पुलिस की अभिनव पहल: पॉलिटेक्निक काॅलेज, नारायणपुर में ‘‘सड़कें बोलती हैं’’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन

नारायणपुर पुलिस की अभिनव पहल: पॉलिटेक्निक काॅलेज, नारायणपुर में ‘‘सड़कें बोलती हैं’’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन

आज दिनांक 30.11.2021 को पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल (आईपीएस) के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज चन्द्राकर के विशेष मार्गदर्शन में शासकीय पॉलिटेक्निक काॅलेज, नारायणपुर में ‘‘सड़कें बोलती हैं’’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। आरआई श्री दीपक साव, यातायात प्रभारी, नारायणपुर के नेतृत्व में संचालित इस कार्यक्रम में यातायात जागरूकता पर केन्द्रित विषयों पर पॉलिटेक्निक कॉलेज और आईटीआई के छात्रों को अवेयर किया गया, इसके तहत् ट्रैफिक साईन और मौजूदा यातायात नियमों की जानकारी दी गई। श्री साव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि न सिर्फ हमारे नारायणपुर में वरन् पूरी दुनिया के सभी सड़कों में ट्रैफिक साईन अर्थात सड़क संकेतक लगे होते हैं, जिसका एक सारगर्भित अर्थ और संदेश होता है। आप दुनिया के किसी भी सड़क में यात्रा के दौरान (खासकर मोटर सायकल, कार अथवा अन्य वाहन के ड्रायविंग के दौरान) ट्रैफिक साईन का पर अनिवार्य रूप से ध्यान दें और उसका पालन करें क्योंकि ये ट्रैफिक साईन आपकी सुविधा और सुरक्षा के लिये अत्यंत आवश्यक होते हैं, या कहें तो पथ प्रदर्शक, गुरू होते हैं। यदि आप किसी भी मार्ग में पहली बार सफर करते हुए सड़क संकेतक को इग्नोर करते हैं इसका मतलब पूरी गारंटी है कि आप किसी मुश्किल में पड़ने वाले हैं, संभव है आपके साथ अप्रिय घटनाएं भी घट जाए। अतः इससे बचने के लिये आवश्यक है कि आपको कम-से-कम कुछ महत्वपूर्ण ट्रैफिक साईन और उसके संदेश की जानकारी अनिवार्य रूप से होनी चाहिये। क्योंकि ‘‘सड़कें ट्रैफिक साईन (सड़क संकेतक) के माध्यम से ही आपसे बोलती है, आपकी मार्गदर्शन करती है।’’

ट्रैफिक साईन और यातायात नियमों का पालन कर जिम्मेदार नागरिक बनें। ड्रायविंग के दौरान किसी भी शर्त में निर्धारित स्पीड से अधिक वाहन न चलायें, शराब सेवन कर अथवा नशे की हालत में गाड़ी न चलायें, यातायात नियमों का पालन करें। यदि आप कार चला रहे हों तो सीट बेल्ट बांधें और यदि आप बाईक चला रहे हों तो हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनें। तथा औरों के जान को जोखिम में न डालें।

उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय, रायपुर के निर्देशानुसार स्कूल/काॅलेजों में यातायात जागरूकता संबधी कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं, इसके तहत् आज शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, नारायणपुर द्वारा यातायात केन्द्रित चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कु. वर्षा मोंगरे, तेजेन्द्र पात्र और योगेश्वर जैन क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे जिन्हें सम्मानित करते हुए उपहार प्रदान किये गये। निकट भविष्य में शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, नारायणपुर में यातायात पुलिस नारायणपुर के मार्गदर्शन सहयोग में निबंध प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता और क्विंज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है।

पॉलिटेक्निक कॉलेज, नारायणपुर में आयोजित ‘‘सड़कें बोलती हैं’’ कार्यक्रम में आरआई श्री दीपक साव, प्राचार्य श्री अविनाश कुमार जैन, व्याख्याता श्रीमती के. सुमित्रा सहित पॉलिटेक्निक कॉलेज के अन्य स्टाॅफ, यातायात पुलिस के अधिकारी और लगभग 90 युवा छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे।

