अब आम नागरिक भी देख सकेंगे माननीय सुप्रीम कोर्ट में लगे केस की स्थिति

अब आम नागरिक भी देख सकेंगे माननीय सुप्रीम कोर्ट में लगे केस की स्थिति


माननीय सर्वोच्च न्यायालय के वेब-पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक अपने केस की स्थिति जान सकेगे। यह माननीय सर्वोच्च न्यायालय की कल्याणकारी पहल है जिसके माध्यम से आम नागरिकों की समय व धन की बचत हो सकेगी। इसके लिए उन्हें किसी भी प्रकार से फीस की अदायगी नही करना होगा। यह वेबसाईट माननीय सर्वोच्च न्यायालय का अधिकारिक वेबसाईट है जो पूर्णतया निःशूल्क है।


केस की स्थिति जाननेे के लिए क्लिक करें:- केस की स्थिति

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अब आम नागरिक भी देख सकेंगे माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश / निर्णय

अब आम नागरिक भी देख सकेंगे माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश / निर्णय 


माननीय सर्वोच्च न्यायालय के वेब-पोर्टल में लगभग सन् 1950 से अब तक हुए निर्णय/आदेशों को अब कोई भी आम आदमी देख सकता है। इसके लिए उसे किसी भी प्रकार से फीस की अदायगी नही करना होगा। यह वेबसाईट माननीय सर्वोच्च न्यायालय का अधिकारिक वेबसाईट है जो पूर्णतया निःशूल्क है।


माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश देखने/खोजने के लिए क्लिक करें:- माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय

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हवा से हवा में मार करने वाली ‘अस्त्र’ बीवीआर मिसाइल का सफल हवाई परीक्षण

हवा से हवा में मार करने वाली ‘अस्त्र’ बीवीआर मिसाइल का सफल हवाई परीक्षण


देश में तैयार की गई बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (बीवीआरएएमएएम) 'अस्त्र' का 25-09-2018 को भारतीय वायु सेना ने एसयू -30 लड़ाकू विमान के जरिए एयर फोर्स स्टेशन, कलाईकुंडा से सफलतापूर्वक परीक्षण किया। कृत्रिम लक्ष्य के साथ किया गया परीक्षण मिशन के सभी मानकों और उद्देश्यों पर खरा उतरा। अभी तक किए गए परीक्षणों की श्रृंखला में, ‘अस्त्र’ को पूरी तरह से एसयू- 30 लड़ाकू विमान से छोड़ा गया था। यह हवाई परीक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पूर्व परीक्षणों की श्रृंखला का अंतिम हिस्सा था। ‘अस्त्र’ मिसाइल हथियार प्रणाली में सर्वश्रेष्ठ है और अभी तक इसके बीस से अधिक परीक्षण हो चुके हैं।

रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने भारतीय वायुसेना, डीआरडीओ और मिशन में शामिल टीम के सदस्यों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने उन्नत हथियार प्रणालियों के स्वदेशी डिजाइन और विकास में शानदार क्षमता हासिल की है।
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आईजी ने जारी किया आदेश, संभाग के 07 प्रधान आरक्षक बने एएसआई

आईजी ने जारी किया आदेश, संभाग के 07 प्रधान आरक्षक बने एएसआई


श्री जी.पी. सिंह, पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, दुर्ग द्वारा दिनांक 24/09/2018 को 07 प्रधान आरक्षकों को सहायक उप निरीक्षक के पद पदोन्नति देते हुए नवीन पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। ज्ञातव्य हो कि ‘‘अ’’ वर्ग में 03 प्रधान आरक्षकों को पदोन्नति दी गई है वहीं लम्बी सेवा पूर्ण कर चूके 04 प्रधान आरक्षकों को ‘‘ब’’ वर्ग में पदोन्नति दी गई है। 

