CitizenCOP - Mobile Application Features

List of Features – CitizenCOP

Report an Incident
Report an anonymous complaint directly to police control rooms through images, videos or audios.
This feature is helpful when you come across situations, where you could have helped a victim by reporting the witnessed incidence.

Call Police
Get all police contact details gathered at one place, which can be filtered as per your current location.
In an emergency situation we do not have time to find the right number to call. This feature helps us by giving those details immediately.

Help Me! SOS (with Proximity Sensor & Shake Motion Sensor)
Send instant auto generated help messages to already added contacts for any emergency help.
If you are in trouble, and cannot press a button for SOS on your phone, this feature will sense your proximity or the shake motion and send an auto generated SOS.

SOS Snooze
Just like the alarm clock, this feature helps in sending multiple SOS messages within a time frame to your selected contacts.
In any situation, your contacts would not miss the SOS from your side and would then be able to help you easily.

My Safe Zone
Fence your device within a secure geographical boundary, and let
your near ones know if you're in danger.
If your child has gone out of a set boundary or his “safe zone” then this feature would send you an alert about the same.

News Updates
This feature helps you receive latest news related to the city.
Suppose there is a road diversion created due to some procession, you can stay informed with this feature.

Report Lost Article
CitizenCop’s “Report lost Article” feature helps you file a complaint against any lost article instantly.
If you lose a valuable item, like your phone and do not want to go through a lengthy process for filing the complaint, this feature can really help you.

My Close Group
With this feature you can track live location of your children, loved ones, friends etc.
Suppose your child is in danger and you had no idea about it, by tracking him you will immediately get to know his location.

Emergency Calls
Get instant help while in trouble or any emergency situation.
In an emergency where you need to get quick access to numbers like Police Control Room, Ambulance, Child Helpline, Fire Control Room and CM Helpline etc, this feature can help.

Vehicle Search
This feature helps to know about the vehicle’s history, its registration details, owner name etc.
To use the facility of Online Vehicle Owner Search you just to enter the vehicle number which can be found on Certificate of Registration issues by Madhya Pradesh Transport Department / MP RTO or Number Plate of the vehicle or you can enter Chassis number or Engine Number to get the vehicle registration information whatever is easily available and click the ‘Search’ button.

Track My Location
This feature gives your current location to the admin.
If you are in danger, and need to be tracked by the officials, the feature records your activities and shows it on the map to them.

Inform Police
Domestic Helper / Servant
Tenant Information
Character Verification
With this feature you can easily inform and update the police about these three things.
Suppose you get a new servant, and do not want to physically go to the police, to inform about the same, then this feature can help.

Pathik
Validate Public Transport Driver
Send Public Transport Details to emergency contacts

When you enter an auto number in the feature, it will give the name of driver as well as a photograph. You can also send a message to your saved contacts and give details of the auto number, from and to location.

Fare Calculation
Fare Calculator uses intelligent fare estimating to forecast the Auto/taxi charges.
Now, you do not have to waste your time in checking whether the amount quoted by the driver is appropriate or not.

Towing Vehicle Search
This feature helps you to check the details of your towed vehicle.
Many times we are distressed due to the lack of information on our towed vehicle, but now we can take the help of this feature.

Call Administration
This feature helps you contact senior administrative officials directly.
If your problem has not been resolved and you need to contact a higher official, you can get their contact number in the app.

Nearby Places
This feature helps to provide you with information on important places like police station, hospitals, Bank/ATM etc nearest to your current location.
While travelling you might land up in a place where you have no idea about any geographical location, in which case you just need to tap the nearby option from the settings menu and it will quickly identify your exact location while helping you find the nearest place that you might be looking for.

Multi Lingual
The application provides you with an option in the menu drawer to change the language to Hindi and other languages.
Now, you don’t have to know only a particular language to feel safe.

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माननीय मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्लीकेशन के अपग्रेटेड वर्जन का शुभारंभ किया

माननीय मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्लीकेशन के अपग्रेटेड वर्जन का शुभारंभ किया 

माननीय मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह द्वारा आज दिनांक 29/03/2018 को कलेक्टोरेट दुर्ग में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्लीकेशन के अपग्रेटेड वर्जन का शुभारंभ किया गया। 


एप्लीकेशन के अपग्रेटेड फीचर:-
“Search Officials” feature के माध्यम से अपने क्षेत्र में कार्यरत् पुलिस अधिकारियों की पुष्टि की जा सकती है।
“Traffic IQ” feature के माध्यम से यातायात नियमों से संबंधित जानकारी हासिल की जा सकती है, यह फीचर नये ड्रायविंग लाइसेंस बनवाने के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराता है।
“Pathik” feature के माध्यम से आम नागरिक अपने सुरक्षित यात्रा की सुनिश्चितता पूर्व निर्धारित कर सकता है तथा आॅटो/टैक्सी के मालिक/चालक सहित वाहन के संबंध में जानकारी हासिल कर सकता है।
“Verification/Inform Police” feature के माध्यम से घरेलु नौकर/नौकर, किरायेदार, सिनियर सिटीजन व शहर से बाहर जाने की जानकारी पुलिस थाना जाए बिना ही दिया जा सकता है, साथ ही चरित्र सत्यापन प्राप्त करने में समय की बचत होगी।
 “Speed Alert” feature इस फीचर के माध्यम से माता-पिता घर बैठे नजर रख सकेंगे, कहीं बच्चा तेज वाहन तो नही चला रहा है।
“Atithi” feature यह फीचर लाॅज एवं होटल संचालकों एवं आॅपरेटर्स की सुविधा के लिए तैयार किया गया है। इस फीचर के उपयोग के लिए संचालक एवं आॅपरेटर को जोडा जाएगा, उसके बाद वे अपने मोबाईल के माध्यम से अतिथियों की जानकारी इस एप्प में अपडेट कर सकेंगे।

क्या एक आम आदमी बिना थाना जाये और बिना अपनी पहचान जाहिर किये किसी अपराध की सुचना पुलिस को दे सकता है ? Answer : Yes

आमजन की शिकायत रहती है कि उन्हें छोटे-छोटे काम के लिए थाना के चक्कर काटना पडता है जिससे समय की अनावश्यक बरबादी होती है। इन परेशानियों को देखते हुए पुलिस द्वारा टेक्नाॅलाजी का उपयोग कर नई पहल की गई है। सिटीजन काॅप पर की गई हर शिकायत रिकार्ड में रहती है और विशेष रूप से गोपनीयता का ध्यान रखा जाता है। महिलाओं, बच्चों एवं कमजोर वर्ग से जुड़े व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में यह मोबाईल एप्प अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। ‘‘सिटीजन काॅप’’ अपने नाम के अनुरूप इस मोबाइल एप्प की मदद से कोई भी आम-नागरिक बिना अपनी पहचान जाहिर किये, अपने आसपास हो रहे गैर कानूनी कार्यों, अपराध, किसी घटना/दुर्घटना की जानकारी पुलिस को दे सकते हैं। आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें स्वयं पुलिस थाना अथवा किसी पुलिस अधिकारी तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी वे स्वयं ही एक पुलिस काॅप की भांति जनसुरक्षा सुनिश्चित करने में अपना महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं।



