दुर्ग रेंज आईजी और कमिश्नर दुर्ग द्वारा कबीरधाम जिले में संयुक्त बैठक लेकर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की गई

दुर्ग रेंज आईजी और कमिश्नर दुर्ग द्वारा कबीरधाम जिले में संयुक्त बैठक लेकर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की गई
प्रदेश में निष्पक्ष, निर्भिक एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराने व चुनाव तैयारियों का जायजा लेने कबीरधाम जिले के दौरे पर निकले पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज श्री जी. पी. सिंह तथा कमिश्नर दुर्ग, श्री दिलीप वासनीकर आज दिनांक 16.10.18 को कबीरधाम जिले के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होनें कबीरधाम जिले में चुनाव तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली गई। जिसमें जिला कलेक्टर/पुलिस अधीक्षक सहित निर्वाचन कार्य में संलग्न सभी स्टेक होल्डर विभागों के अधिकारी/कर्मचारी शामिल हुए।
मीटिंग में संबंधित जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा चुनाव हेतु अब तक की गई तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के उपरांत रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग श्री जी. पी. सिंह ने समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि :-
आदर्श आचार संहिता का पालन:- भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव-2018 के मतदान तिथियों की घोषणा के उपरांत पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। अतः पुलिस/प्रशासनिक अधिकारीगण सुनिश्चित करें कि जिले में पूरी तरह से आचार संहिता का पालन हो। किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी द्वारा आचार संहिता के तहत निर्धारित मापदण्ड का यदि पालन नही किया जाता है तो उनके विरूद्ध तत्काल वैधानिक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।
Incident Free Polling %& Incident Free Polling हमारा प्रथम लक्ष्य है। चुनाव के दौरान सभी स्टेक होल्डर विभागों के मध्य बेहतर समन्वय हो ताकि किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति निर्मित ही न होने पाए। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी छोटी-सी-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लेकर तत्काल यथोचित वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करें। पुलिस की व्हिजिबिलिटी बढाई जावे तथा कार्यप्रणाली में कसावट लाई जावे। चुनाव के दौरान सुरक्षा संबंधी मामूली से मामूली चूक अथवा असावधानी को गंभीरता से लिया जाता है, अतएव संवेदनशील क्षेत्रों में इन्सीडेंट-फ्री पोलिंग हेतु मतदान केन्द्र, मतदान दल एवं मतदान सामग्री की समुचित सुरक्षा योजना पूर्व से सुनिश्चित कर लें।
महत्वपूर्ण व्यक्तियों एवं उम्मीदवारों की सुरक्षा:- चुनाव के दौरान जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में आमसभा, जुलूस एवं प्रचार प्रसार के दौरान अतिविशिष्ट/विशिष्ट व्यक्तियों, स्टाॅर प्रचारकों एवं उम्मीदवारों को सुरक्षा खतरों के आधार पर पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जावे। उम्मीदवारों एवं महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत चूनौतिपूर्ण होगा, अतः जिला निर्वाचन अधिकारी/पुलिस अधीक्षक सभी दलों एवं निर्दलीय उम्मीदवारों से उनके भ्रमण, कार्यक्रम, रैलियों एवं चुनाव प्रचार की जानकारी पर्याप्त समय पूर्व प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। इस हेतु संबंधितों की बैठक लेकर उन्हें अवगत करावें कि उनकी सुरक्षा के लिये ही यह व्यवस्था बनाई गई है, अतएव सहयोग करते हुए अपने कार्यक्रमों की पूर्व से जानकारी दें, ताकि तदनुरूप आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
मोबाईल चेक-पोस्ट:- मोबाईल चेक-पोस्ट लगाकर बाहर से आने वाले वाहनों की प्रभावी चेकिंग सुनिश्चित की जावे तथा रजिस्टर में संबंधितों की जानकारी जैसे उसका नाम, पता, मोबाईल नंबर, वाहन नंबर, वाहन का प्रकार एवं गंतव्य स्थल आदि का विवरण दर्ज किया जाकर आवश्यकतानुसार तसदीकी कराई जावे।
आकस्मिक कार्ययोजना:- चुनाव के दौरान बनने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आंकलन कर कार्ययोजना तैयार कर लें। इसके लिये पर्याप्त संख्या में रिजर्व बल, क्यूआरटी आदि पृथक से तैयार स्थिति में रखी जावे, ताकि सूचना पर न्यूनतम समय में कार्यवाही की जा सके। पुलिस अधीक्षक कबीरधाम को नक्सल प्रभावित मतदान केन्द्रों को सुरक्षा की दृष्टि से किस प्रकार सेनेटाइज किया जाए एवं ऐसे मतदान केन्द्र जहाॅं संचार के साधन/मोबाईल कनेक्टीविटी की सुविधा नही है, उन क्षेत्रों में वैकल्पिक कम्यूनिकेशन की कार्ययोजना बनाये जाने के निर्देष दिये गये। संवेदनशील एवं विशेषकर नक्सल क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलिंग, आरओपी एवं एरिया डाॅमिनेशन कराया जावे।
फ्लैग मार्च:- फ्लैग मार्च निकालकर जनमानस में सुरक्षा एवं पुलिस के प्रति पाॅजिटिव माहौल सुनिश्चित करें, ताकि आम मतदाता भयमुक्त सकारात्मक माहौल से प्रेरित होकर अधिक से अघिक मतदान में भाग लेकर अपने प्रजातांत्रिक अधिकारों का उपयोग कर सके और मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो।
केन्द्रीय बलों के लिए लाॅजिस्टिक व्यवस्था एवं प्रशिक्षण :- चुनाव के दौरान बाहर से आने वाले केन्द्रीय बलों की लाॅजिस्टिक व्यवस्था, जैसे आवास, बिजली, परिवहन, टाॅयलेट, पेय/निस्तार हेतु जल व्यवस्था, चिकित्सा एवं वेलफेयर से संबंधित अन्य समुचित व्यवस्थायें पूर्व से सुनिश्चित कर लें। ताकि, केन्द्रीय बलों के आवास एवं मूव्हमेंट में कठिनाई न हो। केन्द्रीय बलों के प्रशिक्षण व एरिया फेमिलाइजेशन आदि कार्य हेतु जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर क्षेत्र की भौगोलिक-सामाजिक स्थिति एवं संवेदनशीलता के संबंध में ज्यादा से ज्यादा ब्रीफिंग दी जावे, ताकि वे यहां की परिस्थितियों से वाकिफ होकर बिना किसी कठिनाई के दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
मतदान केन्द्रों की सुरक्षा व्यवस्था:- सभी मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर उसकी उपयुक्तता की समीक्षा कर, सुरक्षा व्यवस्था की प्लानिंग कर लें। मतदान दलों की सुरक्षा व्यवस्था, मुव्हमेंट एवं अन्य व्यवस्थाओं की पूर्व से कार्ययोजना बना लें तथा चुनाव कार्य में लगे समस्त बलों को सुरक्षा संबंधी खतरों के संबंध में ब्रीफिंग एवं डी-ब्रीफिंग की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे।
प्रतिबंधात्मक कार्यवाही:- अपराधों में नियंत्रण के लिए प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् प्रभावी कार्यवाही एक कारगर उपाय होता है, अतः प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् अधिक-से-अधिक कार्यवाही कराई जावे। शराब पीकर वाहन चलाने वाले व्यक्तियों, तीन सवारी, ओवर स्पीड, बिना हेलमेट और बिना नंबर प्लेट, के साथ ही नाबालिक वाहन चालकों पर कडी कार्यवाही कराई जावे।
अवैध शराब पर रोकथाम व बार्डर सीलिंग:- चुनाव के दौरान शराब के अवैध परिवहन एवं डंपिंग होने की पूर्ण संभावना है। अतएव सीमावर्ती क्षेत्रों में सत्त निगरानी रखी जावे तथा चिन्हांकित स्थानों पर प्रभावी नाकेबंदी की जावे, ताकि शराब अथवा अन्य मादक द्रव्यों का अवैध परिवहन न हो सके। वहीं असमाजिक तत्वों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग एवं वैधानिक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे। जिसके तहत होटल, ढाबों, लाॅज, धर्मशालाओं, टैक्सी/बस स्टैण्ड की नियमित चेकिंग कराई जावे। संचालकों को भी हिदायत दी जावे कि यदि किसी भी प्रकार के संदिग्ध व्यक्ति/वस्तुओं की जानकारी उनके संज्ञान में आती है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जावे।
श्री सिंह ने अंत में कहा कि विधानसभा चुनाव 2018 हेतु पुलिस प्रशासन को आम नागरिकों के लिये सुरक्षा का ऐसा वातावरण निर्मित करना होगा, जिससे आम मतदाता निर्भिक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
श्री दिलीप वासनीकर, आयुक्त दुर्ग संभाग द्वारा भी स्टेक होल्डर विभागों के अधिकारियों को चुनाव के दौरान आपसी तालमेल से काम करने की हिदायत दी गई एवं निर्देशित किया गया कि:-
  • चुनाव की तिथि घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता का पालन करना और कराना पुलिस एवं जिला प्रशासन की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। अतः सुनिश्चित किया जावे कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की स्थिति न बने तथा इस तरह की छोटी सी छोटी घटना पर त्वरित विधिसंगत कार्यवाही हो। मतदान में गडबडी वाले संभावित क्षेत्रों को पूर्व से चिन्हांकित कर, वहां पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जावे।
  • चुनावी सभाओं, रैलियों एवं कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराई जावे। 
  • आमसभा/रैली/रोड शो/जुलूस व लाॅउड स्पीकर के उपयोग की अनुमति देने के पूर्व सुनिश्चित कर लें कि दो राजनैतिक दलों/उम्मीदवारों के कार्यक्रम समय में पर्याप्त अंतर हो। एक समय में एक ही स्थल/चौक से दो अथवा दो से अधिक रैलियां/कार्यक्रम न हो।


