व्हाट्सएप्प में नया फीचर, एक साथ 4 लोगों से कर सकते है वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

व्हाट्सएप्प में नया फीचर, एक साथ 4 लोगों से कर सकते है वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग



व्हाट्सएप्प नें जोडा एक नया फीचर, एक साथ 4 लोगों से कर सकते है वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात

Group Video Call on Whatsapp


क्या है वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ?
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधुनिक संचार तकनीक है, जिसके माध्यम से दो या इससे अधिक स्थानों से एक साथ ऑडियो-वीडियो माध्यम से कई लोग जुड़ सकते हैं। इसे वीडियो टेलीकॉन्फ्रेंस भी कहा जाता है। इसका प्रयोग खासकर किसी बैठक या सम्मेलन के लिए तब किया जाता है, जब कई लोग अलग-अलग स्थानों में बैठे हों। 

आम लोगों के पहुंच में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग 
वाट्सएप्प के द्वारा इस फीचर को जोडने के बाद यह आम लोगों में भी प्रचलि हो जाएगी। इसके माध्यम से अगल अलग स्थानों में रहने वाले अपने परिवार के सदस्यों से एक साथ मिलकर वार्तालाप करना संभव हो गया है। वाट्सएप्प ने इसे ग्रुप विडियो काॅल का नाम दिया है।

इस फीचर के जुड़ने के बाद अब कोई भी व्हाट्सएप्प यूजर एक साथ 4 लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लाइव कनेक्ट होकर बात कर सकता है। बता दें, व्हाट्सएप्प अपने यूजर्स के लिए इस फीचर को पहले ही जोड़ने का घोषणा कर चुका था।

आप भी ट्राई करें, अच्छा लगेगा।

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परछाइहा - एक सोच, पुरखौति मुक्तांगन की तर्ज पर

परछाइहा - एक सोच, पुरखौति मुक्तांगन की तर्ज पर


भारतीय प्राच्य ग्रंथों में स्पष्ट रूप से मानव के विकास, सुख और शांति की संतुष्टि व ज्ञान के लिए पर्यटन को अति आवश्यक माना गया है। भारतीय ऋषि मुनियों ने पर्यटन को सबसे अत्यधिक महत्व दिया है। उनका मानना था कि ‘‘बिना पर्यटन मानव अन्धकार प्रेमी होकर रह जायेगा।’’ पाश्चात्य विद्वान् संत आगस्टिन ने तो यहाँ तक कह दिया कि ‘‘बिना विश्व दर्शन ज्ञान ही अधुरा है।’ इसी सोंच पर आधारित छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नया रायपुर में पुरखौति मुक्तांगन की नींव रखी गई है। पुरखौति मुक्तांगन में छत्तीसगढ़ राज्य के प्राचीन, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर की सुन्दरता और विविधता का संक्षिप्त दर्शन प्राप्त होता है। राज्य सरकार के इस सराहनीय प्रयास से प्रेरित पुरखौति मुक्तांगन की तर्ज पर परछाइहा (भारत छांया/दर्शन) की नींव रखने की स्वतंत्र सोच जन्म लेती है।
परछाइहा (भारत छांया/दर्शन) के माध्यम से समूचे राष्ट्र के प्राचीन धरोहर, प्रमुख धार्मिक स्थलों, दार्शनिक स्थलों, पर्यटकों को एक ही स्थान में उपलब्ध कराने का प्रयास हो, इसके अलावा देश के बाहर के भी कतिपय धार्मिक स्थलों जैसे कम्बोडिया के शिव मंदिर, मक्का-मदिना के मस्जिद को शामिल किया जा सकता है। जिससे छत्तीसगढ़ का गरीब से गरीब जनता भी सम्पूर्ण भारत भ्रमण का सुखद अनुभव कर सके। इससे न केवल राज्य के लोगों की समय व धन की बचत होगी वरन् राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि भी होगी। यदि ऐसे परिकल्पना पर आधारित किसी नये पर्यटन स्थल की नींव रखी जाती है तो संभव है ऐसा स्थल "परछाइहा" (भारत छांया/दर्शन) अंतर्राष्ट्रीय ख्याति को प्राप्त करेगा और देश विदेश के लोग भारत दर्शन के लिए यहां एक बार अवश्य आना चाहेंगे।


HP Joshi
Naya Raipur, Chhattisgarh
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सारे ब्रम्हाण्ड में माता के अलावा कोई ईश्वर नही - परमपूज्यनीय मालिक जोशी

सारे ब्रम्हाण्ड में माता के अलावा कोई ईश्वर नही - परमपूज्यनीय मालिक जोशी


बात उन दिनों की है जब मै कक्षा 8वीं में अध्ययनरत् था, उन दिनों मेरे दादा जी की गौटियानी ही नही बल्कि उसके बाद घोर गरीबी भी समाप्त चूकी थी। हमारा परिवार वनोपज, गाय/भैंस पालन और डेयरी उत्पादन के लाभ से सुखमय स्थिति में आ चूका था। इसी सुखयम अहसास को अधिक गौरवान्वित करने उद्देश्य से मेरे पिता श्री शैल जोशी नें सन् १९९९ में दादाश्री (परमपूज्यनीय मालिक जोशी) को चारधाम यात्रा कराने के लिए अपनी इच्छा जाहिर किया था, तब दादाजी ने यह कहकर मना कर दिया कि ‘‘मेरे लिए कली (मेरी पत्नी) समस्त धामों से श्रेष्ठ व दर्शनीय है।’’ 

उनका मानना था कि ‘‘सारे ब्रम्हाण्ड में माता के अलावा कोई ईश्वर नही है। भौतिक रूप से स्वर्ग की कल्पना मुर्खता है सुखमय परिवार को ही स्वर्ग की संज्ञा दी गई है।’’


