्रों को पूर्व से चिन्हांकित कर, वहां पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जावे।
  • चुनावी सभाओं, रैलियों एवं कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराई जावे। 
  • आमसभा/रैली/रोड शो/जुलूस व लाॅउड स्पीकर के उपयोग की अनुमति देने के पूर्व सुनिश्चित कर लें कि दो राजनैतिक दलों/उम्मीदवारों के कार्यक्रम समय में पर्याप्त अंतर हो। एक समय में एक ही स्थल/चौक से दो अथवा दो से अधिक रैलियां/कार्यक्रम न हो।


Share:

सिटीजन काॅप पुलिस की कार्यप्रणाली को आम लोगों के लिए बनाती है सरल

सिटीजन काॅप पुलिस की कार्यप्रणाली को आम लोगों के लिए बनाती है सरल
लंबित शिकायतों की समीक्षा कर, तय समय सीमा में निकाल हेतु आईजी दुर्ग ने दिये निर्देश
07 दिवस के भीतर शिकायतों की जांच एवं निराकरण का निर्देश
श्री जी.पी. सिंह, रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग द्वारा, दुर्ग रेंज के जिलों में लंबित शिकायतों की समीक्षा हेतु आज दिनांक 13/10/2018 को आईजी कार्यालय दुर्ग में बैठक ली। जिसमें संभाग के सभी जिलों से शिकायत संबंधी कार्यों का पर्यवेक्षण करने वाले राजपत्रित अधिकारीगण लंबित शिकायतों की सूची लेकर उपस्थित हुए।
समीक्षा क्रम में रेंज आईजी श्री जी. पी. सिंह द्वारा सभी पांचों जिलों में लंबित शिकायतों की पृथक-पृथक समीक्षा की। जिसके अनुसार जिला दुर्ग में 565, राजनांदगांव में 49, बालोद में 37, बेमेतरा में 22 और कबीरधाम में 19 इस प्रकार पूरे रेंज स्तर पर कुल 692 शिकायतें लंबित होना पाया गया।
आईजी श्री सिंह ने जिला स्तर पर शिकायतों के निराकरण में बरती जा रही शिथिलता को गंभीरता से लेते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पर्यवेक्षणीय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों की जांच एवं निराकरण एक तय समय सीमा में हो। उन्होंने कहा कि Lalita Kumari vs Govt. of U.P. [W.P.(Crl) No - 68/2008] के प्रकरण में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 07 दिवस के भीतर शिकायतों की जांच एवं निराकरण का निर्देश दिया गया है। जिसका पालन सुनिश्चित किया जावे।
श्री सिंह ने कहा कि बेहतर पुलिसिंग और शिकायतों के निराकरण में प्रो-एक्टिव एप्रोच होनी चाहिए। पर्यवेक्षणीय अधिकारी के कार्यालय में समीक्षा की परम्परा नही होने के कारण ही शिकायतें लंबित होती है, इसलिए समीक्षा की परम्परा बनायें। यदि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही या शिथिलता पाई जाती है, तो ऐसे जांच अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे।
श्री सिंह ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सिटीजन काॅप - मोबाईल एप के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं एवं शिकायतों को भी संज्ञान में लें तथा उस पर त्वरित कार्यवाही करावें। सिटीजन काॅप पुलिस की कार्यप्रणाली को केवल आम लोगों के लिए सरल ही नही बनाती है, वरन् पुलिस को अनावश्यक कागजी कार्यवाही के बंधन से भी मुक्त करती है तथा आम जनता को अपनी शिकायत लेकर थाने अथवा पुलिस अधिकारी तक जाने की कतई आवश्यकता नहीं होती। जिसकी वजह से रेंज की जनता ने इसको अच्छा रिस्पांस दिया है। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी करावें, ताकि अधिसंख्य आम जनता इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
Share:

छोटी-सी-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लेकर तत्काल कार्यवाही करें

छोटी-सी-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लेकर तत्काल कार्यवाही करें


दुर्ग रेंज आईजी और कमिशनर दुर्ग द्वारा बेमेतरा जिले में बैठक लेकर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की गई


प्रदेश में निष्पक्ष, निर्भिक एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराने व चुनाव तैयारियों का जायजा लेने रेंज के जिलो के दौरे पर निकले पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज श्री जी. पी. सिंह तथा कमिशनर दुर्ग संभाग श्री दिलीप वासनीकर आज दिनांक 12.10.18 को बेमेतरा जिले के प्रवास पर रहे। इस संयुक्त दौरे मे बेमेतरा जिला मुख्यालय में चुनाव तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली गई। जिसमें संबंधित जिला कलेक्टर/पुलिस अधीक्षक सहित निर्वाचन कार्य में संलग्न सभी स्टेक होल्डर विभागों के अधिकारी/कर्मचारी शामिल हुए। बैठक के बाद आईजी श्री सिंह व कमिशनर श्री वासनीकर बेमेतरा के एक मतदान केन्द्र कोदवा, प्राथमिक स्कूल एवं प्रस्तावित स्ट्रांग रूम का भ्रमण किया तथा पुलिस अधीक्षक, बेमेतरा को सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में निर्देशित किया गया।

