जिला नारायणपुर: नव पदस्थ यातायात प्रभारी श्री दीपक साव ने ली स्थानीय पत्रकारों की बैठक

जिला नारायणपुर: नव पदस्थ यातायात प्रभारी श्री दीपक साव ने ली स्थानीय पत्रकारों की बैठक

पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर श्री यू. उदय किरण, भापुसे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर श्री नीरज चन्द्राकर के निर्देशानुसार आज दिनांक 30.09.2021 को नव पदस्थ यातायात प्रभारी श्री दीपक साव द्वारा जिला नारायणपुर के स्थानीय पत्रकारों की मीटिंग ली गई। उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में पूर्व यातायात प्रभारी श्री प्रदीप जोशी के स्थानांतरण के बाद श्री साव को रक्षित निरीक्षक, रक्षित केन्द्र, नारायणपुर के प्रभार के साथ-साथ नारायणपुर यातायात का प्रभारी बनाया गया है। श्री साव ने यातायात प्रबंधन में पत्रकारिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "बेहतर यातायात प्रबंधन के लिये यातायात पुलिस अधिकारियों के अलावा स्थानीय नागरिकों में जागरूकता का होना आधारभूत और अनिवार्य तत्व है। श्री साव ने आगे कहा कि समाज को जागरूक करने में पत्रकारिता और सामाजिक संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान होता है।"

श्री साव ने पत्रकार साथियों से यातायात व्यवस्था की बेहतरी के लिये समस्याओं से संबंधित सुझाव लेकर कुछ नये समस्याओं और जटिलताओं से रू-ब-रू हुये तथा इसके शीघ्रता से निदान करने की आवश्वासन दिया गया। पत्रकारगण सर्व सम्मति से यातायात जागरूकता लाने के लिये नारायणपुर यातायात पुलिस का हरसंभव सहयोग करने की सहमति दी गई।

नारायणपुर यातायात द्वारा आयोजित इस बैठक में श्री सुनील राठौर, श्री हेमंत संचेती, डाॅ. वली आजाद, श्री इमरान खान, श्री अभिषेक बैनर्जी, श्री रवि साहू, श्री शेख महमूद, श्री असफाक अहमद, श्री बिंदेश पात्र, श्री संतराम उसेण्डी, श्री संजय राय, सहित अन्य सम्माननीय पत्रकारगण उपस्थित रहे।
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नारायणपुर पुलिस की अभिनव पहलः रक्षित केन्द्र में 01 अक्टूबर से उप निरीक्षक और आरक्षक भर्ती के लिये निःशूल्क कोचिंग (फिजिकल अभ्यास और लिखित परीक्षा की तैयारी) प्रारंभ

नारायणपुर पुलिस की अभिनव पहलः रक्षित केन्द्र में 01 अक्टूबर से उप निरीक्षक और आरक्षक भर्ती के लिये निःशूल्क कोचिंग (फिजिकल  अभ्यास और लिखित परीक्षा की तैयारी) प्रारंभ 

पुलिस अधीक्षक श्री यू. उदय किरण IPS के निर्देशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज चन्द्राकर के मार्गदर्शन में 01 अक्टूबर 2021 से रक्षित केन्द्र, नारायणपुर में उप निरीक्षक और आरक्षक भर्ती के लिये निःशूल्क कोचिंग (फिजिकल अभ्यास और लिखित परीक्षा की तैयारी) प्रारंभ किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जिला मुख्यालय नारायणपुर एवं आसपास के युवक, युवती शामिल होकर अपना स्कील बढ़ा सकते हैं ताकि भर्ती में उप निरीक्षक संवर्ग और आरक्षक भर्ती में नियोजित होने में आसानी हो। कोचिंग में शामिल होने वाले युवाओं को पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण एवं एक्सपर्ट सुझाव दिये जायेंगे। 

ज्ञातव्य हो कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग तथा प्लाटून कमाण्डर के 975 पदों पर भर्ती के लिये विज्ञापन जारी की गई है, जिसके लिये छत्तीसगढ़ के मूल निवासी स्नातक अभ्यार्थी दिनांक 01/10/2021 से 31/10/2021 तक फार्म से आनलाईन फार्म भर सकते हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा बस्तर संभाग के जिलों के लिये आरक्षक संवर्ग के 2800 पदों पर शीघ्र भर्ती किया जाना प्रस्तावित है, जिसमें स्थानीय युवाओं को अवसर मिलेगा।


अधिक जानकारी के लिए निम्नांकित नंबर्स में संपर्क करें.........
श्री अनुज कुमार, एस.डी.ओ.पी., नारायणपुर