संस्मरण - हुलेश्वर जोशी
दिनांक 27/07/2018

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नक्सली मारने वाले जवानों को गारंटी मेडल, आउट आॅफ टर्न प्रमोशन व नगद ईनाम से पुरस्कृत किया जाएगा

नक्सली मारने वाले जवानों को गारंटी मेडल, आउट आॅफ टर्न प्रमोशन व नगद ईनाम से पुरस्कृत किया जाएगा


18/07/2018 आईजी दुर्ग के आदेश पर अमल, राजनांदगांव पुलिस ने 5लाख रूपये के ईनामी महिला नक्सली जरीना पोटाई को मार गिराया

आईजी दुर्ग के निर्देशों पर अमल करते हुए जिला पुलिस बल, डीआरजी सीतागांव और आईटीबीपी की दो संयुक्त टीम आज दिनांक 18 जूलाई के प्रातः 4 बजे से नक्सल आॅपरेशन पर निकली थी। इस दौरान थाना कोहका क्षेत्रांतर्गत कोण्डाल पहाडी में लगभग 8ः30 बजे पुलिस की एक टीम के उपर नक्सलियों ने अंधा-धुंध फायर कर दी, जवानों ने त्वरित जवाबी कार्यवाही करते हुए महिला नक्सली जरीना पोटाई को मार गिराया। संयुक्त टीम के जवाबी के कार्यवाही से भयभीत होकर घने जंगल और पहाडियों का लाभ उठाकर उनके नक्सली साथी फरार हो गये।

मुठभेड के बाद सर्चिग के दौरान 01 महिला नक्सली का शव, 01 नग 12 बोर बंदूक, पोच-पिट्इू, नक्सली साहित्य सहित दैनिक उपयोग की वस्तुएं प्राप्त हुई है।


जरीना पोटाई, वर्ष 2005 से मोहला-औंधी क्षेत्र में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय थी। इनके खिलाफ अलग-अलग थानों में 16 अपराध पंजीबद्ध है वहीं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इनके उपर 5 लाख रूपये का ईनाम घोषित है।

ज्ञातव्य हो कि हाल ही में दुर्ग आईजी श्री जीपी सिंह ने दिनांक 04/07/2018 को दक्षिण राजनांदगांव के संवेदनशील क्षेत्रों में भ्रमण कर कैम्प सुरक्षा व्यवस्था एवं नक्सल अभियान का जायजा लिया था। इस दौरान श्री सिंह ने जवानों से चर्चा कर समस्याओं की जानकारी लेकर जवानों को नक्सल अभियान में अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए उनकी हौसला अफजाई की थी। तत्पश्चात् मानपुर में पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव, केन्द्रीय बल एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर बरसात के मौसम में नक्सल अभियान में आने वाली कठिनाई एवं समस्याओं पर चर्चा कर, नक्सल अभियान को तेज करने की बात कही। आईजी श्री सिंह ने बारिश के कारण नक्सल अभियान प्रभावित न हो इसके लिए नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों को अभियान के लिए समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया था। 


आईजी श्री सिंह ने जिला पुलिस बल, डीआरजी सीतागांव और आईटीबीपी के जवानों को उनके उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। उन्होनें बताया कि मुठभेड में अच्छा प्रदर्शन करने वाले जवानों को गारंटी मेडल, आउट आॅफ टर्न प्रमोशन व नगद ईनाम से पुरस्कृत किया जाएगा।
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आईजी दुर्ग के आदेश पर अमल, राजनांदगांव पुलिस ने 5लाख रूपये के ईनामी महिला नक्सली जरीना पोटाई को मार गिराया

आईजी दुर्ग के आदेश पर अमल, राजनांदगांव पुलिस ने 5लाख रूपये के ईनामी महिला नक्सली जरीना पोटाई को मार गिराया


जवानों को गारंटी मेडल, आउट आॅफ टर्न प्रमोशन व नगद ईनाम से पुरस्कृत किया जाएगाl

आईजी दुर्ग के निर्देशों पर अमल करते हुए जिला पुलिस बल, डीआरजी सीतागांव और आईटीबीपी की दो संयुक्त टीम आज दिनांक 18 जूलाई के प्रातः 4 बजे से नक्सल आॅपरेशन पर निकली थी। इस दौरान थाना कोहका क्षेत्रांतर्गत कोण्डाल पहाडी में लगभग 8ः30 बजे पुलिस की एक टीम के उपर नक्सलियों ने अंधा-धुंध फायर कर दी, जवानों ने त्वरित जवाबी कार्यवाही करते हुए महिला नक्सली जरीना पोटाई को मार गिराया। संयुक्त टीम के जवाबी के कार्यवाही से भयभीत होकर घने जंगल और पहाडियों का लाभ उठाकर उनके नक्सली साथी फरार हो गये।

मुठभेड के बाद सर्चिग के दौरान 01 महिला नक्सली का शव, 01 नग 12 बोर बंदूक, पोच-पिट्इू, नक्सली साहित्य सहित दैनिक उपयोग की वस्तुएं प्राप्त हुई है।

जरीना पोटाई, वर्ष 2005 से मोहला-औंधी क्षेत्र में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय थी। इनके खिलाफ अलग-अलग थानों में 16 अपराध पंजीबद्ध है वहीं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इनके उपर 5 लाख रूपये का ईनाम घोषित है।