मीटिंग में संबंधित जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा चुनाव हेतु अब तक की गई तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के उपरांत रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग श्री जी. पी. सिंह ने समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि:-
ऽ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव-2018 के मतदान तिथियों की घोषणा के उपरांत पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। अतः पुलिस/प्रशासनिक अधिकारीगण सुनिश्चित करें कि जिले में पूरी तरह से आचार संहिता का पालन हो। किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी द्वारा आचार संहिता के तहत निर्धारित मापदण्ड का यदि पालन नही किया जाता है तो उनके विरूद्ध तत्काल वैधानिक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।
ऽ Incident free Election हमारा प्रथम लक्ष्य है। चुनाव के दौरान सभी स्टेक होल्डर विभागों के मध्य बेहतर समन्वय हो ताकि किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति निर्मित ही न होने पाए। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी छोटी-सी-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लेकर तत्काल यथोचित वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करें। पुलिस की व्हिजिबिलिटी बढाई जावे तथा कार्यप्रणाली में कसावट लाई जावे।
ऽ फ्लैग मार्च निकालकर जनमानस में सुरक्षा एवं पुलिस के प्रति पाॅजिटिव माहौल सुनिश्चित करें, ताकि आम मतदाता भयमुक्त सकारात्मक माहौल से प्रेरित होकर अधिक से अघिक मतदान में भाग लेकर अपने प्रजातांत्रिक अधिकारों का उपयोग कर सके और मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो।
ऽ चुनाव के दौरान बाहर से आने वाले केन्द्रीय बलों की लाॅजिस्टिक व्यवस्था, जैसे आवास, बिजली, परिवहन, टाॅयलेट, पेय/निस्तार हेतु जल व्यवस्था, चिकित्सा एवं वेलफेयर से संबंधित अन्य समुचित व्यवस्थायें पूर्व से सुनिश्चित कर लें। ताकि, केन्द्रीय बलों के आवास एवं मूव्हमेंट में कठिनाई न हो।
ऽ केन्द्रीय बलों के प्रशिक्षण व एरिया फेमिलाइजेशन आदि कार्य हेतु जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर क्षेत्र की भौगोलिक- सामाजिक स्थिति एवं संवेदनशीलता के संबंध में ज्यादा से ज्यादा ब्रीफिंग दी जावे, ताकि वे यहां की परिस्थितियों से वाकिफ होकर बिना किसी कठिनाई के दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
ऽ चुनाव के दौरान जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में आमसभा, जुलूस एवं प्रचार प्रसार के दौरान अतिविशिष्ट/विशिष्ट व्यक्तियों, स्टाॅर प्रचारकों एवं उम्मीदवारों को सुरक्षा खतरों के आधार पर पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जावे। उम्मीदवारों एवं महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत चूनौतिपूर्ण होगा, अतः जिला निर्वाचन अधिकारी/पुलिस अधीक्षक सभी दलों एवं निर्दलीय उम्मीदवारों से उनके भ्रमण, कार्यक्रम, रैलियों एवं चुनाव प्रचार की जानकारी पर्याप्त समय पूर्व प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। इस हेतु संबंधितों की बैठक लेकर उन्हें अवगत करावें कि उनकी सुरक्षा के लिये ही यह व्यवस्था बनाई गई है, अतएव सहयोग करते हुए अपने कार्यक्रमों की पूर्व से जानकारी दें, ताकि तदनुरूप आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
ऽ सभी मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर उसकी उपयुक्तता की समीक्षा कर, सुरक्षा व्यवस्था की प्लाानिंग कर लें। मतदान दलों की सुरक्षा व्यवस्था, मुव्हमेंट एवं अन्य व्यवस्थाओं की पूर्व से कार्ययोजना बना लें तथा चुनाव कार्य में लगे समस्त बलों को सुरक्षा संबंधी खतरों के संबंध में ब्रीफिंग एवं डी-ब्रीफिंग की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे।
ऽ अपराधों में नियंत्रण के लिए प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् प्रभावी कार्यवाही एक कारगर उपाय होता है, अतः प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् अधिक-से-अधिक कार्यवाही कराई जावे। शराब पीकर वाहन चलाने वाले व्यक्तियों, तीन सवारी, ओवर स्पीड, बिना हेलमेट और बिना नंबर प्लेट, के साथ ही नाबालिक वाहन चालकों पर कडी कार्यवाही कराई जावे।
ऽ मोबाईल चेक-पोस्ट लगाकर बाहर से आने वाले वाहनों की प्रभावी चेकिंग सुनिश्चित की जावे तथा रजिस्टर में संबंधितों की जानकारी जैसे उसका नाम, पता, मोबाईल नंबर, वाहन नंबर, वाहन का प्रकार एवं गंतव्य स्थल आदि का विवरण दर्ज किया जाकर आवश्यकतानुसार तसदीकी कराई जावे।
ऽ चुनाव के दौरान शराब के अवैध परिवहन एवं डंपिंग होने की पूर्ण संभावना है। अतएव सीमावर्ती क्षेत्रों में सत्त निगरानी रखी जावे तथा चिन्हांकित स्थानों पर प्रभावी नाकेबंदी की जावे, ताकि शराब अथवा अन्य मादक द्रव्यों का अवैध परिवहन न हो सके। वहीं असमाजिक तत्वों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग एवं वैधानिक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे। जिसके तहत होटल, ढाबों, लाॅज, धर्मशालाओं, टैक्सी/बस स्टैण्ड की नियमित चेकिंग कराई जावे। संचालकों को भी हिदायत दी जावे कि यदि किसी भी प्रकार के संदिग्ध व्यक्ति/वस्तुओं की जानकारी उनके संज्ञान में आती है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जावे।
ऽ चुनाव के दौरान बनने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आंकलन कर कार्ययोजना तैयार कर लें। इसके लिये पर्याप्त संख्या में रिजर्व बल, क्यूआरटी आदि पृथक से तैयार स्थिति में रखी जावे, ताकि सूचना पर न्यूनतम समय में कार्यवाही की जा सके।
ऽ चुनाव के दौरान सुरक्षा संबंधी मामूली से मामूली चूक अथवा असावधानी को गंभीरता से लिया जाता है, अतएव संवेदनशील क्षेत्रों में इन्सीडेंट-फ्री पोलिंग हेतु मतदान केन्द्र, मतदान दल एवं मतदान सामग्री की समुचित सुरक्षा योजना पूर्व से सुनिश्चित कर लें।