श्री दीपक साव, रक्षित निरीक्षक - 9479194589
श्री मालिक राम, निरीक्षक - 7647007767
श्री आकाश मशीह, उप निरीक्षक - 7771061699
श्री नीलकमल दिवाकर, सहायक उप निरीक्षक  - 9425546429
श्री ईश्वरी दिवाकर - 7879942459
श्री हुलेश्वर जोशी - 9826164156
श्री गणेश यादव - 9479151292
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छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल और जिला पुलिस बल में सेवा की आज सोलह साल पूरे होने पर श्री हुलेश्वर प्रसाद जोशी की नियुक्ति पूर्व से लेकर आज तक के कुछ फोटोज

छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल और जिला पुलिस बल में सेवा की आज सोलह साल पूरे होने पर श्री हुलेश्वर प्रसाद जोशी की नियुक्ति पूर्व से लेकर आज तक के कुछ फोटोज

नियुक्ति पूर्व फोटो:





प्रथम नियुक्ति 23 सितम्बर 2005 के बाद 5वी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जगदलपुर (आरक्षक 701)









स्थानांतरण में व्हीआईपी सुरक्षा बटालियन माना-रायपुर में आरक्षक पद के दौरान (आरक्षक 437)








प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नति उपरांत व्हीआईपी सुरक्षा बटालियन माना -रायपुर में (प्रधान आरक्षक 437)






छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (व्हीआईपी सुरक्षा बटालियन माना-रायपुर) से जिला पुलिस बल, जिला नारायणपुर में स्थानांतरण उपरांत (प्रधान आरक्षक 528)



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जीत फाउण्डेशन द्वारा गुड़रीपारा-नारायणपुर में किया गया सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

जीत फाउण्डेशन द्वारा गुड़रीपारा-नारायणपुर में किया गया सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

जीत फाउण्डेशन के अध्यक्ष डाॅ. संगीता शुक्ला द्वारा आज दिनांक 23.09.2021 को गुड़रीपारा-नारायणपुर में सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें नक्सल प्रभावित परिवारों के लगभग 60-70 बच्चे और 30 महिलाओं सहित लगभग 120 लोग शामिल हुए। डाॅ. संगीता शुक्ला ने महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से अथवा स्व-सहायता समूह बनाकर शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार अपनाने की अपील की तथा उक्त आशय की जानकारी दी। संस्था के माध्यम से कुछ जरूरतमंद महिलाओं को उपहार स्वरूप साड़ियाँ दी गई। उन्होंने छोटे बच्चों से बात कर पढ़ाई करने के लिये प्रोत्साहित करते हुए चाॅकलेट-बिस्किट, पेन, काॅपी, शर्ट और पेंट बांटी। जागरूकता कार्यक्रम के अंत में महिलाओं, बच्चों और उपस्थित सभी लोगों को भोजन कराया गया।

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जातक प्रश्न : मेरी पत्नी मुझसे झगड़ा करती है और चैन की नींद सो जाती है, परन्तु मुझे नींद नहीं आती है। ऐसा क्या करूँ कि मुझे भी कोई फर्क न पड़े?

जातक प्रश्न : मेरी पत्नी मुझसे झगड़ा करती है और चैन की नींद सो जाती है, परन्तु मुझे नींद नहीं आती है। ऐसा क्या करूँ कि मुझे भी कोई फर्क न पड़े?

"पति-पत्नी का झगड़ा दो या दो से अधिक राजाओं के बीच की युद्ध नहीं है, जिसमें आपके लिए किसी भी शर्त में युध्द जीतना आवश्यक हो।" माता श्यामा देवी

माता श्यामा देवी की तर्क पढ़ने के बाद आपको पता चल चुका होगा कि आपको अपने जीवनसाथी से जीतने की जरूरत नहीं है। मैं आपको दूसरा परिभाषा भी बता देना चाहता हूँ जिसमें श्री मालिक जोशी ने कहा था "मेरे लिये मेरी पत्नी और मेरी माँ समस्त तीर्थों से अधिक श्रेष्ठ और पवित्र है।" उन्होंने ये भी कहा था कि "सामान्यतः जीवनसाथी के बिना बेहतर जीवन की कल्पना मूर्खतापूर्ण है।" मेरा व्यक्तिगत रूप से यही मानना है कि "हर इंसान की सामान्यतः एक जैसी प्राकृतिक आचरण होती है, समय काल और परिस्थितियों के अनुसार हम जिन आचरण को सही या ग़लत समझने की अवधारणा बना लेते हैं अधिकतर मामलों में हमारा दर्शन या यह कहें कि हमारा पैमाना अधूरा अथवा गलत होता है।"