ज्ञातव्य हो कि हाल ही में दुर्ग आईजी श्री जीपी सिंह ने दिनांक 04/07/2018 को दक्षिण राजनांदगांव के संवेदनशील क्षेत्रों में भ्रमण कर कैम्प सुरक्षा व्यवस्था एवं नक्सल अभियान का जायजा लिया था। इस दौरान श्री सिंह ने जवानों से चर्चा कर समस्याओं की जानकारी लेकर जवानों को नक्सल अभियान में अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए उनकी हौसला अफजाई की थी। तत्पश्चात् मानपुर में पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव, केन्द्रीय बल एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर बरसात के मौसम में नक्सल अभियान में आने वाली कठिनाई एवं समस्याओं पर चर्चा कर, नक्सल अभियान को तेज करने की बात कही। आईजी श्री सिंह ने बारिश के कारण नक्सल अभियान प्रभावित न हो इसके लिए नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों को अभियान के लिए समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया था। 
आईजी श्री सिंह ने जिला पुलिस बल, डीआरजी सीतागांव और आईटीबीपी के जवानों को उनके उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। उन्होनें बताया कि मुठभेड में अच्छा प्रदर्शन करने वाले जवानों को गारंटी मेडल, आउट आॅफ टर्न प्रमोशन व नगद ईनाम से पुरस्कृत किया जाएगा।

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पुलिस परिवारों के लिए खुशखबरी, राज्य के सभी 27 जिलों में खुलेगी पुलिस कैन्टीन

पुलिस परिवारों के लिए खुशखबरी, राज्य के सभी 27 जिलों में खुलेगी पुलिस कैन्टीन


वर्तमान में राज्य के लगभग सभी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बटालियन मुख्यालयों में  "पुलिस  कैन्टीन" संचालित है जिसमें पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों को कम दर में सामग्री उपलब्ध कराया जाता है। राज्य में पुलिस कैन्टीन की स्थापना तत्कालीन योजना प्रबन्ध के आईजी श्री जीपी सिंह के अथक प्रयासों की देन है। पुलिस कैन्टीन का उपयोग राज्य में तैनात छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल जिला पुलिस बल सहित केंद्रीय पुलिस बल के जवान और उनके परिवार भी कर रहे हैं। 4थी वाहिनी माना रायपुर में संचालित पुलिस कैन्टीन समूचे राज्य में ख्यातिप्राप्त है। जिलाबल के अधिकांश अधिकारी/कर्मचारी पुलिस कैन्टीन से लाभान्वित हो रहे हैं। जिला बल के जवानों को CAF बटालियन मुख्यालयों में संचालित पुलिस कैंटीन का लाभ लेना चाहिए।



बता दें कि आईजी श्री सिंह पुलिस आधुनिकीकरण एवं जवानों के वेफेयर के माने जाने आईजी हैं। उनके द्वारा आमजन को पुलिस सुविधा उनके स्मार्टफोन में उपलब्ध कराने के लिए Citizen COP - mobile application तैयार कराया है जो वर्तमान में राज्य के 11 जिलों में संचालित है। केंद्रसरकार ने एप्लीकेशन को बहुउपयोगी मानते हुए Digital India Award से सम्मानित किया है।



ज्ञातव्य हो कि आईजी श्री सिंह ने योजना प्रबंध में पोस्टिंग के दौरान राज्य के सभी 27 जिलों में पुलिस कैंटीन की स्थापना के लिए प्रस्ताव भेजा था। इसके अलावा हाल ही में १० जुलाई को आईजी दुर्ग ने दुर्ग संभाग के सभी पुलिस अधीक्षकों का बैठक लेकर उन्हें निर्देशित किया है कि "पुलिस जवानों के लिये 4थी बटालियन माना में स्थापित केंटिन की तरह सभी जिलों में पुलिस केेंटिन खोलने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजकर स्वीकृति प्राप्त करें।" 
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अब छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार का आंदोलन हो सकती है बंद, आईजी दुर्ग ने भेजा प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए खुशखबरी, आईजी दुर्ग का प्रस्ताव 


अब छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार का आंदोलन हो सकती है "बंद"

जवानों के लिए खुशखबरी अवकाश के दौरान भत्तों में कटौती नही होगी

ड्यूटि के दौरान मृत्यु होने पर जवानों को शहीद के समकक्ष पेंशन इत्यादि प्राप्त होगी

विश्वसनीय सूत्र से ज्ञात हुआ है कि पुलिस परिवार के आंदोलन के कुछ दिन पूर्व ही दुर्ग संभाग के आईजी श्री जी पी सिंह द्वारा केन्द्रीय कल्याण समिति एवं परामर्शदात्री समिति की बैठक हेतु पुलिस बल, एसपीओ, स्टेनो और बाबुओं के लिए कल्याणकारी एजेण्डा प्रस्ताव तैयार किया है। पुलिस परिवार के सदस्यों की मानें तो यह प्रस्ताव वास्तव में पुलिस बल के लिए आदर्श प्रस्ताव है। उन्हें विश्वास है कि राज्य सरकार ऐसे प्रस्ताव को स्वीकृत करेगा। आदर्श प्रस्ताव पर चर्चा करने पर पुलिस परिवार ने खुशी जाहिर करते हुए आईजी श्री सिंह को धन्यवाद दिया है। प्रस्ताव के कुछ अंश इसप्रकार हैं:-

वेतन विसंगति:- आरक्षक, प्रधान आरक्षक, एएसआई की वेतन विसंगतियों को दूर करते हुए सहायक आरक्षकों के वेतन में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव में छठवे वेतनमान के आधार पर आरक्षकों का ग्रेड-पे 2200/- करने की अनुसंशा की गई है।

