आपसी सहमति और आवेदन के आधार पर 59 अधिकारी/कर्मचारियों की ट्रांसफर


आपसी सहमति और आवेदन के आधार पर 59 अधिकारी/कर्मचारियों की ट्रांसफर


25/08/2018 दुर्ग रेंज के 59 पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला
आईजी दुर्ग रेंज, दुर्ग ने की जारी की स्थानांतरण सूची
दुर्ग रेंज स्थापना बोर्ड के निर्णय अनुसार, श्री जी.पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा 59 पुलिस कर्मचारियों (आरक्षक, प्रधान आरक्षक एवं सहायक उपनिरीक्षक) का स्थानांतरण आदेश जारी किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 59 कर्मचारियों में से 14 कर्मचारियों को आपसी सहमति के आधार पर स्थानांतरित किया गया है। अन्य कर्मचारियों को भी उनके गुजारिश के आधार पर प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरित किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि स्थानांतरित कर्मचारियों को तत्काल नई तैनाती के लिये कार्यमुक्त किया जाए।
1सउनि-विनय कुमार रजक ‐‐बालोदसेदुर्ग 
2सउनि-कांता राम घिलेन्द्र ‐‐दुर्ग सेबालोद 
3सउनि-कमलेश कुमार साहू ‐‐राजनांदगांवसेबालोद 
4सउनि-दिलीप कुमार धुर्वे ‐‐बालोद सेराजनांदगांव 
5आर-1257 पोहन साहू ‐‐राजनांदगांवसेपीटीएस-राजनांदगांव
6मआर-59 शमा नसरीन ‐‐पीटीएस-राजनांदगांव सेराजनांदगांव 
7आर-640 लेखूराम सिन्हा‐‐कबीरधामसेबेमेतरा
8आर-283 राजेश नेताम ‐‐बेमेतरासेकबीरधाम 
9आर-1138 भुनेश्वर यादव‐‐राजनांदगांवसेबालोद 
10आर-405 प्रेमलाल साहू ‐‐बालोदसेराजनांदगांव 
11आर-369 सोहन लाल साहू‐‐राजनांदगांव सेपीटीएस-राजनांदगांव
12आर-43 मानव कुमार सोनकर ‐‐पीटीएस-राजनांदगांवसेराजनांदगांव
13आर-982 निर्मल साहू‐‐राजनांदगांवसेपीटीएस-राजनांदगांव
14आर-58 भीखम साहू‐‐पीटीएस-राजनांदगांवसेराजनांदगांव
15प्रआर-425 पूनम सिंह घराना‐‐बेमेतरासेबालोद 
16प्रआर-221 प्रमोद पाण्डेय‐‐बेमेतरासेकबीरधाम 
17प्रआर-583 ब्रम्हानंद देशलहरे‐‐बालोदसेदुर्ग 
18प्रआर-119 उत्तम कुमार सोनी‐‐बेमेतरासेदुर्ग
19प्रआर-कमलेश कुमार साहू‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
20प्रआर-278 तुलसी बिझेकर‐‐कबीरधामसेदुर्ग
21प्रआर-922 जसपाल सिंह‐‐कबीरधाम सेदुर्ग
22आर-22 धरमराज‐‐दुर्ग सेराजनांदगांव 
23आर-463 सुनील सिंह ‐‐बेमेतरासेराजनांदगांव 
24आर-13 कमलेश कौशल‐‐बेमेतरा सेराजनांदगांव 
25आर-955 महेश ध्रुव ‐‐राजनांदगांवसेकबीरधाम
26आर-561 संतोष सिन्हा ‐‐राजनांदगांव सेकबीरधाम 
27आर-1670 रविदास आडिले‐‐राजनांदगांव सेकबीरधाम 
28आर-1005 अलाउद्दीन‐‐दुर्गसेकबीरधाम 
29आर-340 अनुज दिवाकर ‐‐बेमेतरा सेकबीरधाम 
30आर-763 खेमलाल टोण्डे‐‐राजनांदगांवसेबेमेतरा
31आर-431 बजरंग पुरबिया‐‐राजनांदगांवसेबेमेतरा
32आर-484 सुनील कुमार सिंह ‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
33आर-1661 प्रदीप कुमार धृतलहरे ‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
34आर-1593 पी.मधुसुदन राव ‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
35नव आर-576 उमा यदु‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
36आर-1625 वेदप्रकाश साहू‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
37आर-509 भागवत प्रसाद साहू‐‐बेमेतरासेदुर्ग
38आर-414 बद्री सिंह ‐‐बेमेतरासेदुर्ग
39आर-1597 सगीरूददीन‐‐राजनांदगांव   सेदुर्ग
40आर-897 विक्रांत श्रीवास्तव‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग 
41आर-612 मनीष देवांगन‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
42आर-1381 राजेश सिन्हा‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग 
43आर-1481 फराज खान‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
44आर-444 राजेश कुमार देशमुख‐‐बालोदसेदुर्ग
45आर-33 सविन्दर सिंह‐‐बालोद सेदुर्ग
46आर-830 सूजीत पान‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
47आर-170 लक्ष्मीनारायण पात्रे‐‐बालोद सेदुर्ग
48आर-1436 वेदप्रकाश साहू‐‐राजनांदगांव सेदुर्ग
49आर-1264 वरूण समदार‐‐राजनांदगांव सेदुर्ग
50आर-756 प्रशांत कुमार वर्मा‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
51आर-1582 शैलेष मौर्य‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
52आर-1236 संत कुमार मिश्रा‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
53आर-1584 भूपेन्द्र कुमार चन्द्राकर‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
54मआर-1712 मनीषा चन्द्राकर‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
55आर-408 द्वारिका प्रसाद धृतलहरे‐‐बेमेतरासेदुर्ग
56आर-1141 होमेश्वर वर्मा‐‐राजनांदगांव सेदुर्ग
57आर-291 सैयय्द शाह नवाज‐‐बेमेतरासेदुर्ग
58आर-403 कमलेश वर्मा ‐‐राजनांदगांव सेदुर्ग 
59आर-880 लोमस यादव ‐‐कबीरधाम सेदुर्ग

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आपसी सहमति एवम आवेदन के आधार पर आईजी दुर्ग ने की ट्रांसफर

आपसी सहमति एवम आवेदन के आधार पर आईजी दुर्ग ने की  ट्रांसफर

दुर्ग रेंज स्थापना बोर्ड के निर्णय अनुसार, श्री जी.पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा 59 पुलिस कर्मचारियों (आरक्षक, प्रधान आरक्षक एवं सहायक उपनिरीक्षक) का स्थानांतरण आदेश जारी किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 59 कर्मचारियों में से 14 कर्मचारियों को आपसी सहमति के आधार पर स्थानांतरित किया गया है। अन्य कर्मचारियों को भी उनके गुजारिश के आधार पर प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरित किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि स्थानांतरित कर्मचारियों को तत्काल नई तैनाती के लिये कार्यमुक्त किया जाए।

1सउनि-विनय कुमार रजक ‐‐बालोदसेदुर्ग
2सउनि-कांता राम घिलेन्द्र ‐‐दुर्ग सेबालोद
3सउनि-कमलेश कुमार साहू ‐‐राजनांदगांवसेबालोद
4सउनि-दिलीप कुमार धुर्वे ‐‐बालोद सेराजनांदगांव
5आर-1257 पोहन साहू ‐‐राजनांदगांवसेपीटीएस-राजनांदगांव
6मआर-59 शमा नसरीन ‐‐पीटीएस-राजनांदगांव सेराजनांदगांव
7आर-640 लेखूराम सिन्हा‐‐कबीरधामसेबेमेतरा
8आर-283 राजेश नेताम ‐‐बेमेतरासेकबीरधाम
9आर-1138 भुनेश्वर यादव‐‐राजनांदगांवसेबालोद
10आर-405 प्रेमलाल साहू ‐‐बालोदसेराजनांदगांव
11आर-369 सोहन लाल साहू‐‐राजनांदगांव सेपीटीएस-राजनांदगांव
12आर-43 मानव कुमार सोनकर ‐‐पीटीएस-राजनांदगांवसेराजनांदगांव
13आर-982 निर्मल साहू‐‐राजनांदगांवसेपीटीएस-राजनांदगांव
14आर-58 भीखम साहू‐‐पीटीएस-राजनांदगांवसेराजनांदगांव
15प्रआर-425 पूनम सिंह घराना‐‐बेमेतरासेबालोद
16प्रआर-221 प्रमोद पाण्डेय‐‐बेमेतरासेकबीरधाम
17प्रआर-583 ब्रम्हानंद देशलहरे‐‐बालोदसेदुर्ग
18प्रआर-119 उत्तम कुमार सोनी‐‐बेमेतरासेदुर्ग
19प्रआर-कमलेश कुमार साहू‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
20प्रआर-278 तुलसी बिझेकर‐‐कबीरधामसेदुर्ग
21प्रआर-922 जसपाल सिंह‐‐कबीरधाम सेदुर्ग
22आर-22 धरमराज‐‐दुर्ग सेराजनांदगांव
23आर-463 सुनील सिंह ‐‐बेमेतरासेराजनांदगांव
24आर-13 कमलेश कौशल‐‐बेमेतरा सेराजनांदगांव
25आर-955 महेश ध्रुव ‐‐राजनांदगांवसेकबीरधाम
26आर-561 संतोष सिन्हा ‐‐राजनांदगांव सेकबीरधाम
27आर-1670 रविदास आडिले‐‐राजनांदगांव सेकबीरधाम
28आर-1005 अलाउद्दीन‐‐दुर्गसेकबीरधाम
29आर-340 अनुज दिवाकर ‐‐बेमेतरा सेकबीरधाम
30आर-763 खेमलाल टोण्डे‐‐राजनांदगांवसेबेमेतरा
31आर-431 बजरंग पुरबिया‐‐राजनांदगांवसेबेमेतरा
32आर-484 सुनील कुमार सिंह ‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
33आर-1661 प्रदीप कुमार धृतलहरे ‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
34आर-1593 पी.मधुसुदन राव ‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
35नव आर-576 उमा यदु‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
36आर-1625 वेदप्रकाश साहू‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
37आर-509 भागवत प्रसाद साहू‐‐बेमेतरासेदुर्ग
38आर-414 बद्री सिंह ‐‐बेमेतरासेदुर्ग
39आर-1597 सगीरूददीन‐‐राजनांदगांव   सेदुर्ग
40आर-897 विक्रांत श्रीवास्तव‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
41आर-612 मनीष देवांगन‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
42आर-1381 राजेश सिन्हा‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
43आर-1481 फराज खान‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
44आर-444 राजेश कुमार देशमुख‐‐बालोदसेदुर्ग
45आर-33 सविन्दर सिंह‐‐बालोद सेदुर्ग
46आर-830 सूजीत पान‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
47आर-170 लक्ष्मीनारायण पात्रे‐‐बालोद सेदुर्ग
48आर-1436 वेदप्रकाश साहू‐‐राजनांदगांव सेदुर्ग
49आर-1264 वरूण समदार‐‐राजनांदगांव सेदुर्ग
50आर-756 प्रशांत कुमार वर्मा‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
51आर-1582 शैलेष मौर्य‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
52आर-1236 संत कुमार मिश्रा‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
53आर-1584 भूपेन्द्र कुमार चन्द्राकर‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
54मआर-1712 मनीषा चन्द्राकर‐‐राजनांदगांवसेदुर्ग
55आर-408 द्वारिका प्रसाद धृतलहरे‐‐बेमेतरासेदुर्ग
56आर-1141 होमेश्वर वर्मा‐‐राजनांदगांव सेदुर्ग
57आर-291 सैयय्द शाह नवाज‐‐बेमेतरासेदुर्ग
58आर-403 कमलेश वर्मा ‐‐राजनांदगांव सेदुर्ग
59आर-880 लोमस यादव ‐‐कबीरधाम सेदुर्ग
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नक्सली संगठन छोडने पर छत्तीसगढ़ मूल के नक्सलियों को दी जाती है मौत की सजा एवं संगठन में रहने पर भी करते हैं जानवरों जैसा व्यवहार

