आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल ने जिला नारायणपुर के 06 उप निरीक्षकों को स्टार लगाकर निरीक्षक के पद किया पदोन्नत

आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल ने जिला नारायणपुर के 06 उप निरीक्षकों को स्टार लगाकर निरीक्षक के पद किया पदोन्नत

पुलिस मुख्यालय, रायपुर के निर्देशानुसार राज्य भर से 78 उप निरीक्षक को निरीक्षक के पद पर विभागीय पदोन्नति प्रदान किया गया। उक्त पदोन्नति प्रक्रिया के तहत जिला नारायणपुर के 06 उप निरीक्षकों को निरीक्षक के पद पर पदोन्नति का लाभ मिला है। इसी परिप्रेक्ष्य में दिनांक 26.01.2022 को पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल द्वारा श्री उपेन्द्र कुमार शाह, श्री प्रहलाद साहू, श्री सुनील कुमार सिंह, श्री नरेश कुमार सलाम, श्री हरिनाथ रावत, श्री द्वारका मण्डावी को उप निरीक्षक से निरीक्षक के पद पर स्टार लगाकर विभागीय पदोन्नति दिया गया। श्री जायसवाल ने पदोन्नति प्राप्त सभी अधिकारियों को शुभकामना देते हुए भविष्य में उत्कृष्ट कार्य करने प्रेरित किया।



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बदलता अबूझमाड़ एवं नारायणपुर पुलिस; एसपी श्री गिरिजा शंकर जायसवाल के कुशल निर्देशन में उन्नति की ओर बढ़ता जिला नारायणपुर

बदलता अबूझमाड़ एवं नारायणपुर पुलिस
  • नक्सल गतिविधियों पर अंकूश।
  • ‘‘विकास, विश्वास और सुरक्षा’’ की ध्येय।
  • सड़क निर्माण एवं संचार सुविधा की विस्तार।
  • यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन।
  • सामुदायिक पुलिसिंग के तहत् शांत सरोवर का सौन्दर्यीकरण, पहाड़ी मंदिर जीर्णोद्धार साप्ताहिक बाजार का शुभारंभ, अबूझमाड़ आइडल एवं डांसिंग सुपरस्टार
  • खेल, मलखम्ब और मैराथन


नक्सल गतिविधियों पर अंकूश
नारायणपुर में निरंतर नवीन पुलिस थाना और कैम्प खुलने एवं प्रभावी नक्सल अभियान संचालित करने पर नारायणपुर पुलिस को निरंतर सफलता मिल रही है। पुलिस थाना/कैम्प खुलने से नक्सलियों के ऊपर दबाव बढ़ा है फलस्वरूप नक्सली जिले की सीमा से बाहर जा रहेे हैं तथा नक्सल घटनाओं और हिंसा में कमी आ रही है। नारायणपुर पुलिस को नक्सल अभियान के साथ-ही स्थानीय ग्रामीणों के साथ लगातार मिटिंग कर पोस्टर, बैनर, शार्ट फिल्म और गोंडी, हल्बी और छत्तीसगढ़ी गीतों के माध्यम से भी जागरूकता लाकर नक्सलवाद को हतोत्साहित करने में सफलता मिल रही है।

नारायणपुर पुलिस द्वारा वर्ष 2019-20 में 08 बडे और खूंखार नक्सली को मार गिराया गया वहीं विभिन्न अपराधों में शामिल रहे शीर्ष नक्सली लीडर सहित 20 नक्सली को गिरफ्तार भी किया गया है। थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत नक्सल विरोधी अभियान में दिनांक 24.06.2020 को नारायणपुर पुलिस को बडी कामयाबी मिली, जिसमें भारी मात्रा में आम्र्स/एम्युनेशन, विस्फोटक पदार्थ और नक्सली साहित्य रिकवर हुए हैं। अभी हाल ही में श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर के नेतृत्व में डीआरजी जवानों ने 10 लाख रूपये के ईनामी नक्सली कंपनी नंबर-06 का कमाण्डर साकेत नुरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी को मार गिराया यहां यह भी उल्लेखनीय है कि साकेत नुरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी 30 से अधिक नक्सल अपराधों में नामजद आरोपी रहा था, अधिकतर अपराधों का मुख्य लीडर और मास्टर माइंड भी रहा है।

पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज श्री सुन्दरराज पी. के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, के कुशल निर्देशन में दिनांक 22.01.2022 को हार्डकोर नक्सली पण्डरू पदामी को गिरफ्तार किया गया है। ये नक्सली आईटीबीपी के शहीद असिस्टंेट कमाण्डेंट श्री सुधाकर शिंदे और शहीद सहायक उप निरीक्षक श्री गुरमुख सिंह की हत्या और षड़यन्त्र में शामिल था साथ ही बुकिनतोर बस ब्लास्ट में 5जवानों की हत्या करते हुए 22 जवानों को गंभीर रूप से घायल करने की घटना को अंजाम देने में भी शामिल था।

नक्सलवाद को हतोत्साहित करने तथा पुलिस प्रशासन के कार्यों से अबूझमाड़ के लोगों को अवगत कराने हल्बी-छत्तीसगढ़ी गीतों और शार्ट-फिल्मों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रहे हैं ।अपराधमुक्त समाज की पुनस्र्थापना के लिये शांति समितियों का गठन करने के फलस्वरूप ये समितियां ग्रामीण स्तर में ही अपराध की रोकथाम, नियंत्रण और अन्य पुलिसिंग कार्य में अपना सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। नारायणपुर पुलिस नक्सलियों और नक्सल गतिविधियों में शामिल लोगों को समाज की मुख्य धारा में लौटाने के लिये आत्मसमर्पण कराने कार्ययोजना पर काम कर रही है


सिविक एक्शन
नारायणपुर पुलिस ‘‘विकास, विश्वास और सुरक्षा’’ के लक्ष्य को हासिल करने के उद्देश्य से जिला नारायणपुर विशेषतः अबूझमाड़ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से सिविक एक्शन का आयोजन कर स्थानीय लोगों को पुलिस प्रशासन से जोडने और सरकार के कल्याणकारी कार्यों से परिचित कराने का कार्य करती है। सिविक एक्शन के माध्यम से नारायणपुर पुलिस द्वारा स्थानीय लोगों को न सिर्फ सरकार से जोडने का कार्य करती है वरन् उन्हें उनके मानव अधिकारों से परिचित कराने के लिये जागरूकता लाने और उनके जरूरत के अनुसार आवश्यक सामग्रियां, भोज्य पदार्थ, कपड़े, किताब और हेल्थ कैम्पों का आयोजन कर प्राथमिक उपचार एवं औषधि प्रदान किये जाते हैं। नारायणपुर जिले के सभी पुलिस थाने और 15 से अधिक कैम्पों में लगातार सिविक एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। वर्ष 2020-21 में कोविड-19, कोरोना महामारी के कारण सिविक एक्शन कार्यक्रम अवश्य प्रभावित हुआ परन्तु इस दौरान भी पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल द्वारा अंदरूनी क्षेत्रों में भ्रमण, प्रवास एवं कैम्प सुरक्षा जायजा लेने के दौरान आम लोगों, बच्चों और महिलाओं से मिलकर उन्हें उपहार बांटने और उनसे सीधे मिलकर चर्चा करने की प्रथा जारी रखी गई है। जिससे आम लोगों के मन में पुलिस प्रशासन के प्रति सकारात्मक एवं मित्रवत् भावना का विकास हुआ है।

जिला पुलिस एवं केन्द्रीय बल के जवानों के मित्रवत् व्यवहार और जागरूकता से प्रभावित लोग अब मौत के भय को दरकिनार करते हुए नक्सलवाद के खिलाफ दबी आवाज में खडे हो रहे हैं और क्षेत्र की उन्नति के लिये प्रशासन की ओर रूख कर रहे हैं। नारायणपुर जिला निर्माण और उसके शुरूआती वर्षों खासकर वर्ष 2011-12 तक की बात करें तो स्थानीय नागरिक नक्सलियों और नक्सलवादी विचारधारा के दबाव में पीड़ित और जरूरतमंद होने के बावजूद पुलिस प्रशासन से सहयोग लेने को तैयार नहीं होते थे। नक्सलवादी विचारधारा के समर्थकों द्वारा पुलिस प्रशासन को ही आदिवासी तथा उनके जल, जंगल और जमीन का दुश्मन बताकर दुष्प्रचारित किया गया था, जिसकी सच्चाई अब लोगों के सामने उजागर हो रही है। अबूझमाड़ के लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति सकारात्मक नजरिया के विकास में पुलिस और केन्द्रीय बल के जवानों का मित्रवत् व्यवहार और सिविक एक्शन कार्यक्रम का अहम् योगदान रहा है इसके अतिरिक्त नारायणपुर पुलिस जिले के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के पुनर्विकास में भी अपना योगदान दे रही है। इसी क्रम में खण्डहर में बदलती हुई प्राचीन पहाडी मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया एवं बिंजली डेम का सौन्दर्यीकरण कर पिकनिक स्पाॅट के रूप में विकसित करने के लिये नारायणपुर पुलिस के जवानों ने श्रमदान किया, जिससे नारायणपुर एवं अबूझमाड़ की पहचान केवल नक्सलगढ़ में न रहकर एक सुरक्षित एवं आनंददायी पर्यटक स्थल के रूप में भी बन सके।