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शहीद श्री विसम्भर मेढिया के पुण्यतिथि के अवसर पर नारायणपुर पुलिस द्वारा उन्हें याद कर उनके स्मारक में किया गया माल्यार्पण

शहीद श्री विसम्भर मेढिया के पुण्यतिथि के अवसर पर नारायणपुर पुलिस द्वारा उन्हें याद कर उनके स्मारक में किया गया माल्यार्पण

आज दिनाँक 29.11.2021 को आईपीएस श्री गिरिजा शंकर जायसवाल, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर के निर्देशानुसार शहीद श्री विसम्भर मेढिया के स्टेच्यू में माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया गया। शहीद श्री मेढिया, 5वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, कंगोली - जगदलपुर में आरक्षक के पद पर तैनात रहे। शहीद जवान कुम्हारपारा, नारायणपुर का मूलनिवासी थे, उनकी प्राथमिक शिक्षा कोहकामेटा, नारायणपुर में हुआ था।

उल्लेखनीय है कि शहीद जवान श्री विसम्भर मेढिया दिनाँक 29.11.2003 को जिला दंतेवाड़ा के नक्सल प्रभावित ग्राम मोदकपाल और कोंगपल्ली के मध्य पुलिस नक्सली मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों का सामना करते हुए वीरगति को प्राप्त किये थे। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि शहीद जवान श्री विसम्भर मेढिया बटालियन में अपने कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और बेहतरीन अनुशासन के लिए जाने जाते थे।

शहीद जवान के पुण्यतिथि के दौरान आरआई श्री दीपक साव ने उनके योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि जवानों के लिए उनकी शहादत का अहसास अत्यंत गौरवान्वित करने वाला होता है। लगभग समूचे बस्तर नक्सल प्रभावित है और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जवानों के त्याग और बलिदान के बिना आम जनजीवन की बेहतरी की परिकल्पना भी व्यर्थ है। जवान न सिर्फ़ लोगों की सुरक्षा वरन आम नागरिकों और क्षेत्र की सर्वांगीण विकास में भी अहम योगदान देते हैं। अतः हम सब देशवासी, ख़ासकर नक्सल प्रभावित और आतंकवाद प्रभावित क्षेत्र के लोग इन वीर शहीद योद्धाओं की चिरऋणी हैं।

शहीद की पुण्यतिथि में आरआई दीपक साव, उप निरीक्षक श्री गणेश यादव, लाइन ऑफिसर श्री नीलकमल दिवाकर और शहीद परिवार के सदस्यों सहित लगभग 70 जवान सम्मिलित रहे।

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आंतरिक सुरक्षा सलाहकार श्री के. विजय कुमार ने किया अबुझमाड़ के सोनपुर का भ्रमण, सुरक्षा संबंधी लिया जायजा

आंतरिक सुरक्षा सलाहकार श्री के. विजय कुमार ने किया अबुझमाड़ के सोनपुर का भ्रमण, सुरक्षा संबंधी लिया जायजा

आज दिनांक 29.11.2021 को आंतरिक सुरक्षा सलाहकार श्री के. विजय कुमार जिला नारायणपुर के प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होने जिला के घोर नक्सल प्रभावित अंचल अबुझमाड़ के सोनपुर का भ्रमण किया, वहां उन्होने 53वीं बटालियन आईटीबीपी कैम्प का आकस्मिक निरीक्षण कर जवानों से चर्चा की। इसके बाद उन्होने वरिष्ट अधिकारियों और डीआरजी टीम प्रभारियों की मीटिंग ली। थाना सोनपुर में उन्होनेे जवानों से मिलकर उनकी हौसला अफजाई किया, उन्होने अधिकारियों और डीआरजी कमाण्डर्स को निर्देशित किया कि आगामी 7माह तक निरंतर प्रभावी नक्सल अभियान संचालित किया जावे।