नये भत्तों की स्वीकृति:- 
  • वर्तमान में आरक्षक एवं प्रधान आरक्षकों को विभाग द्वारा किट वितरण किया जाता है जिसे समाप्त करते हुए प्रतिवर्ष 3 हजार रूपये एकमुस्त देने की बात कही गई है। 
  • मुलजिम पेशी में जाने वाले जवानों के लिए मुलजिम खुराक भत्ता देने एवं 15 साल एवं 20 साल सेवा पूर्ण कर मेडल प्राप्त करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के लिए मेडल भत्ता देने की अनुसंशा की गई है।
  • पेट्रोल भत्ता के रूप में 1 हजार रूपये अथवा सप्ताह में 5 लिटर पेट्रोल देने, टाॅप-अप सहित सीयूजी सिम प्रदान करने की अनुसंशा की गई है। 
  • प्रशिक्षण भत्ता के दौरान प्रतिदिन 60 रूपये मिलने वाले भत्ते को कम से कम 200 रूपये बढ़ाने की अनुसंशा की गई है। 
भत्तों में वृद्धि:- 
  • समस्त अधिकारी/कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के आधार पर 15 प्रतिशत गृहभाडा भत्ता प्रदान करने की अनुशंसा की गई है। इससे नये भर्ती जवानों को उनके वेतन में लगभग 3500/- रूपये का लाभ होगा।
  • जवानों के ड्यूटि में मिलने वाले यात्रा भत्ता जो वर्तमान में महानगर में 80 रूपये एवं अन्य स्थान के लिए 60 रूपये का प्रावधान है जिसे क्रमशः 300 एवं 200 रूपये बढ़ाने की बात कही गई है।
  • वर्तमान में वर्दी भत्ता के रूप में आर./प्रआर को 60 रूपये एवं सउनि/उनि/निरीक्षकों को 80 रूपये प्रतिमाह की दर से देय है जिसे क्रमशः 500 एवं 1000 रूपये बढ़ाने की बात कही गई है।
  • अधिकारियों को तीन वर्ष में एक बार वर्दी अनुदान के रूप में 800 रूपये मिलती है जिसे प्रतिवर्ष 2 हजार रूपये करने की अनुसंशा की गई है।
  • पौष्टिक आहार भत्ता के रूप में जवानों को मात्र 100 रूपये प्राप्त हो रही है जिसे 1,500 रूपये करने की अनुसंशा की गई है।
  • एफटीए के रूप में 30 रूपये प्राप्त होने वाले भत्ते को 1 हजार रूपये करने की अनुसंशा की गई है।
  • चिकित्सा भत्ता के रूप में 200 रूपये प्रतिमाह प्राप्त होने वाले भत्ते को 500 रूपये करने की अनुसंशा की गई है।
  • राशन भत्ता, बिगुलर, आर्मोरर एवं चालक भत्ता को बढ़ाने बात कही गई है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत कर लिया जाता है तो इन सभी भत्तों में 300 प्रतिशत से 1000 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो जाएगी। 
  • त्यौहार अग्रिम के रूप में मिलने वाली रकम को 20 हजार करने की बात कही गई है।

कल्याणकारी योजनाएं:- 
  • जवानों एवं परिवार के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा का प्रावधान करने हेतु स्मार्ट कार्ड की तर्ज पर पुलिस मेडिक्लेम कार्ड की बनाने अनुसंशा की गई है। 
  • समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए आवासगृह तैयार कराने की प्रस्ताव रखते हुए आवासगृह की आकृति बढ़ाने की बात कही गई है।  
  • पुलिस परिवार के बच्चों के स्कूल आने जाने के लिए वाहन व्यवस्था की अनुसंशा की गई है।   
  • समस्त जिला मुख्यालय में 4थी वाहिनी माना रायपुर के तर्ज पर पुलिस केन्टीन संचालन की अनुसंशा की गई है। 
  • प्रत्येक जिले में जवानों एवं उनके परिवार की सुविधा के दृष्टिगत पुलिस गैस एजेंसी, पुलिस पेट्रोल पम्प, पुलिस अस्पताल, पुलिस स्कूल, प्ले स्कूल, झूला घर, पार्क, मनोरंजन गृह, खेलकूद ग्राउण्ड एवं जिम बनाने की अनुसंशा की गई है।
पदोन्नति:- 
  • पदोन्नति के लिए थाना में पदस्थापना की अनिवार्यता समाप्त करने की अनुसंशा की गई है।
  • आरक्षक से प्रआर एवं प्रआर से सउनि ‘‘ब’’ संवर्ग पदोन्नति के लिए शारीरिक परीक्षा अनिवार्य समाप्त करने की अनुसंशा की गई है। इसके साथ ही पीपी कोर्स नही करने के कारण के कारण पदोन्नति प्रभावित नही होने की बात कही है।
  • स्टेनो संवर्ग के कर्मचारियों के लिए लिपिक संवर्ग के तर्ज में पदोन्नति का प्रावधान प्रावधानित करने की अनुसंशा की गई है।
  • जिला/इकाई स्तर में कार्यरत् अनुसचिविय कर्मचारियों को लंबे अवधि तक प्रमोशन के लिए इंतिजार करना पडता है इसलिए पुलिस मुख्यालय एवं इकाई स्तर के कर्मचारियों के कैडर को मर्ज करने की अनुसंशा की गई है।
अन्य महत्वपूर्ण सुझाव:- 
  • अवकाश के दौरान किसी भी प्रकार के भत्तों में कटौती नही किया जाना चाहिए।
  • ड्यूटि के दौरान मृत्यु होने पर जवानों को शहीद के समकक्ष असाधारण पेंशन/स्वत्व एवं विशेष एक्सग्रेसिया प्रदान करने की अनुसंशा की गई है।
  • केन्द्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर जवानों के बच्चों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपये तक प्रशिक्षण शूल्क प्रदान किया जाना चाहिए।
  • जिला बल के जवानों को बैरट कैप पहनने की अनुमति दी जानी चाहिए।
  • बल की कमी एवं सुरक्षा कारणों से सेशन ट्रायल में मुजलिमों की पेशी वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से हो।
  • पुलिस के कार्य की अधिकता को देखते हुए प्रत्येक वाहन के लिए 02 आरक्षक (चालक) तैनात किया जाना चाहिए।
  • प्रत्येक थाना में कम से कम आरक्षक (चालक) का 01 पद स्वीकृत हो, इन्हे शारीरिक परीक्षा में छूट देते हुए आईटीआई से डिजल मेकेनिक/मोटर मेकेनिक का प्रमाणपत्र की अनिवार्यता लागू कर दिया जाना चाहिए।