सड़क निर्माण एवं संचार सुविधा
नारायणपुर पुलिस अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास के लिये आवश्यक सुरक्षा एवं सुविधायें सुनिश्चित करने के लिये संकल्पित होकर सड़क निर्माण एवं अधोसंरचना विकास के लिये पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करा रही एसपी और कलेक्टर सड़क और पुल-पुलिया निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा सड़क निर्माण से आम लोगों को किसी भी प्रकार से समस्याओं का सामना न करना पड़े इसकी निगरानी करने स्वयं पहुंच रहे हैं। इसी परिपेक्ष्य में अभी हाल ही में कोडोली से झारावाही होते हुए आकाबेडा की ओर जाने वाली सड़क निर्माण कार्य का संयुक्त रूप से निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होने थाना कुरूषनार क्षेत्रांतर्गत ग्राम हातलानार, जिवलापदर और झारावाही के लोगों से मिलकर चर्चा की, उनके समस्याओं को जाना और उन्हें यथाशीघ्र दूर करने कार्ययोजना पर मुहर लगाई।

पुलिस अधीक्षक अपने प्रवास के दौरान अक्सर ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से उन्हें बताते हैं कि पुलिस और सशस्त्र बल के जवान, थाना और कैम्प आप सबकी सुरक्षा के लिये तैनात किये गये हैं, ये आपके रक्षक और आपके उन्नति के लिये सहायक साथी हैं। अबूझमाड नक्सल प्रभावित है और यहां के नक्सली उन्नति और विकास में बाधक हैं। सरकार आपके लिये राशन दूकान, बिजली, पानी, आंगनबाडी, स्कूल, काॅलेज, अस्पताल, सड़क और मोबाईल टाॅवर जैसे मुलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। ये सारे मुलभूत आवश्यकताएं आपकी संवैधानिक अधिकार है। पुलिस न सिर्फ आपकी सुरक्षा करती है बल्कि आपके उन्नति में भी सहायक हैं। इस प्रकार पुलिस अधीक्षक अबूझमाडवासियों को उनके हर जरूरत में पुलिस के साथ होने का विश्वास दिलाते हैं।

स्थानीय नागरिक भी पुलिस प्रशासन केसाथ मिलकर क्षेत्र की विकास के इच्छूक हैं। पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर उन्नति के लिये आगे आ रहे हैं। ग्राम के स्थानीय लोगों ने चर्चा के दौरान बताया कि हमारे अधिकतर लोग सड़क संसाधन के अभाव में कांवड से अस्पताल की सफर करते-करते ही अपने दम तोड़ जाते थे अब हमें भी जीने के लिये उपचार की अच्छा अवसर मिल सकेगी। सड़क-मार्ग के अभाव में अबुझमाड़ क्षेत्र की जिला मुख्यालय और शहरों से कनेक्टिविटी नहीं थी जिसके कारण अधिकतर वनोपज जैसे फल, बास्ता, पुटू, बोड़ा, आम, केला, सीताफल और सब्जी इत्यादि बेकार हो जाते थे। अब सड़क बन जाने से उसे लोग शहरों में लाकर बेच सकेंगे। इसके साथ ही लोग काम के शहर आ-जा सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि आरआरपी-02 योजनांतर्गत 05 सड़कों का कार्य प्रगति पर है। एलडब्ल्यूई योजना के अंतर्गत जिला नारायणपुर में तीन डबल लेन सड़क निर्माण का कार्य प्रगति पर है।इस योजना के अंतर्गत (01) नारायणपुर-पल्ली-बारसूर, (02) छोटेडोंगर-ओरछा और (03) नारायणपुर- सोनपुर- मरोड़ा रोड़ निर्माणाधीन है। अबूझमाड़ क्षेत्रांतर्गत कोडोली से झारावाही होते हुए आकाबेडा की ओर जाने वाली सड़क निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रही है।

जिले में संचार सुविधाओं का विस्तार भी तीव्र गति से चल रहा है। नारायणपुर से आकाबेड़ा तक भी मोबाईल नेटवर्क का जाल फैलाने के लिये व्यापक स्तर पर कार्य प्रगति पर है। जो बहुत जल्द पूरा हो जाएगा। नारायणपुर से सोनपुर रूट में बासिंग तक टेलीफोन नेटवर्क का विस्तार हो चूका है तथा कोहकामेटा एवं सोनपुर में शीघ्र ही संचार सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य प्रगति पर है। दक्षिण में ओरछा तक संचार सुविधा उपलब्ध है तथा पल्ली-बारसुर रोड़ में कड़ेनार तक संचार सुविधाओं का विस्तार हो चूका है इसी क्रम में कड़ेमेटा तक शीघ्र संचार सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु संबंधित एजेंसी को समयबद्ध योजना बनाकर क्रियान्वित करने हेतु प्रयास किया जा रहा है। इन सुविधाओं के विस्तार हेतु नारायणपुर पुलिस द्वारा प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराया जा रहा है। संचार सुविधा उपलब्ध होने से सुरक्षा बलों के जवानों का अपने परिवार से सम्पर्क बना रहता है, जिससे वे मानसिक तनाव से मुक्त होकर पूरे मनोबल से अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं एवं मोबाईल कनेक्टिविटी होने से स्थानीय ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सुविधाओं की जानकारी एवं लाभ होने से उनकी आर्थिक उन्नति में सहायक हो रही है।


यातायात जागरूकता
पुलिस अधीक्षक की अवधारणा ‘‘जीरो डेथ ऑन रोड़ एक्सीड़ेट’’ पर आधारित ट्रैफिक अवेयरनेस प्रोग्राम नारायणपुर जिले के सभी चैक चैराहे पर आयोजित किये जाते हैं। यातायात जागरूकता पर आधारित ‘‘सड़कें बोलती हैं’’ कार्यक्रम के तहत् ट्रैफिक अवेयरनेस प्रोग्राम के दौरान ट्रैफिक साईन के मतलब और उपयोगिता, ड्रायविंग लायसेंस बनवाने के तरीके और फायदे, वाहन बीमा की उपयोगिता और आवश्यकता सहित वाहन चालन के दौरान नशीले पदार्थों का सेवन अथवा मोबाईल में बात करते हुए और दोपहिया वाहन चालन के दौरान बिना हेलमेट पहने व वाहन चलाने अथवा कार चलाते समय बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने से संभावित खतरे और हानियों के बारे में बताया जाता है।

नारायणपुर पुलिस की पहल, जिला के लगभग सभी सीनियर विद्यालयों और महाविद्यालयों में ‘‘यातायात जागरूकता कार्यक्रम’’ का आयोजन किया जा रहा है। अक्टूबर-2021 से अब तक अलग-अलग 20 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम के तहत् लगभग 6 हजार छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को जागरूक किया जा चूका है। इसके साथ ही यह जागरूकता कार्यक्रम हर स्तर पर निरंतर अभी जारी है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पुलिस द्वारा बताया जाता है कि यातायात नियम आपके आजादी पर पाबंदी लगाने के लिये नहीं बल्कि आपकी और सड़क यात्रा करने वाले सभी लोगों के प्राणों की रक्षा के लिये बनाये गये हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सकारात्मक लाभ भी जिले में देखने को मिल रहा है वहीं वाहन दुर्घटना में कमी आ रही है।