आंतरिक सुरक्षा सलाहकार श्री के. विजय कुमार ने हाल ही में पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल के नेतृत्व में 10 लाख रूपये की ईनामी नक्सली, कंपनी नंबर-06 का कमाण्डर साकेत नुरेटी उर्फ भास्कर नुरेटी के एनकाउण्टर करने पर पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर और डीआरजी जवानों की तारीफ की। उन्होने कहा अपेक्षा है कि नारायणपुर पुलिस आगामी दिनों में इसी तरह प्रभावी नक्सल अभियान करते हुए नक्सलवाद के खात्मे के लिये विशेष किर्तिमान स्थापित करेगा। श्री कुमार ने कहा कि जैसा कि आप सबको ज्ञात है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के विकास में पुलिस और सशस्त्र बल के जवानों का महत्वपूर्ण योगदान होता है अतः न सिर्फ प्रभावी नक्सल अभियान संचालित किये जाये. वरन् क्षेत्र के विकास कार्यों और यहां के आम नागरिकों के सर्वांगीण विकास में भी उल्लेखनीय कार्य करें।

आंतरिक सुरक्षा सलाहकार श्री के. विजय कुमार के सोनपुर प्रवास के दौरान उनके साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा, महानिरीक्षक श्री बी.के. मेहता (बीएसएफ), महानिरीक्षक श्री संजीव रैना (आईटीबीपी), उप महानिरीक्षक श्री अखिलेश्वर सिंह (बीएसएफ), पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल (आईपीएस), सेनानी श्री भानूप्रताप सिंह (45वीं बटालियन, आईटीबीपी), सेनानी श्री समर बहादूर सिंह (29वीं बटालियन आईटीबीपी), उप सेनानी श्री पूदम सिंह बग्गा (53वीं बटालियन, आईटीबीपी), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय कुमार (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज चन्द्राकर और उप पुलिस अधीक्षक श्री अनुज कुमार सहित जिले के पुलिस वरिष्ट अधिकारी और डीआरजी कमाण्डर्स उपस्थित रहे।

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संविधान दिवस, विशेष लेख : विश्व की सबसे समृद्ध और सर्वाधिक व्यापक है भारतीय संविधान; यह प्रत्येक भारतीयों के लिये पठनीय और पूज्यनीय भी है - श्री एच.पी. जोशी

विश्व की सबसे समृद्ध और सर्वाधिक व्यापक है भारतीय संविधान; यह प्रत्येक भारतीयों के लिये पठनीय और पूज्यनीय भी है - श्री एच.पी. जोशी

सबसे पहले मैं समस्त देशवासियों को भारतीय संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूँ। मैं संविधान की अपने शब्दों में व्याख्या अथवा समीक्षा करने का प्रयास करूॅ तो गारंटी है मेरी व्याख्या अत्यंत तुच्छ प्रमाणित हो जाएगी। इसलिये मैं स्वयं को भारतीय संविधान की निष्ठापूर्वक पूरी व्याख्या के लिये अयोग्य ठहराता हॅू, क्योंकि मैं जानता हूँ कि भारतीय संविधान की विशेषता केवल एक अल्प लेख में समाहित नहीं हो सकती। चूंकि आज संविधान दिवस है, इसलिये संविधान की स्वच्छ मानसिकता के साथ चर्चा न करना भी अन्याय होगा इसलिये मैं आगं संविधान की चर्चा करने का प्रयास करूंगा इसके पहले अपने बचपन की एक संदर्भ लिख देना चाहता हूँ ताकि मैं आपको समझाने में सायद थोड़ा सफल हो जाऊं।