"अब देखना यह है कि पुलिस के इस आदर्श प्रस्ताव पर राज्य सरकार कितना अमल करती है और यह प्रस्ताव छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी/कर्मचारियों, एसपीओ, स्टेनो और बाबुओं के लिए कितना कल्याणकारी साबित होता है।"


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दुर्ग में खुला हाईटेक साइबर क्राइम ब्रांच, अब शिकायतों में कार्यवाही में आएगी गति

दुर्ग में खुला हाईटेक साइबर क्राइम ब्रांच, अब शिकायतों में कार्यवाही में आएगी गति 

फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सप्प जैसे सोशल मीडिया में सक्रिय असामाजिक तत्वों और अपराधियों के लिए बुरी खबर यह है कि श्री जी. पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज द्वारा दिनांक 10.7.2018 को थाना भिलाई भटठी परिसर में निर्मित नवीन क्राईम भवन का लोकार्पण किया गया।
खबर है कि साइबर क्राइम ब्रांच सभी प्रकार के उन्नत और आधुनिक तकनीक के सुसज्जित है। यह सेल सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में सक्रिय रहकर जिले के प्रत्येक उपयोगकर्ताओं पर कड़ी नजर रखेगी।

संभावना : साइबर क्राइम ब्रांच के खुलने के बाद दुर्ग जिले में हो रही साइबर अपराधों में नियंत्रण की संभावना है।  साइबर क्राइम ब्रांच खुल जाने से अब दुर्ग के सोशल मीडिया प्लेटफार्म में सक्रीय असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर कड़ी नजर रखी जा सकती है।  
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अवैधानिक आहाते तत्काल बंद होंगे, शराब दुकानों में ओव्हर बिलिंग बर्दास्त नही - आईजी जीपी सिंह

बार्डरलेस पुलिसिंग करने, असमाजिक तत्वों एवं अवैध धंधों पर नकेल कसने दुर्ग रेंज के पुलिस अधीक्षको को आईजी दुर्ग का निर्देश


श्री जी. पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज द्वारा आज दिनांक 10.7.2018 को थाना भिलाई भटठी परिसर में निर्मित नवीन क्राईम भवन का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर रेंज पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस अधीक्षक, दुर्ग को निर्देशित किया गया कि नवीन क्राईम भवन में सभी अत्याधुनिक उपकरण जैसे कम्प्युटर, लेपटाप, फैक्स, संचार उपकरण एवं फर्नीचर आदि उपलब्ध करायें, ताकि आधुनिक संसाधनों के उपयोग से आरोपियों की पतासाजी की जा सके। लोकार्पण उपरांत रेंज पुलिस महानिरीक्षक सहित उपस्थित अन्य पुलिस अधिकारियों द्वारा थाना परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। इसके उपरांत रेंज पुलिस महानिरीक्षक द्वारा रेंज कार्यालय, दुर्ग में रेंज के पुलिस अधीक्षकों की क्राइम मीटिंग ली गई। मीटिंग में सभी जिलों के आपराधिक स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान श्री सिंह द्वारा पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया कि:-