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सिटीजन काॅप पुलिस की कार्यप्रणाली को आम लोगों के लिए बनाती है सरल

सिटीजन काॅप पुलिस की कार्यप्रणाली को आम लोगों के लिए बनाती है सरल
लंबित शिकायतों की समीक्षा कर, तय समय सीमा में निकाल हेतु आईजी दुर्ग ने दिये निर्देश
07 दिवस के भीतर शिकायतों की जांच एवं निराकरण का निर्देश
श्री जी.पी. सिंह, रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग द्वारा, दुर्ग रेंज के जिलों में लंबित शिकायतों की समीक्षा हेतु आज दिनांक 13/10/2018 को आईजी कार्यालय दुर्ग में बैठक ली। जिसमें संभाग के सभी जिलों से शिकायत संबंधी कार्यों का पर्यवेक्षण करने वाले राजपत्रित अधिकारीगण लंबित शिकायतों की सूची लेकर उपस्थित हुए।
समीक्षा क्रम में रेंज आईजी श्री जी. पी. सिंह द्वारा सभी पांचों जिलों में लंबित शिकायतों की पृथक-पृथक समीक्षा की। जिसके अनुसार जिला दुर्ग में 565, राजनांदगांव में 49, बालोद में 37, बेमेतरा में 22 और कबीरधाम में 19 इस प्रकार पूरे रेंज स्तर पर कुल 692 शिकायतें लंबित होना पाया गया।
आईजी श्री सिंह ने जिला स्तर पर शिकायतों के निराकरण में बरती जा रही शिथिलता को गंभीरता से लेते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पर्यवेक्षणीय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों की जांच एवं निराकरण एक तय समय सीमा में हो। उन्होंने कहा कि Lalita Kumari vs Govt. of U.P. [W.P.(Crl) No - 68/2008] के प्रकरण में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 07 दिवस के भीतर शिकायतों की जांच एवं निराकरण का निर्देश दिया गया है। जिसका पालन सुनिश्चित किया जावे।
श्री सिंह ने कहा कि बेहतर पुलिसिंग और शिकायतों के निराकरण में प्रो-एक्टिव एप्रोच होनी चाहिए। पर्यवेक्षणीय अधिकारी के कार्यालय में समीक्षा की परम्परा नही होने के कारण ही शिकायतें लंबित होती है, इसलिए समीक्षा की परम्परा बनायें। यदि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही या शिथिलता पाई जाती है, तो ऐसे जांच अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे।
श्री सिंह ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सिटीजन काॅप - मोबाईल एप के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं एवं शिकायतों को भी संज्ञान में लें तथा उस पर त्वरित कार्यवाही करावें। सिटीजन काॅप पुलिस की कार्यप्रणाली को केवल आम लोगों के लिए सरल ही नही बनाती है, वरन् पुलिस को अनावश्यक कागजी कार्यवाही के बंधन से भी मुक्त करती है तथा आम जनता को अपनी शिकायत लेकर थाने अथवा पुलिस अधिकारी तक जाने की कतई आवश्यकता नहीं होती। जिसकी वजह से रेंज की जनता ने इसको अच्छा रिस्पांस दिया है। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी करावें, ताकि अधिसंख्य आम जनता इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
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छोटी-सी-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लेकर तत्काल कार्यवाही करें

छोटी-सी-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लेकर तत्काल कार्यवाही करें


दुर्ग रेंज आईजी और कमिशनर दुर्ग द्वारा बेमेतरा जिले में बैठक लेकर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की गई


प्रदेश में निष्पक्ष, निर्भिक एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराने व चुनाव तैयारियों का जायजा लेने रेंज के जिलो के दौरे पर निकले पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज श्री जी. पी. सिंह तथा कमिशनर दुर्ग संभाग श्री दिलीप वासनीकर आज दिनांक 12.10.18 को बेमेतरा जिले के प्रवास पर रहे। इस संयुक्त दौरे मे बेमेतरा जिला मुख्यालय में चुनाव तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली गई। जिसमें संबंधित जिला कलेक्टर/पुलिस अधीक्षक सहित निर्वाचन कार्य में संलग्न सभी स्टेक होल्डर विभागों के अधिकारी/कर्मचारी शामिल हुए। बैठक के बाद आईजी श्री सिंह व कमिशनर श्री वासनीकर बेमेतरा के एक मतदान केन्द्र कोदवा, प्राथमिक स्कूल एवं प्रस्तावित स्ट्रांग रूम का भ्रमण किया तथा पुलिस अधीक्षक, बेमेतरा को सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में निर्देशित किया गया।