नक्सली संगठन छोडने पर छत्तीसगढ़ मूल के नक्सलियों को दी जाती है मौत की सजा एवं संगठन में रहने पर भी करते हैं जानवरों जैसा व्यवहार


23/08/2018 तीन राज्यों में कुल 47 लाख का ईनामी नक्सली पहाड़ सिंह ने किया आईजी श्री जीपी सिंह के समक्ष आत्म समर्पण

नक्सली संगठन छोडने पर छत्तीसगढ़ मूल के नक्सलियों को दी जाती है मौत की सजा एवं संगठन में रहने पर भी करते हैं जानवरों जैसा व्यवहार

 नक्सलियों के विस्तार जोन एमएमसी को तगड़ा झटका । 
 पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय उर्फ राममोहम्मद सिंह टोप्पो एसजेडसी सदस्य का पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग क्षेत्र, दुर्ग श्री जी.पी. सिंह के समक्ष आत्म समर्पण ।
जीआरबी डिवीजन का सचिव भी है पहाड़ सिंह । 
 नक्सली लीडर पर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का था कुल 47 लाख का ईनाम घोषित । 
 नक्सली नेताओं द्वारा आदिवासी के हित में करने वाले कथनी एवं करनी की बात का पर्दाफाश । 
 नक्सल संगठन में शामिल लोकल कैडरों के साथ करते है दोयम दर्जे का व्यवहार । 
 नक्सल संगठन छोडने पर छत्तीसगढ़ के लोकल कैडरों को दी जाती है मौत की सजा एवं संगठन में रहने पर करते है जानवरों जैसा व्यवहार । 

पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग श्री जी0पी0 सिंह के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में राजनांदगांव जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे एन्टी नक्सल अभियान में उस समय एक और बडी कामयाबी मिली जब लाल आतंक का पर्याय बन चुके एमएमसी जोन के एसजेडसी सदस्य एवं जीआरबी डिवीजनल कमेटी के सचिव पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय उर्फ राममोहम्मद सिंह टोप्पो ने पुलिस दबाव एवं छत्तीसगढ़ शासन की आत्म समर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आज पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण कर दिया। 

जैसा कि विदित है, कि पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय कतलाम जिला राजनांदगांव के थाना गैंदाटोला अन्तर्गत ग्राम फाफामार का निवासी है। वर्ष 1991 में अपने परिवार एवं गांव के लोगो के साथ ग्राम मसूली, बोन्डे एवं आसपास के जंगल में रूक कर तेन्दुपत्ता तोडई का काम करते थे। रूकने के लिये झोपडी का निर्माण जंगल में ही करते थे इस दौरान देवरी दलम के कमाण्डर दीपक मडावी एवं अन्य नक्सली करीबन 30-40 की संख्या में झोपड़ी में आते थे। ये नक्सली क्रांतिकारी विचारधारा के बारे में नाच गाना के माध्यम् से बताते थे। इसी तरह बीच बीच में तेन्दुपत्ता तोडने उक्त ग्रामों में जाता रहा। पाहड़ सिंह को ग्राम पंचायत फाफामार द्वारा स्कूल में शिक्षक की कमी को देखकर 500 रूपये महीने देकर बच्चो को पढ़ाने के लिये रखे थे। वर्ष 1999 में वह अपने रिस्तेदार जगत कुंजाम ग्राम खेडेपार से मिलने गया था, इस दौरान देवरी दलम के कमाण्डर देवचंद उर्फ चन्दु उर्फ नरेश निवासी भामरागढ़ क्षेत्र व गोंदिया बालाघाट डिवीजन के सचिव जगन से ग्राम मालडोंगरी जंगल में मुलाकात हुआ। जहाॅ पर इन नक्सली कमाण्डरों द्वारा बताया गया कि ‘‘तुम एक पढ़े लिखे आदिवासी बेरोजगार लडके हो, तुम्हे आदिवासी अस्मिता बचाने के लिये आदिवासी युवाओं को सामने लाना है इसके लिये भूमिगत होकर काम करना पडेगा तथा गांव गांव में जाकर जनता को संगठित कर संगठन बनाना है और युवक युवतियों को जनता की सेना पीजीए (पीपुल्स गुरिल्ला आर्मी) में भर्ती करना है। हमारी आदिवासी जनता की मुक्ति हथियारबंद जनसंघर्ष के बिना नही हो सकती। ये विचार युवक युवतियों में डालना और पीजीए (पीपुल्स गुरिल्ला आर्मी) के लिये भर्ती करना है। इसके बाद उसे थाना गैंदाटोला एवं थाना छुरिया के आसपास समस्त जंगल क्षेत्रों के ग्रामों में नक्सली विचारधारा को प्रचारित करने के लिये छः महीने के लिये काम सौपा गया। गरीबी, एवं बेरोजगारी के कारण उन्हे नक्सलियों की उक्त बाते उचित लगी और नक्सल विचारधारा से प्रभावित हो गया तथा छः माह तक सौपे गये काम को किया। उनके काम से संतुष्ट होकर देवरी दलम कमाण्डर देवचंद उर्फ चन्दु उर्फ नरेश द्वारा उसे वर्ष 2000 में देवरी दलम सदस्य के रूप में नक्सली संगठन में भर्ती किया गया एवं 8 एमएम बंदूक देकर देवरी दलम में पायलट का काम सौपा गया। वर्ष 2003 में देवरी एरिया कमेटी सदस्य बनाया गया। वर्ष 2006 में डिवीजन अधिवेशन (प्लीनम) में सर्वसम्मति से टाण्डा मलाजखण्ड सयुक्त एरिया कमेटी सचिव की जवाबदारी दिया गया। वर्ष 2008 में टिपागढ़ में उत्तर गढ़चिरौली गोंदिया डिवीजन के प्लीनम में डिवीजन सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया। वर्ष 2014 में केन्द्रीय कमेटी के निर्णय व नक्सलियों की विस्तार रणनीति के तहत नक्सलियों द्वारा महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के ट्राई जंक्शन को केन्द्र मानकर एमएमसी जोन बनाने का निर्णय लिया गया। जिसमें विस्तार क्षेत्र कोे आगे बढाने व जनाधार को मजबुत करने के लिये फिर पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय को एमएमसी जोन के अन्तर्गत जीआरबी डिवीजनल कमेटी का सचिव बनाया गया। 
वर्ष 2014-15 में उत्तर गढ़चिरौली डिवीजन का प्लीनम (अधिवेशन) में डीकेएसजेडसी को पृथक कर नया एमएमसी जोन बनाकर जिला कबीरधाम, मण्डला, उमरिया एवं बालाघाट, मंगेली डिडोरी व अचानकमार जैसे क्षेत्रों में विस्तार रणनीति के तहत नक्सल आंदोलन को तेज गति प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गई, जब से आदिवासियों की अस्मिता व उनकी रक्षा के लिये नक्सल संगठन में शामिल हुआ तब से आज तक नक्सल संगठन के सारे कार्यो को यह सोच कर कि हम गरीब, आदिवासी वर्ग के उत्थान के लिये कार्य कर रहे है अपने जान की बाजी लगाकर करते रहे लेकिन इतने ऊपर स्तर के आदिवासी लीडर होने के बावजूद सेन्ट्रल कमेटी में पदस्थ आन्ध्र प्रदेश एवं महाराष्ट्र के बडे नक्सली लीडरों द्वारा हमेशा इसे शक की नजर से देखते थे तथा पुलिस मुखबीर होने की भी शंका करते थे। पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय ने बताया कि ऊपरी सीसीएम नेताओं द्वारा क्षेत्रीय कैडरों के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार व नौकरशाही, व्यक्तिवादी एवं अवसरवादी व्यवहार, संदेह की दृष्टि से देखना, समय समय पर मानसिक रूप से प्रताडित करना तथा डिवीजन के सचिव होने के नाते डिवीजन में नक्सलियों के विरूद्ध कोई भी घटना होने पर मुझे ही उसका सम्पूर्ण रूप से जवाबदार ठहराया जाता रहा जिससे मै मानसिक रूप से परेशान रहता था। माओवादी पार्टी के अन्दर मूल निवासी आदिवासी कैडरों के साथ पूर्व में भी इसी तरह का गैर जिम्मेदारा पूर्वक व्यवहार किया गया जिसके कारण कई क्षेत्रीय आदिवासी कैडरों ने अपनी जान गवादी या पार्टी छोड कर चले गये। नक्सल संगठन मे आन्ध्रप्रदेश व महाराष्ट्र के ही नक्सलियों की बात सुनी जाती है तथा उनका ही आदेश चलता है। छत्तीसगढ़ के आदिवासी नक्सली सदस्यों को खाने, पीने तथा जनवरांे की तरह समान ढोने व नेताओं की सुरक्षा के लिये इस्तेमाल किया जाता है तथा उन्हे परिवारों से भी मिलने नही दिया जाता। नक्सली अपने आप को आदिवासी जनता का हितैषी कहते है लेकिन सच्चाई यह है कि संगठन के नेताओं के द्वारा आदिवासी जनता का आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक शोषण करते हैै। इससे पता चलता है कि नक्सलियों की कथनी और करनी में बहुत फर्क है। नक्सलियों द्वारा आदिवासी कैडर के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करते है तथा एक झुठी अलोकतांत्रिक रूप से लोकतंत्र की बाते करते है और नव जनवादी क्रांति के नाम पर ढ़िढोरा पिटा जाता है लेकिन नक्सली के बडे लीडरों द्वारा जनवादी केन्द्रीयता का पालन नही किया जाता है। आदिवासी जनता के विकास को अवरूद्ध करने के लिये सम्पुर्ण आदिवासी जनता को एक गलत राह दिखाते हुए हो रही जनविकास कार्य (स्कूल, सड़क, पुल-पुलिया एवं स्वास्थ्य केन्द्र एवं मानवीय संसाधनों) को नुकसान पहुचाकर जंगल क्षेत्रों मंे निवास करने वाले आदिवासी भाईयों को जानवर का जीवन जीने के लिये मजबूर करते है। नक्सली के बडे लीडरों द्वारा मीटिंग में पार्टी निर्णय लेते समय आदिवासी कैडरों को निर्णय से दूर रख कर आदेशों का पालन करने के लिये मजबूर किया जाता है। आदिवासी कैडरों को जंग के मैदान में हमेशा आगे रखा जाता है तथा पैसो की उगाही, हत्या, लूट एवं बडे वारदातों में दबाव पूर्वक इस्तेमाल किया जाता है तथा आंध्र प्रदेश व महाराष्ट्र के नक्सली नेता स्वयं को सुरक्षा घेरे में रखते है। आदिवासियों के हितो की आड़ में आन्ध्र प्रदेश व महारष्ट्र के बडे नेताओं द्वारा विभिन्न स्त्रोतों से पैसे वसूली कर उनके परिवार के लोग ऐशोआराम की जिंदगी जी रहे है जिससे विचलित होकर कई बार इसके द्वारा पार्टी के नेताओं के समक्ष मुद्दा उठाया गया लेकिन इसका कोई फर्क नक्सली नेताओं पर नही हुआ बल्कि पहाड़ सिंह पर और भी शंका किया जाने लगा। पार्टी में नौजवान युवक-युवतियों को शामिल करने हेतु आजादी के नायक भगत सिंह एवं आजाद जैसे नेताओं की कहानियाॅ सुनाई जाती है लेकिन पार्टी में शामिल होने के बाद माओवाद का रक्तरंजीत खतरनाक पाठ पढाकर आतंकवादी बना दिया जाता है। इन तमाम बातो से व्यथित होकर नक्सल आंदोलन छोडकर राष्ट्र की मुख्य धारा में जुडने का संकल्प लिया। यह बात सत्य है कि पहाड़ सिंह के नक्सली संगठन छोडने के बाद नक्सलियों को बहुत बडा झटका लगा है जिससे एमएमसी जोन के विस्तार क्षेत्रों में यह आंदोलन लगभग जनाधार विहीन हो गया है। 

पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग क्षेत्र दुर्ग श्री जी.पी.सिंह ने पुलिस अधीक्षक राजनाॅदगाॅव श्री कमलोचन कश्यप, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल आॅपरेशन श्री वाय.पी.सिंह एवं पुरी टीम को इस उत्कृष्ट कार्य एवं सफलता के लिये बधाई देते हुये प्रशंसा की है। 

पुलिस महानिदेशक श्री ए0एन0 उपाध्याय व विशेष पुलिस महानिदेशक, नक्सल अभियान/विआशा श्री डी0एम0 अवस्थी ने पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय को आत्म समर्पण करने पर स्वागत किया एवं इस कार्य में लगे अधिकारी एवं कर्मचारियों को एवं जिला पुलिस बल राजनांदगांव को सफलता के लिये बधाई दी है। 

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तीन राज्यों में कुल 47 लाख का ईनामी नक्सली पहाड़ सिंह ने किया आईजी श्री जीपी सिंह के समक्ष आत्म समर्पण

तीन राज्यों में कुल 47 लाख का ईनामी नक्सली पहाड़ सिंह ने किया आईजी श्री जीपी सिंह के समक्ष आत्म समर्पण


23/08/2018 : नक्सली संगठन छोडने पर छत्तीसगढ़ मूल के नक्सलियों को दी जाती है मौत की सजा एवं संगठन में रहने पर भी करते हैं जानवरों जैसा व्यवहार

तीन राज्यों में कुल 47 लाख का ईनामी नक्सली पहाड़ सिंह ने किया आईजी श्री जीपी सिंह के समक्ष आत्म समर्पण


 नक्सलियों के विस्तार जोन एमएमसी को तगड़ा झटका । 
 पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय उर्फ राममोहम्मद सिंह टोप्पो एसजेडसी सदस्य का पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग क्षेत्र, दुर्ग श्री जी.पी. सिंह के समक्ष आत्म समर्पण ।
 जीआरबी डिवीजन का सचिव भी है पहाड़ सिंह । 
 नक्सली लीडर पर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का था कुल 47 लाख का ईनाम घोषित । 
 नक्सली नेताओं द्वारा आदिवासी के हित में करने वाले कथनी एवं करनी की बात का पर्दाफाश । 
 नक्सल संगठन में शामिल लोकल कैडरों के साथ करते है दोयम दर्जे का व्यवहार । 
 नक्सल संगठन छोडने पर छत्तीसगढ़ के लोकल कैडरों को दी जाती है मौत की सजा एवं संगठन में रहने पर करते है जानवरों जैसा व्यवहार । 

पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग श्री जी0पी0 सिंह के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में राजनांदगांव जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे एन्टी नक्सल अभियान में उस समय एक और बडी कामयाबी मिली जब लाल आतंक का पर्याय बन चुके एमएमसी जोन के एसजेडसी सदस्य एवं जीआरबी डिवीजनल कमेटी के सचिव पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय उर्फ राममोहम्मद सिंह टोप्पो ने पुलिस दबाव एवं छत्तीसगढ़ शासन की आत्म समर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आज पुलिस के समक्ष आत्म समर्पण कर दिया। 

जैसा कि विदित है, कि पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय कतलाम जिला राजनांदगांव के थाना गैंदाटोला अन्तर्गत ग्राम फाफामार का निवासी है। वर्ष 1991 में अपने परिवार एवं गांव के लोगो के साथ ग्राम मसूली, बोन्डे एवं आसपास के जंगल में रूक कर तेन्दुपत्ता तोडई का काम करते थे। रूकने के लिये झोपडी का निर्माण जंगल में ही करते थे इस दौरान देवरी दलम के कमाण्डर दीपक मडावी एवं अन्य नक्सली करीबन 30-40 की संख्या में झोपड़ी में आते थे। ये नक्सली क्रांतिकारी विचारधारा के बारे में नाच गाना के माध्यम् से बताते थे। इसी तरह बीच बीच में तेन्दुपत्ता तोडने उक्त ग्रामों में जाता रहा। पाहड़ सिंह को ग्राम पंचायत फाफामार द्वारा स्कूल में शिक्षक की कमी को देखकर 500 रूपये महीने देकर बच्चो को पढ़ाने के लिये रखे थे। वर्ष 1999 में वह अपने रिस्तेदार जगत कुंजाम ग्राम खेडेपार से मिलने गया था, इस दौरान देवरी दलम के कमाण्डर देवचंद उर्फ चन्दु उर्फ नरेश निवासी भामरागढ़ क्षेत्र व गोंदिया बालाघाट डिवीजन के सचिव जगन से ग्राम मालडोंगरी जंगल में मुलाकात हुआ। जहाॅ पर इन नक्सली कमाण्डरों द्वारा बताया गया कि ‘‘तुम एक पढ़े लिखे आदिवासी बेरोजगार लडके हो, तुम्हे आदिवासी अस्मिता बचाने के लिये आदिवासी युवाओं को सामने लाना है इसके लिये भूमिगत होकर काम करना पडेगा तथा गांव गांव में जाकर जनता को संगठित कर संगठन बनाना है और युवक युवतियों को जनता की सेना पीजीए (पीपुल्स गुरिल्ला आर्मी) में भर्ती करना है। हमारी आदिवासी जनता की मुक्ति हथियारबंद जनसंघर्ष के बिना नही हो सकती। ये विचार युवक युवतियों में डालना और पीजीए (पीपुल्स गुरिल्ला आर्मी) के लिये भर्ती करना है। इसके बाद उसे थाना गैंदाटोला एवं थाना छुरिया के आसपास समस्त जंगल क्षेत्रों के ग्रामों में नक्सली विचारधारा को प्रचारित करने के लिये छः महीने के लिये काम सौपा गया। गरीबी, एवं बेरोजगारी के कारण उन्हे नक्सलियों की उक्त बाते उचित लगी और नक्सल विचारधारा से प्रभावित हो गया तथा छः माह तक सौपे गये काम को किया। उनके काम से संतुष्ट होकर देवरी दलम कमाण्डर देवचंद उर्फ चन्दु उर्फ नरेश द्वारा उसे वर्ष 2000 में देवरी दलम सदस्य के रूप में नक्सली संगठन में भर्ती किया गया एवं 8 एमएम बंदूक देकर देवरी दलम में पायलट का काम सौपा गया। वर्ष 2003 में देवरी एरिया कमेटी सदस्य बनाया गया। वर्ष 2006 में डिवीजन अधिवेशन (प्लीनम) में सर्वसम्मति से टाण्डा मलाजखण्ड सयुक्त एरिया कमेटी सचिव की जवाबदारी दिया गया। वर्ष 2008 में टिपागढ़ में उत्तर गढ़चिरौली गोंदिया डिवीजन के प्लीनम में डिवीजन सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया। वर्ष 2014 में केन्द्रीय कमेटी के निर्णय व नक्सलियों की विस्तार रणनीति के तहत नक्सलियों द्वारा महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के ट्राई जंक्शन को केन्द्र मानकर एमएमसी जोन बनाने का निर्णय लिया गया। जिसमें विस्तार क्षेत्र कोे आगे बढाने व जनाधार को मजबुत करने के लिये फिर पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय को एमएमसी जोन के अन्तर्गत जीआरबी डिवीजनल कमेटी का सचिव बनाया गया। 
वर्ष 2014-15 में उत्तर गढ़चिरौली डिवीजन का प्लीनम (अधिवेशन) में डीकेएसजेडसी को पृथक कर नया एमएमसी जोन बनाकर जिला कबीरधाम, मण्डला, उमरिया एवं बालाघाट, मंगेली डिडोरी व अचानकमार जैसे क्षेत्रों में विस्तार रणनीति के तहत नक्सल आंदोलन को तेज गति प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गई, जब से आदिवासियों की अस्मिता व उनकी रक्षा के लिये नक्सल संगठन में शामिल हुआ तब से आज तक नक्सल संगठन के सारे कार्यो को यह सोच कर कि हम गरीब, आदिवासी वर्ग के उत्थान के लिये कार्य कर रहे है अपने जान की बाजी लगाकर करते रहे लेकिन इतने ऊपर स्तर के आदिवासी लीडर होने के बावजूद सेन्ट्रल कमेटी में पदस्थ आन्ध्र प्रदेश एवं महाराष्ट्र के बडे नक्सली लीडरों द्वारा हमेशा इसे शक की नजर से देखते थे तथा पुलिस मुखबीर होने की भी शंका करते थे। पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय ने बताया कि ऊपरी सीसीएम नेताओं द्वारा क्षेत्रीय कैडरों के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार व नौकरशाही, व्यक्तिवादी एवं अवसरवादी व्यवहार, संदेह की दृष्टि से देखना, समय समय पर मानसिक रूप से प्रताडित करना तथा डिवीजन के सचिव होने के नाते डिवीजन में नक्सलियों के विरूद्ध कोई भी घटना होने पर मुझे ही उसका सम्पूर्ण रूप से जवाबदार ठहराया जाता रहा जिससे मै मानसिक रूप से परेशान रहता था। माओवादी पार्टी के अन्दर मूल निवासी आदिवासी कैडरों के साथ पूर्व में भी इसी तरह का गैर जिम्मेदारा पूर्वक व्यवहार किया गया जिसके कारण कई क्षेत्रीय आदिवासी कैडरों ने अपनी जान गवादी या पार्टी छोड कर चले गये। नक्सल संगठन मे आन्ध्रप्रदेश व महाराष्ट्र के ही नक्सलियों की बात सुनी जाती है तथा उनका ही आदेश चलता है। छत्तीसगढ़ के आदिवासी नक्सली सदस्यों को खाने, पीने तथा जनवरांे की तरह समान ढोने व नेताओं की सुरक्षा के लिये इस्तेमाल किया जाता है तथा उन्हे परिवारों से भी मिलने नही दिया जाता। नक्सली अपने आप को आदिवासी जनता का हितैषी कहते है लेकिन सच्चाई यह है कि संगठन के नेताओं के द्वारा आदिवासी जनता का आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक शोषण करते हैै। इससे पता चलता है कि नक्सलियों की कथनी और करनी में बहुत फर्क है। नक्सलियों द्वारा आदिवासी कैडर के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करते है तथा एक झुठी अलोकतांत्रिक रूप से लोकतंत्र की बाते करते है और नव जनवादी क्रांति के नाम पर ढ़िढोरा पिटा जाता है लेकिन नक्सली के बडे लीडरों द्वारा जनवादी केन्द्रीयता का पालन नही किया जाता है। आदिवासी जनता के विकास को अवरूद्ध करने के लिये सम्पुर्ण आदिवासी जनता को एक गलत राह दिखाते हुए हो रही जनविकास कार्य (स्कूल, सड़क, पुल-पुलिया एवं स्वास्थ्य केन्द्र एवं मानवीय संसाधनों) को नुकसान पहुचाकर जंगल क्षेत्रों मंे निवास करने वाले आदिवासी भाईयों को जानवर का जीवन जीने के लिये मजबूर करते है। नक्सली के बडे लीडरों द्वारा मीटिंग में पार्टी निर्णय लेते समय आदिवासी कैडरों को निर्णय से दूर रख कर आदेशों का पालन करने के लिये मजबूर किया जाता है। आदिवासी कैडरों को जंग के मैदान में हमेशा आगे रखा जाता है तथा पैसो की उगाही, हत्या, लूट एवं बडे वारदातों में दबाव पूर्वक इस्तेमाल किया जाता है तथा आंध्र प्रदेश व महाराष्ट्र के नक्सली नेता स्वयं को सुरक्षा घेरे में रखते है। आदिवासियों के हितो की आड़ में आन्ध्र प्रदेश व महारष्ट्र के बडे नेताओं द्वारा विभिन्न स्त्रोतों से पैसे वसूली कर उनके परिवार के लोग ऐशोआराम की जिंदगी जी रहे है जिससे विचलित होकर कई बार इसके द्वारा पार्टी के नेताओं के समक्ष मुद्दा उठाया गया लेकिन इसका कोई फर्क नक्सली नेताओं पर नही हुआ बल्कि पहाड़ सिंह पर और भी शंका किया जाने लगा। पार्टी में नौजवान युवक-युवतियों को शामिल करने हेतु आजादी के नायक भगत सिंह एवं आजाद जैसे नेताओं की कहानियाॅ सुनाई जाती है लेकिन पार्टी में शामिल होने के बाद माओवाद का रक्तरंजीत खतरनाक पाठ पढाकर आतंकवादी बना दिया जाता है। इन तमाम बातो से व्यथित होकर नक्सल आंदोलन छोडकर राष्ट्र की मुख्य धारा में जुडने का संकल्प लिया। यह बात सत्य है कि पहाड़ सिंह के नक्सली संगठन छोडने के बाद नक्सलियों को बहुत बडा झटका लगा है जिससे एमएमसी जोन के विस्तार क्षेत्रों में यह आंदोलन लगभग जनाधार विहीन हो गया है। 

पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग क्षेत्र दुर्ग श्री जी.पी.सिंह ने पुलिस अधीक्षक राजनाॅदगाॅव श्री कमलोचन कश्यप, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल आॅपरेशन श्री वाय.पी.सिंह एवं पुरी टीम को इस उत्कृष्ट कार्य एवं सफलता के लिये बधाई देते हुये प्रशंसा की है। 

पुलिस महानिदेशक श्री ए0एन0 उपाध्याय व विशेष पुलिस महानिदेशक, नक्सल अभियान/विआशा श्री डी0एम0 अवस्थी ने पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय को आत्म समर्पण करने पर स्वागत किया एवं इस कार्य में लगे अधिकारी एवं कर्मचारियों को एवं जिला पुलिस बल राजनांदगांव को सफलता के लिये बधाई दी है। 

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सभी संस्थाएं, समितियां एवं विभाग, पुलिस को जानकारी देने के लिए बाध्य हैं, यदि कोई संस्था पुलिस को जानकारी उपलब्ध नही कराती है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी

सभी संस्थाएं, समितियां एवं विभाग, पुलिस को जानकारी देने के लिए बाध्य हैं, यदि कोई संस्था पुलिस को जानकारी उपलब्ध नही कराती है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी



18/08/2018 आईजी श्री जीपी सिंह ने पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव, कबीरधाम एवं जिले के विवेचकों की बैठक लेकर चिटफण्ड कंपनियों पर नकेल कसने की कार्ययोजना बनाया

चिटफण्ड कंपनियों के खिलाफ 10 दिन में कार्यवाही पूर्ण कर लें, अन्यथा संबंधित विवेचको सहित सीएसपी/एसडीओपी एवं थाना प्रभारी जिम्मेदार होगें

छत्तीसगढ़ के गरीब मजदूर किसानों के साथ प्रदेश में मल्टीलेवल मार्केटिंग, नाॅन बैंकिंग फायनेंस कंपनियों एवं चिटफण्ड कंपनियों द्वारा आकर्षक जमा योजना, अधिक ब्याजदर एवं आकर्षक गृह निर्माण के नाम पर लोक लुभावने तरीके से झूठे प्रचार प्रसार के माध्यम से धनराशि एकत्र कर उनके साथ ठगी, जालसाजी एवं धोखाधडी करने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही है। जिसे देखते हुए ऐसे अपराधों पर नियंत्रण, रोकथाम एवं उनके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने के उद्देश्य से श्री जीपी सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज द्वारा आज दिनांक 18/08/2018 को मीटिंग ली गई। मीटिंग में पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव, कबीरधाम एवं जिले के विवेचकगण उपस्थित रहे। बैठक के दौरान निम्नानुसार निर्देश दिए गए:-

प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए लाईन-आॅफ-इन्वेस्टिगेशन तय कर लें, विवेचक, थाना प्रभारी एवं राजपत्रित अधिकारी एक साथ बैठकर प्रत्येक प्रकरण में गंभरता पूर्वक कार्यवाही करें।
चिटफण्ड कंपनियों के फरार आरोपियों के विरूद्ध तत्काल लुक-आॅउट नोटिस एवं रेड-काॅर्नर नोटिस जारी किया जावे। फरार आरोपियों को पकडने के लिए ईनाम की घोषणा संबंधी कार्यवाही करें तथा प्रापर्टी की सूची बनाकर धारा-10 के अंतर्गत कलेक्टर को पत्र लिखते हुए सम्पत्ति कूर्की के लिए कार्यवाही सुनिश्चित करें।
चिट फण्ड के कुछ अपराधी पहले से ही दीगर जिले के जेल में हैं ऐसे प्रकरणों में थाना प्रभारी एवं संबंधित राजपत्रित अधिकारी संबंधित थाना से जानकारी साझा करते हुए कार्यवाही पूर्ण करें। 
राज्य के बाहर घुम रहे फरार आरोपियों को पकडने के लिए जिला स्तर पर विशेष टीम का गठन कर तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करें।
 मनी लाॅन्डरिंग के प्रकरणों की विवेचना में विशेषज्ञ का भी सहयोग लें।
 पर्यवेक्षणीय अधिकारी प्रकरणों में सतत् मार्गदर्शन देकर निश्चित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें।
जिले के अंतर्गंत संचालित समस्त गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को सूचीबद्ध करते हुए निदेशक मण्डल के बारे में जानकारी हासिल करते हुए मान्यता, कार्यक्षेत्र, पंजीकृत उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली पर लगातार नजर रखें। इस संबंध में रजिस्ट्रार आॅफ कंपनीज, भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड, एवं राष्ट्रीय आवास बैंक से विस्तृत जानकारी हासिल किया जावे। 
क्षेत्राधिकार से बाहर के ऐसे कंपनियों जिनकी संभाग में ब्रांच संचालित है ऐसे कंपनियों को भी सूचीबद्ध करते हुए विस्तृत जानकारी एकत्रित किया जाए। 
ऐसे कंपनियों में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों (विशेषकर रिजनल मैनेजर, ब्रांच मैजेनर एवं प्रदेश में कार्यरत् एजेंट) का नाम, पता, आईडी प्रुफ एवं पेनकार्ड एवं मोबाईल नंबर लिया जावे। 
चिटफण्ड कंपनियों के खिलाफ करने के लिए ईनामी चिट और धन परिचालन स्कीम (पाबंदी अधिनियम) 1978, चिटफण्ड अधिनियम 1982 एवं भादवि की धारा 419 एवं 420 सहित अन्य नियमों के तहत् कठोर कार्यवाही का प्रावधान है।
बंद हो चूकी फ्रॉड कंपनियों की संपत्ति का ब्यौरा हासिल करते हुए सम्पत्ति को सीज कर लिया जावे तथा अदालत के निर्देश पर संपत्ति को बेचकर मिली रकम निवेशकों को लौटाने के संबंध में कार्यवाही किया जावे।

श्री सिंह ने बताया कि चिटफण्ड के प्रकरणों में शासन गंभीर है। धारा-91 सीआरपीसी के अंतर्गत सभी संस्थाएं, समितियां एवं विभाग पुलिस को वांछित जानकारी देने के लिए बाध्य हैं, यदि कोई संस्था पुलिस को चाही गई जानकारी उपलब्ध नही कराती है, तो संस्था के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। 

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विधानसभा चुनाव को लेकर दुर्ग रेंज की पुलिस ने कसी कमर

विधानसभा चुनाव को लेकर दुर्ग रेंज की पुलिस ने कसी कमर


चुनाव आयोग के निर्देशों के परिपालन में श्री जी.पी. सिंह ने अपनी ओर से तैयारी प्रारंभ कर दी है। जिसके तहत रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, 32 बंगला दुर्ग में रेंज के पांचों जिलों के पुलिस अधीक्षकों की मीटिंग ली गयी। श्री सिंह ने सभी पुलिस अधीक्षकों से गत चुनाव के संबंध में फीड बैक लिया तथा निर्देंशित किया कि:-