सामुदायिक पुलिसिंग
साप्ताहिक बाजार -
अबूझमाड़ में साप्ताहिक बाजारों का विशेष महत्व है, जहां गांव वाले दैनिक उपयोग की वस्तुए प्राप्त करते हैं, इसके लिये कई बार माड के अंदरूनी क्षेत्र के गांव से आने वाले ग्रामीण पूरे दिन का सफर करने के साथ रात्रि विश्राम तक करने को मजबूर रहते हैं। पल्ली-बारसूर रोड पर नारायणपुर का अंतिम पुलिस कैम्प कडियामेटा (कड़ेमेटा) भी इसी श्रेणी में आता था। कड़ेमेटा साप्ताहिक बाजार दंतेवाडा, बीजापुर, कोण्डागांव, जगदलपुर और नारायणपुर जिला के संगम (केन्द्रबिंदु) पर स्थित है। क्षेत्रीय ग्रामीण कड़ेमेटा में साप्ताहिक बाजार लगाने के लिये सालों से प्रयासरत् थे परन्तु नक्सलियों की दशहत और विरोध की वजह से यहां नहीं खुल पा रही थी दिनांक 25.12.2021 को पुलिस अधीक्षक के प्रयासो से साप्ताहिक बाजार का शुभारंभ हुआ हैं। इस बाजार के लगने से अब बेचा, ईरपानार, आदेर, किलम, टेटम सहित अबुझमाड़ (नारायणपुर) और दंतेवाडा, बीजापुर, कोण्डागांव व जगदलपुर जिला के दर्जनों गांव के हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं, जिन्हें इस बाजार के लगने से पहले लगभग 30 किलोमीटर तक दूर बाजार करने जाना पड़ता था। उल्लेखनीय है कि कड़ेमेटा कैम्प के जवानों ने अपने कर्तव्य के अलावा श्रमदान करके साप्ताहिक बाजार स्थल की साफ सफ़ाई की और विक्रेताओं के लिये बैठक व्यवस्था भी जवानों ने तैयार कर इसे बाजार लगने लायक तैयार किया है।

अबूझमाड़ आइडल एवं डांसिंग सुपरस्टार -
नारायणपुर पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के अंतर्गत अबूझमाड़ की प्रतिभा, गायन एवं लोक नृत्य को प्रतीभा को एक मंच प्रदान करने का प्रयास किया गया था। इस कार्यक्रम की योजना, प्रचार एवं क्रियान्वयन में अत्यंत अल्प समय होने के बाद भी प्रथम चरण में दिनाँक 02, 03 एवं 04 जनवरी 2022 को सिंगल और युगल गायन तथा सिंगल और युगल डांसिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। तीन दिन तक चले अबूझमाड़ आइडल एवं डांसिंग सुपरस्टार की डॉन्स प्रतियोगिता में 156 प्रतिभागी तथा आइडियल सॉन्ग प्रतियोगिता में 200 प्रतिभागी कुल 356 प्रतिभागियों ने पूरे नारायणपुर से हिस्सा लिया। अबूझमाड़ आइडल एवं डांसिंग सुपरस्टार के अंतर्गत गायन प्रतियोगिता में हेमलता करंगा, पूर्णिमा ठाकुर और ऋषभ देशलहरा क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे इसी तरह नृत्य प्रतियोगिता में मीना वड्डे समूह, अनिमेष समूह और दीप्ति निषाद व हर्षिता की टीम ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल की। स्थानीय कलाकारों, जन-प्रतिनिधियों और आम लोगों से ‘‘अबूझमाड़ आइडल एवं डांसिंग सुपरस्टार’’ कार्यक्रम को भरपूर सराहना मिली। इस कार्यक्रम ने सम्पूर्ण अबूझमाड़़ के प्रतिभाओं को न केवल उचित मंच प्रदान किया बल्कि पुलिस और युवाओं के बीच एक अनूठा और विश्वसनीय संबंध भी स्थापित किया। अबूझमाड़ को अपना प्रथम अबूझमाड़ आईडल और डांसिंग सुपरस्टार भी मिला। पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम माड़ की प्रतिभाओं को मंच देने का पुलिस का एक छोटा सा प्रयास था जिसका स्वरूप कोरोना के कारण छोटा कर दिया गया। उन्होने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में यह मंच काफी बड़ा होगा। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है जिसमें प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिये पर्याप्त अवसर और समय मिलेगा।

खेल -
नारायणपुर पुलिस द्वारा मलखम्ब प्रशिक्षण केन्द्र की शुरूआत की गई है। वर्तमान में मलखम्ब खेल को जिला प्रशासन और राज्य सरकार का भी सहयोग प्राप्त होने लगा है। इस प्रशिक्षण केन्द्र में वर्तमान में लगभग 120 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें हैं, जल्द ही यह प्रशिक्षण केन्द्र देश के सबसे बडे मलखम्ब प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित हो सकता है। आरक्षक श्री मनोज प्रसाद के नेतृत्व में अलग-अलग केटेगरी में 101 गोल्ड मेडल, 20 सिल्वर मेडल और 40 कास्य मेडल के साथ अबूझमाड़ के बच्चों ने 161 मेडल हासिल कर अबूझमाड़ का नाम देश में किर्तिमान स्थापित कर जिला नारायणपुर का देश में प्रथम रेंकिंग हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि अधिकतर मेडलिस्ट लड़के/लडकियां अबूझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्र के हैं जिन्हें हाई स्कूल परिसर में ही बैरिक बनाकर रखा गया है।

नारायणपुर पुलिस द्वारा अंदरूनी क्षेत्र के ग्रामीण बच्चों को खेल से जोडने तथा उनके शारीरिक व मानसिक विकास के उद्देश्य से जिला को 04 अनुभाग में विभाजित कर अनुभाग स्तर पर खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम अनुभाग स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, अनुभाग स्तर के सभी विजेता एवं उप विजेता टीम के खिलाडियों को आउटडोर एवं इनडोर जिला स्तरीय प्रतियोगिता में खेलने का अवसर प्रदान किया गया। फुटबाल, व्हालीबाल, टीम के प्रतिभागियों को खेल सामग्री एवं अध्ययन सामग्री वितरित किया गया।

सभी अनुभाग के अंतर्गत आने वाले समस्त गांव के ग्रामीण खिलाडियों द्वारा इस प्रतियोगिता में भाग लिया गया, प्रतियोगिता में लगभग सभी खेलों को शामिल किया गया, जिसमें इनडोर और आउटडोर के खेल, जैसे दौड़, रिले रेस, गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, खो-खो, कबड्डी, व्हालीबाल, फुटबाल, टेबल टेनिस और शतरंज में भाग लियाा। विभिन्न खेल विधाओं में विजेता एवं उप विजेता खिलाडियों को ईनाम एवं स्पोट्र्स सामग्री वितरण किया गया। नारायणपुर पुलिस द्वारा प्रतिवर्ष फरवरी माह में बृहद स्तर पर अबूझमाड़ मैराथन ‘‘रन फाॅर पीस’’ का आयोजन कराया जाता है, जिसमें हजारो प्रतिभागी पूरे उत्साह के साथ भागीदारी करते हैं इस आयोजन की राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि है। इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण यह कार्यक्रम अस्थाई रूप से स्थगित रखी गई है।

नारायणपुर पुलिस की ओर से गणतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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गणतंत्रता दिवस विशेषांक; व्यक्तितंत्र, पूँजीतन्त्र, लट्ठतंत्र, भीड़तंत्र, धर्मतंत्र और राजतंत्र नहीं बल्कि लोकतंत्र (गणतंत्र) है देश की हर नागरिक और उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक - श्री एच. पी. जोशी

गणतंत्रता दिवस विशेषांक; व्यक्तितंत्र, पूँजीतन्त्र, लट्ठतंत्र, भीड़तंत्र, धर्मतंत्र और राजतंत्र नहीं बल्कि लोकतंत्र (गणतंत्र) है देश की हर नागरिक और उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक - श्री एच. पी. जोशी

मेरे प्यारे बुद्धजीवी देशवासियों सबसे पहले मैं हुलेश्वर जोशी आपको गणतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूँ।
[ आपसे अनुरोध है कि भारतीय लोकतंत्र से सम्बंधित कुछ सकारात्मक और नकारात्मक प्रश्न और उन प्रश्नों की उत्तर जानने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़ियेगा ]
मेरे प्यारे देशवासियों आपको ज्ञात होनी चाहिए कि 26 जनवरी 1950 न सिर्फ अंग्रेजों से आज़ादी उपरांत स्वतंत्र भारत के द्वारा लोकतांत्रिक देश की दर्जा प्राप्त करने और अपनी ख़ुद की संविधान बनाकर उसे अंगीकृत और आत्मार्पित करने का दिन है वरन देश से व्यक्तितंत्र, पूँजीतन्त्र, लट्ठतंत्र, भीड़तंत्र, धर्मतंत्र और राजतंत्र को भी समाप्त करने तथा इन अमानवीय तंत्रों की संभावनाओं को भी काल्पनिक प्रमाणित कर देने का दिन है।