मीटिंग में संबंधित जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा चुनाव हेतु अब तक की गई तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के उपरांत रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग श्री जी. पी. सिंह ने समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि:-
ऽ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव-2018 के मतदान तिथियों की घोषणा के उपरांत पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। अतः पुलिस/प्रशासनिक अधिकारीगण सुनिश्चित करें कि जिले में पूरी तरह से आचार संहिता का पालन हो। किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी द्वारा आचार संहिता के तहत निर्धारित मापदण्ड का यदि पालन नही किया जाता है तो उनके विरूद्ध तत्काल वैधानिक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।
ऽ Incident free Election हमारा प्रथम लक्ष्य है। चुनाव के दौरान सभी स्टेक होल्डर विभागों के मध्य बेहतर समन्वय हो ताकि किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति निर्मित ही न होने पाए। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी छोटी-सी-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लेकर तत्काल यथोचित वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करें। पुलिस की व्हिजिबिलिटी बढाई जावे तथा कार्यप्रणाली में कसावट लाई जावे।
ऽ फ्लैग मार्च निकालकर जनमानस में सुरक्षा एवं पुलिस के प्रति पाॅजिटिव माहौल सुनिश्चित करें, ताकि आम मतदाता भयमुक्त सकारात्मक माहौल से प्रेरित होकर अधिक से अघिक मतदान में भाग लेकर अपने प्रजातांत्रिक अधिकारों का उपयोग कर सके और मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो।
ऽ चुनाव के दौरान बाहर से आने वाले केन्द्रीय बलों की लाॅजिस्टिक व्यवस्था, जैसे आवास, बिजली, परिवहन, टाॅयलेट, पेय/निस्तार हेतु जल व्यवस्था, चिकित्सा एवं वेलफेयर से संबंधित अन्य समुचित व्यवस्थायें पूर्व से सुनिश्चित कर लें। ताकि, केन्द्रीय बलों के आवास एवं मूव्हमेंट में कठिनाई न हो।
ऽ केन्द्रीय बलों के प्रशिक्षण व एरिया फेमिलाइजेशन आदि कार्य हेतु जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर क्षेत्र की भौगोलिक- सामाजिक स्थिति एवं संवेदनशीलता के संबंध में ज्यादा से ज्यादा ब्रीफिंग दी जावे, ताकि वे यहां की परिस्थितियों से वाकिफ होकर बिना किसी कठिनाई के दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
ऽ चुनाव के दौरान जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में आमसभा, जुलूस एवं प्रचार प्रसार के दौरान अतिविशिष्ट/विशिष्ट व्यक्तियों, स्टाॅर प्रचारकों एवं उम्मीदवारों को सुरक्षा खतरों के आधार पर पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जावे। उम्मीदवारों एवं महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत चूनौतिपूर्ण होगा, अतः जिला निर्वाचन अधिकारी/पुलिस अधीक्षक सभी दलों एवं निर्दलीय उम्मीदवारों से उनके भ्रमण, कार्यक्रम, रैलियों एवं चुनाव प्रचार की जानकारी पर्याप्त समय पूर्व प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। इस हेतु संबंधितों की बैठक लेकर उन्हें अवगत करावें कि उनकी सुरक्षा के लिये ही यह व्यवस्था बनाई गई है, अतएव सहयोग करते हुए अपने कार्यक्रमों की पूर्व से जानकारी दें, ताकि तदनुरूप आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
ऽ सभी मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर उसकी उपयुक्तता की समीक्षा कर, सुरक्षा व्यवस्था की प्लाानिंग कर लें। मतदान दलों की सुरक्षा व्यवस्था, मुव्हमेंट एवं अन्य व्यवस्थाओं की पूर्व से कार्ययोजना बना लें तथा चुनाव कार्य में लगे समस्त बलों को सुरक्षा संबंधी खतरों के संबंध में ब्रीफिंग एवं डी-ब्रीफिंग की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे।
ऽ अपराधों में नियंत्रण के लिए प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् प्रभावी कार्यवाही एक कारगर उपाय होता है, अतः प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् अधिक-से-अधिक कार्यवाही कराई जावे। शराब पीकर वाहन चलाने वाले व्यक्तियों, तीन सवारी, ओवर स्पीड, बिना हेलमेट और बिना नंबर प्लेट, के साथ ही नाबालिक वाहन चालकों पर कडी कार्यवाही कराई जावे।
ऽ मोबाईल चेक-पोस्ट लगाकर बाहर से आने वाले वाहनों की प्रभावी चेकिंग सुनिश्चित की जावे तथा रजिस्टर में संबंधितों की जानकारी जैसे उसका नाम, पता, मोबाईल नंबर, वाहन नंबर, वाहन का प्रकार एवं गंतव्य स्थल आदि का विवरण दर्ज किया जाकर आवश्यकतानुसार तसदीकी कराई जावे।
ऽ चुनाव के दौरान शराब के अवैध परिवहन एवं डंपिंग होने की पूर्ण संभावना है। अतएव सीमावर्ती क्षेत्रों में सत्त निगरानी रखी जावे तथा चिन्हांकित स्थानों पर प्रभावी नाकेबंदी की जावे, ताकि शराब अथवा अन्य मादक द्रव्यों का अवैध परिवहन न हो सके। वहीं असमाजिक तत्वों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग एवं वैधानिक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे। जिसके तहत होटल, ढाबों, लाॅज, धर्मशालाओं, टैक्सी/बस स्टैण्ड की नियमित चेकिंग कराई जावे। संचालकों को भी हिदायत दी जावे कि यदि किसी भी प्रकार के संदिग्ध व्यक्ति/वस्तुओं की जानकारी उनके संज्ञान में आती है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जावे।
ऽ चुनाव के दौरान बनने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आंकलन कर कार्ययोजना तैयार कर लें। इसके लिये पर्याप्त संख्या में रिजर्व बल, क्यूआरटी आदि पृथक से तैयार स्थिति में रखी जावे, ताकि सूचना पर न्यूनतम समय में कार्यवाही की जा सके।
ऽ चुनाव के दौरान सुरक्षा संबंधी मामूली से मामूली चूक अथवा असावधानी को गंभीरता से लिया जाता है, अतएव संवेदनशील क्षेत्रों में इन्सीडेंट-फ्री पोलिंग हेतु मतदान केन्द्र, मतदान दल एवं मतदान सामग्री की समुचित सुरक्षा योजना पूर्व से सुनिश्चित कर लें।

श्री सिंह ने अंत में कहा कि विधानसभा चुनाव 2018 हेतु पुलिस प्रशासन को आम नागरिकों के लिये सुरक्षा का ऐसा वातावरण निर्मित करना होगा, जिससे आम मतदाता निर्भिक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

श्री दिलीप वासनीकर, आयुक्त दुर्ग संभाग द्वारा भी स्टेक होल्डर विभागो के अधिकारियों को चुनाव के दौरान आपसी तालमेल से काम करने की हिदायत दी गई एवं निर्देशित किया गया कि:-
ऽ चुनाव की तिथि घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता का पालन करना और कराना पुलिस एवं जिला प्रशासन की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। अतः सुनिश्चित किया जावे कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की स्थिति न बने तथा इस तरह की छोटी सी छोटी घटना पर त्वरित विधिसंगत कार्यवाही हो। मतदान में गडबडी वाले संभावित क्षेत्रों को पूर्व से चिन्हांकित कर, वहां पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जावे।
ऽ चुनावी सभाओं, रैलियों एवं कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराई जावे।
ऽ आमसभा/रैली/रोड शो/जुलूस व लाॅउड स्पीकर के उपयोग की अनुमति देने के पूर्व सुनिश्चित कर लें कि दो राजनैतिक दलों/उम्मीदवारों के कार्यक्रम समय में पर्याप्त अंतर हो। एक समय में एक ही स्थल/चौक से दो अथवा दो से अधिक रैलियां/कार्यक्रम न हो।

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विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान इन्सीडेंट-फ्री पोलिंग हमारा प्रथम लक्ष्य

विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान इन्सीडेंट-फ्री पोलिंग हमारा प्रथम लक्ष्य 


आईजी दुर्ग श्री जी. पी. सिंह तथा कमिश्नर दुर्ग, श्री दिलीप वासनीकर द्वारा क्रमशः बालोद एवं राजनांदगांव जिले का संयुक्त दौरा

दुर्ग रेंज आईजी और कमिश्नर दुर्ग द्वारा चुनाव तैयारियों की समीक्षा 

निष्पक्ष, निर्भिक एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराने उद्देश्य 

निर्वाचन कार्य में संलग्न सभी स्टेक होल्डर विभागों के अधिकारी/कर्मचारी हुए शामिल 

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ विधानसभा चुनाव 2018 के मतदान तिथियों की घोषणा करने के उपरांत, चुनाव कार्य की जिम्मेदारी सम्हालने वाले विभागों में सरगर्मी बढ़ गई है। इसी के तहत चुनाव तैयारियों की समीक्षा करने तथा प्रदेश में निष्पक्ष, निर्भिक एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराने के उद्देश्य से आज दिनांक 11.10.2018 को आईजी दुर्ग श्री जी. पी. सिंह तथा कमिश्नर दुर्ग, श्री दिलीप वासनीकर द्वारा क्रमशः बालोद एवं राजनांदगांव जिले का संयुक्त दौरा किया गया। इस दौरान बालोद जिला मुख्यालय में तथा राजनांदगांव जिला मुख्यालय में चुनाव तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली गई। जिसमें संबंधित जिला कलेक्टर/पुलिस अधीक्षक सहित निर्वाचन कार्य में संलग्न सभी स्टेक होल्डर विभागों के अधिकारी/कर्मचारी शामिल हुए। 