प्रधान आरक्षक (वर्ग ‘‘अ’’) से सहायक उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नति पाने वाले 03 कर्मचारी निम्नानुसार हैं:-
1 प्रआर-1370 नरेन्द्र कुमार (दुर्ग से राजनांदगांव)
2 प्रआर-883 राजे सिंह नेगी (दुर्ग से कबीरधाम)
3 प्रआर-586 बिसे लाल कंवर (राजनांदगांव से दुर्ग)


प्रधान आरक्षक (वर्ग ‘‘ब’’) से सहायक उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नति पाने वाले 04 कर्मचारी निम्नानुसार हैं:-
1 प्रआर-304 खूबलाल (राजनांदगांव से राजनांदगांव)
2 प्रआर-425 संतोष कुमार साहू (राजनांदगांव से राजनांदगांव)
3 प्रआर-432 हरेन्द्र कुमार मेश्राम (राजनांदगांव से कबीरधाम)
4 प्रआर-06 प्रकाषराम भगत (राजनांदगांव से बेमेतरा)
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अब डिजल, पेट्रोल अथवा चार्जिंग के बिना भी वाहन चलेगा....... जानें कैसे ?

अब डिजल, पेट्रोल अथवा चार्जिंग के बिना भी वाहन चलेगा....... जानें कैसे ?

आज देश को डीजल/पेट्रोल के मूल्य से लड़ने की नही, वरन पेट्रोलियम पदार्थों निर्भरता से आगे निकलने का वक्त है। बल्कि सोलर प्लेट व बैट्री में नैनो टेक्नोलॉजी के शोध को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। ताकि नैनो टेक्नोलॉजी आने से हम बैट्री से चलने वाले वाहनों का प्रयोग कर सकेंगे।

इस लेख के पीछे मेरी मंशा यह है कि मै चाहता हूं मेरे देश के वैज्ञानिक/इंजिनियर साथी ऐसे वाहन तैयार करें जिसमें इंधन के रूप में पेट्रोल/डिजल या केरोसिन के बजाय नेचुरल अक्षय उर्जा का प्रयोग हो।

वाहन बैटरी से चलने वाला हो मगर उसके बैटरी को चार्ज करने के लिए विद्युत का प्रयोग न करना पडे, बल्कि वह स्वतः सौर उर्जा एवं पवन उर्जा के माध्यम से चार्ज हो सके इसके अलावा भी यदि बरसात के मौसम में चार्जिंग की आवश्यकता हो तो हम उसे घरेलु बिजली से चार्ज कर सकें। यह तभी संभव है जब हम सोलर प्लेट, पवन उर्जा व बैट्री में नैनो टेक्नोलॉजी तैयार करने में सक्षम हो जाएं।

यदि, कोई वैज्ञानिक अथवा इंजिनियर मेरे इस पोस्ट को पढ रहे हों और ऐसा कोई वाहन तैयार करना चाहते हों तो कृपया मुझसे (HP Joshi) से 94799-37515 में सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं। 
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प्रेम व परिणय (वैवाहिक) संबंधों को जाति/धर्म के आधार पर सीमित रखना अनुचित व अमानवीय

प्रेम व परिणय (वैवाहिक) संबंधों को जाति/धर्म के आधार पर सीमित रखना अनुचित व अमानवीय 


मानव समाज में प्रेम व परिणय (वैवाहिक) संबंधों को जाति/धर्म के आधार पर सीमित रखना अनुचित व अमानवीय है। ऐसे संबंधों को बंधनमुक्त रखना चाहिए क्योंकि सभी मनुष्य में आत्मा होती है जो समान रूप से परमात्मा के अंश हैं। 

प्रकृति किसी भी मनुष्य से उनके जाति/धर्म के नाम पर भेद नही करती, प्रकृति के सिद्धांत को ही ईश्वर का सिद्धान्त माना जाता है। प्रकृति के सिद्धांत के विपरित सारे नियम व्यर्थ, आडम्बर व झूठा है।


मनखे-मनखे एक समान - Guru Ghasi Das
सारे ब्रम्हाण्ड में माता के अलावा कोई ईश्वर नही - MR Joshi
जम्मो जीव हे भाई बरोबर - HP Joshi