आपको किसी निष्कर्ष में ले जाने के पहले यह भी क्लीयर बता देना चाहता हूँ कि यदि आप ये सोचते हों कि आपकी जीवनसाथी गलत है तो ख़्याल रखिए ये आपकी भ्रम मात्र है। यदि आप विवाह विच्छेद के विकल्प का चुनाव करने की सोच रहे हैं तो आपको बता देना चाहता हूँ कि आप जिनसे विवाह करने की सोच रहे हैं वह किसी नेटवर्क प्रदाता कंपनी का रिचार्ज वाउचर नहीं है जो यह गारंटी देता हो कि अमुक रिचार्ज में कितने दिन की वैधता होगी, कितने घंटे या कितने मिनट की कॉलिंग फैसिलिटी और कितना MB या GB डेटा होगी।

अब आपके पास प्रमुख रूप से तीन परिभाषा और अँगूठाछाप लेखक, अबोध विचारक के बईसुरहा दर्शन का तर्क हैं। इन सभी बिंदुओं पर बुद्धि लगाने से सम्भव है आपको भी यही निष्कर्ष मिले कि आपकी यही जीवनसाथी बेहतर साबित हो सकता है। थोड़ा प्रयास करिये उन्हें थोड़ा समय दीजिये, थोड़ा विश्वास करिये। मैं एक अच्छे शुभचिंतक के रूप में आपको यही सलाह दूँगा कि अपने जीवनसाथी के छोटी मोटी गलतियों को अनदेखा करने, उन्हें माफ़ करने और बिना गलती के माफ़ी मांगने की आदतों को अपने आचरण में शामिल कर लीजिए। मैं आपको पुनः सलाह देने के पूर्व बता देना चाहता हूँ कि "किसी भी युध्द में आपके प्रतिद्वंद्वी को कितना अधिक हानि अथवा क्षति पहुंची ये परिणाम मायने नहीं रखता; बल्कि मायने तो इस बात की है कि इससे आपको क्या-क्या हानि हुआ।" पति-पत्नी के बीच की झगड़े में तो आप ही अपने सेनापति हैं और आपकी जीवनसाथी आपके अपने ही सैनिक हैं फिर युध्द का परिणाम चाहे जो भी हो, हानि तो आपको ही होनी है।

मैं अंत में आपको यही सलाह देना चाहता हूँ कि आप युध्द की स्थिति से बचें; घर से बाहर उद्यान घूमने चले जाएं। बच्चों के साथ खेलने लग जाये या फिर कपिल शर्मा के शो देख लें। आप चाहें तो अपने मोबाइल में हैडफोन लगाकर भारी भरकम आवाज में आँख बंद करके अपनी पसंदीदा गाने सुनें।

स्पेसिली जब आपको नींद न आये तब भी आप अपने मोबाइल में हैडफोन लगाकर भारी भरकम आवाज में आँख बंद करके या कम्बल ओढ़कर अपनी पसंदीदा गाने सुनें।

धर्मगुरु हुलेश्वर बाबा
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बहनों और बेटियों के नाम संदेश; बालिकाएँ ख़ासकर अविवाहित लड़कियाँ इन तेरह सुझाव को जरूर पढ़ें ...

बहनों और बेटियों के नाम संदेश; बालिकाएँ और लड़कियाँ इसे जरूर पढ़ें ...

मैं इसके  (लेख के )माध्यम से केवल १३ सुझाव दे रहा हूँ क्योंकि ये तेरह सुझाव आपके (तेरे / तेरा) जीवन को बेहतरीन बनाने के लिए कारगर साबित होने वाले हैं। 

बालिकाएँ, ख़ासकर अविवाहित लड़कियाँ जिसमें मेरी बहनें और बेटियाँ भी शामिल हैं, उनसे अनुरोध है कि वे:  

1- अपनी सारी मर्यादाओं, धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक नियमों को ख़ुद के अनुसार स्वयं ही तय करें; दूसरे के तय किये गए की नकल करना बुद्धिमानी नहीं है।

2- आपकी जीवन दुनियाभर के सभी जीवन में सबसे अधिक अनमोल और महत्वपूर्ण है तथा आपकी आज़ादी आपके जीवन के लिए आवश्यक और अनिवार्य तत्व है।

3- कभी भी किसी भी शर्त में ग़ुलामी स्वीकार न करें; बिना सोचे समझे दूसरे की बातों में आना, चुगली का शिकार होना भी मानसिक ग़ुलामी ही है।

4- यदि आप विवाह करने वाले हैं तो उसके पहले आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित कर लें। अपने से कम उम्र, ओहदे और शिक्षा वाले लड़के को ही जीवनसाथी बनाएँ ताकि आपके साथ प्रताड़ना की संभावना कम हो और जीवन में सारे अनिवार्य आज़ादी मिलता रहे।