अभी से चुनाव हेतु पुलिस की तैयारी प्रारंभ कर दें, ताकि रेंज में शांतिपूर्वक एवं निर्विघ्न चुनाव सम्पन्न कराया जा सके।
जिले के सभी मतदान केन्द्रों का दौरा कर उसकी लोकेशन, भवन की स्थिति, जिला मुख्यालय से दूरी, कनेक्टिविटी एवं सुरक्षा की समीक्षा कर, जिले में उपलब्ध बल एवं संसाधनों से तुलना कर, अभी से अतिरिक्त बल एवं संसाधनों की मांग का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजें, ताकि समय पर आवश्यक बल एवं संसाधन प्राप्त हो सके। यदि मतदान केन्द्र मंें सुरक्षा कारणों से परिवर्तन की आवश्यकता हो, तो चुनाव आयोग को प्रस्तावित करें।
चुनाव कार्य में सहयोग के लिये आबंटित होेने वाले केन्द्रीय पुलिस बल, अर्ध सैनिक बल एवं अन्य प्रदेशों के पुलिस बल कें लिये होल्डिग एरिया, आवास, संचार एवं परिवहन व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधा, उनके प्रशिक्षण तथा अन्य लाजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराने की योजना बना लें। इसके लिये स्टेंक होल्डर विभागों से समन्वय स्थापित कर लें।  
रिएक्टिव पुलिसिंग के बजाय प्रोएक्टिव पुलिसिंग की जावे। चुनाव में गडबडी फैलाने वाले व्यक्तियों व गडबडी वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर यथोचित कार्यवाही करें। असमाजिक तत्वों के विरूद्ध जीरो टालरेंस की नीति अपनाते हुए प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करायें। मोटर व्हीकल एक्ट, लघु अधिनियम, प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत प्रभावी कार्यवाही हो। 
उपयुक्त स्थानों पर सटीक नाकाबंदी की व्यवस्था कर, वाहनों एवं संदिग्धों की जांच कराई जावे। होटल, लाज, ढाबा, धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, बस स्टेंड एवं अन्य भीडभाड वाले क्षेत्रों मंे यथोचित बल लगाकर सघन जांच एवं तलाशी कराई जावे। 
आर्म्स एवं विष्फोटक लायसेंसदारानों की सूची का मिलान कलेक्टर कार्यालय के रिकार्ड से कराकर, लायसेंसदारानों की चेकिंग करावें। तसदीक पर अनियमितता अथवा अवैध हथियार/विस्फोटक होने पर यथोचित वैधानिक कार्यवाही की जावे। चुनाव के दौरान समय पर हथियार थानों में जमा कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें।
नक्सल प्रभावित जिलों बालोद, राजनांदगांव एवं कबीरधाम में नक्सल गतिविधियों को लेकर विशेष रूप से अलर्ट रहें। नक्सल गतिविधियों के परिप्रेक्ष्य में सरहदी राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ बार्डर मीटिंग आयोजित कर चुनाव के दौरान नक्सल उत्पात को रोकने के लिये प्राथमिकतायें तय कर कार्ययोजना बनाकर अमल करें। एरिया डामिनेशन, आरओपी, नक्सल अभियान एवं आसूचना संकलन पर ध्यान दें।
चुनाव संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिये पृथक से शिकायत सेल बनाया जावे। इसी तरह चुनावी गतिविधियों के संचालन के लिये वुनाव नियंत्रण कक्ष बनाकर वहां उपयुक्त अधिकारी/कर्मचारी सहित आवश्यक उपकरण मुहैया करावें।

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छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए खुशखबरी, आईजी दुर्ग का प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए खुशखबरी, आईजी दुर्ग का प्रस्ताव 


अब छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार का आंदोलन हो सकती है "बंद"

जवानों के लिए खुशखबरी अवकाश के दौरान भत्तों में कटौती नही होगी

ड्यूटि के दौरान मृत्यु होने पर जवानों को शहीद के समकक्ष पेंशन इत्यादि प्राप्त होगी

विश्वसनीय सूत्र से ज्ञात हुआ है कि पुलिस परिवार के आंदोलन के कुछ दिन पूर्व ही दुर्ग संभाग के आईजी श्री जी पी सिंह द्वारा केन्द्रीय कल्याण समिति एवं परामर्शदात्री समिति की बैठक हेतु पुलिस बल, एसपीओ, स्टेनो और बाबुओं के लिए कल्याणकारी एजेण्डा प्रस्ताव तैयार किया है। पुलिस परिवार के सदस्यों की मानें तो यह प्रस्ताव वास्तव में पुलिस बल के लिए आदर्श प्रस्ताव है। उन्हें विश्वास है कि राज्य सरकार ऐसे प्रस्ताव को स्वीकृत करेगा। आदर्श प्रस्ताव पर चर्चा करने पर पुलिस परिवार ने खुशी जाहिर करते हुए आईजी श्री सिंह को धन्यवाद दिया है। प्रस्ताव के कुछ अंश इसप्रकार हैं:-

वेतन विसंगति:- आरक्षक, प्रधान आरक्षक, एएसआई की वेतन विसंगतियों को दूर करते हुए सहायक आरक्षकों के वेतन में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव में छठवे वेतनमान के आधार पर आरक्षकों का ग्रेड-पे 2200/- करने की अनुसंशा की गई है।

नये भत्तों की स्वीकृति:- 
  • वर्तमान में आरक्षक एवं प्रधान आरक्षकों को विभाग द्वारा किट वितरण किया जाता है जिसे समाप्त करते हुए प्रतिवर्ष 3 हजार रूपये एकमुस्त देने की बात कही गई है। 
  • मुलजिम पेशी में जाने वाले जवानों के लिए मुलजिम खुराक भत्ता देने एवं 15 साल एवं 20 साल सेवा पूर्ण कर मेडल प्राप्त करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के लिए मेडल भत्ता देने की अनुसंशा की गई है।
  • पेट्रोल भत्ता के रूप में 1 हजार रूपये अथवा सप्ताह में 5 लिटर पेट्रोल देने, टाॅप-अप सहित सीयूजी सिम प्रदान करने की अनुसंशा की गई है। 
  • प्रशिक्षण भत्ता के दौरान प्रतिदिन 60 रूपये मिलने वाले भत्ते को कम से कम 200 रूपये बढ़ाने की अनुसंशा की गई है। 
भत्तों में वृद्धि:- 
  • समस्त अधिकारी/कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के आधार पर 15 प्रतिशत गृहभाडा भत्ता प्रदान करने की अनुशंसा की गई है। इससे नये भर्ती जवानों को उनके वेतन में लगभग 3500/- रूपये का लाभ होगा।
  • जवानों के ड्यूटि में मिलने वाले यात्रा भत्ता जो वर्तमान में महानगर में 80 रूपये एवं अन्य स्थान के लिए 60 रूपये का प्रावधान है जिसे क्रमशः 300 एवं 200 रूपये बढ़ाने की बात कही गई है।
  • वर्तमान में वर्दी भत्ता के रूप में आर./प्रआर को 60 रूपये एवं सउनि/उनि/निरीक्षकों को 80 रूपये प्रतिमाह की दर से देय है जिसे क्रमशः 500 एवं 1000 रूपये बढ़ाने की बात कही गई है।
  • अधिकारियों को तीन वर्ष में एक बार वर्दी अनुदान के रूप में 800 रूपये मिलती है जिसे प्रतिवर्ष 2 हजार रूपये करने की अनुसंशा की गई है।
  • पौष्टिक आहार भत्ता के रूप में जवानों को मात्र 100 रूपये प्राप्त हो रही है जिसे 1,500 रूपये करने की अनुसंशा की गई है।
  • एफटीए के रूप में 30 रूपये प्राप्त होने वाले भत्ते को 1 हजार रूपये करने की अनुसंशा की गई है।
  • चिकित्सा भत्ता के रूप में 200 रूपये प्रतिमाह प्राप्त होने वाले भत्ते को 500 रूपये करने की अनुसंशा की गई है।
  • राशन भत्ता, बिगुलर, आर्मोरर एवं चालक भत्ता को बढ़ाने बात कही गई है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत कर लिया जाता है तो इन सभी भत्तों में 300 प्रतिशत से 1000 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो जाएगी। 
  • त्यौहार अग्रिम के रूप में मिलने वाली रकम को 20 हजार करने की बात कही गई है।

कल्याणकारी योजनाएं:- 
  • जवानों एवं परिवार के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा का प्रावधान करने हेतु स्मार्ट कार्ड की तर्ज पर पुलिस मेडिक्लेम कार्ड की बनाने अनुसंशा की गई है। 
  • समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए आवासगृह तैयार कराने की प्रस्ताव रखते हुए आवासगृह की आकृति बढ़ाने की बात कही गई है।  
  • पुलिस परिवार के बच्चों के स्कूल आने जाने के लिए वाहन व्यवस्था की अनुसंशा की गई है।   
  • समस्त जिला मुख्यालय में 4थी वाहिनी माना रायपुर के तर्ज पर पुलिस केन्टीन संचालन की अनुसंशा की गई है। 
  • प्रत्येक जिले में जवानों एवं उनके परिवार की सुविधा के दृष्टिगत पुलिस गैस एजेंसी, पुलिस पेट्रोल पम्प, पुलिस अस्पताल, पुलिस स्कूल, प्ले स्कूल, झूला घर, पार्क, मनोरंजन गृह, खेलकूद ग्राउण्ड एवं जिम बनाने की अनुसंशा की गई है।
पदोन्नति:- 
  • पदोन्नति के लिए थाना में पदस्थापना की अनिवार्यता समाप्त करने की अनुसंशा की गई है।
  • आरक्षक से प्रआर एवं प्रआर से सउनि ‘‘ब’’ संवर्ग पदोन्नति के लिए शारीरिक परीक्षा अनिवार्य समाप्त करने की अनुसंशा की गई है। इसके साथ ही पीपी कोर्स नही करने के कारण के कारण पदोन्नति प्रभावित नही होने की बात कही है।
  • स्टेनो संवर्ग के कर्मचारियों के लिए लिपिक संवर्ग के तर्ज में पदोन्नति का प्रावधान प्रावधानित करने की अनुसंशा की गई है।
  • जिला/इकाई स्तर में कार्यरत् अनुसचिविय कर्मचारियों को लंबे अवधि तक प्रमोशन के लिए इंतिजार करना पडता है इसलिए पुलिस मुख्यालय एवं इकाई स्तर के कर्मचारियों के कैडर को मर्ज करने की अनुसंशा की गई है।
अन्य महत्वपूर्ण सुझाव:- 
  • अवकाश के दौरान किसी भी प्रकार के भत्तों में कटौती नही किया जाना चाहिए।
  • ड्यूटि के दौरान मृत्यु होने पर जवानों को शहीद के समकक्ष असाधारण पेंशन/स्वत्व एवं विशेष एक्सग्रेसिया प्रदान करने की अनुसंशा की गई है।
  • केन्द्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर जवानों के बच्चों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपये तक प्रशिक्षण शूल्क प्रदान किया जाना चाहिए।
  • जिला बल के जवानों को बैरट कैप पहनने की अनुमति दी जानी चाहिए।
  • बल की कमी एवं सुरक्षा कारणों से सेशन ट्रायल में मुजलिमों की पेशी वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से हो।
  • पुलिस के कार्य की अधिकता को देखते हुए प्रत्येक वाहन के लिए 02 आरक्षक (चालक) तैनात किया जाना चाहिए।
  • प्रत्येक थाना में कम से कम आरक्षक (चालक) का 01 पद स्वीकृत हो, इन्हे शारीरिक परीक्षा में छूट देते हुए आईटीआई से डिजल मेकेनिक/मोटर मेकेनिक का प्रमाणपत्र की अनिवार्यता लागू कर दिया जाना चाहिए।