जैसा कि हमें ज्ञात है 26/01/1950 को स्वतंत्र भारत के अनुभवी और बुद्धजीवी लोगों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में प्रत्येक भारतीय नागरिकों के मध्य भाईचारा और समानता की स्थापना के लिए समुचित न्यायिक प्रक्रियाओं और मौलिक अधिकारों का ग्रंथ 'भारतीय संविधान' तैयार कर देश में लागू किया गया, आज हम अपने राष्ट्र में अपनी ख़ुद की संविधान लागू होने की पावन अवसर पर ही 'गणतंत्रता दिवस' मना रहे हैं।

मेरे प्यारे देशवासियों यहाँ मैं भारतीय संविधान की विशेषताओं और संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों पर संक्षेपिका भी प्रस्तुत करना चाहता हूँ; क्योंकि यदि आप भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों से परिचित नहीं होंगे अथवा भारतीय संविधान की विशेषताओं से परिचित नहीं होंगे तो आप असमंजस में होंगे कि वास्तव में संविधान में निहित लोकतंत्र (गणतंत्र) आपके लिए आवश्यक है अथवा व्यक्तितंत्र, पूँजीतन्त्र, लट्ठतंत्र, भीड़तंत्र, धर्मतंत्र और राजतंत्र जैसी सत्ता संचालन की अमानवीय सिद्धांत!

भारतीय संविधान की विशेषता: 
भारत का संविधान दुनिया की सबसे बड़ी विस्तृत संविधान है; जिसमें भारतीय संविधान बनने के पूर्व निर्मित लगभग समस्त देशों की संविधान में निहित सबसे अच्छी और कल्याणकारी प्रावधानों को शामिल किया गया है। सबसे ख़ास बात यह कि भारतीय संविधान को देशकाल और परिस्थितियों के अनुसार संसोधित कर देश की नागरिकों के लिए बेहतर बनाने का भी प्रावधान है।

भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार एवं मानव अधिकार:
# गरीमामय जीवन जीने का अधिकार
# समानता का अधिकार
# अभिव्यक्ति की आज़ादी और शांतिपूर्ण आंदोलन करने का अधिकार
# निजता का अधिकार - गोपनीयता, परिवार, गृह और पत्राचार में हस्तक्षेप से स्वतंत्रता
# व्यापार करने तथा ट्रेड युनियन में शामिल होने अधिकार
# समिति, संगठन और राजनैतिक दल बनाने का अधिकार
# न्याय पाने और शोषण से संरक्षण का अधिकार
# अपराधों के आरोप से बचाव करने का अधिकार, अपराध सिद्ध न होने तक निर्दोष माने जाने का अधिकार
# विवाह करने तथा परिवार में वृद्धि करने का अधिकार
# मतदान में भाग लेने तथा चुनाव में भाग लेकर जनप्रतिधि बनने का अधिकार
# लोक सेवाओं में सम्मिलित होने का अधिकार
# धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
# आवास का अधिकार
# चिकित्सा का अधिकार
# सुरक्षा पाने का अधिकार
# शिक्षा का अधिकार
# निद्रा का अधिकार
# बिजली पाने का अधिकार
# संपत्ति रखने का अधिकार और उसका संरक्षण करने का अधिकार
# राष्ट्रीयता को बदलने की स्वतंत्रता का अधिकार - समूचे विश्व में कही भी निवास करने, शरण लेने और नागरिकता प्राप्त करने का अधिकार
# सरकार में शामिल होने तथा चुनाव लड़ने का अधिकार
# अवकाश और विश्राम करने का अधिकार
# ऊपर दिए अधिकारों में राज्य या व्यक्तिगत हस्तक्षेप से स्वतंत्रता

चूंकिअबआप संविधान की कुछ मौलिक विशेषताओं और संविधान प्रदत्त मूल अधिकारों से परिचित हो चुके हैं अतः आपसे कुछ प्रश्न करना चाहता हूँ आपसे अनुरोध है कृपया इन प्रश्नों का उत्तर आप बिना धार्मिक अथवा राजनीतिक चश्मे के खोजियेगा और अपने उत्तर से अपनी समझ को विकसित करने का प्रयास करिएगा, हालाँकि प्रश्नों की श्रृंखला समाप्त होने के बाद लेखक आपके मार्गदर्शन के लिए अपना उत्तर भी बताएँगे, ताकि आपको कुछ मार्गदर्शन मिल सके और आप कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाये गए कुतर्क को सही उत्तर समझने की भूल न करें :-

प्रश्न-1 : भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त सैकड़ों मूल अधिकारों और अवसर की समानता के समानांतर ऐसा कोई एक किताब (राजनीतिक/धार्मिक) बताएँ?

प्रश्न-2 : धार्मिक क़िताबों और संविधान में आप किसे कल्याणकारी मानते हैं, जो सभी देशवासियों के लिए समान रूप से कल्याणकारी है?

प्रश्न-3 : क्या आपके मौलिक अधिकारों में कटौती की जा सकती है? मतलब क्या आपको किसी भी आधार पर मौलिक अधिकारों से वंचित की जा सकती है?

प्रश्न- 4 : क्या भारतीय संविधान देश के किसी भी नागरिक को उत्थान करने से रोकती है; अर्थात शिक्षा, उपचार, रोजगार, न्याय और अवसर से वंचित करती है?

प्रश्न- 5 : क्या भारतीय संविधान किसी भी नागरिक को उनके जन्म, लिंग, रंग, जाति, मूलवंश अथवा धर्म के आधार पर भेदभाव करती है?

प्रश्न- 6 : आरक्षण क्यों आवश्यक है? क्या यह मेरिट के ख़िलाफ़ और अनारक्षित वर्ग के साथ अन्याय नहीं है?

प्रश्न- 7 : लेखक मौजूदा समय में अपना असली आराध्य किसे मानता है?

लेखक का अपना मौलिक उत्तर: 
1- कोई नहीं! 
2- संविधान। 
3- नहीं, आपातकाल में भी नहीं। 
4- कदापि नहीं। 
5-नहीं, बल्कि कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण के रूप में विशेष उपबंध करती है। 
6- आरक्षण मेरिट के ख़िलाफ़ अथवा अनारक्षित वर्ग के साथ कोई अन्याय नहीं; बल्कि बल्कि देश में व्याप्त सामाजिक असमानता और अन्याय को समाप्त करने के लिए सामाजिक न्यायिक प्रक्रिया है। (यह ठीक वैसी व्यवस्था है जिसमें जब कोई माता-पिता बाजार जाता है तो अपने बालक को गोद या कंधे में उठाकर ले जाता है।)  यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में जिन्हें आरक्षण मिल रही है उन्हें 5 हजार साल से अधिक समय तक शिक्षा, रोजगार और सम्मान से वंचित रखा गया था।
7- लेखक जन्म देने वाले माता-पिता, पालक, किसान, मजदूर, चिकित्साकर्मी, पुलिसकर्मी, सेना के जवान और आकस्मिक सेवाओं में लगे लोगों को अपना मूल आराध्य मानते हैं।

अंत में;
"लोकतंत्र की मजबूती ही देश के हर नागरिक के लिए और उनके सर्वांगीण विकास के अत्यावश्यक तत्व है। अतः लोकतंत्र की आधारशिला 'संविधान' को पढ़ो, जानो, समझो और सुदृढ करने में अपना योगदान दो।" क्योंकि संविधान को देश के नागरिकों ख़ासकर निचली पायदान के लोगों को ऊपर उठाकर सबके मध्य बराबरी, भाईचारा और न्याय स्थापित करने की नीयत से बेहतर बनाकर सबकी साझी उन्नति के लिए ही इसका संसोधन किया जाए यही लोकतंत्र की मजबूती है। न कि किसी ख़ास वर्गों को प्रोत्साहित कर भेदभाव की नींव रखना, अर्थात व्यक्तितंत्र, पूँजीतन्त्र, लट्ठतंत्र, भीड़तंत्र, धर्मतंत्र और राजतंत्र की नींव रखने का प्रयास करना।

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विशेष : लेखक श्री हुलेश्वर जोशी भारतीय संविधान और संविधान में निहित मूल अधिकार तथा मानव अधिकारों के जानकार हैं।
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अमर वीर शहीदों को किया गया नमन, शहीद श्री मूलचंद कंवर, शहीद श्री विनोद कौशिक, शहीद श्री देवनाथ पूजारी और शहीद श्री रायसिंग मरकाम को उनके पूण्यतिथि में किया याद।