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शीघ्र आवेदन करें, केन्‍द्रीय विद्यालय में शिक्षक, लाईब्रेरियन सहित अन्‍य के 8339 पदों पर बंपर सीधी भर्ती, फार्म भरने की अंतिम तिथि 23 सितम्‍बर 2018

शीघ्र आवेदन करें,  केन्‍द्रीय विद्यालय में शिक्षक, लाईब्रेरियन सहित अन्‍य के 8339 पदों पर बंपर सीधी भर्ती,  फार्म भरने की अंतिम तिथि 23 सितम्‍बर 2018


केन्‍द्रीय विद्यालय संगठन ने प्राचार्य, शिक्षक एवं लाईब्रेरियन के 8339 पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। इसके लिए भारतीय नागरिकों से संशोधित अंतिम तिथि 23 सितम्‍बर 2018 तक ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किया गया है। आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार जो इन पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य अर्हताओं की पूर्ति करते हों, वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर विभाग को अपना आवेदन प्रस्‍तुत कर सकते हैं।

केन्‍द्रीय विद्यालय संगठन (Kendriya Vidyalaya Sangathan) 

1. प्रिंसिपल (Principal) – 76 पद। 
2. वाईस-प्रिंसिपल (Vice-Principal) – 220 पद। 
3. पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (Post Graduate Teacher - PGT) – 592 पद। 
4. ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (Trained Graduate Teacher - TGT) – 1900 पद। 
5. लाइब्रेरियन (Librarian) – 50 पद। 
6. प्राइमरी टीचर (Primary Teacher) – 5300 पद। 
7. प्राइमरी टीचर - म्यूजिक (Primary Teacher - Music) – 201 पद। 


पद की श्रेणी (Category of Posts) :-  सीधी भर्ती । 

वेतनमान (Pay-Scale) :- 
इस भर्ती सूचना के अंतर्गत चयनित उम्‍मीदवारों को निम्‍नानुसार वेतनमान प्रदान किया जायेगा – 
पोस्ट 1 के लिए - 78,800-2,09,200 /- रुपये 
पोस्ट 2 के लिए - 56,100-1,77,500 /- रुपये 
पोस्ट 3 के लिए - 47,600-1,51,100 /- रुपये 
पोस्ट 4 व 5 के लिए - 44,900-1,42,400 /- रुपये 
पोस्ट 6 व 7 के लिए - 35,400-1,12,400 /- रुपये 

इस रोजगार सूचना पर आवेदन करने के लिए आवेदक की शैक्षणिक योग्‍यता किसी मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍था/बोर्ड/विश्‍वविद्यालय से 12वीं एवं डी.एल.एड. / बी.एल.एड. / डी.एड. / स्नातक डिग्री एवं बी.एड. / मास्टर डिग्री / डिग्री (लाइब्रेरी साइंस) अथवा समकक्ष होनी चाहिए।

आयु सीमा (Age Limit):- 
इस रोजगार सूचना पर आवेदन करने के लिए आवेदक की आयु 30 सितम्‍बर 2018 के अनुसार निम्‍नानुसार होनी चाहिए – 
पोस्ट 1 के लिए – 35 से 50 वर्ष के बीच। 
पोस्ट 2 के लिए – 35 से 45 वर्ष के बीच। 
पोस्ट 3 के लिए – अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए। 
पोस्ट 4 व 5 के लिए – अधिकतम 35 वर्ष होनी चाहिए। 
पोस्ट 6 व 7 के लिए – 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। 

आरक्षण (Reservation) :- नियमानुसार। 
पदों की विस्तृत जानकारी एवं आरक्षण संबंधी जानकारी के लिए विभागीय विज्ञापन देखें। 

आवेदन/परीक्षा शुल्क (Application Fee/Exam Fee) :- 
आवेदन शुल्क /परीक्षा शुल्क की जानकारी के लिए विभागीय विज्ञापन देखें। 