"अब देखना यह है कि पुलिस के इस आदर्श प्रस्ताव पर राज्य सरकार कितना अमल करती है और यह प्रस्ताव छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी/कर्मचारियों, एसपीओ, स्टेनो और बाबुओं के लिए कितना कल्याणकारी साबित होता है।"


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38 प्रधान आरक्षक बने एएसआई, आईजी ने जारी किया आदेश

38 प्रधान आरक्षक बने एएसआई, आईजी ने जारी किया आदेश

श्री जी.पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा दिनांक 07/08/2018 को 38 प्रधान आरक्षकों को सहायक उप निरीक्षक के पद पदोन्नति देते हुए आदेश जारी किया गया है। ज्ञातव्य हो कि ‘‘अ’’ वर्ग में 24 प्रधान आरक्षकों को पदोन्नति दी गई है वहीं लम्बी सेवा पूर्ण कर चूके 14 प्रधान आरक्षकों को ‘‘ब’’ वर्ग में पदोन्नति दी गई है। 


प्रधान आरक्षक (वर्ग ‘‘अ’’) से सहायक उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नति पाने वाले 24 कर्मचारी निम्नानुसार हैं :-
1 प्रआर-872 वेदन सलामे
2 प्रआर-180 सुखनंदन
3 प्रआर-788 चेतन सिंह नेताम
4 प्रआर-222 सुन्दर लाल
5 प्रआर-509 जगन्नाथ
6 प्रआर-369 रोहित कुमार
7 प्रआर-399 जगमोहन
8 प्रआर-580 धुरवा राम
9 प्रआर-03 कोदूराम नागवंशी
10 प्रआर-319 रूपेश्वर राम भगत
11 प्रआर-1274 राजेश कुमार ठाकुर
12 प्रआर-543 जयमल उइके
13 प्रआर-373 दिनेशचन्द्र शर्मा
14 प्रआर-368 शंकर लाल
15 प्रआर-817 शत्रुहन पटेल
16 प्रआर-818 भलेन्तनुस पन्ना
17 प्रआर-1117 गोवर्धन लाल
18 प्रआर-579 गैंदलाल नेताम
19 प्रआर-527 सुरेन्द्र कुमार
20 प्रआर-1309 मनोज कुमार यादव
21 प्रआर-571 मयाराम नेताम
22 प्रआर-819 दिनेश सिंह
23 प्रआर-709 राम नरेश
24 प्रआर-1343 दिनेश कुमार


प्रधान आरक्षक (वर्ग ‘‘ब’’) से सहायक उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नति पाने वाले 14 कर्मचारी निम्नानुसार हैं :- 
1 प्रआर-588 छन्नूलाल कंवर
2 प्रआर-453 पवन कुमार राजपूत
3 प्रआर-189 सेवकराम सोनकर
4 प्रआर-364 नारदराम ठाकुर
5 प्रआर-168 गणेशराम साहू
6 प्रआर-1208 झग्गर सिंह
7 प्रआर-693 उमापति झाॅ
8 प्रआर-1080 चैतूराम आर्य
9 प्रआर-891 होलसिंह भुवाल
10 प्रआर-961 गजाधर चन्द्राकर
11 प्रआर-87 रामकुमार ठाकुर
12 प्रआर-307 तुकाराम वर्मा
13 प्रआर-1346 संतूराम
14 प्रआर-560 जितेन्द्र चन्द्राकर


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प्रेसक्लब राजनांदगांव द्वारा आयोजित कार्यक्रम ’प्रेस से मिलिए’ में शामिल हुए आईजी श्री जीपी सिंह

सिटीजन काॅप हर नागरिक को पुलिस अधिकारी के रूप में कार्य करने की सुविधा देती है - आईजी दुर्ग


05/08/2018 प्रेसक्लब राजनांदगांव द्वारा आयोजित कार्यक्रम ’प्रेस से मिलिए’ में शामिल हुए आईजी श्री जीपी सिंह

दुर्ग आईजी श्री जीपी सिंह दिनांक 5 अगस्त 2018 को प्रेसक्लब राजनांदगांव द्वारा आयोजित कार्यक्रम ’प्रेस से मिलिए’ में शामिल हुए। ’प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के मोबाइल एप्लीकेशन सिटीजन कॉप पर विशेष चर्चा हुई जहां उन्होने सिटीजन काॅप के उपयोग एवं वर्तमान परिदृश्य में सिटीजन काॅप की उपयोगिता से मीडिया साथियों को रूबरू कराया। उन्होंने सिटीजन काॅप की उपयोगिता बताते हुए कहा कि "यह एप्लीकेशन हर नागरिक को पुलिस अधिकारी के रूप में कार्य करने की सुविधा देती है।" कार्यक्रम के दौरान श्री सिंह ने कहा कि "मैं मानता हूं कि प्रेस के माध्यम से प्राप्त सूचनाएं सही होती है।" इसलिए मेरी अपेक्षा मीडिया साथियों से है कि वे अपराध मुक्त राज्य की स्थापना में अपना अमूल्य योगदान दें। 

उन्होनें बताया कि सिटीजन कॉप में आमनागरिकों से सारगर्भित सूचनाएं/शिकायतें प्राप्त हो रही है। चूंकि यह एप्प आम नागरिकों के पहचान की गोपनीयता पर आधारित है इसलिए अब आम नागरिक भी अपराधियों के खिलाफ पुलिस को सूचनाएं देने के लिए आगे आ रहे हैं।

श्री सिंह ने आगे बताया कि सिटीजन काॅप एप्लीकेशन broken window theory पर कार्य करती है। क्योंकि आम नागरिक बडे अपराधों से नही वरन् छोटे-छोटे अपराधों से अत्यधिक परेशान है, यदि छोटे अपराधियों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रतिबंध लगा लें तो बडी अपराध घटित ही नही होगी। सही समय पर अपराधिक तत्वों पर कार्यवाही नही होने से ही ऐसे तत्व की मनोबल बढता और आगे बडे-बडे अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में सक्षम होता चला जाता है।


ज्ञातव्य हो कि अब तब (दिनांक 27 जूलाई 2018 की स्थिति में) प्रदेश में सिटीजन काॅप मोबाईल एप्लीकेशन को 1,24,870 लोगों ने डाउनलोड कर लिया है जिनमें से 91,016 उपयोगकर्ता अपनी सक्रिय भूमिका रहे हैं। अब तक इस एप्प के माध्यम से 11,489 शिकायतें/सूचनाएं प्राप्त हुई है। जिनमें सेे 4,599 शिकायतों पर आम नागरिकों को सीधे व त्वरित लाभ मिला है। 2,526 शिकायतों पर कार्यवाही चल रही है जबकि 4,364 सूचनाएं टेस्ट अथवा सुझाव के रूप में प्राप्त हुई है। सिटीजन काॅप के माध्यम से दस्तावेज एवं वस्तुओं के गुम अथवा चोरी के 4,920 शिकायतें प्राप्त हुई है, जिन्हें पुलिस द्वारा आॅटो-जनरेटेड पावती ई-मेल के माध्यम से दी भेजी गई है।

इस एप्प के माध्यम से एसओएस (हेल्प मी) के 3,258 सूचनाएं प्राप्त हुई है वहीं पुलिस द्वारा क्रेन से उठाये गये 8,549 वाहनों की जानकारी आॅनलाईन उपलब्ध कराते हुए आम नागरिकों को सुविधा मुहैया कराई गई है।



सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्लीकेशन से प्राप्त अलग-अलग प्रकार के कुछ सूचना/शिकायत पर कार्यवाहियों की संक्षित जानकारी

आम नागरिकों को सिटीजन काॅप मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से पुलिस संबंधी अनेकोनेक छोटी-बडी सुविधाएं मिल रही है। जिनमें से दुर्ग जिले के अलग-अलग प्रकार की कुछ छोटी सूचनाओं को संदर्भित किया जा रहा है जिनपर पुलिस द्वारा कार्यवाही की गई है।  


लगातार तीन साल से छेडखानी का शिकार हो रही महिला को दिलाया राहत: दिनांक 23/04/2018 के दोपहर 2ः06 बजे सूचना मिला कि ‘‘मेरे पड़ोस में रहने वाला एक आदमी मुझे पिछले दो तीन सालों से परेशान कर रहा है। मुझे आते जाते छेड़छाड़ करता है गन्दे इशारे करता है। मना करने पर बच्चों के नाम से धमकी देता है। मेरे घरवाले भी नही समझ पा रहे हंै। मैं काफी परेशान हूँ। कृपया मेरी सहायता करें। उचित कार्यवाही करें।’’
हल - महिला कार्यवाही नही चाह रही थी केवल छेडखानी से राहत चाहती थी। इसलिए संबंधित पुरूष को चेतावनी दी गई, पुरूष ने आश्वासन दिया है कि वह संबंधित महिला से कभी भी छेडखानी नही करेगा।
फीडबैक - थैंक्स यु सर एंड सिटीजन काॅप। आप सभी स्टाप का मै बहुत ही आभारी हूँ जो कि मुझे इस प्रोब्लम से निराकरण मे मुझे आप सभी का बहुत ही अच्छा सहयोग मिला जो की मैं फिर से धन्यवाद देती हूं ऐ सिटीजन मोबाईल ऐप्स।


सिटीजन काॅप ने महिला को दिलाया अनचाहे काॅल से राहत: दिनांक 29/04/2018 के सायं 4ः22 बजे सूचना मिला कि ‘‘एक लडके का उन्हें बार बार फोन आ रहा है। plz help me’’
हल - पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही किया गया।
फीडबैक - GREAT INITATIVE by you and your team citizen cop-- thank you सही मायने में देखा जाए तो एक मिडिल क्लास इंसान और एक आम आदमी अपनी फरियाद किसे सुनाये। तो उसका हल है आपका CITIZEN COP ones again thank



सिटीजन काॅप ने वापस दिलवाया पार्षद से 11 हजार रूपये: दिनांक 12/05/2018 के सायं 11ः54 बजे सूचना मिला कि भिलाई ‘‘एक पार्षद मुझ से 11 हजार रुपये ले कर पिछले 45 दिनों से पैसा वापस करने में आना कानी कर रहा है। पैसा वापस नही दे रहा है। अपना रौब दिखता है। कृपया मेरी मदद करे। मेरे पिता जी का देहांत 10 मई को हो गया है। मुझे पैसो की बहुत ज्यादा जरूरत है।’’ 
हल - संबंधित पार्षद को उनके रूपये लौटाने के संबंध में सुझाव देते हुए अन्यथा स्थिति में पुलिस कार्यवाही से अवगत कराया गया।
फीडबैक - मेरा पैसा मुझे प्राप्त हो गया है। जिसके लिए मैं सिटीजन काॅप को हृदय से धन्यवाद देता हूं। 