# नारायणपुर में अमर वीर शहीदों को किया गया नमन
# शहीद श्री मूलचंद कंवर (उप निरीक्षक), शहीद श्री विनोद कौशिक (उप निरीक्षक), शहीद श्री देवनाथ पूजारी (आरक्षक) और शहीद श्री रायसिंग मरकाम (आरक्षक) को उनके पूण्यतिथि में किया याद।
# वीर शहीद जवानों ने दिनाँक 24.01.2018 को कवानार-ईरपानार के मध्य जंगल में 300 से अधिक हथियारबंद नक्सलियों से लड़ते हुए राज्य की सुरक्षा के लिये अपने प्राणों की आहूति देकर वीरगति को प्राप्त की है।
# शहीद श्री देवनाथ पुजारी के स्टेच्यू में माल्यार्पण कर जलाया गया मोमबत्ती

आज दिनाँक 24.01.2022 को आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर के निर्देशानुसार शहीद श्री मूलचंद कंवर (उप निरीक्षक), शहीद श्री विनोद कौशिक (उप निरीक्षक), शहीद श्री देवनाथ पूजारी (आरक्षक) और शहीद श्री रायसिंग मरकाम (आरक्षक) को उनके पूण्यतिथि में याद करते हुए जय स्तंभ चौंक में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उल्लेखनीय है कि इन वीर शहीद जवानों ने दिनाँक 24.01.2018 को ईरपानार के जंगल में 300 से अधिक हथियारबंद नक्सलियों से लड़ते हुए राज्य की सुरक्षा के लिये अपने प्राणों की आहूति देकर वीरगति को प्राप्त की है। घटना दिनांक को कवानार-ईरपानार के मध्य जंगल में डीआरजी टीम के उपर त्रिपल लेयर एम्बुश के तीसरे और अंतिम हमला को मूहतोड़ जबाब देते हुए इन चारो रणबांकूर शहीद वीर जवानों ने नक्सलियों के नापाक इरादे को नेस्तनाबूद करते हुए बस्तर की सुरक्षा और शांति के लिये शहादत को प्राप्त किया है वहीं इस घटना के दौरान करीबन 15 जवान घायल भी हुए थे।

शहीद जवानों की पुण्यतिथि के दौरान एसपी श्री जायसवाल ने उनके योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि "जवानों के लिए उनकी शहादत का अहसास अत्यंत गौरवान्वित करने वाला होता है। लगभग समूचे बस्तर नक्सल प्रभावित है और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जवानों के त्याग और बलिदान के बिना आम जनजीवन की बेहतरी की परिकल्पना भी व्यर्थ है। जवान न सिर्फ़ लोगों की सुरक्षा वरन आम नागरिकों और क्षेत्र की सर्वांगीण विकास में भी अहम योगदान देते हैं। अतः हम सब देशवासी, ख़ासकर नक्सल प्रभावित और आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र के लोग इन वीर शहीद योद्धाओं की चिरऋणी हैं।"

शहीदों की पुण्यतिथि में आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, एएसपी श्री नीरज चन्द्राकर, डीएसपी श्री अनूज कुमार, डीएसपी श्री लोकेश बंसल, एसडीएम श्री जितेन्द्र कुर्रे, आरआई दीपक साव, निरीक्षक श्री तोपसिंह नवरंग, निरीक्षक श्री मनोज कुमार, निरीक्षक श्री आकाश मशीह सहित जिला नारायणपुर के जनप्रतिनिधि, मीडिया बंधु, आम नागरिक, शहीद परिवार और पुलिस के जवानों सहित सैकड़ो लोगों ने शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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नारायणपुर पुलिस को मिली बड़ी उपलब्धि, आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल के मजबूत सूचनातंत्र से हुआ हार्डकोर नक्सली पण्डरू पदामी गिरफ्तार

# आईटीबीपी के शहीद असिस्टेट कमाण्डेंट श्री सुधाकर शिंदे और शहीद सहायक उप निरीक्षक श्री गुरमुख सिंह की हत्या सहित कई घटनाओं में शामिल हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार
# मास्टर माइंड साकेत नुरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी के साथ मिलकर बुकिनतोर बस ब्लास्ट कर 5जवानों की हत्या करते हुए 22जवानों को गंभीर रूप से घायल करने वाले सक्रिय और हार्डकोर नक्सली पण्डरू पदामी गिरफ्तार 
# सुरेश सलाम (अमदईघाटी एरिया कमेटी सचिव) के करीबी और सक्रिय नक्सली है पण्डरू पदामी
# नारायणपुर पुलिस की उपलब्धि, आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल की मजबूत सूचनातंत्र से हुआ गिरफ्तारी 

बस्तर आईजी श्री सुंदरराज पी के विशेष मार्गदर्शन में चलाये जा रहे नक्सल अभियान के तहत आज दिनांक 22.01.2022 को आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर के निर्देशानुसार हार्डकोर नक्सली पण्डरू पदामी को गिरफ्तार किया गया है।  हार्डकोर नक्सली पण्डरू पदामी (पिता स्व0 सुखराम पदामी उम्र 20 वर्ष निवासी गुमटेर मुरियापारा) जो वर्तमान में पल्ली बारसूर निर्माणाधीन सड़क में कड़ेनार से कडेमेटा के बीच बड़ी नक्सल घटना  को अंजाम देने के लिए लगातार रेकी करने तथा छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम तोयामेटा में नक्सल गतिविधियों के विस्तार करने हेतु आया था।  ये नक्सली आईटीबीपी के शहीद असिस्टेट कमाण्डेंट श्री सुधाकर शिंदे  और शहीद सहायक उप निरीक्षक श्री गुरमुख सिंह की हत्या और षड़यन्त्र में शामिल था साथ ही बुकिनतोर बस ब्लास्ट में 5जवानों की हत्या करते हुए 22जवानों को गंभीर रूप से घायल करने की घटना को अंजाम देने देने में भी शामिल था।  

उल्लेखनीय है कि उक्त नक्सली नक्सली संगठन में आदेरबेड़ा क्षेत्र का नक्सली सदस्य के रूप में सक्रिय होकर कार्य कर रहा था। दिनांक 21.01.2022 को पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल को मुखबीर से सूचना मिली कि उक्त घटना में सक्रिय रहने वाला हार्डकोर नक्सली वर्तमान में नक्सल विस्तार के लिये थाना छोटेड़ोंगर थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम तोयामेटा आया है। मुखबीर से प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए श्री जायसवाल ने एसडीओपी छोटेड़ोंगर श्री अभिषेक पैकरा को निर्देशित करते हुए कैम्प कड़ेनार से डीआरजी टीम रवाना किया था। उक्त टीम ने सक्रियता से घेराबंदी कर पण्डरू पदामी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार नक्सली द्वारा दोनों मुख्य घटनाओं में अपनी सक्रियता सहित छोटे-बडे अनेको नक्सल गतिविधियों में सक्रिय रहने की बात को स्वीकार किया है। फलस्वरूप उक्त हार्डकोर नक्सली पण्डरू पदामी को माननीय सीजेएम महोदय, नारायणपुर के समक्ष प्रस्तुत करते हुए न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया है।

शहीद असिस्टेट कमाण्डेंट श्री सुधाकर शिंदे और शहीद सहायक उप निरीक्षक श्री गुरमुख सिंह की हत्या और षड़यन्त्र में शामिल था पण्डरू पदामी :
गिरफ्तार हार्डकोर नक्सली पण्डरू पदामी दिनांक 20.08.2021 को ग्राम कड़ेमेटा में घटित नक्सली घटना जिसमें असिस्टेट कमाण्डेंट श्री सुधाकर शिंदे तथा सहायक उप निरीक्षक श्री गुरमुख सिंह की गोली मारकर हत्या करने व एके-47 रायफल, मैग्जीन, राउण्ड और बीपी जैकट तथा मोटोरोला सेट लूटने की घटना का षड़यंत्र करने, रैकी करने व घटना को अंजाम देने में शामिल था। गिरफ्तार नक्सली पण्डरू पदामी अमदईघाटी एरिया कमेटी सचिव सुरेश सलाम के करीबी और हार्डकोर सक्रिय नक्सली है।

बुकिनतोर बस ब्लास्ट में 5जवानों की हत्या और 22जवानों को घायल करने की घटना में भी शामिल रहा है, पण्डरू पदामी :
हाल ही में नारायणपुर पुलिस द्वारा मारा गया 10 लाख रूपये के ईनामी नक्सली (कंपनी नंबर-06 कमाण्डर) साकेत नुरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी के साथ मिलकर दिनांक 23.03.2021 को कैम्प कड़ेनार एवं कन्हारगांव के मध्य बुकिनतोर पुलिया के पास बस ब्लास्ट कर 5जवानों की हत्या करने तथा 22जवानों को घायल करने की घटना में शामिल रहा है।  