  • वर्ष 2017 एवं उससे पूर्व अवधि के लंबित अपराधों एवं मर्ग का निकाल 30 दिवस के भीतर करायें। गुम इंसानों विशेषकर नाबालिग बच्चों की पतासाजी में गति लायें।
  • एफएसएल में लंबित प्रकरणों की सूची एफएसएल अधिकारी को उपलब्ध कराकर, लंबित प्रकरणों में प्राथमिकता से रिपोर्ट प्राप्त किया जावे। 
  • थाना प्रभारीगण थाने में अधिक से अधिक समय तक उपस्थित रहें। प्रातः समय पर थाना आयें और प्रार्थियों को सुनें। उनकी रिपोर्टों पर सार्थक कार्यवाही करावें। 
  • थानों की सीमा क्षेत्र के आधार पर प्रार्थियों की रिपोर्ट लिखने से इंकार न किया जाए। बार्डरलेस पुलिसिंग की जावे अर्थात जीरो पर अपराध कायम कर प्रारंभिक जांच उपरांत डायरी संबंधित थाने को भेजी जावे।
  • जनता के मध्य पुलिस की व्हिजिबिलिटी में सुधार लायें। सघन एवं प्रभावी गश्त/पेट्रोलिंग कराई जावे। स्वयं थाना प्रभारी अपने स्टाफ के साथ प्रतिदिन शाम को पैदल अपने क्षेत्र के भ्रमण पर निकलें, अडडेबाजी एवं मजमेबाजी करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करें। पैदल गश्त के दौरान लोगों से जानकारी लें कि क्षेत्र में किसी बदमाश विशेष अथवा गुट विशेष द्वारा जनता को परेशान तो नहीं किया जाता ।
  • समंस/वारंटो, विशेषकर स्थाई वारंटों की तामीली में सुधार लायें। वारंटों का वर्गीकरण किया जाकर गंभीर प्रकरणों के वारंटों की तामीली प्राथमिकता से करायी जावे। 
  • अवैध शराब विक्रय, गांजा-ड्रग्स तस्करी, कबाडी, जुंआ-सटटा एवं संगठित देह व्यापार के विरूद्ध सघन अभियान चलायें, गुण्डों के विरूद्ध जीरो टालरेंस की नीति के तहत कार्य करें, अर्थात सूचीबद्ध गुण्डों के विरूद्ध अदम चेक रिपोर्ट होने पर कम से कम प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही अवश्य हो। धारा 110 जाफौ, जिला बदर एवं रासुका के तहत बदमाशों के विरूद्ध सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही करें।
  • शराब दुकानों के आसपास संचालित अवैध अहाते, अवैध हुक्का बार एवं रेव पार्टी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जावे। अवैध हुक्का बार एवं रेव पार्टी में नाबालिग बच्चों को भी शामिल कर नशीले पदार्थो का सेवन कराया जाता है तथा शराब दुकानों में भी शराब खरीदने के लिये नाबालिग बच्चों का उपयोग किया जाता है। नशीले पदार्थ के विक्रेताओं द्वारा गांजा एवं ड्रग्स आदि नाबालिगों को आसानी से उपलब्ध कराने की सूचना है। अतएव ऐसे तत्वों को हतोत्साहित करने हेतु इनकी पतासाजी कर सख्त वैधानिक कार्यवाही की जावे।
  • शराब दुकानों में ओव्हर बिलिंग, अत्यधिक भीड की स्थिति में मोबाईल/घडी/पर्स आदि के चोरी होने एवं मारपीट/विवाद आमतौर पर देखने में आ रहा है अतएव पिक आवर में बल लगाया जावे तथा पीसीआर/थाना पेट्रोलिंग वाहन से भी समय-समय पर पेट्रोलिंग कराई जावे। आबकारी विभाग से समन्वय स्थापित कर सभी शराब विक्रय केन्द्रों में सीसीटीवी की व्यवस्था कराई जावे।
  • सभी थाना क्षेत्रों में प्रभावी एवं स्थायी नाकाबंदी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बार-बार रिहर्सल कराकर रिस्पांस टाईम में सुधार लायें। नाकाबंदी स्थल के समीप सडकों पर जिक-जेक बनवाया जाए एवं पर्याप्त संख्या में स्टापर की व्यवस्था रखें। 
  • जाली नोट एवं एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में नियम एवं प्रक्रिया का अक्षरशः पालन किया जावे, ताकि न्यायालय में दोषियों को सजा मिल सके। जाली नोटों के अपराधों की कायमी एवं साक्ष्य संकलन में होने वाली कठिनाई के संबंध में बैंक अधिकारियों एवं रिजर्व बैंक से पत्राचार कर यथोचित सहयोग प्राप्त करें।
  • आगामी विधानसभा चुनाव के तारतम्य में अभी से तैयारियां प्रारंभ करें। नक्सल दृष्टि से मतदान केन्द्रों की संवेदनशीलता एवं उपयुक्तता की समीक्षा कर तदनुसार वर्गीकरण करते हुए चुनाव कार्य के लिये आवश्यक बल एवं संसाधन का आंकलन कर मुख्यालय को मांगपत्र भेजें। चुनाव के दौरान होने वाली शिकायतों के मददेनजर पृथक से चुनाव शिकायत सेल बनाकर, शिकायतों का निराकरण कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। 
  • अधिकारियों/कर्मचारियों की दक्षता बढाने के लिये जिला स्तर पर तथा रेंज स्तर पर विभिन्न विषयों पर सीमित अवधि के प्रशिक्षण आयोजित करायें।
  • जवानों एवं परिवार के सदस्यों से सतत संपर्क की व्यवस्था रखें, पुलिस आवासीय परिसरों में मुलभूत सुविधायें उपलब्ध करायें। खेलकूद एवं जिम की सुविधायें विकसित करावें। पुलिस जवानों के लिये 4थी बटालियन माना में स्थापित केंटिन की तरह सभी जिलों में पुलिस केेंटिन खोलने का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय को भेजकर स्वीकृति प्राप्त करें।
  • जिलों में हो रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की लगातार समीक्षा करें, सुनिश्चित करें कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण हों
  • बजट का समानुपातिक उपयोग करें, अतिरिक्त बजट की आवश्यकता हो तो पर्याप्त समय पूर्व मांग पत्र भेजें। जिस बजट का उपयोग संभव न हो उसे समय पर समर्पित करें, ताकि अन्य जिलों को आवश्यकतानुसार बजट आबंटित हो सके।

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बेटी मेरी महान ........

बेटी मेरी महान ........




गीता बाइबल और कुरान से - है बेटी मेरी महान
तू क्या जाने मुर्ख सखा जिसे बस बेटा लगे सुजान ।


नही करती है भेद, न करती है विच्छेद
बस करती हैं खुशियों से - सारे जग का अभिषेक ।।


न सिखाती घृणा युद्ध, न करती है ये छुब्ध
ऐसी मेरी बेटी है - जानो है ये बुद्ध ।।।

हुलेश्वर जोशी
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रोबोट नोहय मोर ददा ह, मनखे तुमन समझलव जी .......

रोबोट नोहय मोर ददा ह, मनखे तुमन समझलव जी .......




रोबोट नोहय मोर ददा ह, मनखे तुमन समझलव जी।
कतेक परतारना सहिथे तुंहर काहिं तो हरू करदव जी।।


कोन जनम के दोष लगाके, नरक ल भोगवावत हव।
तुमहरे रक्छा करथे तबो, तुतारी कोंच दउरावत हव।।


24 - 365 ड्यूटी जेकर, आधा बेतन देवत हव।
धुप बरसात, बिन अन पानी के जीवरा ल कल्पावत हव।।


अंगरेजी कानुन बताके, गुलाम जेला बनाये हव।
अइसने मोर ददा ये साहेब, नागर म जेला फंदाये हव।।


मोर ददा के मुस्कान ह तुहला, फूटे आँखि नइ सुहावत हे।
तेखरे सेति रोथन साहेब, आंसू ह बोहावत हे।।


रोबोट नोहय मोर ददा ह, मनखे तुमन समझलव जी।
कतेक परतारना सहिथे तुंहर काहिं तो हरू करदव जी।।


पापा के नन्ही परि
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बारिश के कारण नक्सल अभियान प्रभावित नही होगा - आईजी जीपी सिंह