सिटीजन काॅप ने डीजे संचालक से दिलवाया एडवांस का रकम: दिनांक 22/05/2018 के सायं 5ः21 बजे सूचना मिला कि ‘‘18 अप्रैल को बारात में DJ बजाने के लिए डीजे संचालक से बात किया और एडवांस के रूप में 1000 रूपये दिया इसके बावजूद डीजे वाले नही आए और डीजे नही बजाए। बल्कि आ रहा हूं, आ रहा हूं कहकर 3घण्टे बरबाद कर दिया। एक माह से एडवांस का राशि लौटा नही रहा है।’’
हल - पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही किया गया।
फीडबैक - सर आज 19/06/2018 शाम 7 बजे मेरा ऐडवांस पैसा सरपंच ने 1000 रूपये वापस कर दिया गया। सिटीजन काॅप के सभी सदस्यों को तहे दिल से धन्यवाद सर - मैडम ।


सिटीजन काॅप में शिकायत, पुलिस ने किया तत्काल एफआईआर: दिनांक 08/07/2018 के रात्रि 01ः14 बजे सूचना मिला कि "दो व्यक्ति मेरा स्पोर्ट्स सायकल चोरी करके ले गये हैं। मेरे पास सीसीटीव्ही फूटेज भी है।" 
हल - 09/07/2018 को सुपेला थाना में एफआईआर दर्ज कर मामले में जांच की जा रही है।
फीडबैक - इस ऐप के द्वारा मैने अपनी स्पोर्ट्स साइकल चोरी हो जाने की जानकारी दी थी अगले दिन मुझे सुपेला थाना बुलाया गया और एफ॰आई॰आर दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी गयी। यह सेवा बहुत फास्ट है। आप सबका धन्यवाद!



सिटीजन काॅप ने किया सीमामुक्त पुलिसिंग: दिनांक 02/07/2018 के सुबह 09ः32 बजे जिला जांजगीर-चाम्पा (बिलासपुर संभाग) से शिकायत मिला कि ‘‘एक सरपंच द्वारा पत्रकार को गाली-गलौच और देख लेने जान से मार देने की धमकी दिया है। पत्रकार को डर है रात में कही सरपंच कोई अनहोनी या अप्रिय घटना ना कर दे।’’
हल - सरपंच को पुलिस कार्यवाही से अवगत कराया गया, जिससे उन्होने पत्रकार से माफी मांगी और आपसी समझौता कराया गया।
फीडबैक - परम्परागत पुलिसिंग सीमाओं से बंधी होती थी, सिटीजन कॉप एप्प लागू होने से मुझे सीमारहित पुलिसिंग का लाभ मिला है। आईजी श्री जीपी सिंह के योगदान से छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रति विश्वास जगी है। thanks CGPolice


सिटीजन काॅप ने हटवाया कचरा: दिनांक 19/07/2018 के सुबह 11ः05 बजे सूचना मिला कि ‘‘वार्ड नं-31, आपापुरा में माँ दुर्गा सोसाइटी वस्त्र भंडार के सामने किनारे से लगभग एक माह कचरा डंप कर दिया गया है, जिसमे बदबू आने लगी है। कृपया उसे हटाने का कष्ट करें।’’
हल - पुलिस द्वारा नगर निगम के माध्यम से कचरा हटवाया गया।
फीडबैक - कचरा निगम द्वारा उठा लिया गया है ।


सिटीजन काॅप ने हटवाया चिकन ठेला: दिनांक 29/07/2018 के सायं 08ः09 बजे सूचना मिला कि ‘‘विद्या कोचिंग के रास्ते आम गली में चिकन ठेला लगाने से कोचिंग में आने वाली छात्राओं और आम नागरिकों को परेशानी होती है। कृपया जल्दी मदद करे।’’
हल - पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए संबंधित ठेला को समझाईस देकर स्थल परिवर्तन कराया गया।
फीडबैक - हमारी समस्या आपके आने से खत्म हो गयी है। आपके सहयोग का बहुत बहुत धन्यवाद


सिटीजन काॅप ने धुंवा देने वाले पेट्रोलियम टेंकर के खिलाफ की कार्यवाही: दिनांक 31/03/2018 के सुबह 10ः28 बजे सूचना मिला कि "यह पेट्रोलियम टेंकर बहुत अधिक धुवा दे रहा है, यह जहां से निकलता है पीछे 100 मीटर तक रोड में अंधेरा छा जाता है। तत्काल प्रतिबंधात्मक कार्रवाही करें।" 
हल - पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए संबंधित पेट्रोलियम टेंकर के विरूद्ध धारा 190/2 के तहत चालानी कार्यवाही किया गया।
फीडबैक - सिटीजन कॉप एप्लीकेशन आम नागरिकों को शसक्त बनाती है। मुझे विश्वास नहीं था कि पुलिस ऐसे छोटी-मोटी शिकायतों का भी निराकरण करेगी। मैंने लोकहित से जुड़े मेरे अधिकांश शिकायत का त्वरित निराकरण हुआ। thanks ---



सिटीजन काॅप में शिकायत, पुलिस ने किया त्वरित कार्यवाही: दिनांक 06/07/2018 के प्रातः 08ः44 बजे सूचना मिला कि ‘‘1महीने पहले बनी सीमेंट की सड़क पर घटिया निर्माण की वजह से पानी जमा हो रहा है। सफेद रंग के मच्छर पैदा हो रहे है।’’
हल - पुलिस द्वारा त्वरित पहल करते हुए निगम के माध्यम से कार्यवाही पूर्ण कराया गया।
फीडबैक - बहुत बहुत धन्यवाद ये ऐप बहुत अच्छा है तुरंत जन की आवाज पहुचता है।



सिटीजन काॅप ने कराया स्ट्रीट लाईट चालू: दिनांक 03/07/2018 के रात्रि 10ः40 बजे सूचना मिला कि ‘‘श्रीनिवास टेलर दुकान के पास पोल क्रमांक 20/153 एवं 20/154पंचशील नगर (पूर्व), बी.एम.वाय., चरोदा, दुर्ग में Street Light जल नहीं रहा है।’’
हल - पुलिस द्वारा त्वरित पहल करते हुए निगम के माध्यम से कार्यवाही पूर्ण कराया गया।
फीडबैक - बहुत अच्छा response मिला आपके app पर शिकायत करने पर, मेरे द्वारा पिछले 1 महीने से पार्षद को complain करने पर भी कोई सुधार नहीं हो पा रहा था। धन्यवाद आप की पूरी Team को जिन्होंने बहुत कम समय लिया।


सिटीजन काॅप ने हटाया नो पार्किंग जोन से वाहन: दिनांक 26/06/2018 के दोपहर 12ः52 बजे सूचना मिला कि ‘‘जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के सामने एक स्कार्पियो वाहन क्रमांक CG 04 HA 1250  खडी है।’’
हल - पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही किया गया।
फीडबैक - स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हूए गाडी को अपने कब्जे मे लिया तभी गाडी मालिक भी आ गया और गाडी ले गया।



Citizen COP - Mobile Application के प्रमुख फीचर .......

1. “Report an Incident” feature के माध्यम से अपनी पहचान बिना बताए अपने क्षेत्र और समाज में हो रहे विभिन्न प्रकार के अपराध (जैसे - चोरी/हत्या/लूट/ डकैती/शोषण/ छेडखानी), यातायात संबंधी अपराध/घटनाओं की सूचनाएं तथा नगर निगम संबंधी समस्याओं को सीधे पुलिस को उपलब्ध कराया जा सकता है। 
2. इस एप्लीकेशन में जनता की सुविधा हेतु Call Police और Call Administration के अंतर्गत थाना प्रभारियों सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों का नंबर भी उपलब्ध कराया गया है। 
3. “My Safe Zone” feature के माध्यम से गुगल मैप पर सुरक्षा घेरा बनाया जाकर अपने बच्चों तथा नजदीकी रिश्तेदारों की सुरक्षार्थ निगरानी की जा सकती है तथा उनके द्वारा चिन्हांकित घेरा से बाहर जाते ही आपको संदेश प्राप्त होगा। 
4. आकस्मिक परिस्थिति में संकट के समय SoS (Help Me) के माध्यम से एक क्लिक पर अपने 04 नजदीकी रिश्तेदारो व पुलिस को सूचना दी जा सकती है। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस द्वारा आवश्यक सहयोग/सुरक्षा प्रदान की जाती है। 
5. “Travel Safe” feature के माध्यम से आम नागरिक अपने सुरक्षित यात्रा की सुनिश्चितता पूर्व निर्धारित कर सकता है। 
6. “Report Lost Article” feature के माध्यम से किसी भी प्रकार के दस्तावेज और सामग्री खो जाने अथवा चोरी होने की स्थिति में पुलिस थाना जाए बिना ही अपनी सूचना दर्ज कराते हुए ई-मेल के माध्यम से पावती प्राप्त की जा सकती है। 
7. “Vehicle Search” feature के माध्यम से किसी भी वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से उसके मालिक व वाहन संबंधी पूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। 8. इस एप्लीकेशन में जिलों के विभिन्न इमरजेंसी नंबर दिये गये है, नागरिकगण जिसका उपयोग कर सकते है। 
 9. “Nearby Places” feature के माध्यम से पुलिस द्वारा समय-समय पर जारी सूचनाओं को सीधे अपने मोबाईल पर प्राप्त किया जा सकता है। 
10. “Nearby Places” feature के माध्यम से अपने नजदीकी स्थल जैसे पुलिस थाना, बस स्टैण्ड, बैक, एटीएम, अस्पताल, डाॅक्टर, मुवी-थियेटर, रेस्तरां और पेट्रोल पम्प की जानकारी लोकेशन व दूरी सहित प्राप्त की जा सकती है। 
11. “My Close Group” feature के माध्यम से अपने नजदीकी रिश्तेदारों, परिजन व अन्य लोगों का समूह बनाकर गुगल मैप में उनका लोकेशन प्राप्त किया जा सकती है। 
12. Towing Vehicle Search के माध्यम से नो-पार्किंग में खडे किये वाहनों, लावारिस वाहनों और एक्सिडेंटल वाहनों को पुलिस द्वारा क्रेन से उठाने की स्थिति में वाहन के स्वबंजपवद की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। 
13. “Verification/Inform Police” feature के माध्यम से घरेलु नौकर/नौकर, किरायेदार, सिनियर सिटीजन व शहर से बाहर जाने की जानकारी पुलिस थाना जाए बिना ही दिया जा सकता है, साथ ही चरित्र सत्यापन प्राप्त करने में समय की बचत होगी। 
14. “Track My Location” feature के माध्यम से आम नागरिक अपना वर्तमान लोकेशन जान सकता है।
15. “Fare Calculation” feature  के माध्यम से आम नागरिक दो स्थानों के बीच की दूरी व आॅटो रिक्शा के किराया की गणना स्वयं कर सकता है।
16. “Your Reports” feature के माध्यम से सिटीजन काॅप के उपयोगकर्ता द्वारा पुलिस को दिये सूचना/शिकायत पर की गई पुलिस कार्यवाही की जानकारी हासिल कर सकता है साथ ही अपना फीडबैक भेज सकता है।
17. “Reports Lookup” feature के माध्यम से किसी भी उपयोगकर्ता द्वारा किये गये शिकायत पर पुलिस कार्यवाही की जानकारी हासिल कर सकता है।
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सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्लीकेशन से प्राप्त अलग-अलग प्रकार के कुछ सूचना/शिकायत पर कार्यवाहियों की संक्षित जानकारी

सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्लीकेशन से प्राप्त अलग-अलग प्रकार के कुछ सूचना/शिकायत पर कार्यवाहियों की संक्षित जानकारी

आम नागरिकों को सिटीजन काॅप मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से पुलिस संबंधी अनेकोनेक छोटी-बडी सुविधाएं मिल रही है। जिनमें से दुर्ग जिले के अलग-अलग प्रकार की कुछ छोटी सूचनाओं को संदर्भित किया जा रहा है जिनपर पुलिस द्वारा कार्यवाही की गई है।  


लगातार तीन साल से छेडखानी का शिकार हो रही महिला को दिलाया राहत: दिनांक 23/04/2018 के दोपहर 2ः06 बजे सूचना मिला कि ‘‘मेरे पड़ोस में रहने वाला एक आदमी मुझे पिछले दो तीन सालों से परेशान कर रहा है। मुझे आते जाते छेड़छाड़ करता है गन्दे इशारे करता है। मना करने पर बच्चों के नाम से धमकी देता है। मेरे घरवाले भी नही समझ पा रहे हंै। मैं काफी परेशान हूँ। कृपया मेरी सहायता करें। उचित कार्यवाही करें।’’
हल - महिला कार्यवाही नही चाह रही थी केवल छेडखानी से राहत चाहती थी। इसलिए संबंधित पुरूष को चेतावनी दी गई, पुरूष ने आश्वासन दिया है कि वह संबंधित महिला से कभी भी छेडखानी नही करेगा।
फीडबैक - थैंक्स यु सर एंड सिटीजन काॅप। आप सभी स्टाप का मै बहुत ही आभारी हूँ जो कि मुझे इस प्रोब्लम से निराकरण मे मुझे आप सभी का बहुत ही अच्छा सहयोग मिला जो की मैं फिर से धन्यवाद देती हूं ऐ सिटीजन मोबाईल ऐप्स।

सिटीजन काॅप ने महिला को दिलाया अनचाहे काॅल से राहत: दिनांक 29/04/2018 के सायं 4ः22 बजे सूचना मिला कि ‘‘एक लडके का उन्हें बार बार फोन आ रहा है। plz help me’’
हल - पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही किया गया।
फीडबैक - GREAT INITATIVE by you and your team citizen cop-- thank you सही मायने में देखा जाए तो एक मिडिल क्लास इंसान और एक आम आदमी अपनी फरियाद किसे सुनाये। तो उसका हल है आपका CITIZEN COP ones again thank



सिटीजन काॅप ने वापस दिलवाया पार्षद से 11 हजार रूपये: दिनांक 12/05/2018 के सायं 11ः54 बजे सूचना मिला कि भिलाई ‘‘एक पार्षद मुझ से 11 हजार रुपये ले कर पिछले 45 दिनों से पैसा वापस करने में आना कानी कर रहा है। पैसा वापस नही दे रहा है। अपना रौब दिखता है। कृपया मेरी मदद करे। मेरे पिता जी का देहांत 10 मई को हो गया है। मुझे पैसो की बहुत ज्यादा जरूरत है।’’ 
हल - संबंधित पार्षद को उनके रूपये लौटाने के संबंध में सुझाव देते हुए अन्यथा स्थिति में पुलिस कार्यवाही से अवगत कराया गया।
फीडबैक - मेरा पैसा मुझे प्राप्त हो गया है। जिसके लिए मैं सिटीजन काॅप को हृदय से धन्यवाद देता हूं। 



सिटीजन काॅप ने डीजे संचालक से दिलवाया एडवांस का रकम: दिनांक 22/05/2018 के सायं 5ः21 बजे सूचना मिला कि ‘‘18 अप्रैल को बारात में DJ बजाने के लिए डीजे संचालक से बात किया और एडवांस के रूप में 1000 रूपये दिया इसके बावजूद डीजे वाले नही आए और डीजे नही बजाए। बल्कि आ रहा हूं, आ रहा हूं कहकर 3घण्टे बरबाद कर दिया। एक माह से एडवांस का राशि लौटा नही रहा है।’’
हल - पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही किया गया।
फीडबैक - सर आज 19/06/2018 शाम 7 बजे मेरा ऐडवांस पैसा सरपंच ने 1000 रूपये वापस कर दिया गया। सिटीजन काॅप के सभी सदस्यों को तहे दिल से धन्यवाद सर - मैडम ।


सिटीजन काॅप में शिकायत, पुलिस ने किया तत्काल एफआईआर: दिनांक 08/07/2018 के रात्रि 01ः14 बजे सूचना मिला कि "दो व्यक्ति मेरा स्पोर्ट्स सायकल चोरी करके ले गये हैं। मेरे पास सीसीटीव्ही फूटेज भी है।" 
हल - 09/07/2018 को सुपेला थाना में एफआईआर दर्ज कर मामले में जांच की जा रही है।
फीडबैक - इस ऐप के द्वारा मैने अपनी स्पोर्ट्स साइकल चोरी हो जाने की जानकारी दी थी अगले दिन मुझे सुपेला थाना बुलाया गया और एफ॰आई॰आर दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी गयी। यह सेवा बहुत फास्ट है। आप सबका धन्यवाद!



सिटीजन काॅप ने किया सीमामुक्त पुलिसिंग: दिनांक 02/07/2018 के सुबह 09ः32 बजे जिला जांजगीर-चाम्पा (बिलासपुर संभाग) से शिकायत मिला कि ‘‘एक सरपंच द्वारा पत्रकार को गाली-गलौच और देख लेने जान से मार देने की धमकी दिया है। पत्रकार को डर है रात में कही सरपंच कोई अनहोनी या अप्रिय घटना ना कर दे।’’
हल - सरपंच को पुलिस कार्यवाही से अवगत कराया गया, जिससे उन्होने पत्रकार से माफी मांगी और आपसी समझौता कराया गया।
फीडबैक - परम्परागत पुलिसिंग सीमाओं से बंधी होती थी, सिटीजन कॉप एप्प लागू होने से मुझे सीमारहित पुलिसिंग का लाभ मिला है। आईजी श्री जीपी सिंह के योगदान से छत्तीसगढ़ पुलिस के प्रति विश्वास जगी है। thanks CGPolice


सिटीजन काॅप ने हटवाया कचरा: दिनांक 19/07/2018 के सुबह 11ः05 बजे सूचना मिला कि ‘‘वार्ड नं-31, आपापुरा में माँ दुर्गा सोसाइटी वस्त्र भंडार के सामने किनारे से लगभग एक माह कचरा डंप कर दिया गया है, जिसमे बदबू आने लगी है। कृपया उसे हटाने का कष्ट करें।’’
हल - पुलिस द्वारा नगर निगम के माध्यम से कचरा हटवाया गया।
फीडबैक - कचरा निगम द्वारा उठा लिया गया है ।


सिटीजन काॅप ने हटवाया चिकन ठेला: दिनांक 29/07/2018 के सायं 08ः09 बजे सूचना मिला कि ‘‘विद्या कोचिंग के रास्ते आम गली में चिकन ठेला लगाने से कोचिंग में आने वाली छात्राओं और आम नागरिकों को परेशानी होती है। कृपया जल्दी मदद करे।’’
हल - पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए संबंधित ठेला को समझाईस देकर स्थल परिवर्तन कराया गया।
फीडबैक - हमारी समस्या आपके आने से खत्म हो गयी है। आपके सहयोग का बहुत बहुत धन्यवाद


सिटीजन काॅप ने धुंवा देने वाले पेट्रोलियम टेंकर के खिलाफ की कार्यवाही: दिनांक 31/03/2018 के सुबह 10ः28 बजे सूचना मिला कि "यह पेट्रोलियम टेंकर बहुत अधिक धुवा दे रहा है, यह जहां से निकलता है पीछे 100 मीटर तक रोड में अंधेरा छा जाता है। तत्काल प्रतिबंधात्मक कार्रवाही करें।" 
हल - पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए संबंधित पेट्रोलियम टेंकर के विरूद्ध धारा 190/2 के तहत चालानी कार्यवाही किया गया।
फीडबैक - सिटीजन कॉप एप्लीकेशन आम नागरिकों को शसक्त बनाती है। मुझे विश्वास नहीं था कि पुलिस ऐसे छोटी-मोटी शिकायतों का भी निराकरण करेगी। मैंने लोकहित से जुड़े मेरे अधिकांश शिकायत का त्वरित निराकरण हुआ। thanks ---



सिटीजन काॅप में शिकायत, पुलिस ने किया त्वरित कार्यवाही: दिनांक 06/07/2018 के प्रातः 08ः44 बजे सूचना मिला कि ‘‘1महीने पहले बनी सीमेंट की सड़क पर घटिया निर्माण की वजह से पानी जमा हो रहा है। सफेद रंग के मच्छर पैदा हो रहे है।’’
हल - पुलिस द्वारा त्वरित पहल करते हुए निगम के माध्यम से कार्यवाही पूर्ण कराया गया।
फीडबैक - बहुत बहुत धन्यवाद ये ऐप बहुत अच्छा है तुरंत जन की आवाज पहुचता है।


सिटीजन काॅप ने कराया स्ट्रीट लाईट चालू: दिनांक 03/07/2018 के रात्रि 10ः40 बजे सूचना मिला कि ‘‘श्रीनिवास टेलर दुकान के पास पोल क्रमांक 20/153 एवं 20/154पंचशील नगर (पूर्व), बी.एम.वाय., चरोदा, दुर्ग में Street Light जल नहीं रहा है।’’
हल - पुलिस द्वारा त्वरित पहल करते हुए निगम के माध्यम से कार्यवाही पूर्ण कराया गया।
फीडबैक - बहुत अच्छा response मिला आपके app पर शिकायत करने पर, मेरे द्वारा पिछले 1 महीने से पार्षद को complain करने पर भी कोई सुधार नहीं हो पा रहा था। धन्यवाद आप की पूरी Team को जिन्होंने बहुत कम समय लिया।


सिटीजन काॅप ने हटाया नो पार्किंग जोन से वाहन: दिनांक 26/06/2018 के दोपहर 12ः52 बजे सूचना मिला कि ‘‘जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के सामने एक स्कार्पियो वाहन क्रमांक CG 04 HA 1250  खडी है।’’
हल - पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही किया गया।
फीडबैक - स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हूए गाडी को अपने कब्जे मे लिया तभी गाडी मालिक भी आ गया और गाडी ले गया।
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