श्री जायसवाल ने बताया कि "आईजी बस्तर के निर्देशानुसार सीमावर्ती जिला एवं सीमावर्ती राज्यों के पुलिस/फोर्स के मध्य बेहतर कम्युनिकेशन स्थापित होने से नक्सल विरोधी अभियान को गति मिली है।इसी का परिणाम है की कुछ ही समय मे बेहतर कम्युनिकेशन एवम आपरेशन के माध्यम से नारायणपुर पुलिस ने पिछले कुछ दिनों में दण्डकारण्य स्पेशल जोनल के अंतर्गत कंपनी न. 6 एवम अमदेई एरिया कमेटी को भारी क्षति पहुचाया है।"

श्री जायसवाल ने मीडिया के माध्यम से अपील की है कि "आम लोग नक्सलियों के झांसे में आकर मानव अधिकारों और विकास के विरोध में खड़ा होने को मजबूर न होकर पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें। पुलिस को पता है कि नक्सलियों ने सुरक्षा कैम्प एवं विकास कार्यों के विरोध प्रदर्शन हेतु ग्रामवार समय-सारणी (चार्ट) तैयार की है, जिसके तहत् नक्सल आन्दोलन में शामिल नहीं होने वाले ग्रामीणों के विरूद्ध शारीरिक दण्ड एवं जुर्माना हेतु माओवादियों की एरिया कमेटी तथा डिवीजनल कमेटी स्तर की बैठकों में प्रस्ताव भी पारित किया गया है। यदि ऐसी कोई घटना अथवा कार्यवाही होने की संभावित जानकारी मिलती है तो आप उसकी सूचना पुलिस को दें ताकि ऐसे गतिविधियों पर अंकुश लगाते हुए हम आपकी बेहतर सुरक्षा और समूचित विकास सुनिश्चित कर सकें।"
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आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल (एसपी, नारायणपुर) ने जिला नारायणपुर को महाराष्ट्र से जोड़ने वाली सड़क के रूके हुए कार्य को पुनः प्रारंभ कराया

एसपी श्री गिरिजा शंकर जायसवाल (आईपीएस) ने सोनपुर से डोण्डरीबेडा रोड़ निर्माण कार्य का किया आकस्मिक निरीक्षण, जिला नारायणपुर को महाराष्ट्र से जोड़ने वाली सड़क के रूके हुए कार्य को पुनः प्रारंभ कराया

आज दिनांक 21.01.2022 को पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, आईपीएस ने थाना सोनपुर अंतर्गत सोनपुर से डोण्डरीबेडा तक निर्माणाधीन सड़क निर्माण कार्य को पुनः प्रारंभ कराते हुए लाभान्वित गाँव डोण्डरीबेडा, डोण्डरपुर, मसपुर और गारपा में चल रहे सड़क निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान श्री जायसवाल ने सोनपुर के अंदरूनी गाँव डोण्डरीबेडा, डोण्डरपुर, मसपुर और गारपा के ग्रामीणों से मिलकर उनकी कुशलक्षेम जाना तथा पुलिस-प्रशासन के कार्यों से अवगत कराते हुए ग्रामीणों को उनके मानव अधिकारों से अवगत कराया।

यहाँ यह उल्लेखनीय है कि सड़क एवं परिवहन के साधन न होने के कारण यहॉं के लोगों को पास के मुख्य बाजार सोनपुर जाने-आने में भी भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, छोटी दूरी तय करने के लिये भी नदी-नाले, झील-झरने और पहाड़-पर्वत से होकर सोनपुर तक की पैदल सफर करने पर विवश हैं इसी कारण यहां के लोग शिक्षा और उपचार से भी वंचित हैं। ग्रामीणों की समस्याओं दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री जायसवाल ने जिला नारायणपुर को महाराष्ट्र से जोड़ने वाली सड़क, सोनपुर-से-डोण्डरीबेडा तक के रूके हुए निर्माण कार्य को पुनः प्रारंभ कराया गया। इस सड़क के निर्माण हो जाने से सोनपुर क्षेत्रांतर्गत सैकड़ो गाँव के हजारों लोग लाभान्वित होंगे, अब यहाँ के बच्चे अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे तथा बिमारी होने पर इलाज के अभाव में लोगों की जानें नही जाएगी। जिन ग्रामीणों को वनोपन विक्रय हेतु सोनपुर जाने-आने में असुविधा होती थी वे अब न सिर्फ सोनपुर और नारायणपुर वरन् महाराष्ट्र में भी व्यापारिक संबंध स्थापित कर सकेंगे।

श्री जायसवाल की सोनपुर क्षेत्रांतर्गत गाँवों में प्रवास के दौरान उनके साथ श्री अनुज कुमार (उप पुलिस अधीक्षक), श्री लोकेश बंसल (एसडीओपी, नारायणपुर) एवं श्री मालिक राम केंवट, (निरीक्षक) उपस्थित रहे।

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नारायणपुर पुलिस ने पूर्व कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू को दी विदाई और नव पदस्थ कलेक्टर श्री ऋतुराज रघुवंशी का किया स्वागत

नारायणपुर पुलिस ने पूर्व कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू को दी विदाई और नव पदस्थ कलेक्टर श्री ऋतुराज रघुवंशी का किया स्वागत 




आज दिनाँक 20/01/2022 को आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर ने जिला के पूर्व कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू को जिला कलेक्टर नारायणपुर से  निदेशक, भू-अभिलेख एवं निदेशक, मुद्रण एवं लेखन सामग्री का अतिरिक्त प्रभार स्थानांतरित होने पर उपहार देकर नवीन पदस्थापना स्थल में भी बेहतर कार्य करने के लिए अपनी शुभकामना दी, तत्पश्चात नव पदस्थ आईएएस श्री ऋतुराज रघुवंशी को कलेक्टर जिला नारायणपुर के पद पर कार्यभार ग्रहण करने पर बधाई देते हुए आस्वस्त किया गया कि नारायणपुर पुलिस और सशस्त्र बलों के जवान अबूझमाड़ (जिला नारायणपुर) के सर्वांगीण विकास में अपना अभूतपूर्व और बहुमूल्य योगदान देंगे।

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एसपी श्री गिरिजा शंकर जायसवाल (आईपीएस) अंजरेल और पटेलपारा-अंजरेल का किया विजिट, अपने टीम के साथ 3किलोमीटर पैदल चले

एसपी श्री गिरिजा शंकर जायसवाल (आईपीएस) अंजरेल और पटेलपारा-अंजरेल का किया विजिट, अपने टीम के साथ 3किलोमीटर पैदल चले


पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, (आईपीएस) दिनांक 18.01.2022 को 193वीं बटालियन बीएसएफ ‘‘एफ’’ कंपनी अंजरेल के सुरक्षा व्यवस्था की औचक निरीक्षण के लिये निकल पड़े। वहां उन्होनें बीएसएफ अधिकारियों से मुलाकात कर कैम्प सुरक्षा व्यवस्था एवं नागरिक सुरक्षा की जानकारी ली। श्री जायसवाल ने बीएसएफ अधिकारियों और जवानों से चर्चा के दौरान निर्देशित किया कि बस्तर की सुरक्षा और विकास आपके योगदान के बिना संभव नहीं है। अतः आपसे अपेक्षा है कि आप सभी अपने पदीय गरिमा को बनाये रखते हुए जिला नारायणपुर के हर एक नागरिक से सद्भावनापूर्वक व्यवहार करें। उन्हें एक पल के लिये भी ऐसा नहीं लगना चाहिए कि हम अलग-अलग प्रदेश से केवल अपनी नौकरी करने आते हैं बल्कि उनकेे विश्वास को अटूट विश्वास में बदलते हुए अपनी सकारात्मक छवि को बरकरार रखें। यही आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।