इस भर्ती सूचना पर आवेदक को ऑनलाईन आवेदन करना होगा। इसके लिए आवेदक को विभाग के वेबसाइट में जाकर रजिस्‍टर/लॉगिन करना होगा एवं समस्‍त जानकारी भरकर उपलब्‍ध माध्‍यम से शुल्‍क का भुगतान करना होगा। तत्‍पश्‍चात ऑनलाईन आवेदन फार्म का प्रिंट आउट निकालकर भविष्‍य की प्रतिक्रिया के लिए सुरक्षित रखना होगा। 

महत्वपूर्ण तिथि एवं कार्यक्रम (Important Date & Schedule) :- 
ऑनलाईन आवेदन करने की प्रारंभिक तिथि – 24 अगस्‍त 2018 
ऑनलाईन आवेदन करने की संशोधित अंतिम तिथि - 23 सितम्‍बर 2018

चयन प्रक्रिया (Selection Process) :- 
इस विज्ञापन के तहत अभ्यर्थियों के चयन हेतु विभाग द्वारा प्राप्‍त आवेदन के आधार पर लिखित परीक्षा/ दस्‍तावेज सत्‍यापन/कौशल परीक्षा/साक्षात्‍कार/समूह चर्चा जो भी लागू हो के लिए बुलाया जायेगा। जिसमें प्रदर्शन के आधार पर उम्‍मीदवार का चयन किया जायेगा। 




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दो युवा डीएसपी ने संभाली राजधानी की यातायात व्यवस्था, दो दिन में 1500 वाहनों पर कार्यवाही

दो युवा डीएसपी ने संभाली राजधानी की यातायात व्यवस्था, दो दिन में 1500 वाहनों पर कार्यवाही


रायपुर यातायात पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही जारी

जनवरी 2018 से आज तक चलानी कार्यवाही का आंकड़ा 1 लाख के पार

दो युवा डीएसपी ने संभाली राजधानी की यातायात व्यवस्था, दो दिन में 1500 वाहनों पर कार्यवाही

रायपुर,13 सितम्बर:  राजधानी रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अमरेश मिश्रा के निदेशन में ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर व डीएसपी लाइन एमएस चंद्रा के मार्गदर्शन में रायपुर यातायात पुलिस ने राजधानी के ट्रैफिक को चुस्त दुरुस्त करने के लिए पिछले कई दिनों से अभियान चला रखा है। यातायात पुलिस द्वारा रांग साइड से वाहन चलाने वाले, रेड लाइट जम्प करने वाले वाहन चालक, बिना नम्बर के वाहन चलाने वाले, तीन सवारी, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने वाले, बिना हेलमेट पहने वाहन चलाने वाले, ब्लैक फ़िल्म वाले वाहन, शराब पीकर वाहन चलाने वाले, सीट बेल्ट न लगा कर वाहन चलाने वाले तथा ट्रैफिक नियमो को तोड़ने वाले वाहन चालकों पर पुलिस की लगातार कार्यवाही जारी है। ट्रैफिक नियमो को तोड़ने वालों की अब खैर नही है क्योंकि राजधानी पुलिस की यह अभियान रोजाना जारी है। आने वाले समय मे भी यह अभियान निरन्तर जारी रहेगी।
  • राजधानी पुलिस ने जनवरी 2018 से अब तक 1 लाख से भी ज्यादा वाहनों पर चलानी कार्यवाही कर चुकी है। आज दिनांक 13 सितम्बर को भी पुलिस द्वारा विभिन्न चौकों पर करीब 15 पॉइंट लगाकर कार्यवाही की जा रही है। पिछले दो दिनों में करीब 1500 वाहनों पर चालानी की जा चुकी है।
  • रोजाना शाम को ट्रैफिक पुलिस द्वारा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व भीड़भाड़ वाले स्थानो पर विशेष ध्यान रख कर यातायात सरल व सुगम बनाने हेतु कार्यवाही की जा रही है।
  • ऑटो व बस चालको को विशेष हिदायत दी गई है कि निर्धारित जगह पर ही वाहन खड़ा करे व सवारी बैठाए। यही कारण है कि गलत जगह पर खड़े ऑटो चालक पुलिस की गाड़ी देखते ही रफ़ूचक्कर हो जाते है।
  • ट्रफिक नियमो को तोड़ने वाले जहा पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्यवाही से दहशत में तो वही आम पब्लिक पुलिस की इस अभियान की सराहना कर रहे है।
  • ट्रफिक डीएसपी सतीश ठाकुर व डीएसपी लाइन मणिशंकर चंद्रा दोनों ही युवा व ट्रैफिक के जानकर अधिकारी है। सतीश ठाकुर ने जहां दुर्ग जिले में रहते हुए ट्रैफिक को चुस्त दुरुस्त किया था वही एमएस चंद्रा ने भी राजनंदगांव के ट्रैफिक को एक नई पहचान दी। 