बारिश के कारण नक्सल अभियान प्रभावित नही होगा - आईजी जीपी सिंह 


श्री जी पी सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज दिनांक 04/07/2018 को दक्षिण राजनांदगांव के संवेदनशील क्षेत्र जक्के, जगताप, पल्लेमाडी एवं खडगांव के दौरे पर रहे, जहां उन्होंने कैम्प सुरक्षा व्यवस्था एवं नक्सल अभियान का जायजा लिया। इस दौरान वहां पर उपस्थित जवानों से चर्चा कर समस्याओं की जानकारी ली एवं जवानों को नक्सल अभियान में अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित करते हुए उनकी हौसला अफजाई की। तत्पश्चात् मानपुर में पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव, केन्द्रीय बल एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में बरसात के मौसम में नक्सल अभियान में आने वाली कठिनाई एवं समस्याओं पर चर्चा कर, नक्सल अभियान को तेज करने की बात कही। उन्होनें अधिकारियों को निर्देशित किया कि:

  • अंतर्राज्यीय सीमाओं में स्थित थानों एवं केन्द्रीय बल से समन्वय स्थापित कर नक्सल अभियान में तेजी लाएं।
  • आसूचना नेटवर्क को मजबूत करें।
  • आम जनता के प्रति सौहार्द्रपूर्ण व्यवहार किया जाए, साथ ही अंदरूनी क्षेत्रों में सिविक एक्शन के तहत् खेल गतिविधियां, मेडिकल कैम्प एवं जागरूकता अभियान चलाया जावे। 

आईजी श्री सिंह ने कहा कि "बारिश के कारण नक्सल अभियान प्रभावित न हो इसके लिए नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों को अभियान के लिए समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया है।" नक्सलियों के लिए अच्छा होगा कि वे हथियार छोडकर आत्म-समर्पण करें और समाज की मुख्यधारा में लौट आएं, उन्हें शासन की पुनर्वास नीति के तहत् लाभ दिया जाएगा। 

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अतिसार या डायरिया, कारण, लक्षण एवं परहेज (प्राथमिक उपचार)

अतिसार या डायरिया, कारण, लक्षण एवं परहेज (प्राथमिक उपचार)


अतिसार या डायरिया (अग्रेज़ी:Diarrhea) में या तो बार-बार मल त्याग करना पड़ता है या मल बहुत पतले होते हैं या दोनों ही स्थितियां हो सकती हैं। पतले दस्त, जिनमें जल का भाग अधिक होता है, थोड़े-थोड़े समय के अंतर से आते रहते हैं। तीव्र दशाओं में उदर के समस्त निचले भाग में पीड़ा तथा बेचैनी प्रतीत होती है अथवा मलत्याग के कुछ समय पूर्व मालूम होती है। धीमे अतिसार के बहुत समय तक बने रहने से, या उग्र दशा में थोड़े ही समय में, रोगी का शरीर कृश हो जाता है और जल ह्रास (डिहाइड्रेशन) की भयंकर दशा उत्पन्न हो सकती है। खनिज लवणों के तीव्र ह्रास से रक्तपूरिता तथा मूर्छा (कॉमा) उत्पन्न होकर मृत्यु तक हो सकती है |


डायरिया के लक्षण : अतिसार के लक्षणों के रूप में दस्त आने के पहले हलका, मीठा पेट दर्द होना, कभी थोड़ा गाढ़ा तो कभी पानी के समान की तरह तेजी के साथ मल निकलना, शारीरिक दुर्बलता, पेट दबाने पर पीड़ा होना, जीभ सूखना इसके अलावा हाथ-पैर ठंडे पड़ना, शरीर में बेचैनी, थकान आदि लक्षण देखने की मिलते हैं।


डायरिया के कारण : 

  • मौसम बदलने, ज्यादा खाना, दूषित फल और पानी का सेवन, अति शीतल जल, बर्फ अधिक खाना |
  • फ़ूड पॉइजनिंग से भी दस्त लग जाते है |
  • सर्दियों और बारिश के मौसम में वायरल इंफेक्शन से सबसे ज्यादा डायरिया होता है।
  • भोजन के पाचन के पहले ही दुबारा भोजन करना, पेट में कृमि होना, भय, शोक, दुःख, मानसिक तनाव , कम नींद लेने से भी अतिसार आदि होते हैं।
  • पेट में बैक्टेरिया के संक्रमण |
  • खाने पीने की चीजो में मिलावट से खास तौर पर दूध,पनीर ,बासी मीट खाने से से भी डायरिया हो जाता है |

परहेज एवं प्राथमिक उपचार :

  • जीवन रक्षक घोल यानी ओ.आर.एस. घोल या एक गिलास पानी में एक चम्मच चीनी और चुटकी भर नमक मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर बाद एक-एक कप पिएं।
  • भोजन के रूप में दही-चावल या खिचड़ी खाएं।
  • चावल का धोवन (चावल उबलने के बाद बचा हुआ गाढ़ा सूप), मूंग या मसूर की दाल का सूप, साबूदाना की खीर, छाछ या दही इच्छानुसार सेवन करें।
  • दोपहर के भोजन में लौकी का रायता या दही की लस्सी लें। 

आभार : hi.wikipedia.org



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टायफाइड, लक्षण और प्राथमिक उपचार के सुझाव

टायफाइड, लक्षण और प्राथमिक उपचार के सुझाव 



बेसिक परिचय : आंत्र ज्वर (अंग्रेज़ी:टाइफायड) जीवन के लिए एक खतरनाक रोग है जो कि सलमोनेल्ला टायफी जीवाणु से होता है। सलमोनेल्ला टायफी केवल मानव मात्र में ही पाया जाता है। आंत्र ज्वर (टाइफायड) से पीड़ित व्यक्ति की रक्त धारा और धमनी मार्ग में जीवाणु प्रवाहित होती हैं। 