ज्ञातव्य हो कि सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्लीकेशन का दिनांक 08/09/2015 को माननीय मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह द्वारा तत्समय श्री जीपी सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज के पहल पर रायपुर संभाग के 05 जिलों रायपुर, धमतरी, महासमुन्द, बलौदाबाजार एवं गरियाबंद में लाॅन्च किया गया। सिटीजन काॅप को कोई भी व्यक्ति Google play store अथवा Apple app store से अपने मोबाइल में Free download कर उपयोग कर सकता है। इस एप्लीकेशन को FICCI, New Delhi द्वारा 05/05/2016 को Smart Policing Award - 2016 से सम्मानित किया गया है साथ ही इंडिया-टूडे व एचपी के माध्यम से दिनांक 27/05/2016 को माननीय मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह द्वारा The Digital India Conclave – Digital Trailblazers Award - 2016 से सम्मानित किया गया तथा Ministry of Electronics & Information Technology (MeitY) Govt of India, New Delhi द्वारा दिनांक 19/12/2016 को Digital India Awards – 2016 से सम्मानित किया गया। विदित हो कि इस एप्प के माध्यम से  लगभग 01 माह के भीतर 70 से अधिक चोरी/गुम मोबाईल रिकवर कर संबंधित मोबाइल मालिकों को वापस उपलब्ध कराए गए हैं, जो कि पुलिस के विशेष उपलब्धियों में से एक है।
अवैधानिक गतिविधि और अपराध रोकने के सरल उपाय
यहां उल्लेखनीय है कि यह एप्लीकेशन छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में भिन्न-भिन्न अवधियों से प्रभावी है, मार्च-2018 की स्थिति में कुल 74,642 उपयोगकर्ता है। इस एप्प के माध्यम से पुलिस को 6,121 शिकायतें/सूचनायें प्राप्त हुई है, जिसमें से 3,495 शिकायतों/सूचनाओं पर कार्यवाही करते हुए 2,145 शिकायतकर्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाया गया है, शेष पर कार्यवाही की जा रही है जबकि 2,271 सूचनाएं कार्यवाही योग्य नहीं है। इसके अलावा एस.ओ.एस. के माध्यम से आम-नागरिको, विशेषकर महिला एवं बुजुर्गों द्वारा 2094 प्रकरण में पुलिस सहायता की मांग की गई है जिसपर पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए सुरक्षा खतरा के अनुरूप कार्यवाही किया गया है। एप्प के माध्यम से गुम/चोरी के कुल 2,113 प्रकरण प्राप्त हुई है जिन्हें थाना के चक्कर लगाए बिना, आॅटो-जनरेटेड ई-मेल के माध्यम से पावती उपलब्ध कराई गई है।

एप्लीकेशन में पूर्व से उपलब्ध फीचर :-
“Report an Incident” feature के माध्यम से अपनी पहचान बिना बताए अपने क्षेत्र और समाज में हो रहे विभिन्न प्रकार के अपराध (जैसे - चोरी/हत्या/लूट/डकैती/शोषण/छेडखानी), यातायात संबंधी अपराध/घटनाओं की सूचनाएं तथा नगर निगम संबंधी समस्याओं को सीधे पुलिस को उपलब्ध कराया जा सकता है।
इस एप्लीकेशन में जनता की सुविधा हेतु Call Police और Call Administration  के अंतर्गत थाना प्रभारियों सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों का नंबर भी उपलब्ध कराया गया है।
“My Safe Zone” feature के माध्यम से गुगल मैप पर सुरक्षा घेरा बनाया जाकर अपने बच्चों तथा नजदीकी रिश्तेदारों की सुरक्षार्थ निगरानी की जा सकती है तथा उनके द्वारा चिन्हांकित घेरा से बाहर जाते ही आपको संदेश प्राप्त होगा।
आकस्मिक परिस्थिति में संकट के समय SoS (Help Me) के माध्यम से एक क्लिक पर अपने 04 नजदीकी रिश्तेदारो व पुलिस को सूचना दी जा सकती है। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस द्वारा आवश्यक सहयोग/सुरक्षा प्रदान की जाती है।
 “Report Lost Article” feature के माध्यम से किसी भी प्रकार के दस्तावेज और सामग्री खो जाने अथवा चोरी होने की स्थिति में पुलिस थाना जाए बिना ही अपनी सूचना दर्ज कराते हुए ई-मेल के माध्यम से पावती प्राप्त की जा सकती है।
“Vehicle Search” feature के माध्यम से किसी भी वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से उसके मालिक व वाहन संबंधी पूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
इस एप्लीकेशन में जिलों के विभिन्न Emergency Number दिए गए है, नागरिकगण जिसका उपयोग कर सकते है। 
“News Updates” feature के माध्यम से पुलिस द्वारा समय-समय पर जारी सूचनाओं को सीधे अपने मोबाईल पर प्राप्त किया जा सकता है।
“Nearby Places” feature के माध्यम से अपने नजदीकी स्थल जैसे पुलिस थाना, बस स्टैण्ड, बैक, एटीएम, अस्पताल, डाॅक्टर, मुवी-थियेटर, रेस्तरां और पेट्रोल पम्प की जानकारी लोकेशन व दूरी सहित प्राप्त की जा सकती है।
“My Close Group” feature के माध्यम से अपने नजदीकी रिश्तेदारों, परिजन व अन्य लोगों का समूह बनाकर गुगल मैप में उनका लोकेशन प्राप्त किया जा सकती है।
Towing Vehicle Search के माध्यम से नो-पार्किंग में खडे किये वाहनों, लावारिस वाहनों और एक्सिडेंटल वाहनों को पुलिस द्वारा क्रेन से उठाने की स्थिति में वाहन के स्वबंजपवद की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
 “Track My Location” feature के माध्यम से आप अपने परिवार के सदस्यों, बच्चों की लाइव लोकेशन व स्पीड समरी जान सकेंगे।
“Fare Calculation” feature के माध्यम से आम नागरिक दो स्थानों के बीच की दूरी व आॅटो रिक्शा के किराया की गणना स्वयं कर सकता है।
“Your Reports” feature के माध्यम से सिटीजन काॅप के उपयोगकर्ता द्वारा पुलिस को दिये सूचना/शिकायत पर की गई पुलिस कार्यवाही की जानकारी हासिल कर सकता है साथ ही अपना फीडबैक भेज सकता है।
“Reports Lookup” feature के माध्यम से किसी भी उपयोगकर्ता द्वारा किये गये शिकायत पर पुलिस कार्यवाही की जानकारी हासिल कर सकता है।



 

 

 

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पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ ने दिया सुझाव स्मार्टफोन का सुरक्षित उपयोग ऐसे करें

पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ ने दिया सुझाव स्मार्टफोन का सुरक्षित उपयोग ऐसे करें ......

स्मार्टफोन का स्मार्टली उपयोग करें एवम सुरक्षित रहें - पुलिस मुख्यालय

आपके मोबाइल फोन के डेटा और मोबाइल फ़ोन की सिक्योरिटी के लिए निम्न उपाय करें √

मोबाइल फ़ोन एंड्राइड में प्राइवेसी सेटिंग्स से डिवाइस एडमिनिस्ट्रेटर जाकर *find my device* इनेबल कर दें √ इसकी मदद से घुमा हुआ फ़ोन को ढूंढना आसान होगा एवम घूमने की दशा में फ़ोन से जरुरी फ़ाइल रिमोटली डिलीट की जा सकेंगीl

*Unknown source application* को ऑफ रखें जिससे कोई आपके मोबाइल में संदिग्ध एप्लीकेशन अपलोड न कर दे √

Mobile phone के डेटा को अगर आप चाहे तो *एन्क्रिप्ट* कर सकते जिससे फ़ोन घूमने की दिशा में आपकी निजी फाइल्स सार्वजनिक न हों √

Settings----Privacy ----phone encrypt


*Application permission* को मैनेज करें :-
लोकेशन परमिशन को जरूरत मुताबिक एप्लीकेशन के अनुसार चालू या बंद कर दें।
मैसेज परमिशन, इंटरनेट परमिशन, फोने कॉल परमिशन, कांटेक्ट परमिशन आदि को भी जरूरत मुताबिक एप्लीकेशन के अनुसार चालू या बंद कर दे √

*Anti-virus*का उपयोग करें √

समय समय पर एंटीवायरस को अपडेट करने के साथ स्कैन करें एवम गैर जरूरी फ़ाइल डिलीट करते रहेl