अपील: रायपुर यातायात पुलिस आम जनता से अपील करती है कि यातायात नियम आप सभी सुरक्षा के लिए बनाया गया है। नियमो का पालन करे व पुलिस का सहयोग करे। वाहन चलाते समय जरूरी दस्तावेज साथ लेकर चले और हमेशा हेलमेट पहन कर ही गाड़ी चलाये।वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात न करे।
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आईजी का निर्देश, अब क्राईम ब्रांच के पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों की भी होगी निगरानी.

आईजी का निर्देश, अब क्राईम ब्रांच के पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों की भी होगी निगरानी

14/09/2018 क्राईम ब्रांच के सशक्तिकरण के लिए आईजी दुर्ग ने जारी किया दिशा-निर्देश

श्री जीपी सिंह, रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग द्वारा जिलों में गठित क्राईम ब्रांच के दायित्वों एवं क्रियाकलापों के पर्यवेक्षण/नियंत्रण के नियमन के लिए रेंज के पुलिस अधीक्षकों को परिपत्र (विस्तृत दिशा-निर्देश) जारी किया गया है। 

जिसके अंतर्गत:-
क्षेत्र को बीटों में विभाजित कर क्राईम ब्रांच के स्टाॅफ को, जिम्मेदारी देने की कार्यप्रणाली को समाप्त कर अपराधों की प्रकृति के अनुसार डेस्क निर्मित करने का निर्देश दिया है। जिसके तहत् मुख्य रूप से शरीर संबंधी, सम्पत्ति संबंधी, सायबर अपराध, संगठित तरीके से होने वाले अपराध एवं दीगर प्रकृति के अपराधों के लिए पृथक-पृथक डेस्क बनाने का निर्देश दिया गया है। 
जारी परिपत्र में क्राईम ब्रांच में सेवा रिकार्ड की छानबीन कर योग्य, मेहनती एवं कार्य के प्रति समर्पित ऐसे स्टाॅफ को ही रेंज पुलिस महानिरीक्षक के परामर्श पर रखने का निर्देश दिया गया है, जिसे विवेचना कार्य का गहन अनुभव हो तथा जिसे क्षेत्र के अपराधियों एवं उनकी कार्यप्रणालियों का ज्ञान हो।
क्राईम ब्रांच में स्टाॅफ की तैनाती अधिकतम 3 वर्ष के लिए होगी, असंतोषजनक सेवा की स्थिति में 3 वर्ष के पूर्व भी तब्दील किया जा सकेगा।
अपराधों के घटित होने पर संबंधित डेस्क के प्रत्येक स्टाॅफ शीघ्रतापूर्वक घटना स्थल का अनिवार्यरूप से निरीक्षण करेंगे एवं प्रकरण को सुलझाने में योगदान देंगे। अंधे कत्ल, डकैती, लूट, सम्पत्ति संबंधी गंभीर अपराधों एवं सफेदपोश आरोपियों द्वारा किए गए अपराधों की विवेचना की जाकर पतारसी/बरामदगी की कार्यवाही की जाएगी। अपराधियों के गतिविधियों एवं उनके कार्यप्रणाली का वैज्ञानिक अध्ययन कर उस पर त्वरित एवं प्रभावी अंकुश लगाने हेतु थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे।
क्राईम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक/उप पुलिस अधीक्षक, थानों का औचक निरीक्षण कर सकेंगे, अपराधों के निकाल के लिए समुचित निर्देश दे सकेंगे तथा औचक भ्रमण के संबंध में पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट करेंगे।