मीटिंग में संबंधित जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा चुनाव हेतु अब तक की गई तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के उपरांत रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग श्री जी. पी. सिंह ने समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देषित किया कि:-
Incident Free Polling हमारा प्रथम लक्ष्य है। चुनाव के दौरान सभी स्टेक होल्डर विभागों के मध्य बेहतर समन्वय हो ताकि किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति निर्मित ही न होने पाए। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी छोटी-सी-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लेकर तत्काल यथोचित वैधानिक कार्यवाही सुनिष्चित करें। पुलिस की व्हिजिबिलिटी बढाई जावे तथा कार्यप्रणाली में कसावट लाई जावे।
फ्लैग मार्च निकालकर जनमानस में सुरक्षा एवं पुलिस के प्रति पाॅजिटिव माहौल सुनिश्चित करें, ताकि आम मतदाता भयमुक्त सकारात्मक माहौल से प्रेरित होकर अधिक से अघिक मतदान में भाग लेकर अपने प्रजातांत्रिक अधिकारों का उपयोग कर सके और मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो। 
चुनाव के दौरान बाहर से आने वाले केन्द्रीय बलों की लाॅजिस्टिक व्यवस्था, जैसे आवास, बिजली, परिवहन, टाॅयलेट, पेय/निस्तार हेतु जल व्यवस्था, चिकित्सा एवं वेलफेयर से संबंधित अन्य समुचित व्यवस्थायें पूर्व से सुनिष्चित कर लें। ताकि, केन्द्रीय बलों के आवास एवं मूव्हमेंट में कठिनाई न हो।
केन्द्रीय बलों के प्रशिक्षणएरिया फेमिलाइजेशन आदि कार्य हेतु जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर क्षेत्र की भौगोलिक-सामाजिक स्थिति एवं संवेदनशीलता के संबंध में ज्यादा से ज्यादा ब्रीफिंग दी जावे, ताकि वे यहां की परिस्थितियों से वाकिफ होकर बिना किसी कठिनाई के दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
चुनाव के दौरान जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में आमसभा, जुलूस एवं प्रचार प्रसार के दौरान अतिविशिष्ट/विशिष्ट व्यक्तियों, स्टाॅर प्रचारकों एवं उम्मीदवारों को सुरक्षा खतरों के आधार पर पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जावे। उम्मीदवारों एवं महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत चूनौतिपूर्ण होगा, अतः जिला निर्वाचन अधिकारी/पुलिस अधीक्षक सभी दलों एवं निर्दलीय उम्मीदवारों से उनके भ्रमण, कार्यक्रम, रैलियों एवं चुनाव प्रचार की जानकारी पर्याप्त समय पूर्व प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिष्चित कर लें। इस हेतु संबंधितों की बैठक लेकर उन्हें अवगत करावें कि उनकी सुरक्षा के लिये ही यह व्यवस्था बनाई गई है, अतएव सहयोग करते हुए अपने कार्यक्रमों की पूर्व से जानकारी दें, ताकि तदनुरूप आवष्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। 
सभी मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर उसकी उपयुक्तता की समीक्षा कर, सुरक्षा व्यवस्था की प्लाानिंग कर लें। मतदान दलों की सुरक्षा व्यवस्था, मुव्हमेंट एवं अन्य व्यवस्थाओं की पूर्व से कार्ययोजना बना लें तथा चुनाव कार्य में लगे समस्त बलों को सुरक्षा संबंधी खतरों के संबंध में ब्रीफिंग एवं डी-ब्रीफिंग की कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे।
अपराधों में नियंत्रण के लिए प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् प्रभावी कार्यवाही एक कारगर उपाय होता है, अतः प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत् अधिक-से-अधिक कार्यवाही कराई जावे। शराब पीकर वाहन चलाने वाले व्यक्तियों, तीन सवारी, ओवर स्पीड, बिना हेलमेट और बिना नंबर प्लेट, के साथ ही नाबालिक वाहन चालकों पर कडी कार्यवाही कराई जावे। 
मोबाईल चेक-पोस्ट लगाकर बाहर से आने वाले वाहनों की प्रभावी चेकिंग सुनिष्चित की जावे तथा रजिस्टर में संबंधितों की जानकारी जैसे उसका नाम, पता, मोबाईल नंबर, वाहन नंबर, वाहन का प्रकार एवं गंतव्य स्थल आदि का विवरण दर्ज किया जाकर आवष्यकतानुसार तसदीकी कराई जावे।
चुनाव के दौरान शराब के अवैध परिवहन एवं डंपिंग होने की पूर्ण संभावना है। अतएव सीमावर्ती क्षेत्रों में सत्त निगरानी रखी जावे तथा चिन्हांकित स्थानों पर प्रभावी नाकेबंदी की जावे, ताकि शराब अथवा अन्य मादक द्रव्यों का अवैध परिवहन न हो सके। वहीं असमाजिक तत्वों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग एवं वैधानिक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जावे। जिसके तहत होटल, ढाबों, लाॅज, धर्मषालाओं, टैक्सी/बस स्टैण्ड की नियमित चेकिंग कराई जावे। संचालकों को भी हिदायत दी जावे कि यदि किसी भी प्रकार के संदिग्ध व्यक्ति/वस्तुओं की जानकारी उनके संज्ञान में आती है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जावे। 
चुनाव के दौरान बनने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आंकलन कर कार्ययोजना तैयार कर लें। इसके लिये पर्याप्त संख्या में रिजर्व बल, क्यूआरटी आदि पृथक से तैयार स्थिति में रखी जावे, ताकि सूचना पर न्यूनतम समय में कार्यवाही की जा सके। क्षेत्र की संवेदनशीलता (विशेषकर नक्सल क्षेत्रों में) को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलिंग, आरओपी एवं एरिया डाॅमिनेशन कराया जावे।
चुनाव के दौरान सुरक्षा संबंधी मामूली से मामूली चूक अथवा असावधानी को गंभीरता से लिया जाता है, अतएव संवेदनशील क्षेत्रों में इन्सीडेंट-फ्री पोलिंग हेतु मतदान केन्द्र, मतदान दल एवं मतदान सामग्री की समुचित सुरक्षा योजना पूर्व से सुनिश्चित कर लें। 

श्री दिलीप वासनीकर, आयुक्त दुर्ग संभाग द्वारा भी स्टेक होल्डर विभागों के अधिकारियों को चुनाव के दौरान आपसी तालमेल से काम करने की हिदायत दी गई एवं निर्देशित किया गया कि:- 
चुनाव की तिथि घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता का पालन करना और कराना पुलिस एवं जिला प्रशासन की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। अतः सुनिश्चित किया जावे कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की स्थिति न बने तथा इस तरह की छोटी सी छोटी घटना पर त्वरित विधिसंगत कार्यवाही हो। मतदान में गडबडी वाले संभावित क्षेत्रों को पूर्व से चिन्हांकित कर, वहां पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जावे।
चुनावी सभाओं, रैलियों एवं कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराई जावे। 
आमसभा/रैली/रोड शो/जुलूस व लाॅउड स्पीकर के उपयोग की अनुमति देने के पूर्व सुनिश्चित कर लें कि दो राजनैतिक दलों/उम्मीदवारों के कार्यक्रम समय में पर्याप्त अंतर हो। एक समय में एक ही स्थल/Chouk से दो अथवा दो से अधिक रैलियां/कार्यक्रम न हो। 

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आईजी दुर्ग कबीरधाम प्रवास पर - पुलिस अधिकारियों की ली मीटिंग