मोबाइल पासवर्ड को स्ट्रांग रखें √

मोबाइल गुमने की दिशा में तत्काल मोबाइल कंपनी और बैंक को सूचित करें √

अपना बैंक डिटेल्स को मोबाइल पर न रखें न ही डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड पिन को स्टोर करें √

साभार - छत्तीसगढ़ पुलिस साइबर विंग पुलिस मुख्यालय नया रायपुर  द्वारा जनहित में प्रसारित।

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मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह विश्व वानिकी दिवस पर करेंगे 21 मार्च को करेंगे कार्यशाला का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह विश्व वानिकी दिवस पर करेंगे 21 मार्च को करेंगे कार्यशाला का शुभारंभ

विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर 21 मार्च को राजधानी रायपुर में राज्य सरकार के वन विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यरत वन प्रबंधन समितियों और वनोपज सहकारी समितियों के लगभग डेढ़ हजार प्रतिनिधि शामिल होंगे। स्थानीय शासकीय विज्ञान महाविद्यालय परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सवेरे 10.30 बजे कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। यह कार्यशाला ‘सतत् जीविकापार्जन का आधार-वनोपज व्यापार’ विषय पर केन्द्रित रहेगी।

शुभारंभ सत्र की अध्यक्षता वन मंत्री श्री महेश गागड़ा करेंगे। कार्यशाला के शुभारंभ सत्र की अध्यक्षता वन मंत्री श्री महेश गागड़ा करेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज व्यापार एवं विकास सहकारी संघ की ओर से स्थापित उत्कृष्टता सम्मान भी प्रदान करेंगे। यह सम्मान राज्य स्तरीय समिति द्वारा चयनित कटघोरा वन मंडल के जिला यूनियन, जगदलपुर वन मंडल के जिला यूनियन, केशकाल वनमंडल के जिला यूनियन और सूरजपुर वन मंडल के जिला यूनियन को प्रदान किया जाएगा। इन जिला यूनियनों के प्रबंध संचालक और उपप्रबंधक यह पुरस्कार ग्रहण करेंगे। वनों के विनाश विहीन विदोहन गुणवत्ता सुधार प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर यह उत्कृष्टता सम्मान दिया जाता है। प्रदेश की छह प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों को भी मुख्यमंत्री पुरस्कृत करेंगे। मुख्यमंत्री के हाथों इन समितियों के प्रबंधक अपनी समितियों के लिए पुरस्कार ग्रहण करेंगे।

कार्यशाला के शुभारंभ समारोह में देश के प्रसिद्ध पर्यावरण विशेषज्ञ, पद्मभूषण अलंकरण और मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित श्री चण्डीप्रसाद भट्ट और छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री भरत साय अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ ही समारोह में उतराखण्ड राज्य ग्राम्य विकास एवं पलायन नियंत्रण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी, छत्तीसगढ़ राज्य वनौषधि बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास मद्दी समारोह के विशेष अतिथि होंगे।
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हुलेश्वर जोशी ने किया अंगदान, आओ सभी अंगदान का संकल्प लें

हुलेश्वर जोशी ने किया अंगदान, आओ सभी अंगदान का संकल्प लें 


एतद्द्वारा मैं (हुलेश्वर जोशी) अपने परिजनों, रिस्तेदारों, और मित्रों से आग्रह करता हूँ, कि भविष्य में जब मेरी मृत्यु हो तो कृपया इस संबंध में सर्वप्रथम अविलम्ब चिकित्सा विभाग को सूचित करने की कृपा करें, ताकि मेरा मृत्यु सार्थक हो सके।

अंगदान सबसे बड़ा जीवन दान है कई लोगों को जीवन दे सकती है, इसलिए आपसे भी अनुरोध है कि आज ही National Organs and Tissues Transplant Organization, Ministry of Health and Family Welfare, Govt of India के वेबसाइट http://notto.nic.in/ में जाकर मृत्यु पश्चात अंगदान का संकल्प लें।

मैंने अपने मृतशरीर को व्यर्थ जलने /दफन होने से बचाया है, यह रूढ़िवादी परंपरा को खत्म करने का मेरा एक छोटा सा प्रयास है। आइये सब मिलकर इस रूढ़िवादी परंपरा को खत्म करें।

ज्ञातव्य हो, कि मैंने दिनांक २४/01/2018 को मृत्यु उपरांत अपने शरीर के समस्त Organs एवम Tissues को दान कर दिया है। मैंने अंगदान किया, इसे शेयर करना अच्छी बात है। यह बहुत अच्छा होता कि आप स्वयं अंगदान कर लें। मेरे अंगदान की सूचना देते हुए ज्ञात हुआ कि मुझसे पहले लगभग देशभर के 1लाख से अधिक लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया है, जिसमे मेरे परिचित/ मित्र भी शामिल हैं मगर मुझे पहले ज्ञात नही हुआ था।

Huleshwar Joshi
Duty : IGP Office Durg Range Durg
Res : Sector 27, Naya Raipur, Chhattisgarh
Mobile 94060-03006/94791-90018


मृतशरीर को जलाना/दफनाया जाना केवल रूढ़िवादी परम्परा है, आओ अंगदान करें। 5 से 10 लोगों को जीवन / बेहतर जीवन प्रदान करें। यदि आपमें वास्तविक #मानवसेवा की भावना जागृत हो जाए और #मानवधर्म को स्वीकारने लगें, तो वर्तमान परिदृश्य में आपको ज्ञात हो जाएगा कि पूर्ण #मृतशरीर का #दाहसंस्कारअथवा मृतशरीर को #दफ़नाना केवल #रूढ़िवादी परंपरा हो चुकी है। फिर आप अवश्य ही, मृत्यु पश्चात #अंगदान का संकल्प लेंगे।

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होटल और लॉज द्वारा अधिक किराया वसूली प्रतिबंधित, नहीं मानने पर होगी कार्रवाही

चैत्र नवरात्रि मेला डोंगरगढ के दौरान होटल और लॉज द्वारा अधिक किराया वसूली प्रतिबंधित, नहीं मानने पर होगी कार्रवाही


श्री जीपी सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा दिनांक 16/03/2018 को बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ, चैत्र नवरात्रि मेला हेतु सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने हेतु जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर निम्नानुसार निर्देश दिए:-

पार्किंग व्यवस्था:- पार्किग व्यवस्था इस प्रकार हो कि आम-नागरिकों को किसी भी प्रकार से समस्या का सामना करना न पडे तथा यातायात व्यवस्था सुगमता से संचालित हो सके। पार्किंग व्यवस्था पूर्व सुनिश्चित करते हुए पार्किंग स्थलों की सूक्ष्मता से जांच की जावे।  
एसडीओपी, डोंगरगढ़ को निर्देशित किया गया है कि निजी पार्किंग संचालकों की बैठक लेकर पार्किंग स्थल में मूल्य सूची लगाने, घण्टे के आधार पर शुल्क वसूली नही करते हुए केवल एक बार ही शुल्क लेने के संबंध में अवगत कराया जाए। पिछले पर्व के दौरान स्टेपनी एवं पेट्रोल चोरी जैसी घटनाएं सामने आई है ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करें। 
पार्किंग के नाम पर यात्रियों से शूल्क वसूली के लिए लठैतों का प्रयोग किया जाता है, जो यात्रियों से दुव्र्यवहार करते हैं तथा स्कूल/काॅलेज एवं गौ-शाला इत्यादि स्थलों में पार्किंग लगाकर अवैध वसूली की जाती है। अतः पार्किंग स्थलों पर लठैतों के उपयोग एवं अवैध वसूली पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए एवं निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए।

आपातकालीन व्यवस्था:- मेला के दौरान किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेला स्थल की सुरक्षा व्यवस्था हेतु पर्याप्त संख्या में जवानों को तैनात किया गया है, जिन्हें आपातकालीन सुरक्षा खतरे से निपटने के लिए ब्रीफ किया जाये। 
मेले के दौरान शार्ट-सर्किट व अन्य आगजनी घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में अग्नि शमन यंत्र की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 