बीएसएफ कैम्प अंजरेल की सुरक्षा व्यवस्था की जायजा लेने के बाद श्री जायसवाल स्थानीय नागरिकों से मिलने चले गये उसके बाद वे देर शाम पहुंचविहिन क्षेत्र पटेलपारा-अंजरेल के लिये लगभग 3 किलोमीटर से अधिक पैदल चल पड़े। वहां उन्होनें स्थानीय नागरिकों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें आपेक्षित विकास कार्यों और उनके मानव अधिकारों की जानकारी देते हुए पुलिस-प्रशासन के कार्यों, खासकर नारायणपुर जिला के विकास केन्द्रित विषयों पर उन्हें जागरूक किया। श्री जायसवाल ने लोगों से कहा कि पुलिस फोर्स आपकी सुरक्षा और विकास की ध्येय से तैनात किये गये हैं, यदि किसी भी स्थिति में नक्सलियों, व्यापारियों, जवानों अथवा प्रशासनिक अधिकारी/ कर्मचारियों से आपको किसी भी प्रकार के समस्याओं का सामना करना पड़े तो आप सीधे मेरे कार्यालय में आकर उनकी शिकायत कर सकते हैं। श्री जायसवाल ने यह भी कहा कि हमारी पुलिस न सिर्फ आपको सुरक्षा प्रदान करने के लिये तैनात हैं वरन् ये जवान आपके क्षेत्र की समुचित विकास के लिये भी संकल्पित हैं। अतः आपसे अनुरोध है कि आप सभी अपनी हर आवश्यकताओं और परेशानियों को बेझिझक होकर इनसे कह सकते हैं।


औचक निरीक्षण एवं सुदुरवर्ती क्षेत्रों की प्रवास के दौरान आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल के साथ श्री नीरज चन्द्राकर (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक), श्री अनुज कुमार (एसडीओपी, नारायणपुर), सुश्री उन्नती ठाकूर (उप पुलिस अधीक्षक, अजाक एवं मुख्यालय), श्री अभिषेक पैकरा (एसडीओपी, छोटेड़ोंगर), श्री रितेश श्रीवास्तव (एसडीओपी, बेनूर), श्री प्रशांत खाण्डे (उप पुलिस अधीक्षक, नक्सल आॅप्स), श्री लोकेश बंसल (उप पुलिस अधीक्षक), श्री विनय कुमार (उप पुलिस अधीक्षक) और श्री दीपक साव (रक्षित निरीक्षक, नारायणपुर) तथा जिला नारायणपुर के सभी थाना प्रभारियों सहित लगभग 30 से अधिक अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
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एसपी श्री गिरिजा शंकर जायसवाल (आईपीएस) ने मड़ोनार, होड़नार, तुरूसमेटा और चमेली में चल रहे सड़क निर्माण कार्य का किया आकस्मिक निरीक्षण

एसपी श्री गिरिजा शंकर जायसवाल (आईपीएस) ने मड़ोनार, होड़नार, तुरूसमेटा और चमेली में चल रहे सड़क निर्माण कार्य का किया आकस्मिक निरीक्षण

# चमेली गांव के माटी त्यौहार में हुए शामिल और पूजा-अर्चना के बाद ग्रामीणों को पुलिस बल के माध्यम से सुरक्षा, विकास और विश्वास का भरोसा दिलाया

आज दिनांक 18.01.2022 को पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, आईपीएस ने थाना छोटेड़ोंगर क्षेत्रांतर्गत छोटेड़ोगर से मड़ोनार तक निर्माणाधीन सड़क के अंतर्गत ग्राम मड़ोनार, होड़नार, तुरूसमेटा और चमेली में चल रहे सड़क निर्माण कार्य का जायजा लिया। सड़क निर्माण का जायजा लेने के बाद श्री जायसवाल मड़ोनार, होड़नार और तुरूसमेटा के ग्रामीणों से मिलने पहुंचे जहां उन्होने उनकी कुशलक्षेम और सड़क निर्माण से संबंधित जानकारी व उनकी राय जानी। इसके बाद श्री जायसवाल चमेली गांव के माटी त्यौहार में शामिल होकर पूजा-अर्चना किये, पूजा-अर्चना के बाद ग्रामीणों को पुलिस बल के माध्यम से सुरक्षा, विकास और विश्वास का भरोसा दिलाने चमेली के ग्रामीणों से मिलकर बात की तथा उनके समस्याओं को जाना। पुलिस अधीक्षक को उनके टीम सहित पहली बार अपने गांव की माटी त्यौहार में शामिल पाकर चमेली के ग्रामीण अत्यंत खुश हुए तथा ग्रामीणों में विश्वास की भावना का विकास हुआ।

आकस्मिक निरीक्षण एवं सुदुरवर्ती क्षेत्रों की प्रवास के दौरान आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल के साथ श्री नीरज चन्द्राकर (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक), श्री अनुज कुमार (एसडीओपी, नारायणपुर), सुश्री उन्नती ठाकूर (उप पुलिस अधीक्षक, अजाक एवं मुख्यालय), श्री अभिषेक पैकरा (एसडीओपी, छोटेड़ोंगर), श्री दीपक साव (रक्षित निरीक्षक, नारायणपुर) एवं श्री अजय सोनकर (थाना प्रभारी छोटेड़ोंगर) उपस्थित रहे।

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हिन्दी - गोण्डी संक्षिप्त शब्दकोश






निर्देशन एवं मार्गदर्शन
श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, आईपीएस,
पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर


द्वितीय संशोधित संस्करण के प्रकाशन में विशेष योगदान :
श्री नीरज चन्द्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
श्री दीपक कुमार साव, रक्षित निरीक्षक


टायपिंग एवं ग्राफिक्स सेंटिंग
श्री हुलेश्वर जोशी, प्रधान आरक्षक


अनुवादक एवं मात्रात्मक त्रूटियों में सुधार
श्री अशोक दुग्गा, प्रधान आरक्षक
श्री जय वासनिक, आरक्षक




हिन्दी - गोण्डी संक्षिप्त शब्दकोश के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी :
यह शब्दकोष बस्तर संभाग, खासकर जिला नारायणपुर में शासकीय सेवा, स्वरोजगार और भ्रमण में आने वाले लोगों के मार्गदर्शन सहयोग हेतु पुलिस प्रशासन और आम नागरिकों के मध्य बेहतर कम्युनिकेशन स्थापित करने के उद्देश्य से तत्कालीन पुलिस अधीक्षक आईपीएस श्री माहित गर्ग के मार्गदर्शन और निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत राही के नेतृत्व में तैयार किया गया था। जिसका हिन्दी-गोण्डी अनुवाद, टायपिंग और सेटिंग संबंधी कार्य श्री जैनू करंगा (आरक्षक), श्री शंकर वड्डे (आरक्षक), श्री लक्ष्मी माझी (आरक्षक) व साथियों द्वारा किया गया था। इसे तैयार कराने में स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों, आत्मसमर्पित नक्सलियों का भी यहम योगदान रहा है। बस्तर फाईटर आरक्षक संवर्ग के अभ्यार्थियों को निःशुल्क वितरण हेतु आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल के निर्देशानुसार द्वितीय संशोधित संस्करण का 1000 प्रति प्रकाशन किया जाकर वितरित की गई है। प्रकाशन पूर्व कतिपय त्रूटियों को दूर करने का प्रयास किया गया है, इसके बावजूद क्षेत्रीय भाषाई ज्ञान के आधार पर कतिपय कमियां हो सकती है।
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पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल के निर्देशानुसार कोतवाली पुलिस द्वारा जुआरियों के खिलाफ की गई कार्यवाही

पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल के निर्देशानुसार कोतवाली पुलिस द्वारा जुआरियों के खिलाफ की गई कार्यवाही

पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, आईपीएस के आदेशानुसार अवैध जुआ, सट्टा खिलाड़ियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत दिनांक 08.01.022 की दरम्यानी रात्रि को थाना प्रभारी मनोज बंजारे के आदेशानुसार उप निरीक्षक पीके साहू थाना नारायणपुर के हमराह, सउनि. छबी राम नरेटी, सउनि. नारायण सिंह पोया व पेट्रोलिंग पार्टी के जुर्म जरायम संदिग्धों की पता तलाश व शहर भ्रमण वास्ते रवाना हुए थे कि जरिए मुखबिर सूचना प्राप्त हुआ की कुछ व्यक्ति रूपये पैसों का दांव लगाकर 52 पत्ती तास से हार जीत का जुआ खेल रहे हैं की सूचना पर हमराह स्टाफ व दो गवाहनों के सूचना स्थल पहुंचा घेराबंदी कर रेड कार्यवाही की गई। 