आईजी दुर्ग कबीरधाम प्रवास पर - पुलिस अधिकारियों की ली मीटिंग 


श्री जी.पी. सिंह, रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग आज दिनांक 10/10/2018 को कबीरधाम जिले के प्रवास पर रहे। इस दौरान उनके द्वारा ली गई मीटिंग में पुलिस अधीक्षक श्री लाल उम्मेद सिंह, सहित जिले के अन्य राजपत्रित अधिकारियों सहित, थाना प्रभारीगण भी उपस्थित रहे। बैठक में श्री सिंह द्वारा कबीरधाम जिले के पुलिस के कामकाज की समीक्षा की गई। 

सर्वप्रथम श्री सिंह ने पण्डरिया थाना क्षेत्र में अवैध जुआ के खिलाफ सफल रेड की कार्यवाही के लिए पुलिस बल को बधाई दी तथा बताया कि जिले के कुछ थाना क्षेत्रों में अवैध रूप से जुआ/फड के संचालन की सूचनाएं प्राप्त हो रही है। अतएव पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारीगण ऐसे अवैध कृत्यों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उनके द्वारा विधानसभा चुनाव 2018 के मददेनजर पुलिस की व्हिजिबिलिटी बढाने एवं पुलिस की कार्यप्रणाली में कसावट लाने का निर्देष दिया गया। मीटिंग के दौरान ही श्री सिंह द्वारा नक्सल आॅपरेशन से जुडे अधिकारियों की पृथक से मीटिंग ली गई एवं जिले की नक्सल गतिविधियों की जानकारी लेकर, अधिकारियों को प्रभावी नक्सल आॅपरेशन चलाने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिये। 

श्री सिंह ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों से कहा कि कबीरधाम से मध्यप्रदेष की सीमा लगती है। जहां से चुनाव के दौरान शराब के अवैध परिवहन एवं डंपिंग होने की पूर्ण संभावना है। अतएव सीमावर्ती क्षेत्रों में सत्त निगरानी रखी जावे तथा चिन्हांकित स्थानों पर प्रभावी नाकेबंदी की जावे, ताकि शराब अथवा अन्य मादक द्रव्यों का अवैध परिवहन न हो सके। 

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा कबीरधाम शहर में रात्रि गस्त की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर, पुलिस अधीक्षक, कबीरधाम को रात्रि गष्त को और प्रभावी बनाने के लिये कहा, जिसके तहत नगर में नये गष्त प्वाइंट बढाने के लिये कहा गया है, साथ ही गस्त के दौरान रात में मिलने वाले व्यक्तियों के नाम, मोबाईल नंबर एवं पता आदि एक रजिस्टर में दर्ज करने तथा आवश्यकतानुसार उसकी तसदीक करने का भी निर्देश उनके द्वारा दिया गया।

श्री सिंह ने कहा कि चूंकि चुनाव की तिथियों की घोषणा हो चुकी है, अतएव निर्विघ्न एवं शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिये यह आवश्यक है कि असमाजिक तत्वों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की प्रभावी चेकिंग एवं वैधानिक कार्यवाही हो। जिसके तहत होटल, ढाबों, लाॅज, धर्मषालाओं, टैक्सी/बस स्टैण्ड की नियमित चेकिंग कराई जावे। संचालकों को भी हिदायत दी जावे कि यदि किसी भी प्रकार के संदिग्ध व्यक्ति/वस्तुओं की जानकारी उनके संज्ञान में आती है, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जावे। इसी तरह जिले में, बाहर से आने वाले वाहनों को मोबाईल चेक-पोस्ट लगाकर प्रभावी चेकिंग की व्यवस्था सुनिष्चित की जावे तथा रजिस्टर में संबंधितों की जानकारी जैसे उसका नाम, पता, मोबाईल नंबर, वाहन नंबर, वाहन का प्रकार एवं गंतव्य स्थल आदि का विवरण दर्ज किया जाकर आवश्यकतानुसार तसदीकी कराई जावे। 

श्री सिंह ने निर्देशित किया कि मोटर व्हिकल एक्ट के तहत् चालानी कार्यवाही हेतु सक्षम अधिकारी को लगाया जावे। शहर के प्रमुख चैlक-चैराहे एवं ट्रैफिक सिग्नलों पर यातायात को सुगम व व्यवस्थित बनाए रखने हेतु पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जावे। 

रेंज पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस अधीक्षक कबीरधाम को निर्देशित किया गया कि चुनाव के मद्देनजर सभी मतदान केन्द्रों का भ्रमण कर उसकी उपयुक्तता की समीक्षा कर, सुरक्षा व्यवस्था की प्लाानिंग कर लें। चुनाव के दौरान मतदान दलों की सुरक्षा व्यवस्था, बलों के मुव्हमेंट, उनको दिए जाने वाले लाॅजिस्टिक सपोर्ट एवं सुरक्षा व्यवस्था संबंधी अन्य व्यवस्थाओं की पूर्व से कार्ययोजना तैयार कर लें। ताकि विधानसभा चुनाव निर्विघ्न एवं शांतिपूर्ण सम्पन्न हो सके। 
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छत्तीसगढ़ राज्य में विधानसभा निर्वाचन - 2018 के लिए आदर्श आचार संहिता लागू, चुनाव संबंधी आदेश देखने के लिए क्लिक करें

छत्तीसगढ़ राज्य में विधानसभा निर्वाचन - 2018 के लिए आदर्श आचार संहिता लागू, चुनाव संबंधी आदेश देखने के लिए क्लिक करें 


दिनांक 06 अक्टूबर 2018 से छत्तीसगढ़ राज्य में विधानसभा निर्वाचन - 2018 के लिए आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। 

आदर्श आचार संहिता के बारे में जानने के लिए इस विडियो को जरूर देखें।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सम्पूर्ण विज्ञप्ति देखने के लिए क्लिक करें।

छत्तीसगढ़ राज्य में विधानसभा निर्वाचन - 2018 के लिए महत्वपूर्ण तिथि एवं चरणवार मतदान के लिए विधानसभाओं के नाम जानने के लिए क्लिक करें।

प्रत्याशियों के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी हेण्डबुक देखने के लिए क्लिक करें।
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मानव जीवन का वास्तविक सिद्धांत क्या है ?


मानव जीवन का वास्तविक सिद्धांत क्या है ? 
"मनखे-मनखे एक समान" से परिचित हुए बिना कोई भी मानव पूर्णतः मानव नही हो सकता।
"मनखे-मनखे एक समान" उन सभी कुटिल सिद्धांतों के अस्तित्व का अंतिम निदान है जो मानव को मानव से ऊंचनीच होने का कपोल कल्पित झूठा प्रमाण प्रस्तुत करने का षड्यंत्र करती है।
"मनखे-मनखे एक समान" का सिद्धांत छुआछूत, जातिवाद, ऊंचनीच, धार्मिक संघर्ष, के साथ ही झूठे धार्मिक सिद्धांतो के लिए ब्रम्हास्त्र है।

मानव जीवन का वास्तविक सिद्धांत क्या है ? इसे जानने के लिए सहस्त्रों सिद्धांतों का ज्ञान आवश्यक नही। इस संबंध में सतनाम पंथ/धर्म के पुनरसंस्थापक गुरु घासीदास बाबा के एक वाणी "मनखे-मनखे एक समान" को जान लेना पर्याप्त है।

"मनखे-मनखे एक समान" एक पंथ मात्र के लिए गुरुवाणी नही वरन, मानव समुदाय का वास्तविक सिद्धांत है। जो छुआछूत, जातिवाद, ऊंचनीच, धार्मिक संघर्ष, के साथ ही झूठे धार्मिक सिद्धांतो के लिए ब्रम्हास्त्र है।

यह गुरुवाणी उन सभी कुटिल सिद्धांतों के अस्तित्व का अंतिम निदान है जो मानव को मानव से ऊंचनीच होने का कपोल कल्पित झूठा प्रमाण प्रस्तुत करने का षड्यंत्र करती है।