संयुक्त नियंत्रण कक्ष:- दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु मेला स्थल में संयुक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। जिसमें मेला आयोजन, प्रबंधन एवं सुरक्षा से संबंधित समस्त स्टेक होल्डर्स विभागों के अधिकारी/कर्मचारी शामिल होंगे। संयुक्त नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क हेतु मोबाईल नंबर 94791-91688 जारी किया गया है।

हाईवे ट्रैफिक कण्ट्रोल:- यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो इस संबंध में जीरो एक्सीडेंट का लक्ष्य लेकर तद्नरूप यातायात पुलिस की तैनाती हो तथा नेशलन हाईवे में पर्याप्त संख्या में स्टाॅपर का उपयोग करते हुए ट्रैफिक स्पीड कण्ट्रोल की कार्यवाही सुनिश्चित करें। 

मेडिकल इमरजेंसी:- 
मेला स्थल में आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था पूर्व सुनिश्चित कर लिया जावे। 
सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध हो। 
मेला स्थल, मंदिर प्रवेश हेतु सीढ़ियों पर एवं रेल्वे स्टेशन में पृथक से मेडिकल टीम की व्यवस्था सुनिश्चित हो साथ ही उक्त स्थलों पर पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

असमाजिक तत्वों के लिए विशेष निगरानी टीम:- असमाजिक तत्वों पर निगरानी के लिए विशेष निगरानी टीम का गठन किया गया है जो सादे ड्रेस में मेला स्थल पर तैनात होंगे। इसी प्रकार से ऐसे तत्वों पर नजर रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सीसीटीव्ही कैमरे लगाए गए है।
विशेष निगरानी टीम अपराधिक घटनाओं जैसे - पाॅकेटमारी, छेडखानी, चोरी, मारपीट को पर रोक लगाएगी।
वाट्सएप्प, ट्वीटर एवं फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया में पुलिस की नजर रहेगी, धार्मिक आस्था को भडकाने वाले पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।

होटल/लाॅज:- पिछले नवरात्रि पर्व/मेला के गतिविधियों का अवलोकन से यह बात आई है कि होटल/लाॅज संचालकों द्वारा निर्धारित किराया से ज्यादा चार्ज कर कमरे उपलब्ध कराए गए थे। इस संबंध में होटल/लाॅज संचालकों की बैठक लेकर निर्धारित किराया लिए जाने के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। 

अवैध शराब एवं नशाखोरी पर नियंत्रण:- मादक-पदार्थों के अवैध परिवहन, विक्रय एवं भण्डारण करने वालों के खिलाफ एक विशेष अभियान के तहत् कठोर कार्यवाही किया जाए। नशीले पदार्थों के सेवन करने वालों को मंदिर परिसर में प्रवेश नही दिया जाएगा तथा शांतिभंग करने वालों को जेल का रास्ता दिखाया जाएगा।

अन्य निर्देश :-
सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को दर्शनार्थियो से शालीनतापूर्वक व सहयोगात्मक व्यवहार करने के संबंध में सम्पूर्ण ब्रीफिंग किया जाना सुनिश्चित करें।
सीएमओ नगर पालिका को निर्देशित किया गया है कि पर्याप्त संख्या में पीने एवं निस्तार हेतु पानी की व्यवस्था एवं पर्याप्त संख्या में शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित किया जावे। रेल्वे स्टेशन से लेकर मंदिर परिसर तक रास्ते में अस्थाई दुकानदारों द्वारा किये जाने वाले अतिक्रमण पर रोक लगाया जावे।
विद्युत विभाग के माध्यम से संज्ञान में आया है कि पूर्व के वर्षों में असमाजिक तत्वों द्वारा स्ट्रीट लाईट की चोरी/तोड़-फोड़ की गई है ऐसे तत्व के उपर पुलिस की नजर रहेगी पकडे जाने पर कठोर कार्यवाही किया जावेगा।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर विद्युत आपूर्ति एवं पर्याप्त संख्या में जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित कर लिया जावे। 
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शांतिभंग करने वालों को जेल का रास्ता दिखाया जाएगा

बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ, चैत्र नवरात्रि मेला में शांतिभंग करने वालों को जेल का रास्ता दिखाया जाएगा

श्री जीपी सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा दिनांक 16/03/2018 को बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ, चैत्र नवरात्रि मेला हेतु सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने हेतु जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर निम्नानुसार निर्देश दिए:-

पार्किंग व्यवस्था:- पार्किग व्यवस्था इस प्रकार हो कि आम-नागरिकों को किसी भी प्रकार से समस्या का सामना करना न पडे तथा यातायात व्यवस्था सुगमता से संचालित हो सके। पार्किंग व्यवस्था पूर्व सुनिश्चित करते हुए पार्किंग स्थलों की सूक्ष्मता से जांच की जावे।  
एसडीओपी, डोंगरगढ़ को निर्देशित किया गया है कि निजी पार्किंग संचालकों की बैठक लेकर पार्किंग स्थल में मूल्य सूची लगाने, घण्टे के आधार पर शुल्क वसूली नही करते हुए केवल एक बार ही शुल्क लेने के संबंध में अवगत कराया जाए। पिछले पर्व के दौरान स्टेपनी एवं पेट्रोल चोरी जैसी घटनाएं सामने आई है ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करें। 
पार्किंग के नाम पर यात्रियों से शूल्क वसूली के लिए लठैतों का प्रयोग किया जाता है, जो यात्रियों से दुव्र्यवहार करते हैं तथा स्कूल/काॅलेज एवं गौ-शाला इत्यादि स्थलों में पार्किंग लगाकर अवैध वसूली की जाती है। अतः पार्किंग स्थलों पर लठैतों के उपयोग एवं अवैध वसूली पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए एवं निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए।

आपातकालीन व्यवस्था:- मेला के दौरान किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेला स्थल की सुरक्षा व्यवस्था हेतु पर्याप्त संख्या में जवानों को तैनात किया गया है, जिन्हें आपातकालीन सुरक्षा खतरे से निपटने के लिए ब्रीफ किया जाये। 
मेले के दौरान शार्ट-सर्किट व अन्य आगजनी घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में अग्नि शमन यंत्र की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 

संयुक्त नियंत्रण कक्ष:- दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु मेला स्थल में संयुक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। जिसमें मेला आयोजन, प्रबंधन एवं सुरक्षा से संबंधित समस्त स्टेक होल्डर्स विभागों के अधिकारी/कर्मचारी शामिल होंगे। संयुक्त नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क हेतु मोबाईल नंबर 94791-91688 जारी किया गया है।

हाईवे ट्रैफिक कण्ट्रोल:- यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो इस संबंध में जीरो एक्सीडेंट का लक्ष्य लेकर तद्नरूप यातायात पुलिस की तैनाती हो तथा नेशलन हाईवे में पर्याप्त संख्या में स्टाॅपर का उपयोग करते हुए ट्रैफिक स्पीड कण्ट्रोल की कार्यवाही सुनिश्चित करें। 

मेडिकल इमरजेंसी:- 
मेला स्थल में आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था पूर्व सुनिश्चित कर लिया जावे। 
सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध हो। 
मेला स्थल, मंदिर प्रवेश हेतु सीढ़ियों पर एवं रेल्वे स्टेशन में पृथक से मेडिकल टीम की व्यवस्था सुनिश्चित हो साथ ही उक्त स्थलों पर पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

असमाजिक तत्वों के लिए विशेष निगरानी टीम:- असमाजिक तत्वों पर निगरानी के लिए विशेष निगरानी टीम का गठन किया गया है जो सादे ड्रेस में मेला स्थल पर तैनात होंगे। इसी प्रकार से ऐसे तत्वों पर नजर रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सीसीटीव्ही कैमरे लगाए गए है।
विशेष निगरानी टीम अपराधिक घटनाओं जैसे - पाॅकेटमारी, छेडखानी, चोरी, मारपीट को पर रोक लगाएगी।
वाट्सएप्प, ट्वीटर एवं फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया में पुलिस की नजर रहेगी, धार्मिक आस्था को भडकाने वाले पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।