मैं बचपन में ग्रीष्मकालीन अवकाश अक्सर अपने ग्राम के संभु मण्डल सहित बड़े बुजुर्गो केे सानिध्य में गुजारता था। एक दिन की बात है संभु मण्डल, संभुदास जांगडे के बरामदे में कुछ बुजुर्गों के साथ वे बैठे थे, उन दिनों वे आसपास के गांव के बुद्धजीवियों में सर्वश्रेष्ठ स्थान रखने वाले सबसे अधिक लगभग 120 वर्ष आयु के सज्जन व्यक्ति हुआ करते थे। विभिन्न विषयों में चर्चा के दौरान एक प्रश्न आया कि ‘‘मौजूदा धर्मों में सर्वश्रेष्ठ धर्म कौन है?’’ इस पर अपना विचार प्रकट करते हुए कहा कि (1) ऐसा धर्म जो आपको आपके गरीमामय जीवन के लिये सारे प्राकृतिक अधिकार प्रदान करे। (2) भेदभाव से परे रहकर न सिर्फ समानता पर आधारित हो वरन् समानता की पैमाने से भी उपर उठकर न्याय जिसकी सर्वोच्च प्राथमिकता हो। (3) केवल प्रशंसा ही नहीं वरन् आपको धार्मिक समीक्षा का भी अधिकार दे। (4) जो आपको गुमराह करने वाला अथवा कल्पना लोक की सैर कराते हुए आपके साथ अबोध बालक की तरह बर्ताव करके गुमराह न करे।यदि इन विशेषताओं वाली कोई मौजूदा धर्म हो तो निःसंदेह वह सर्वश्रेष्ठ धर्म होगा। आप सभी भलिभांति जानते हैं कि मैं लगभग समस्त मौजूदा धर्मों के आधारभूत विशेषताओं का जानकार हूँ और मेरे जानकारी और विश्वास के आधार पर मानवता का धर्म की सर्वश्रेष्ठ धर्म है, इसके लिये हम भारतीय परिपेक्ष्य में देखें तो भारत का संविधान वास्तविक वृहद धर्मग्रंथ है। जो किसी भी स्थिति में किसी व्यक्ति से कोई भेदभाव नहीं करता है। 

संविधान में निहित विशेष उपबंध जिसमें महिलाओं और बालकों से संबंधित तथा जातिगत आरक्षण की बात करें तो यह एक सामाजिक न्याय की प्रक्रिया है इसे असमानता अथवा भेदभाव बताने का दुष्प्रचार करना धुर्ततापूर्ण है। यदि आप किसी विशेष वर्ग के हितों की  संरक्षण के लिए दिए गए विशेष उपबंधों की स्वच्छ मानसिकता समीक्षा करेंगे तो पाएंगे कि यह ठीक वैसे ही है जैसे आप यहां से 6 किलोमीटर दूर नदी-नालों और मेडो से होकर अखरार मेला जाते हैं तो अपने बच्चे को गोद या कंधे में बिठाकर ले जाते हैं उन्हें सर्कस या कुछ खास चीजें दिखाने के लिये उन्हें कंधे पर बिठा लेते हैं। यदि समानता के आधार पर संविधान मे दिए गए किसी विशेष उपबंधों की खंडन करना चाहते हैं तो पहले आप अपने एक दिन से लेकर 5साल उम्र के बाल को भी कहें कि वे खूद चलकर अखरार मेला जायें, अपने लिये खूद भोजन बनायें और वो सबु कुछ जो आप बेहतर कर सकते हैं उसे उसी रिति से बेहतर करे। 

माफ करियेगा, मेरा उद्देश्य ये कहानी बताना नहीं वरन् आपको यह समझाना है कि संविधान ही ऐसा धर्मग्रंथ है जो किसी भी धर्म से लाखों गुणा अधिक अधिकार देता है। इसलिये ये पठनीय और पूज्यनीय है। सबसे खास बात कि संविधान देशकाल और परिस्थितियों के साथ संशोधनीय भी है। आज संविधान दिवस के अवसर पर आपसे एक ही निवेदन करना चाहता हूँ कि संविधान की कुछ व्याख्या मुर्खों, धुर्तों और अमानवीय लोगों के द्वारा भी अपने व्यक्तिगत और सामाजिक हितों को सर्वापरि रखकर किया गया है। प्लीज आपसे हाथ जोडकर विनति है कि आप धुर्तों के झांसे में न आयें आप पहले स्वयं संविधान को जरूर पढ़ लें। क्योंकि हम सब भारतीय नागरिकों के लिये संविधान ही एकलौता विधान है जो हमें सबकुछ देता है मगर लेता कुछ खास नहीं है, लेने की बात आ ही गई तो केवल 10 मूल कर्तव्य, मगर देने को लाखों बहुमूल्य और आवश्यक अधिकार देता है।