"मनखे-मनखे एक समान" का सिद्धांत अर्थात "मानव-मानव एक समान" अथवा  "सभी मनुष्य समान है" को केवल एक ही पंथ/धर्म तक सीमित रखना, समस्त संसार के लिए हानिकारक है। इस सर्वोच्च सत्य को जानने का अधिकार केवल समूचे धरती में निवासरत मनुष्य ही नही वरन परग्रहियों का भी है।

विद्वानों का मानना है कि "मनखे-मनखे एक समान" से परिचित हुए बिना कोई भी मानव पूर्णतः मानव नही हो सकता।


हुलेश्वर जोशी
नया रायपुर, छत्तीसगढ़
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धार्मिक भावनाओं को आघात पहुचाने वाले असमाजिक तत्वों को किसी भी शर्त में बख्शा नही जाएगा - IG Durg


धार्मिक भावनाओं को आघात पहुचाने वाले असमाजिक तत्वों को किसी भी शर्त में बख्शा नही जाएगा
आईजी दुर्ग ने जारी किया दिशा-निर्देश, क्वाँँर नवरात्रि पर्व एवं दशहरा त्यौहार के दौरान पुलिस अधीक्षक साम्प्रदायिक सौहार्द्र सुनिश्चित करें l

श्री जीपी सिंह, रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग द्वारा क्वाँँर नवरात्रि पर्व/महाष्टमी/महानवमी/दशहरा त्यौहार के दौरान साम्प्रदायिक सौहार्द्र सुनिश्चित करने हेतु रेंज के पुलिस अधीक्षकों को परिपत्र जारी किया गया है। 

दिनांक 10-10-2018 से प्रारंभ होने वाली क्वाँँर नवरात्रि पर्व के दौरान मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाकर जगह-जगह देवियों की पूजा-अर्चना की जावेगी। सैंकडो स्थानों पर देवी जागरण व अन्य धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे, जिसमें महिलाओं व बच्चो की विशेष भीड़ होगी रहती है। दिनांक 17-10-2018 को महाष्टमी, दिनांक 18-10-2018 को महानवमी एवं दिनांक 19-10-2018 को दशहरा पर्व मनाया जावेगा।

क्वाँँर नवरात्रि पर्व एवं दशहरा त्यौहार के दौरान सोशल मीडिया में फेसबुक, ट्वीटर एवं वाट्सएप्प, इत्यादि के जरये धार्मिक भावनाओं को आहत पहुचाने वालों के उपर कडी निगरानी रखी जा रही है। लोगों के धार्मिक भावनाओं को आघात पहुचाने वाले असमाजिक तत्वों को किसी भी शर्त में बख्शा नही जाएगा। 
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छत्तीसगढ़ पुलिस के मोबाईल एप्प ‘‘सिटीजन काॅप’’ ने लौटाया 15 नग मोबाईल फोन

छत्तीसगढ़ पुलिस के मोबाईल एप्प ‘‘सिटीजन काॅप’’ ने लौटाया 15 नग मोबाईल फोन


आईजी श्री जी.पी. सिंह ने लौटाये 15 नग मोबाईल फोन  

सिटीजन काॅप के माध्यम से कुल 95 नग मोबाईल फोन बरामद 

श्री जी.पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग के निर्देशन में संचालित सिटीजन काॅप सेल द्वारा सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्लीकेशन पर दर्ज मोबाईल फोन के गुम होने की शिकायतों पर कार्यवाही करते हुये 15 नग मोबाईल फोन रिकवर किया गया। श्री सिंह द्वारा इन 15 नग मोबाईल फोन को उनके मूल मालिको को आवश्यक दस्तावेज देखकर आज दिनांक 08/10/2018 को अपने कार्यालय में वापस सुपुर्द किया गया। उल्लेखनीय है कि दुर्ग संभाग में सिटीजन काॅप - मोबाइल एप्लीकेशन के अपग्रेडेड वर्जन के साथ मार्च 2018 में लाॅंच किया गया था, तब से अभी तक सिटीजन काॅप के माध्यम से कुल 95 नग मोबाईल फोन बरामद कर संबंधित मोबाईल धारको को लौटाया जा चुका है। 


गुम/चोरी हुए मोबाईल फोन वापस मिलने पर लोगों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए सिटीजन काॅप मोबाईल एप्प व छत्तीसगढ़ पुलिस के कार्यवाहियों की सराहना की है। उनका कहना है कि वे व्यक्तिगत रूप से पुलिस के सिटीजन काॅप - मोबाईल एप्प एवं उसके उपयोगिता से लोगों को जागरूक करेंगे। यषकुमार साहू अपने मोबाईल रेड-मी नोट-5 प्रो वापस पाकर सिटीजन काॅप के कार्यशैली का सराहना करते हुए अपने फीडबैक में लिखा है कि ‘‘आज तक मैने सुना था कि भारत की पुलिस सक्रिय है लेकिन आज मैने देख भी लिया।’’ 



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आओ, अत्याचार और अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाएं - श्रीमती कली देवी जोशी

आओ, अत्याचार और अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाएं


किसी भी विभाग या संस्था में हो रही अनियमितता/गलती से संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को कार्यवाही हेतु लिखित शिकायत करना, आपके जागरूक होने का प्रमाण है। यदि बात हिंसा/हत्या, कानून के उल्लंघन, जनसुविधाओं को प्रभावित करने और मानव अधिकारों के हनन से संबंधित मामले हों, तो ऐसे प्रकरण पर त्वरित कार्यवाही के लिए हर आदमी का आगे आना और अधिक आवश्यक हो जाता है।

यदि आप किसी भी प्रकार की शिकायत करते हैं तो आपके पास पक्का प्रूफ जरूर होनी चाहिए, इस सबंध में प्रमाण सहित शिकायत करें तो बेहतर होगा। आपके शिकायत करने से अनियमितता रूक जाएगी और राष्ट्रीय स्तर पर जहां एक ओर देश को लाभ होगा वहीं आपका शिकायत लोककल्याणकारी भी शाबित होगा।

प्रायः यह देखने में आता है कि ऐसे प्रकरणों को संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों /संस्था प्रमुख को लिखित शिकायत देने के बजाय लोग केवल सोशल मीडिया में शेयर करते रह जाते है, जो अनुचित है। क्योंकि आपके सोशल मीडिया में शेयर करने से कुछ होना नही है केवल देश की बदनामी और आपका समय बबार्द होगा। इसलिए बेहतर होगा कि संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों /संस्था प्रमुख को लिखित शिकायत करें, इस हेतु आपके लिए पोस्टल लेटर भेजने ही भेजने बाध्यता नही है वरन् आप गुगुल से संबंधित का ई-मेल आईडी खोजकर ईमेल कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य के मामलों में आप मुख्यमंत्री जनदर्शन में आन लाईन अथवा पुलिस के मोबाईल एप्प ‘‘सिटीजन काॅप’’ में भी शिकायत कर सकते है।

आपसे आग्रह है कि सुनी सुनाई बातों पर कभी भी शिकायत करके प्रशासनिक कार्यवाही को प्रभावित न करें, ऐसी स्थिति में आपके खिलाफ कार्यवाही हो सकती है। हां, यदि आपको ऐसा आवयक लगता है तो सुझाव हेतु सामान्य जानकारी अवश्य दिजीए।


श्रीमती कली देवी जोशी
पूर्व निदेशक, छत्तीसगढ़ एजूकेशन एण्ड नेटवर्क प्रा0लि0
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आईजी श्री सिंह ने लगाई स्टार, सिटीजन काॅप के प्रभारी श्री जितेन्द्र कोरी बने कंपनी कमाण्डर

आईजी श्री सिंह ने लगाई स्टार सिटीजन काॅप के प्रभारी श्री जितेन्द्र कोरी बने कंपनी कमाण्डर

आईजी श्री सिंह ने लगाई स्टार, सिटीजन काॅप के प्रभारी श्री जितेन्द्र कोरी बने कंपनी कमाण्डर