होटल/लाॅज:- पिछले नवरात्रि पर्व/मेला के गतिविधियों का अवलोकन से यह बात आई है कि होटल/लाॅज संचालकों द्वारा निर्धारित किराया से ज्यादा चार्ज कर कमरे उपलब्ध कराए गए थे। इस संबंध में होटल/लाॅज संचालकों की बैठक लेकर निर्धारित किराया लिए जाने के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। 

अवैध शराब एवं नशाखोरी पर नियंत्रण:- मादक-पदार्थों के अवैध परिवहन, विक्रय एवं भण्डारण करने वालों के खिलाफ एक विशेष अभियान के तहत् कठोर कार्यवाही किया जाए। नशीले पदार्थों के सेवन करने वालों को मंदिर परिसर में प्रवेश नही दिया जाएगा तथा शांतिभंग करने वालों को जेल का रास्ता दिखाया जाएगा।

अन्य निर्देश :-
सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को दर्शनार्थियो से शालीनतापूर्वक व सहयोगात्मक व्यवहार करने के संबंध में सम्पूर्ण ब्रीफिंग किया जाना सुनिश्चित करें।
सीएमओ नगर पालिका को निर्देशित किया गया है कि पर्याप्त संख्या में पीने एवं निस्तार हेतु पानी की व्यवस्था एवं पर्याप्त संख्या में शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित किया जावे। रेल्वे स्टेशन से लेकर मंदिर परिसर तक रास्ते में अस्थाई दुकानदारों द्वारा किये जाने वाले अतिक्रमण पर रोक लगाया जावे।
विद्युत विभाग के माध्यम से संज्ञान में आया है कि पूर्व के वर्षों में असमाजिक तत्वों द्वारा स्ट्रीट लाईट की चोरी/तोड़-फोड़ की गई है ऐसे तत्व के उपर पुलिस की नजर रहेगी पकडे जाने पर कठोर कार्यवाही किया जावेगा।


छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर विद्युत आपूर्ति एवं पर्याप्त संख्या में जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित कर लिया जावे। 
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पार्किंग के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के लिए लठैतों का प्रयोग बर्दास्त नहीं

पार्किंग के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली के लिए लठैतों का प्रयोग बर्दास्त नहीं 

श्री जीपी सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा दिनांक 16/03/2018 को बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ, चैत्र नवरात्रि मेला हेतु सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने चैत्र नवरात्रि मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने हेतु जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर निम्नानुसार निर्देश दिए:-

पार्किंग व्यवस्था:- पार्किग व्यवस्था इस प्रकार हो कि आम-नागरिकों को किसी भी प्रकार से समस्या का सामना करना न पडे तथा यातायात व्यवस्था सुगमता से संचालित हो सके। पार्किंग व्यवस्था पूर्व सुनिश्चित करते हुए पार्किंग स्थलों की सूक्ष्मता से जांच की जावे।  
एसडीओपी, डोंगरगढ़ को निर्देशित किया गया है कि निजी पार्किंग संचालकों की बैठक लेकर पार्किंग स्थल में मूल्य सूची लगाने, घण्टे के आधार पर शुल्क वसूली नही करते हुए केवल एक बार ही शुल्क लेने के संबंध में अवगत कराया जाए। पिछले पर्व के दौरान स्टेपनी एवं पेट्रोल चोरी जैसी घटनाएं सामने आई है ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करें। 
पार्किंग के नाम पर यात्रियों से शूल्क वसूली के लिए लठैतों का प्रयोग किया जाता है, जो यात्रियों से दुव्र्यवहार करते हैं तथा स्कूल/काॅलेज एवं गौ-शाला इत्यादि स्थलों में पार्किंग लगाकर अवैध वसूली की जाती है। अतः पार्किंग स्थलों पर लठैतों के उपयोग एवं अवैध वसूली पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए एवं निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए।

आपातकालीन व्यवस्था:- मेला के दौरान किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेला स्थल की सुरक्षा व्यवस्था हेतु पर्याप्त संख्या में जवानों को तैनात किया गया है, जिन्हें आपातकालीन सुरक्षा खतरे से निपटने के लिए ब्रीफ किया जाये। 
मेले के दौरान शार्ट-सर्किट व अन्य आगजनी घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में अग्नि शमन यंत्र की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 

संयुक्त नियंत्रण कक्ष:- दर्शनार्थियों की सुविधा हेतु मेला स्थल में संयुक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। जिसमें मेला आयोजन, प्रबंधन एवं सुरक्षा से संबंधित समस्त स्टेक होल्डर्स विभागों के अधिकारी/कर्मचारी शामिल होंगे। संयुक्त नियंत्रण कक्ष से सम्पर्क हेतु मोबाईल नंबर 94791-91688 जारी किया गया है।

हाईवे ट्रैफिक कण्ट्रोल:- यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो इस संबंध में जीरो एक्सीडेंट का लक्ष्य लेकर तद्नरूप यातायात पुलिस की तैनाती हो तथा नेशलन हाईवे में पर्याप्त संख्या में स्टाॅपर का उपयोग करते हुए ट्रैफिक स्पीड कण्ट्रोल की कार्यवाही सुनिश्चित करें। 

मेडिकल इमरजेंसी:- 
मेला स्थल में आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था पूर्व सुनिश्चित कर लिया जावे। 
सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध हो। 
मेला स्थल, मंदिर प्रवेश हेतु सीढ़ियों पर एवं रेल्वे स्टेशन में पृथक से मेडिकल टीम की व्यवस्था सुनिश्चित हो साथ ही उक्त स्थलों पर पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

असमाजिक तत्वों के लिए विशेष निगरानी टीम:- असमाजिक तत्वों पर निगरानी के लिए विशेष निगरानी टीम का गठन किया गया है जो सादे ड्रेस में मेला स्थल पर तैनात होंगे। इसी प्रकार से ऐसे तत्वों पर नजर रखने के लिए पर्याप्त संख्या में सीसीटीव्ही कैमरे लगाए गए है।
विशेष निगरानी टीम अपराधिक घटनाओं जैसे - पाॅकेटमारी, छेडखानी, चोरी, मारपीट को पर रोक लगाएगी।
वाट्सएप्प, ट्वीटर एवं फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया में पुलिस की नजर रहेगी, धार्मिक आस्था को भडकाने वाले पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।

होटल/लाॅज:- पिछले नवरात्रि पर्व/मेला के गतिविधियों का अवलोकन से यह बात आई है कि होटल/लाॅज संचालकों द्वारा निर्धारित किराया से ज्यादा चार्ज कर कमरे उपलब्ध कराए गए थे। इस संबंध में होटल/लाॅज संचालकों की बैठक लेकर निर्धारित किराया लिए जाने के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए जाएं। 

अवैध शराब एवं नशाखोरी पर नियंत्रण:- मादक-पदार्थों के अवैध परिवहन, विक्रय एवं भण्डारण करने वालों के खिलाफ एक विशेष अभियान के तहत् कठोर कार्यवाही किया जाए। नशीले पदार्थों के सेवन करने वालों को मंदिर परिसर में प्रवेश नही दिया जाएगा तथा शांतिभंग करने वालों को जेल का रास्ता दिखाया जाएगा।