अंत में पुनः संविधान पढ़ने की अनुरोध के साथ संविधान दिवस की हार्दिक बधाई।
(हुलेश्वर जोशी)

नोटः इस आलेख के लेखक श्री हुलेश्वर जोशी एक उभरता हुआ समाज सेवक, दार्शनिक और धार्मिक नेता हैं जो कतिपय मामलों में संविधान और मानव अधिकारों के जानकार भी हैं।
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महिलाओं को शीघ्रता से आर्थिक आजादी की ओर कदम बढ़ाने की जरूरत है - डॉ संगीता शुक्ला

जीत फाउण्डेशन द्वारा सोनपुर में किया गया सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

जीत फाउण्डेशन के अध्यक्ष डाॅ. संगीता शुक्ला द्वारा आज दिनांक 26.11.2021 को अबुझमाड़ क्षेत्रांतर्गत ग्राम सोनपुर में सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें नक्सल प्रभावित परिवारों के लगभग 70 बच्चे और 110 महिलाओं सहित लगभग 250 लोग शामिल हुए। सामाजिक संस्था ‘‘जीत फाउण्डेशन’’ द्वारा संस्था के माध्यम से ठंढ़ मौसम के अनुसार कम्बल, साॅल, साड़ियां, स्वेटर सहित जरूरत की सामग्रियां वितरित की गई वहीं बच्चों कोे खेल सामग्री, काॅपी-किताब, पेन सहित अन्य उपहार दी गई।

डाॅ. संगीता शुक्ला ने महिलाओं से बात कर उन्हें चिकित्सकीय उपचार के फायदे बताते हुए स्वास्थ जागरूकता के लिये प्रेरित करते हुए महिलाओं को स्व-सहायता समूह बनाकर आर्थिक आजादी की ओर अग्रसर होने के लिये अनुरोध किया गया। उन्होने महिलाओं से कहा कि "महिलाओं को शीघ्रता से आर्थिक आजादी की ओर कदम बढ़ाने की जरूरत है।" स्व-सहायता समूह के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने के लिये शासन से आर्थिक सहायता भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होने बच्चों का शैक्षणिक मार्गदर्शन करते हुए बेहतर भविष्य के शिक्षा पर जोर देते उन्हें आवश्यक सुझाव भी दी।

डाॅ. शुक्ला बच्चों और महिलाओं के साथ खेल खेली और उनके साथ विभिन्न प्रकार के नृत्य भी नाची। कार्यक्रम के अंतिम में उपस्थित लोगों को सुपोषित आहार के साथ भोजन कराया गया, इसके अलावा बच्चों को बिस्किट और चाॅकलेट भी दिये गये। जागरूकता कार्यक्रम के अंत में महिलाओं, बच्चों और उपस्थित सभी लोगों को भोजन कराया गया। उक्त कार्यक्रम के दौरान सरपंच और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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जीत फाउण्डेशन द्वारा अबुझमाड़ क्षेत्रांतर्गत सोनपुर में किया गया सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

जीत फाउण्डेशन द्वारा सोनपुर में किया गया सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