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, छसल, पुलिस मुख्यालय के आदेश दिनांक 03/10/2018 के तहत् राज्य के 04 प्लाटून कमाण्डर को कंपनी कमाण्डर के पद पर पदोन्नति आदेश जारी की गई है। उक्त आदेश के तहत् आईजी कार्यालय में कार्यरत् सिटीजन काॅप के प्रभारी श्री जितेन्द्र कोरी को पुलिस महानिरीक्षक श्री जी.पी. सिंह द्वारा स्टार लगाकर विधिवत् पदोन्नति दी व उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। 


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श्री अमित शाह के दुर्ग प्रवास के दौरान सुरक्षा हेतु आईजी ने ली बैठक

श्री अमित शाह के दुर्ग प्रवास के दौरान सुरक्षा हेतु आईजी ने ली बैठक 


श्री जीपी सिंह पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज द्वारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह के दिनांक 05 अक्टूबर 2018 को दुर्ग प्रवास को ध्यान में रखकर सुदृढ़ सुरक्षा बंदोबस्त सुनिश्चित करने के उद्देष्य से सुरक्षा व्यवस्था में लगे राजपत्रित पुलिस अधिकारियों एवं निरीक्षक स्तर के अधिकारियों की आईजी कार्यालय दुर्ग में शाम 6 बजे बैठक ली।

बैठक में भाजपा अध्यक्ष की सुरक्षा के लिये लगाये लगे पुलिस बंदोबस्त की समीक्षा करते हुए श्री सिंह ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुरक्षा हेतु निर्धारित मापदण्डों का कडाई से पालन किया जावे तथा यह ध्यान रखा जावे कि इस दौरान आम नागरिकों को परेशानी न हो।

श्री सिंह ने बताया कि चरोदा स्थित सभा स्थल में महिला सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। अतएव पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है तथा सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था हेतु लगभग 2000 जवानों को तैनात किया गया है। जनता की सुविधा के लिये आम सभा स्थल के निकट ही पार्किंग की व्यवस्था की गई है तथा आम सभा स्थल जाने के रास्ते में साइनेजर्स भी लगाये गये हैं, ताकि आम लोग आसानी से सभा स्थल तक पहुंच सकें। श्री सिंह के अनुसार भाजपा अध्यक्ष के सुरक्षा खतरे को दृष्टिगत रखते हुए सभी एहतियाती कदम उठाये गये हैं तथा चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई है।

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49 पुलिसकर्मियों को जांबाजी का मिला इनाम..PHQ ने दिया आउट आफ टर्न प्रमोशन 7 उपनिरीक्षक बनाये गये निरीक्षक

49 पुलिसकर्मियों को जांबाजी का मिला इनाम..PHQ ने दिया आउट आफ टर्न प्रमोशन 7 उपनिरीक्षक  बनाये गये निरीक्षक

नक्सल आपरेशंस में जाबांजी का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को बहादूरी का इनाम दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थ 49 पुलिसकर्मियों को आउट आफ टर्न प्रमोशन दिया गया है। जिन पुलिसकर्मियों को आउट आफ टर्न प्रमोशन दिया गया है, उनमें से 7 उपनिरीक्षक  को इंस्पेक्टर बनाया गया है, वहीं एक एएसआई से उपनिरीक्षक  बनाये गये हैं, वहीं 2 प्लाटून कमांडर से कंपनी कमांडर बनाये गये हैं, 4 अस्टिटेंट प्लाटून कमांडर से प्लाटून कमांडर बनाये गये हैं। अन्य पुलिसकर्मियों में 8 हेड कांस्टेबल एएसआई और 27 कांस्टेबल को हेड कांस्टेबल बनाया गया है। जिन पुलिसकर्मियों को प्रमोशन मिला है, उनमें३

उप निरीक्षक अरूण कुमार साहू (बस्तर) को निरीक्षक
उप निरीक्षक सुभाष चैबे (बस्तर) को निरीक्षक
उप निरीक्षक वन टाईम अनिल शर्मा (राजनांदगांव) को निरीक्षक।
उप निरीक्षक अवश्नी सिंह (राजनांदगांव) को निरीक्षक।

शेखचंद बघेल (बस्तर) को प्रधान आरक्षक
तुलसीराम कश्यप (बस्तर) को प्रधान आरक्षक।

प्रधान आरक्षक अम्बिका तिवारी (राजनांदगांव) को सहायक उप निरीक्षक
प्रधान आरक्षक सुमन कर्ष (राजनांदगांव) को सहायक उप निरीक्षक।
आरक्षक संतोष मण्डावी (राजनांदगांव) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक  आशीष वर्मा (राजनांदगांव) को प्रधान आरक्षक
आरक्षक अश्वनी यदु (राजनांदगांव) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक गुनेश यदु (राजनांदगांव) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक भूपेन्द्र ठाकुर (राजनांदगांव) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक राजेश पाटले (राजनांदगांव) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक रोहित पड़ोती (राजनांदगांव) को प्रधान आरक्षक।
उप निरींक्षक केशवल कोसले (बीजापुर) को निरीक्षक।
उप निरीक्षक देवेश राजपूत (बीजापुर) को निरीक्षक।
प्रधान आरक्षक  जनार्दन कोर्राम (बीजापुर) को सहायक उप निरीक्षक।
प्रधान आरक्षक पतिराम पोडियाम (बीजापुर) को सहायक उप निरीक्षक।
आरक्षक प्रीतम कुमार कोर्राम (बीजापुर) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक रमेश जुरी (बीजापुर) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक कृष्ण कुमार (बीजापुर) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक प्रफुल्ल कुजूर (बीजापुर) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक जग्गू कमलू (बीजापुर) प्रधान आरक्षक।

उप निरीक्षक सुक्कू राम नुरेटी (नारायणपुर) को निरीक्षक।
सहायक उप निरीक्षक महेन्द्र पोटाई (नारायणपुर) को उप निरीक्षक।
प्रधान आरक्षक सुक्कू राम नाग (नारायणपुर) को सहायक उप निरीक्षक।
आरक्षक रामलाल नुरेटी (नारायणपुर) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक संतोष दुग्गा (नारायणपुर) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक गिरीश देवांगन (नारायणपुर) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक संदीप टोप्पों (नारायणपुर) को प्रधान आरक्षक।
प्रधान आरक्षक श्रवण कुमार भोयर (नारायणपुर) को सहायक उप निरीक्षक।
आरक्षक श्रवण कुमार दुग्गा (नाराणपुर) को प्रधान आरक्षक।
पीसी शरब राज्य कुमार (एसटीएफ) को सीसी।
पीसी रूद्रप्रताप (एसटीएफ) को सीसी।
एपीसी हेमंत यदु (एसटीएफ) को पीसी।
एपीसी विनोद राम (एसटीएफ) को पीसी।
एपीसी जयकरण प्रजापति (एसटीएफ) को पीसी।
एपीसी रमाकांत सिंह (एसटीएफ) को पीसी।
प्रधान आरक्षक मनीष झा (एसटीएफ) को एपीसी।
प्रधान आरक्षक हर्षनाथ शर्मा (एसटीएफ) को एपीसी।
आरकक्ष लोकेश ध्रुव (एसटीएफ) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक बुधराम कड़ियम (एसटीएफ) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक अर्जुन सिंह (एसटीएफ) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक रविन्द्र सिंह (एसटीएफ) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक रजमन कैमरा (कांकेर) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक हितेश सिंह ठाकुर (विआशा) को प्रधान आरक्षक।
आरक्षक अजीत कुमार (विआश) को प्रधान आरक्षक।
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दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट नही पहनने वाले पुलिसकर्मियो के खिलाफ होगी कडी कार्यवाही, आईजी का फरमान

दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट नही पहनने वाले पुलिसकर्मियो के खिलाफ होगी कडी कार्यवाही, आईजी का फरमान