अन्य निर्देश :-
सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को दर्शनार्थियो से शालीनतापूर्वक व सहयोगात्मक व्यवहार करने के संबंध में सम्पूर्ण ब्रीफिंग किया जाना सुनिश्चित करें।
सीएमओ नगर पालिका को निर्देशित किया गया है कि पर्याप्त संख्या में पीने एवं निस्तार हेतु पानी की व्यवस्था एवं पर्याप्त संख्या में शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित किया जावे। रेल्वे स्टेशन से लेकर मंदिर परिसर तक रास्ते में अस्थाई दुकानदारों द्वारा किये जाने वाले अतिक्रमण पर रोक लगाया जावे।
विद्युत विभाग के माध्यम से संज्ञान में आया है कि पूर्व के वर्षों में असमाजिक तत्वों द्वारा स्ट्रीट लाईट की चोरी/तोड़-फोड़ की गई है ऐसे तत्व के उपर पुलिस की नजर रहेगी पकडे जाने पर कठोर कार्यवाही किया जावेगा।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर विद्युत आपूर्ति एवं पर्याप्त संख्या में जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित कर लिया जावे। 

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वैश्विक स्तर पर जल संकट से निपटने के बेहतर उपाय

वैश्विक स्तर पर जल संकट से निपटने के बेहतर उपाय 

हम सबको यह ज्ञात है कि जल पृथ्वी की सतह पर बहुतायत में मिलने वाला यौगिक है। जल या पानी एक आम रासायनिक पदार्थ है यह दो अणु हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिलकर बना है, जो सारे प्राणियों के जीवन का आधार है। जैविक दृष्टिकोण से, पानी में कई विशिष्ट गुण हैं जो जीवन के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण हैं। साफ और ताजा पेयजल मानवीय और अन्य जीवन के लिए आवश्यक है, लेकिन दुनिया के कई भागों में खासकर विकासशील देशों में भयंकर जलसंकट है और एक अनुमान है कि 2030-35 तक विश्व की आधी जनसंख्या इस जलसंकट से जुझने लगेगी। 

वर्तमान परिदृश्य में विश्व में तेल के लिए युद्ध हो रहा है। भविष्य में ऐसा न हो कि जल के लिए भयावह युद्ध हो जाए। इसलिए मानव समुदाय को सचेत होना चाहिए। उन्हें ऐसी जीवन शैली अपनाने की आवश्यकता है, जिसमें जीवन अमृतरूपी जल का अपव्यय न होता हो।

पानी के किल्लत निपटने के लिए, यदि सम्पूर्ण विश्व के आम नागरिक और शासन एकजूट होकर जल एवं पंर्यावरण के संरक्षण के लिए कार्य नही करेंगे, केवल जल के दोहन में मग्न रहेंगें तो वह दिन दूर नही होगा कि पृथ्वी में मानव सहित अनेकोनेक जीवन को संकट का सामना करना पडे। 

मै यह जरूर कहना चाहूंगा कि यदि हम जल के दोहन में मग्न रहेंगे तो जल्द ही धरती जीवनहीन हो जाएगा। इसलिए मै आम नागरिकों, समाजिक संगठनों, विश्व समूदाय, शासन/प्रशासन से आग्रह करता हूं कि जल संकट से निपटने के लिए मेरे द्वारा दिए गए उपाय का अनुकरण करते हुए बेहतर विकल्प अपनाएं।

जल संकट से निपटने के उपाय:- भूगर्भ जलस्तर और भविष्य में पानी के संकट से बचने के लिए वर्षा जल संचयन अपरिहार्य है। जल संचयन के बिना धरती के जलस्रोतों को अक्ष्यण नहीं रखा जा सकता है। जल संचयन की विधियों पर नवीनतम शोध और इसकी वैज्ञानिक पद्धति को प्रयुक्त कर इसके सुखद परिणाम मिलेंगे। इसहेतु निम्नानुसार कारगर उपाय हो सकते हैं-
- शासन स्तर पर नदी जोडो परियोजना पर शीघ्रता से कार्य प्रारंभ किया जाना चाहिए।
- गर्मी फसल एवं पीने के पानी के लिए जल संचयन के लिए बांध का निर्माण कराया जाना चाहिए।  
- अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए, बेहतर होगा कि नियमित आक्सीजन देने वाले वृक्ष लागाएं।
- नदी के किनारे कम-से-कम 1किलो मीटर के दायरे में अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण अथवा वन क्षेत्र हो। सडक के किनारे दोनो ओर कम-से-कम 50-100 मीटर की चैडाई में फलदार वृक्षों, आयुर्वेदिक औषधी एवं कन्दमूल लगाया जाना चाहिए, इसके रखरखाव, आजीविका एवं राजस्व प्राप्ति के लिए एक योजना बनाकर टेण्डर में दिया जाना चाहिए।
- रेन वाटर  हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढावा दिया जाए।
- मल्टीफ्लोर बिल्डिंग में उपयोग किए गए पानी को अच्छे से छानकर वृक्षों को पलाया जा सकता है।
- आहार में कम से कम 60 फिसदी हिस्सा वृक्षों के फलों और पत्तों के जूस को शामिल किया जावे।
- औषधी में एलोपैथी के बजाए आयुर्वेदिक के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
- गहरा कुआं का निर्माण कर जल संचयन किया जाना चाहिए।
- माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रायोजित स्वच्छता अभियान के तर्ज में वृक्षारोपण अभियान संचालित हो।
- भूजल दोहन अनियंत्रित तरीके से न हो, इसके लिए आवश्यक कानून बनना चाहिए।
- प्रत्येक व्यक्ति के नाम पर कमसेकम 10वृक्ष लगाना चाहिए, जिसमें एक पीपल/बरगद का वृक्ष भी हो।
- जल विद्युत पर तत्काल रोक लगाते हुए सोलर उर्जा के लिए नैनो टेक्नाॅलाजी की खोज पर बल दिया जाना चाहिए।
- सडक को धुल रहित होना चाहिए, ताकि कपडे गंदे न हो।
- एसी वाहनों पर रोक लगाने की आवश्यकता है। परन्तु यह तभी संभव होगा, पर्याप्त मात्रा में पथरोपण हुआ हो।


HP Joshi


Naya Raipur, Chhattisgarh
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्‍वास्‍थ्‍य एवं औषधि क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और ईरान के बीच सहयोग-ज्ञापन को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्‍वास्‍थ्‍य एवं औषधि क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और ईरान के बीच सहयोग-ज्ञापन को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्‍वास्‍थ्‍य एवं औषधि क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत और ईरान के बीच पूर्व-व्‍यापी सहयोग-ज्ञापन को मंजूरी दे दी है। ईरान के राष्‍ट्रपति के भारत आगमन के दौरान 17 फरवरी, 2018 को समझौता-ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए थे।

समझौता-ज्ञापन से दोनों देशों के बीच सहयोग को प्रोत्‍साहन मिलेगा और दोनों देशों के द्विपक्षीय सम्‍बंध मजबूत होंगे।


समझौता-ज्ञापन के दायरे में निम्‍नलिखित सहयोग क्षेत्र है:- 
  • चिकित्‍सकों और अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य प्रोफेशनलों के प्रशिक्षण में अनुभव का आदान-प्रदान।
  • मानव संसाधन विकास में सहायता और स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं की स्‍थापना।
  • औषध, चिकित्‍सा उपकरणों और प्रसाधन का नियमन तथा संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान।
  • चिकित्‍सा शोध, नई प्रौद्योगिकियों और ज्ञान आधारित पहलों के क्षेत्र में सहयोग।
  • जन स्‍वास्‍थ्‍य, सतत विकास लक्ष्‍य और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य में सहयोग, तथा
  • आपस में तय किए जाने वाले अन्य क्षेत्रों में सहयोग।

सहयोग के विवरण पर और स्‍पष्‍टता के लिए एक कार्य समूह का गठन तथा इस समझौता ज्ञापन का कार्यान्‍वयन।
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उपराष्ट्रपति ने कहा ग्रामीण डाक नेटवर्क को वितरण और लॉजिस्टिक केन्द्र बनाएं