जीत फाउण्डेशन के अध्यक्ष डाॅ. संगीता शुक्ला द्वारा आज दिनांक 26.11.2021 को अबुझमाड़ क्षेत्रांतर्गत ग्राम सोनपुर में सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें नक्सल प्रभावित परिवारों के लगभग 70 बच्चे और 110 महिलाओं सहित लगभग 250 लोग शामिल हुए। सामाजिक संस्था ‘‘जीत फाउण्डेशन’’ द्वारा संस्था के माध्यम से ठंढ़ मौसम के अनुसार कम्बल, साॅल, साड़ियां, स्वेटर सहित जरूरत की सामग्रियां वितरित की गई वहीं बच्चों कोे खेल सामग्री, काॅपी-किताब, पेन सहित अन्य उपहार दी गई।

डाॅ. संगीता शुक्ला ने महिलाओं से बात कर उन्हें चिकित्सकीय उपचार के फायदे बताते हुए स्वास्थ जागरूकता के लिये प्रेरित करते हुए महिलाओं को स्व-सहायता समूह बनाकर आर्थिक आजादी की ओर अग्रसर होने के लिये अनुरोध किया गया। उन्होने महिलाओं से कहा कि स्व-सहायता समूह के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने के लिये शासन से आर्थिक सहायता भी प्राप्त की जा सकती है। उन्होने बच्चों का शैक्षणिक मार्गदर्शन करते हुए बेहतर भविष्य के शिक्षा पर जोर देते उन्हें आवश्यक सुझाव भी दी।

डाॅ. शुक्ला बच्चों और महिलाओं के साथ खेल खेली और उनके साथ विभिन्न प्रकार के नृत्य भी नाची। कार्यक्रम के अंतिम में उपस्थित लोगों को सुपोषित आहार के साथ भोजन कराया गया, इसके अलावा बच्चों को बिस्किट और चाॅकलेट भी दिये गये। जागरूकता कार्यक्रम के अंत में महिलाओं, बच्चों और उपस्थित सभी लोगों को भोजन कराया गया। उक्त कार्यक्रम के दौरान सरपंच और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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नारायणपुर पुलिस द्वारा निर्मित शॉर्ट फिल्म और वीडियो एल्बम

 नारायणपुर पुलिस द्वारा निर्मित शॉर्ट फिल्म और वीडियो एल्बम



करा समपर्पण - विडियो गीत 



प्रशासन करे दे रक्षा - विडियो गीत 



आईईडी ब्लास्ट (Fear of Blast): शॉर्ट फिल्म 


मुखबीर (Police Informer) - शॉर्ट फिल्म 



विकास (Need of Development)- शॉर्ट फिल्म



 पुना डेरा (Puna Dera)- शॉर्ट फिल्म 


Exploring Abujhmad - the Largest Unserved area of India (Documentary)



 
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संवेदनशील क्षेत्र आकाबेड़ा के प्रवास पर रहे एसपी श्री गिरिजा शंकर जायवाल, आकाबेड़ा कैम्प के वार्षिक निरीक्षण में भी हुए शामिल

संवेदनशील क्षेत्र आकाबेड़ा के प्रवास पर रहे एसपी श्री गिरिजा शंकर जायवाल, आकाबेड़ा कैम्प के वार्षिक निरीक्षण में भी हुए शामिल