5- पुरुष प्रधान सामाजिक मानसिकता को त्यागें। पति परमेश्वर, भगवान या श्रेष्ठ नहीं होता ये जान लें। पति मित्र है, जीवन की यात्रा में वह सहयोगी से बढ़कर कुछ नहीं है।

6- विवाहोपरांत यदि आपकी पति आपकी पिटाई करे तो आप भी आत्मरक्षा के सारे कदम उठा सकती हैं। इस स्थिति में पति को पीटना धर्म के अनुकूल है।

7- किसी भी स्थिति में प्रताड़ना को हावी न होने दें; प्रताड़ित होकर आत्मघाती कदम उठाना मूर्खता से बढ़कर कुछ नहीं है।

8- विवाहोपरांत पति पक्ष पर झूठे आरोप लगाना घोर अधार्मिक कदम है। यदि वास्तव में दहेज़ अथवा अन्य प्रताड़ना से आप गुज़र रहे हों तो जितना सही है उतने ही बिंदुओं पर कार्यवाही के लिए कंप्लेन करें.. बढ़ा चढ़ाकर अथवा अन्य पारिवारिक सदस्यों को बेवजह न फँसायें।

9- अपनी इच्छाओं का दमन करना और दबावपूर्ण जीवन जीने को मजबूर होना आत्महत्या के समान है।

10- "स्त्री सेक्स करने, बच्चे पैदा करने और सेवा करने की मशीन नहीं है।" इसे भलीभांति जान लें।

11- पूरे ब्रम्हाण्ड में नर और मादा का बराबर का योगदान है इसलिए कोई उच्च या कोई नीच नहीं है।

12- नियमित रूप से किताबें पढ़ें, यथासंभव पढाई जारी रखें और शोध करें। समय समय पर यूट्यूब के माध्यम से नए स्किल्स सीखें और मोटिवेशन स्पीकर्स को भी सुनें। 

13- अपने कार्यकलाप और जीवनशैली की समीक्षा करते रहें, देशकाल और समय के अनुसार बेस्ट जीवनशैली अपनाएँ।  

हुलेश्वर जोशी
नारायणपुर, छत्तीसगढ़
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दहिमन क्या है; दहिमन के मुख्य फ़ायदे क्या है? : श्री हुलेश्वर जोशी

दहिमन क्या है; दहिमन के मुख्य फ़ायदे क्या है? : श्री हुलेश्वर जोशी

दहिमन मुख्यतः वनऔषधीय पेड़ है; जिसके उपयोग से स्थानीय लोग और आयुर्वेद चिकित्सक अधिकतर रोगों की उपचार करते हैं। ये पेड़ सतपुड़ा, अमरकंटक और सरगुजा संभाग से लगे वन क्षेत्र और कबीरधाम जिले के जंगलों में प्रमुखता से पाये जाते हैं।

दहिमन के अन्य नाम:
Boraginaceae, कॉर्डिया मैकलोडी हुक, दही पलाश, ढेंगन, दाई वास, भोटी, पनकी, शिकारी का पेड़, तेजसागुन, देहिपलस और दहिमन आदि नामों से जाना जाता है।

दहिमन क्यों लगाएँ, इसके मुख्य फायदे क्या है?
1- कैंसर रोग का उपचार (पत्ते अथवा छाल का जूस)
2- किड़नी में सूजन और पाचन संबंधी रोग का उपचार (छाल का जूस)
3- सर्पदंश और ज़हर खुरानी का उपचार (छाल ल जूस)
4- ब्लडप्रेशर (पत्ते का चूर्ण)
5- मोटापा की उपचार (छाल का जूस अथवा नीबू रस के साथ छिलके का चूर्ण)
6- शराब छुड़ाने के लिए उपयोगी (जूस, पत्ते या छाल)
7- घांव का उपचार (पत्ते का लेप)
8- पीलिया का उपचार (छाल या पत्ते जा जूस या छाल का पावडर)
9- फायदे की अधिक जानकारी के लिए वन्य क्षेत्रों के किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से मिलकर बात करें।

दहिमन के संबंध में मान्यता
1- दहिमन पेड़ के छांव में बैठने से शांति मिलती है।
2- दहिमन पेड़ के छांव में या इसके लकड़ी के टुकड़े/पीढ़वा में बैठकर दारू पीने से नशा कम करता है।

दहिमन के पेड़ को पहचानें कैसे?
आप दहिमन के पत्तों पर आप कुछ भी लिखेंगे तो आपका लिखा हुआ शब्द या चित्र पत्ते में भीतर की ओर रेखा खिंचने के बजाय थोड़ी ही देर में ऊपर की ओर उभर कर आता है।
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