उपराष्ट्रपति ने कहा ग्रामीण डाक नेटवर्क को वितरण और लॉजिस्टिक केन्द्र बनाएं

उपराष्ट्रपति श्री एम. वकैया नायडू ने भारतीय डाक सेवा के अधिकारियों से अपील की है कि वे ग्रामीण डाक नेटवर्क को वितरण और लॉजिस्टिक केन्द्र बनाने के लिए नेटवर्क को नया स्वरूप दें और मजबूत बनायें। उपराष्ट्रपति आज यहां भारतीय डाक सेवा की रफी अहमद किदवई डाक अकादेमी के प्रोबेशनरों से बातचीत कर रहे थे।

डाकघर वित्तीय समावेशन की चुनौती को पूरा कर सकते हैंl

उपराष्ट्रपति ने भारतीय डाक सेवा के प्रोबेशनरों के साथ संवाद कियाl

उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि वे भारत के सबसे पुराने और व्यापक नेटवर्क का हिस्सा है। व्यापक नेटवर्क के साथ डाकघर वित्तीय समावेशन की चुनौतियों को पूरा कर सकते हैं, विशेषकर डाक बचत योजना और बीमा योजना उपलब्ध कराकर समाज के कमजोर वर्गों के बीच। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों की जिंदगी में परिवर्तन लाकर इस परिवर्तन का वाहक बने। उन्होंने कहा कि ग्रामीण डाकघर आईसीटी केन्द्र और खुदरा केन्द्र बन सकते हैं। इससे ग्रामीण आबादी को काफी लाभ होगा।


उपराष्ट्रपति ने कहा कि डाकघर ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोगों को संचार सेवाएं प्रदान करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि डाकघर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क के रूप में काम करते हैं। डाकसेवक अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने वाला पहला व्यक्ति होता है और यह बेहतरीन सेवा है जो दूरदराज के अंतिम व्यक्ति को मदद पहुंचाती है। उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों को भारतीय आबादी को विश्वस्तरीय सेवाएं प्रदान करने के लिए नए विचारों के साथ नवाचारी बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डाक टिकट की ऑनलाइन बिक्री, गंगा जल वितरण, डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र तथा आधार नामांकन तथा नवीकरण केन्द्रों ने लोगों की सुविधाओँ को सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी हमेशा नये क्षेत्रों की पहचान करते रहे जहां डाकघर गुणवत्ता सेवा में बदलाव ला सकते हैं।
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श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने नागर विमानन मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाला

श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने नागर विमानन मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाला

(वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु नागर विमानन मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करते हुए। साथ में हैं नागर विमानन राज्यमंत्री श्री जयंत सिन्हा)

वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने आज नागर विमानन मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करते हुए कहा कि विमानन क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुक्त आकाश नीति से विमानन क्षेत्र में शानदार वृद्धि हो रही है और इस वृद्धि के लाभ रोजगार सृजन में बढ़ोतरी के रूप में देखा जाएगा।

विमान संपर्क बढ़ने और सस्ता किराया के कारण छोटे शहरों के लोग कामकाज और छुट्टियों के लिए विमान यात्रा करने लगे हैं। इसके परिणामस्वरूप भारतीय विमान सेवाओं को एक हजार से अधिक विमान बुक करने का आदेश देना पड़ा। ऐसा मुख्य रूप से कम लागत वाली विमान सेवाओं के नेतृत्व में हुआ।

मुक्त आकाश अंतर्राष्ट्रीय नीतिगत अवधारणा है, जिसमें नियमों तथा अंतर्राष्ट्रीय विमानन उद्योग के नियमनों को उदार बनाना है, विशेषकर वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र में, ताकि विमानन उद्योग के लिए मुक्त बाजार का वातावरण बन सके।
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मंत्रिमंडल ने मध्‍यस्‍थता और सुलह (संशोधन) विधयेक, 2018 को स्‍वीकृति दी

मंत्रिमंडल ने मध्‍यस्‍थता और सुलह (संशोधन) विधयेक, 2018 को स्‍वीकृति दी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मध्‍यस्‍थता और सुलह (संशोधन) विधयेक, 2018 को लोकसभा में पेश करने की स्‍वीकृति दे दी है। यह विवादों के समाधान के लिए संस्‍थागत मध्‍यस्‍थता को प्रोत्‍साहित करने के सरकार के प्रयास का हिस्‍सा है और यह भारत को मजबूत वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) व्‍यवस्‍था का केंद्र बनाता है।

लाभ: 1996 के अधिनियम में संशोधन से मानक तय करने, मध्‍यस्‍थता प्रक्रिया को पक्षकार सहज बनाने और मामले को समय से निष्‍पादित करने के लिए एक स्‍वतंत्र संस्‍था स्‍थापित करके संस्‍थागत मध्‍यस्‍थता में सुधार का लक्ष्‍य प्राप्‍त करने में सहायता मिलेगी।

प्रमुख विशेषताएं:
1 यह उच्‍चतम न्‍यायालय और उच्‍च न्‍यायालय द्वारा निर्दिष्‍ट मध्‍यस्‍थता संस्‍थानों के माध्‍यम से मध्‍यस्‍थों की तेजी से नियुक्ति में सहायक है, इस संबंध में न्‍यायालय से संपर्क की आवश्‍यकता के बिना। विधेयक में यह व्‍यवस्‍था है कि संबंधित पक्ष अंतरराष्‍ट्रीय वाणिज्यिक मध्‍यस्‍थताके लिए और संबंधित उच्‍च न्‍यायालयों के अन्‍य मामलों में उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा निर्दिष्‍ट मध्‍यस्‍थता संस्‍थानों से सीधा संपर्क कर सकते है्ं।

2 इस संशोधन में एक स्‍वतंत्र संस्‍था भारत की मध्‍यस्‍थता परिषद (एसीआई) बनाने का प्रावधान है। यह संस्‍था मध्‍यस्‍थता करने वालों संस्‍थानों को ग्रेड देगी और नियम तय करके मध्‍यस्‍थता करने वालों को मान्‍यता प्रदान करेगी और वैसे सभी कदम उठाएगी जो मध्‍यस्‍थता, सुलह तथा अन्‍य वैकिल्‍पक समाधान व्‍यवस्‍था को बढ़ावा देंगे और संस्‍था इस उद्देश्‍य के लिए मध्‍यस्‍थतातथा वैकल्पिक विवाद समाधान व्‍यवस्‍था से जुड़े सभी मामलों में पेशेवर मानकों को बनाने के लिए नीति और दिशा निर्देश तय करेगी। यह परिषद सभी मध्‍यस्‍थता वाले निर्णयों का इलेक्‍ट्रोनिक डिपोजिटरी रखेगी। 

3 एसीआई निकाय निगम होगी। एसीआई के अध्‍यक्ष वह व्‍यक्ति होगा जो उच्‍चतम न्‍यायालय का न्‍यायाधीश रहा हो या किसी उच्‍च न्‍यायालय का मुख्‍य न्‍यायाधीश और न्‍यायाधीश रहा हो। अन्‍य सदस्‍यों में सरकारी नामित लोगों के अतिरिक्‍त जाने-माने शिक्षाविद आदि शामिल किए जाएंगे।

4 विधेयक समय-सीमा से अंतरराष्‍ट्रीय मध्‍यस्‍थताको अलग करके तथा अन्‍य मध्‍यस्‍थताओं में निर्णय के लिए समय-सीमा विभिन्‍न पक्षों की दलीलें पूरी होने के 12 महीनों के अंदर करके सेक्‍शन 29ए के उप-सेक्‍शन (1) में संशोधन का प्रस्‍ताव है।

5 इसमें नया सेक्‍शन 42ए जोड़ने का प्रस्‍ताव है ताकि मध्‍यस्‍थता करने वाला व्‍यक्ति या मध्‍यस्‍थता संस्‍थान निर्णय के सिवाय मध्‍यस्‍थतासे जुड़ी कार्यवाहियों की गोपनीयता बनाए रखेंगें। नया सेक्‍शन 42बी मध्‍यस्‍थता करने वाले को मध्‍यस्‍थता सुनवाई के दौरान उसके किसी कदम या भूल को लेकर मुकदमा या कानूनी कार्यवाही से सुरक्षा प्रदान करता है।