कारण : आंत्र ज्वर (अंग्रेज़ी:टाइफायड) के प्रणेता जीवाणु का नाम साल्मोनेला टाइफी (Salmonella typhi) है। 
यह किसी संक्रमित व्यक्ति के मल से मलिन हुए जल या खाद्य-पदार्थ के खाने/पीने से होता है। जिसमें साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु मौजूद हो। यदि टाइफाइड का रोगी बाथरूम का उपयोग करने के बाद अपने हाथों को कीटाणुनाशक साबुन से नहीं धोता और उन्हीं हाथों से खाने-पीने की व अन्य वस्तुओं को स्पर्श करता है, यदि इस स्थिति में कोई दूसरा स्वस्थ व्यक्ति उन्हीं वस्तुओं को छूकर साबुन से हाथ धोए बगैर कोई खाद्य पदार्थ ग्रहण करता है तो वह भी टाइफाइड के बैक्टीरिया से सक्रमित हो सकता है।
लक्षणः टाइफाइड से ग्रस्त रोगियों को अक्सर 103 या 104 डिग्री फॉरेनहाइट या फिर (39-40 डिग्री सेल्सियस) तक बुखार चढ़ सकता है। इस स्थिति के अतिरिक्त रोग के कुछ प्रारंभिक लक्षण ये हैं:- 
1. सिरदर्द व बदन दर्द 
2. भूख में कमी 
3. सुस्ती, कमजोरी और थकान 
4. दस्त होना 
5. सीने के निचले भाग और पेट के ऊपरी भाग पर गुलाबी या लाल रंग के धब्बे (रैशेस) दिखना। 
टाइफाइड का समुचित इलाज नहीं कराने पर व्यक्ति बेहोश हो सकता है और अपनी आँखें आधी बंद कर बिना हिले-डुले पड़ा रह सकता है। बीमारी के दूसरे या तीसरे सप्ताह के दौरान रोगी में धीरे-धीरे सुधार आना शुरू होता है।

रोगोपचार : आंत्र  ज्वर (टाइफायड) पैदा करने वाले साल्मोनेला बैकटीरिया को एंटीबॉयोटिक दवाओं से खत्म किया जाता है। हालांकि कुछ मामलों में लंबे समय तक एंटीबॉयटिक दवाओं के इस्तेमाल से टाइफाइड के जीवाणु एंटीबॉयोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोधी (रेजिस्टेंट) हो जाते हैं। इस स्थिति से बचने के लिए योग्य डॉक्टर के परामर्श के अनुसार ही चिकित्सा कराएं।

टाइफाइड की स्थिति में रोगी के शरीर में पानी की कमी न होने पाए, इसके लिए पीडि़त व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में पानी और पोषक तरल पदार्थ लेना चाहिए।


आभार : hi.wikipedia.org 



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सिटीजन काॅप एप्लीकेशन की एक और उपलब्धि आईजी दुर्ग 28 लोगों को लौटाए उनके गुम मोबाईल फोन

सिटीजन काॅप एप्लीकेशन की एक और उपलब्धि आईजी दुर्ग 28 लोगों को लौटाए उनके गुम मोबाईल फोन


सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से मोबाइल फोन के गुम/चोरी होने की रिपोर्ट के आधार पर आईजी दुर्ग द्वारा गठित सिटीजन काॅप सेल द्वारा 28 नग मोबाईल फोन बरामद किया गया। जिसे श्री जीपी सिंह, पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग द्वारा अपने कार्यालय में आज दिनांक 02/07/2018 को संबंधित मोबाईल फोन के वास्तविक मालिक को उनके मोबाईल फोन सौपे गए। 

ज्ञातव्य हो कि दुर्ग संभाग में दिनांक 29.03.2018 को सिटीजन काॅप एप्लीकेशन लागू होने के बाद से अब तक 68 नग मोबाईल फोन रिकवर कर आमजन मोबाईल धारकों को लौटाया जा चुका है। बता दें कि रिकवर किये गये मोबाईल फोन केवल दुर्ग या आसपास के शहरों से ही नहीं बल्कि दिल्ली, महाराष्ट्र, आसाम, उत्तरप्रदेश, उडीसा एवं आंध्रप्रदेश सहित देश के विभिन्न शहरों से बरामद किया गया है।

मोबाईल फोन प्राप्त करने वाले मोबाईल मालिकों ने सिटीजन काॅप एवं छत्तीसगढ़ पुलिस का आभार प्रकट किया है। लोगों ने कहा कि सिटीजन काॅप एप्प आम नागरिकों के लिये बहुत उपयोगी है इस एप्प के हमारी छोटी-बडी समस्याओं का निरंतर समाधान हो रही है।

रिपोर्ट लाॅस्ट आर्टिकल के माध्यम से सभी प्रकार के वस्तुओ एवं दस्तावेज के गुम/चोरी होने की सूचना देकर ई-मेल के माध्यम से पावती प्राप्त कर सकते हैं, इसके लिए आपको किसी पुलिस थाना जाने की आवश्यकता नही होगी। संभव है कि सिटीजन काॅप मोबाईल एप्लीकेशन में मोबाईल गुम/चोरी होने की शिकायत करने पर आपका गुम/चोरी मोबाईल फोन वापस मिल जाए। मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से चोरीध्खोये हुए वस्तुओ एवं दस्तावेज की शिकायत करने के लिए सबसे पहले एप्पल स्टोर अथवा प्ले स्टोर के सिटीजन कॉप मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करे, उसके बाद Report Lost Article फीचर में जाकर अपना कम्प्लेन रजिस्टर करें।

क्या एक आम आदमी बिना थाना जाये और बिना अपनी पहचान जाहिर किये किसी अपराध की सुचना पुलिस को दे सकता है ?

इस एप्प के माध्यम से लोग स्मार्ट फोन का इस्तेमाल कर अपने आस-पास होने वाली किसी भी प्रकार की असमाजिक गतिविधियों की सूचना पुलिस को दे सकतें है, वही सूचना देने वाले की पहचान भी गोपनीय रखी जाती है। सिटीजन काॅप पर आई शिकायतों पर आईजी कार्यालय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की नजर रहती है, जिस कारण शिकायतों पर की जाने वाली कार्यवाही का स्तर भी बेहतर रहता है।



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