घेराबंदी के दौरान जुआ खेलते हुये 03 व्यक्ति - (01) साजिद खान पिता रशीद खान उम्र 31 वर्ष सा. माढीन चौक (02) शाहिद हुसैन पिता अकबर हुसैन उम्र 38 वर्ष सा. पाठक चौक (03) मनोज नेताम पिता चैनु नेताम उम्र 31 वर्ष सा. कुम्हारपारा नारायणपुर मिले जिनके पास से कुल जुमला रूपये 5100/- (शब्दो में - इक्यावन सौ रूपये मात्र) तास पत्ती 52 नग, अधजली मोमबत्ती एक नग तथा प्लास्टिक बोरी एक नग मिला जिसे मुताबिक जप्ती पत्रक जप्त कर कब्जा पुलिस लिया गया। तीनों जुआरियों के विरुद्ध अपराध धारा सदर 13 जुआ एक्ट का अपराध कारित करना पाए जाने से मौके पर गिरफ्तार किया गया तथा मामला जमानतीय होने से जमानत मुचलका पर पाबंद कर रिहा किया गया। इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ थाना नारायणपुर में अपराध क्रमांक 06/2022 धारा 13 जुआ एक्ट के तहत् अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
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नारायणपुर - पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल के निर्देशानुसार सट्टा खाईवाल के विरुद्ध कार्यवाही; सट्टा खाईवाल को भेजा जेल

नारायणपुर - पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल के निर्देशानुसार सट्टा खाईवाल के विरुद्ध कार्यवाही; सट्टा खाईवाल को भेजा गया जेल 
पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, आईपीएस के आदेशानुसार अवैध जुआ, सट्टा पर कार्यवाही हेतु आज दिनांक ०८/०१/२०२२ को थाना प्रभारी श्री मनोज बंजारे, उप निरीक्षक पीके साहू एवं थाना नारायणपुर हमराह स्टाफ पेट्रोलिंग पार्टी के जुर्म जरायम संदिग्धों की पता तलाश गुंडा बदमाश निगरानी बदमाश सजा माफी की चेकिंग वास्ते शहर में निकले थे कि जरिए मुखबिर सूचना प्राप्त हुआ की एक व्यक्ति माड़ीन चौक पानी टंकी के पास बरगद झाड़ के नीचे अंको का युग में लिखकर अधिक पैसा कमाने का लालच देकर पैसे का दाव लगाकर सट्टा पट्टी पर्ची लिख रहा है की सूचना पर हमराह स्टाफ वह दो गवाहनों के सूचना स्थल पहुंचा जहां एक व्यक्ति सट्टा पट्टी पर्ची ले रहा था जिसे पकड़ कर नाम पता पूछने पर अपना नाम देवेंद्र सेठिया पिता मूरहा राम सेठिया उम्र 27 वर्ष जाति कलार निवासी माणिन चौक नारायणपुर का रहने वाला बताया जिसके पास से सट्टा पट्टी पर्ची एवं 750 रुपये व एक पेन बरामद हुआ जिसे जप्त किया गया। उक्त आरोपी का कृत्य अपराध धारा सदर 4 (क)जुआ एक्ट का पाए जाने से अपराध क्रमांक 05/ 2022 धारा 4 (क)जुआ एक्ट कायम कर विवेचना कार्यवाही मैं लिया जाकर मामले में उक्त आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
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सजने लगा कड़ेमेटा साप्ताहिक बाजार, एसपी गिरिजा शंकर जायसवाल की पहल और पुलिस की सुरक्षा घेरे में लगने वाली कड़ेमेटा बाजार में बढ़ रही रौनक

सजने लगा कड़ेमेटा साप्ताहिक बाजार, एसपी गिरिजा शंकर जायसवाल की पहल और पुलिस की सुरक्षा घेरे में लगने वाली कड़ेमेटा बाजार में बढ़ रही रौनक
  • जवानों ने श्रमदान के माध्यम से तैयार किया है कड़ेमेटा साप्ताहिक बाजार स्थल।
  • स्थानीय लोगों को दे रही है रोजगार के अवसर।
  • दर्जनों गांव के हजारों लोग जरूरत की सामगी के लिये 30 किलोमीटर की सफर करने को थे मजबूर।
अबूझमाड़ के सुदुर अंचल में जिला के अंतिम पुलिस कैम्प कडियामेटा (कड़ेमेटा) में पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर के पहल पर दिनांक 25.12.2021 को शुरू हुआ साप्ताहिक बाजार अब लोगों और व्यापारियों को अपनी ओर खीचने लगी है। पिछले दो सप्ताह पूर्व शुरू हुए साप्ताहिक बाजार अब सजने लगा है साथ ही अब बाजार में स्थानीय लोगों की जरूरत के अनुसार लगभग सभी सामान मिलना शुरू हो चूका है। कड़ेमेटा बाजार सुदुरवर्ती नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद विक्रेताओं (व्यापारियों) को आकर्षित कर रही है। अब स्थानीय विक्रेताओं के अलावा आसपास के कपड़ा, राशन, बर्तन और प्लास्टिक सामग्रियों के विक्रेता व्यापारी भी सामग्री विक्रय करने जाने लगे हैं। चूंकि यह बाजार दंतेवाडा, बीजापुर, कोण्डागांव, जगदलपुर और नारायणपुर के केन्द्रबिन्दू पर स्थित एकलौता बाजार है इसलिये आशा है कि निकट भविष्य में कड़ेमेटा का बाजार वृहद आकार लेगा। वर्तमान में इस बाजार में बेचा, ईरपानार, आदेर, किलम, टेटम सहित अबुझमाड़ (नारायणपुर) और दंतेवाडा, बीजापुर, कोण्डागांव व जगदलपुर जिला के दो दर्जनों से अधिक गांव के हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल ने आज कड़ेमेटा कैम्प प्रभारी से टेलीफोनिक चर्चा कर बाजार के सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली तथा व्यापारियों और स्थानीय लोगों को समुचित सुरक्षा व्यवस्था और बाजार के लिये मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने निर्देशित भी किया। उन्होने प्रभारी को निर्देशित किया कि बाजार करने आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े इसका पूरा ख्याल रखें।

श्री जायसवाल ने निर्देशित किया कि कोविड़-19 के नया वैरिएंट का आमगन हो चूका है ऐसे में बाहर से आने वाले व्यापारियों और जवानों की आवश्यक जांच कराई जाये ताकि वे कोराना वायरस के वाहक बनकर स्थानीय लोगों को संक्रमित न कर दें। आगामी साप्ताहिक बाजार के दौरान कोविड़ सुरक्षा निर्देशों का पालन कराना सुनिश्चित करेंगे।

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नारायणपुर पुलिस द्वारा आयोजित कार्यक्रम "अबूझमाड़ आइडल एवं डांसिंग सुपरस्टार" का हुआ समापन

नारायणपुर पुलिस द्वारा आयोजित कार्यक्रम "अबूझमाड़ आइडल एवं डांसिंग सुपरस्टार" का हुआ समापन

आज दिनाँक 04/01/2022 को आईपीएस श्री बालाजी राव, (डीआईजी, कांकेर), आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल (एसपी, नारायणपुर) और आईएएस श्री धर्मेश साहू (कलेक्टर, नारायणपुर) की गरिमामय उपस्थिति में नारायणपुर पुलिस द्वारा आयोजित कार्यक्रम "अबूझमाड़ आइडल एवं डांसिंग सुपरस्टार" का समापन हुआ। उल्लेखनीय है कि नारायणपुर पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में दिनाँक 02 एवं 03 जनवरी 2022 तक सिंगल और युगल गायन तथा सिंगल और युगल डांसिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। तीन दिन तक चले अबूझमाड़ आइडल एवं डांसिंग सुपरस्टार की डॉन्स प्रतियोगिता में 156 प्रतिभागी तथा आइडियल सॉन्ग प्रतियोगिता में 200 प्रतिभागी कुल 356 प्रतिभागियों ने पूरे नारायणपुर से हिस्सा लिया। अबूझमाड़ आइडल एवं डांसिंग सुपरस्टार के अंतर्गत गायन प्रतियोगिता में हेमलता करंगा, पूर्णिमा ठाकुर और ऋषभ देशलहरा क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे इसी तरह नृत्य प्रतियोगिता में मीना वड्डे समूह, अनिमेष समूह और दीप्ति निषाद व हर्षिता की टीम क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किए। फाइनल प्रतियोगिता उपरांत माननीय मुख्य अतिथि एवं माननीय अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान श्री पोषण चंद्राकर (सीईओ, जिपं), श्री पंकज वर्मा (सेनानी, 53वीं आईटीबीपी बटालियन), श्री रोशन लाल शर्मा (उप सेनानी, 45वीं आईटीबीपी बटालियन), श्री नीरज चंद्राकर (एएसपी), किरण नेलवाड, श्री दिनेश नाग, सुनील राठौर और श्री संजय राय सहित लगभग 300 जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पुलिस परिवार और प्रतिभागी उपस्थित रहे I

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