6 एक नया सेक्‍शन 87 जोड़ने का प्रस्‍ताव है जो स्‍पष्‍ट करेगा कि जब तक विभिन्‍न पक्ष सहमत नहीं होते संशोधन अधिनियम 2015 में - (ए) 2015 के संशोधन अधिनियम प्रारंभ होने से पहले शुरू हुई मध्‍यस्‍थता की कार्यवाही के मामले में (बी) संशोधन अधिनियम 2015 के प्रारंभ होने के पहले या ऐसी अदालती कार्यवाही शुरू होने के बावजूद मध्‍यस्‍थता प्रक्रिया के संबंध में चालू होने वाली अदालती कार्यवाहियों में लागू नहीं होगा तथा यह सेक्‍शन संशोधन अधिनियम 2015 के प्रारंभ होने या बाद की मध्‍यस्‍थता कार्यवाहियों में लागू होगा और ऐसी मध्‍यस्‍थता कार्यवाहियों से उपजी अदालती कार्यवाहियों के मामले में लागू होगा।

पृष्‍ठभूमि: मध्‍यस्‍थता प्रक्रिया को सहज बनाने, लागत सक्षम बनाने और मामले के शीघ्र निष्‍पादन और मध्‍यस्‍थता करने वाले की तटस्‍थता सुनिश्चित करने के लिए मध्‍यस्‍थताऔर सुलह अधिनियम, 1996 में मध्‍यस्‍थताऔर सुलह (संशोधन)अधिनियम, 2015 द्वारा संशोधन किया गया। लेकिन तदर्थ मध्‍यस्‍थता के स्‍थान पर संस्‍थागत मध्‍यस्‍थता को प्रोत्‍साहित करने और मध्‍यस्‍थता तथा सुलह (संशोधन) अधिनियम, 2015 को लागू करने में आ रही कुछ व्‍यावहारिक कठिनाईयों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा भारत के उच्‍चतम न्‍यायालय के सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीश, न्‍यायमूर्ति बी.एच. श्रीकृष्‍ण की अध्‍यक्षता में एक उच्‍च स्‍तरीय समिति (एचएलसी) बनाई गई। एचएलसी को निम्‍नलिखित कार्य दिए गए:-


  • भारत में मध्‍यस्‍थ संस्‍थानों के कामकाज और उनके कार्य प्रदर्शन का अध्‍ययन करके वर्तमान मध्‍यस्‍थता व्‍यवस्‍था केप्रभाव की जांच करना।
  • भारत में संस्‍थागतमध्‍यस्‍थताव्‍यवस्‍था को प्रोत्‍साहित करने के लिए रौडमैप तैयार करना।
  • वाणिज्यिक विवाद समाधान के लिए कारगर और सक्षम मध्‍यस्‍थताप्रणाली विकसित करना और कानून में सुझाए गए सुधारों पर रिपोर्ट प्रस्‍तुत करना।


उच्‍चस्‍तरीय समिति ने 30 जुलाई, 2017 को अपनी रिपोर्ट पेश की। समिति नेमध्‍यस्‍थता और सुलह अधिनियम, 1996 में संशोधन की सिफारिश की है। प्रस्‍तावित संशोधन उच्‍चस्‍तरीय समिति की सिफारिशों के अनुसार है।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल सुबह वाराणसी में फ्रांस के राष्ट्रपति श्री एमैनुएल मैक्रों की अगवानी करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल सुबह वाराणसी में फ्रांस के राष्ट्रपति श्री एमैनुएल मैक्रों की अगवानी करेंगे।

दोनों राजनेता मिर्जापुर के लिए प्रस्‍थान कर जाएंगे, जहां वे एक सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन करेंगे और फि‍र इसके बाद वे वाराणसी लौट आएंगे। वाराणसी में  दोनों राजनेता दीनदयाल हस्तकला संकुल का दौरा करेंगे। वे कारीगरों के साथ बातचीत करेंगे और उनकी शिल्पकलाओं से प्रत्‍यक्ष तौर पर रू-ब-रू होंगे।

सीमाओं से मुक्त पुलिसिंग की कार्यवाही सुनिश्चित करे - GP Singh, IG Durg, Chhattisgarh https://goo.gl/R6EGHZ

प्रधानमंत्री श्री मोदी और राष्ट्रपति श्री मैक्रों इसके बाद वाराणसी में प्रसिद्ध अस्सी घाट पर पहुंचेंगे जहां वे गंगा के घाटों के आसपास सैर करने के लिए एक नौका पर सवार होंगे और फि‍र आखिर में वे ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति के सम्मान में दोपहर के भोज की मेजबानी करेंगे।

दोपहर में  प्रधानमंत्री वाराणसी स्थित मदुदीह रेलवे स्टेशन और पटना के बीच एक ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे और वाराणसी स्थित डीएलडब्ल्यू मैदान में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे।


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छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों को वैयक्तिक आयकर विवरणी भरना अनिवार्य है, दिनांक 31 मार्च 2018 तक नही भरने पर हो सकती है जेल

छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों को वैयक्तिक आयकर विवरणी भरना अनिवार्य है, दिनांक 31 मार्च 2018 तक नही भरने पर हो सकती है जेल 

ज्ञातव्य हो कि राज्य शासन के वित्त निर्देश १०/2018, दिनांक 08/03/2018 (आदेश देखने के लिए, यहां क्लिक करें) के माध्यम से भारत सरकार के निर्देश का हवाला देते हुए कहा गया है कि आयकर विभाग ने शासन संज्ञान में लाया है कि छत्तीसगढ़ स्थित विभाग/संगठन में कार्यरत् विभिन्न वेतनभोगी कर्मचारियों द्वारा अपनी आयकर विवरणी दाखिल नही की जाती है। वेतनभोगी कर्मचारियों के बीच यह समान्य अवधारणा है कि उनके वेतन के स्त्रोत पर कर की कटौती हो जाने के पश्चात् वैयक्तिक आयकर विवरणी दाखिल करने की आवश्यकता नही है। उसी प्रकार यह भी धारणा है कि ऐसे वेतनभोगी कर्मचारी जिनका वार्षिक सकल वेतन 5 लाख तक है उन्हें, अपनी वैयक्तिक आयकर विवरणी दाखिल करने की आवश्यकता नही है। 

आयकर अधिनियम 1961 की धारा 139 (1) के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति जिसकी कुल आय पूर्व वर्ष के दौरान इस अधिनियम के अंतर्गत निर्धारणीय अधिकतम रकम से अधिक है तो उसे अपनी आयकर विवरणी नियम तारीख से पूर्व दाखिल करना होगा तथा यदि कोई व्यक्ति नियत तिथि तक अपनी आयकर विवरणी दाखिल करने में असफल रहा तो, आयकर अधिनियम 1961 की धारा 271 के तहत रूपये 5000 भारित आरोपित करने का प्रावधान है। वित्तीय वर्ष 2016-17 अर्थात् निर्धारण वर्ष 2017-18 के दौरान जिन व्यक्तियों की कुल योग्य आय रूपये २,५०,०००/- से अधिक है उन्हें 31 मार्च 2018 तक अपनी आयकर विवरणी भरना अनिवार्य है इसके पश्चात् पेनाल्टी तथा धारा 276 सीसी के तहत् अभियोजन जिसमें 3 माह से 7 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। 

वेतनभोगी कर्मचारी आयकर विभाग के वेबसाईट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home तथा मोबाईल एप्प आयकर सेतू का उपयोग करके अपना आयकर विवरणी दाखिल कर सकते हैं।


# राज्य शासन के वित्त निर्देश १०/2018, दिनांक 08/03/2018 (आदेश देखने के लिए, यहां क्लिक करें)

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