आईजी दुर्ग का फरमान, पुलिसकर्मी भी पहनेंगे हेलमेट

लाईफ का कोई ‘रि-सेट’ बटन नहीं होता है, प्रत्येक व्यक्ति का जीवन अमूल्य है : जी.पी. सिंह

दोपहिया वाहन चालन के दौरान हेलमेट न पहनने के कारण वाहन दुर्घटनाओं में पुलिसकर्मियों की आकस्मिक मृत्यु की घटनाओं को श्री जीपी सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा अत्यंत गंभीरता से लिया जाकर विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों के स्तर पर भी हेलमेट पहनने की अनिवार्यता को सख्ती से लागू करने का निर्देष रेंज के पुलिस अधीक्षकों को दिया गया है। 

रेज पुलिस महानिरीक्षक ने निर्देषित किया है कि दोपहिया वाहन चालन के दौरान हेलमेट की अनिवार्यता सभी के लिए है, अतएव सुनिष्चित किया जावे कि आम जनता के साथ-साथ विभागीय अधिकारी/कर्मचारी के स्तर पर भी इसका सख्ती से पालन हो तथा उल्लंघन की स्थिति में विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्यवाही की जावे।


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बस्तर के तीन खूंखार नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण - IG Bastar

बस्तर के तीन खूंखार नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

पूर्व बस्तर डिवीजन कमाण्ड इन चीफ, ईनामी 10 लाख व अमदई घाटी एरिया कमेटी के.ए.एम.एस. अध्यक्ष (एरिया कमेटी सदस्य), ईनामी 05 लाख सहित कुल 03 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण


पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री विवेकानंद सिन्हा, उप पुलिस महानिरीक्षक कांकेर रेंज श्री टी0आर0 पैकरा, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर श्री जितेन्द्र शुक्ल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के निर्देशन में डीआरजी, जिला बल, छसबल, एसटीएफ, आईटीबीपी बल द्वारा लगातार नक्सल विरोधी अभियान का संचालन किया जा र हा है। पुलिस द्वारा चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के कारण नक्सलियों पर बढ़ते दबाव एवं शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर जिला नारायणपुर में पूर्व बस्तर डिवीजन कमाण्ड इन चीफ (डी.व्ही.सी.एम.) व पूर्व बस्तर डिवीजन क्षेत्रान्तर्गत अ मदईघाटी एरिया कमेटी के.ए.एम.एस. अध्यक्ष (ए.सी.एम.) सहित कुल 03 नक्सली सदस्यों द्वारा माओवादी सं गठन को छोड़कर समाज के मुख्यधारा में सम्मिलित होने हेतु पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री विवेकानंद सिन्हा पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, श्री जितेन्द्र शुक्ल के समक्ष दिनांक-03.10.2018 को जिला नारायणपुर में आत्मसमर्पण किये।




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छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में सेवा के 13 वर्ष पूर्ण, श्री हुलेश्वर जोशी ने अपने आदर्शो का किया आभार

छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में सेवा के 13 वर्ष पूर्ण, श्री जोशी ने अपने आदर्शो का किया आभार


छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में 13 वर्ष  सेवा (23 Sep. 2018) पूर्ण, आज 14वे वर्ष का पहला दिन 24-09-2018

आप सभी से प्राप्त आशीर्वाद, मार्गदर्शन, सहयोग, सम्मान और प्रेम के लिए कोटिशः आभार।

श्री जोशी जी के प्रेरणास्रोत : आईजी श्री जीपी सिंह, सेनानी एम तुङ्गोई, सहायक सेनानी श्री रविप्रताप सिंह, सहायक सेनानी श्री धर्मनाथ सिंह, भूतपूर्व कंपनी कमांडर श्री सत्यनारायण शुक्ला, भूतपूर्व कंपनी कमांडर श्री सरजू सिंह सिकरवार, एपीसी श्री शैवाल चटर्जी, एपीसी श्री जयंत पॉल को सादर प्रणाम।

श्री जोशी जी के मार्गदर्शक : सहायक सेनानी श्री कुंजराम चौहान, सहायक सेनानी श्री लोकेश्वर शांडिल्य, सहायक सेनानी श्री गोविन्द राम मिंज, सहायक सेनानी श्री विजय तिर्की, कंपनी कमांडर श्री सुरित राम बघेल, निरीक्षक श्री पवन नामदेव, एपीसी श्री महेंद्र शर्मा, एपीसी श्री रामा साहू, प्रधान आरक्षक श्री गोविन्द बिहारी शर्मा को सादर प्रणाम।

विशेष आभार : भूतपूर्व डीआईजी श्री एनकेएस ठाकुर, भूतपूर्व सेनानी जगमोहन वट्टी, सेनानी श्री नरेंद्र खरे, भूतपूर्व एसी श्री पासवान सर, एसी श्री त्रिभुवन मोहन वासनिक, सीसी श्री नरसिंह यादव, श्री पीसी श्री जितेंद्र कोरी, श्री सुदर्शन गुप्ता, श्री धनंजय हिरवानी, श्री राकेश साव, श्री अनिल जोशी, श्री दिवाकर मिश्रा, श्री अनिल तिवारी, श्री श्यामचरण मुंडा, श्री अवधेश तिवारी, श्री गजेंद्र सिंह कुशवाहा, श्री नरेन्द्र कुशवाहा, श्री रोशन दुबे, श्री कमल द्विवेदी, श्री सत्यप्रकाश भारद्वाज, श्री मनोज शर्मा, श्री महेंद्र हंश, श्री अनिल यादव, श्री सुनील सहगल, श्री रामस्वरूप सोनवानी, श्री परमेश्वर निषाद सहित सभी वरिष्ठ एवम सहयोगी पुलिस अधिकारीगण का आभार प्रकट करता हूँ।


Huleshwar Joshi
IG Office Durg Range, Durg, Chhattisgarh
(VIP Security Battalion Mana, Raipur)
Mob : 94060-03006
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मादक द्रब्य से जुड़े मामलों में विवेचना के स्तर पर होगा सुधार

मादक द्रब्य से जुड़े मामलों में विवेचना के स्तर पर होगा सुधार 


रेंज स्तरीय सेमीनार में पुलिस ने सीखी एनडीपीएस-एक्ट की बारीकियाॅं

मादक द्रब्य से जुड़े मामलों में विवेचना के स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से 01 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

श्री जी पी सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा आज दिनांक 02/10/2018 को मादक द्रब्य से जुड़े मामलों में विवेचना के स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से 01 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आईजी कार्यालय, दुर्ग रेंज, दुर्ग में आयोजित कराया गया। कार्यषाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री गोपीचंद मेश्राम, डीएसपी श्री राकेश जोशी, सीएसपी भिलाई श्री एस एस शर्मा, डीएसपी श्री बीडी नंद, श्री एसके बेताल, श्री जगदीश उइके सहित दुर्ग रेंज के कुल 52 अधिकारी/कर्मचारी सम्मिलित हुये। 

कार्यशाला में माननीय विशेष न्यायधीश श्री मंसूर अहमद, जिला न्यायालय दुर्ग द्वारा एनडीपीएस-एक्ट के बारे में जानकारी दी गई। शासकीय अधिवक्ता श्री आदित्य ताम्रकार, जिला न्यायालय दुर्ग द्वारा विवेचना में होने वाली त्रुटियों को इंगित करते हुये विवेचक के स्तर पर बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में अवगत कराते हुए विवेचना एवं विचारण से संबंधित टिप्स दिये गये। डीपीओ श्री भीम सिंह राजपूत, जिला न्यायालय दुर्ग द्वारा एनडीपीएस-एक्ट में कार्यवाही की आदर्ष प्रक्रिया के बारीकियों से परिचित कराते हुए एनडीपीएस-एक्ट के प्रकरणों में सारगर्भित विवेचना के लिए मार्गदर्षन दिया गया।

प्रतिभागियों ने कार्यशाला के जरिये प्राप्त जानकारियों को उपयोगी बताया तथा भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे आयोजन की आवश्यकता जाहिर की है।
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