श्री सिंह ने अंत में कहा कि विधानसभा चुनाव 2018 हेतु पुलिस प्रशासन को आम नागरिकों के लिये सुरक्षा का ऐसा वातावरण निर्मित करना होगा, जिससे आम मतदाता निर्भिक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

श्री दिलीप वासनीकर, आयुक्त दुर्ग संभाग द्वारा भी स्टेक होल्डर विभागो के अधिकारियों को चुनाव के दौरान आपसी तालमेल से काम करने की हिदायत दी गई एवं निर्देशित किया गया कि:-
ऽ चुनाव की तिथि घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता का पालन करना और कराना पुलिस एवं जिला प्रशासन की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। अतः सुनिश्चित किया जावे कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की स्थिति न बने तथा इस तरह की छोटी सी छोटी घटना पर त्वरित विधिसंगत कार्यवाही हो। मतदान में गडबडी वाले संभावित क्षेत्रों को पूर्व से चिन्हांकित कर, वहां पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जावे।
ऽ चुनावी सभाओं, रैलियों एवं कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराई जावे।
ऽ आमसभा/रैली/रोड शो/जुलूस व लाॅउड स्पीकर के उपयोग की अनुमति देने के पूर्व सुनिश्चित कर लें कि दो राजनैतिक दलों/उम्मीदवारों के कार्यक्रम समय में पर्याप्त अंतर हो। एक समय में एक ही स्थल/चौक से दो अथवा दो से अधिक रैलियां/कार्यक्रम न हो।

Related Image :


Share:


सबसे अधिक बार पढ़ा गया लेख


यह वेबसाइट /ब्लॉग भारतीय संविधान की अनुच्छेद १९ (१) क - अभिव्यक्ति की आजादी के तहत सोशल मीडिया के रूप में तैयार की गयी है।
यह वेबसाईड एक ब्लाॅग है, इसे समाचार आधारित वेबपोर्टल न समझें।
इस ब्लाॅग में कोई भी लेखक/कवि/व्यक्ति अपनी मौलिक रचना और किताब निःशुल्क प्रकाशित करवा सकता है। इस ब्लाॅग के माध्यम से हम शैक्षणिक, समाजिक और धार्मिक जागरूकता लाने तथा वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रयासरत् हैं। लेखनीय और संपादकीय त्रूटियों के लिए मै क्षमाप्रार्थी हूं। - श्रीमती विधि हुलेश्वर जोशी

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें?

Blog Archive