आज दिनांक 18.11.2021 को पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजा शंकर जायसवाल नक्सल प्रभावित क्षेत्र आकाबेड़ा के प्रवास पर रहे। इस दौरान उनके साथ आईपीएस श्री प्रखर पाण्डेय, सेनानी, 6वीं वाहिदनी छसबल, रायगढ़ भी साथ रहे। श्री पाण्डेय, 6वीं वाहिनी, छसबल कैम्प के वार्षिक निरीक्षण के लिये गये थे। वार्षिक निरीक्षण उपरांत पुलिस अधीक्षक श्री गिरजा शंकर जायसवाल ने 5वीं वाहिनी छसबल और 6वीं वाहिनी छसबल के अधिकारियों की मीटिंग लेकर उन्हें क्षेत्र की संवेदनशीलता के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की हिदायत दिये। उन्होनें जवानों के वेलफेयर को प्राथमिकता में रखते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुणवत्तायुक्त ड्यूटि के साथ ही जवानों के स्वास्थ्य, मनोरंजन और अवकाश को अपने प्राथमिकता में शामिल रखें। जवानों की वेलफयर के लिये किसी भी प्रकार से सुविधा/संसाधन की जरूरत हो तो नारायणपुर पुलिस से ले सकते हैं। क्योंकि सशस्त्र बल के जवान अपने परिवार से लम्बे दिनों तक दूर रहते हैं, वे न सिर्फ अपने परिवारिक, सामाजिक और धार्मिक वरन् व्यक्तिगत जिम्मेदारियों से उपर उठकर राज्य की सेवा में लगे हैं इसलिये इनकी समुचित सुविधाओं का ख्याल रखना हमारी जिम्मेदारी है ताकि जवान तनावमुक्त होकर अपना बेस्ट दे सकें। अधिकारियों की मीटिंग के बाद पुलिस अधीक्षक श्री गिरजा शंकर जायसवाल जवानों से मिलकर बात किये, उनकी समस्याएं और सुझाव सुनकर उन्हें स्थानीय नागरिकों खासकर महिलाओं और बच्चों से सर्वोत्तम मानवीय संबंध बनाये रखने की बात कही। उन्होने कहा कि ’’सशस्त्र बल के जवान अपने अच्छे अनुशासन, तत्परता और त्याग के कारण महान व्यक्तित्व की श्रेणी में शामिल हैं।’’ ऐसे में आवश्यक है कि आप सभी अपनी श्रेष्ठता का नैतिकतापूर्ण ख्याल रखें और पदीय गरिमा के आधार पर लोगों से व्यवहार करें।

एसपी नारायणपुर के आकाबेड़ा प्रवास के दौरान उनके साथ आईपीएस श्री प्रखर पाण्डेय (सेनानी, 6वीं वाहिनी रायगढ़), उप पुलिस अधीक्षक श्री अनुज कुमार, उप पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद खलखो, उप पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत खाण्डे, निरीक्षक श्री आकाश मसीह और निरीक्षक श्री उत्तम गावड़े साथ रहे।

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अभिव्यक्ति कार्यक्रम के तहत् संचालित ‘‘बाल सुरक्षा सप्ताह’’ के अंतर्गत जागरूता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय, नारायणपुर में अभिव्यक्ति कार्यक्रम के तहत् संचालित ‘‘बाल सुरक्षा सप्ताह’’ के अंतर्गत जागरूता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

एसपी श्री गिरिजा शंकर जायसवाल के निर्देशानुसार श्री नीरज चन्द्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर के नेतृत्व में नारायणपुर पुलिस द्वारा बच्चों के संरक्षण एवं सुरक्षा हेतु बालकों, उनके अभिभावकों और आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से स्वामी आत्मानंद, महाविद्यालय, नारायणपुर में जागरूकता कार्यक्रम संचालित की गई। इस दौरान श्री नीरज चन्द्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक मोनिका मरावी, प्राचार्य श्री एस.आर. कुंजाम, रक्षित निरीक्षक श्री दीपक साव सहित महाविद्यालय के प्रोफेसर, स्टाफ और पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे।

अभिव्यक्ति कार्यक्रम के तहत् संचालित ‘‘बाल सुरक्षा सप्ताह’’ के अंतर्गत आज तृतीय दिवस, दिनांक 16.11.2021 को स्वामी आत्मानंद, महाविद्यालय, नारायणपुर में गुड-टच, बैड-टच, साईबर सुरक्षा, पास्को एक्ट, जेजे एक्ट, मानव तस्करी, बाल विवाह, बाल श्रम, स्वच्छता, नशा के दुष्प्रभाव और यातायात सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई। उल्लेखनीय है कि अभिव्यक्ति कार्यक्रम के तहत् संचालित ‘‘बाल सुरक्षा सप्ताह’’ के अंतर्गत दिनांक 20.11.2021 तक जिला नारायणपुर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम संचालित किये जायेंगे।

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