परिपत्र में स्टाॅफ को न्यायालय व जेल परिसर में जाकर पेशी में आने वाले व जेल से छूटने वाले बंदियों तथा उनके मुलाकातियों पर नजर रखने की हिदायत दी गई है तथा किसी भी तरह की संदिग्ध स्थिति से वरिष्ठ अधिकारियो को सूचित करने के लिए कहा गया है।
दीगर प्रांत के अपराधी स्थानीय मिलीभगत से जमानत पर छूटने के उपरांत, जमानतदार सहित अदम पता हो जाते हैं, ऐसे जमानत आवेदनों पर भी समुचित निगाह रखी जाएगी। इसी तरह जेल से पेरोल पर अथवा रिहा होकर आए बंदियों की जानकारी रखने एवं उन पर निगाह रखने की भी जिम्मेदारी क्राईम ब्रांच को दी गई है।
इस शाखा में अपराधों एवं अपराधियों का केन्द्रीयकृत डेटा बेस संकलित किया जाएगा तथा उसका एलबम/डोजियर बनाकर रखेंगे। गैंग हिस्ट्रीशीट/ जिला बदर/ रासुका की कार्यवाही, वारंटों की तामिली, फरार बदमाशों की पतारसी में थानों को सहयोग करेंगे, नये/पुराने सभी बदमाशों का रिकार्ड मेंटेन करेंगे। पडोसी जिलों एवं दीगर राज्य के संबंधित अधिकारियों से सम्पर्क/समन्वय स्थापित कर समय-समय पर अपराधियों की जानकारी साझा करेंगे एवं प्राप्त जानकारी के अनुसार यथोचित कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।
पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रति माह शाखा के कार्यों की समीक्षा कर टास्क दिया जाएगा एवं शाखा की गतिविधियों पर निगाह रखी जाएगी।


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अब मिलेगी सूदखोर साहूकारों की प्रताड़ना से निजात, आईजी ने जारी किया फरमान

अब मिलेगी सूदखोर साहूकारों की प्रताड़ना से निजात, आईजी ने जारी किया फरमान


ऋण की वसूली के लिए कर्जदार के विरूद्ध हिंसा का प्रयोग, बार-बार ऋण वसूली के लिए पीछा करने वाले एवं बार-बार घर जाकर तगादा करने वाले साहूकारों की खैर नही - आईजी जीपी सिंह

ऋण की वसूली के लिए कर्जदार के विरूद्ध हिंसा का प्रयोग, बार-बार ऋण वसूली के लिए पीछा करना एवं बार-बार घर जाकर तगादा करना छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा 3 के प्रावधानों का उल्लंघन है।  

अवैध वसूली करने वाले साहूकारों पर लगेगी लगाम, आईजी दुर्ग ने जारी किया फरमान 

प्रायः यह देखने में आया है कि शासकीय/अर्द्धशासकीय कर्मचारियों एवं गांव के मजदूर किसान जो अपनी छोटी-मोटी जरूरतों की पूर्ति के लिए गांव में साहूकारों से कर्ज लेते है। रेल्वे क्षेत्र के कर्मचारियों को ऋण देकर ब्याज का धंधा करने वाले साहूकार जिनके पास कोई साहूकारी लायसेंस नहीं रहता है, ऋण देकर कर्मचारियों के बैंक की पास बुक, एटीएम कार्ड आदि लेकर रख लेते है, कई प्रकरणों में यह भी देखा गया है कि साहूकार संबंधितों से कोरे चेक पर तथा स्टाम्प पर भी हस्ताक्षर करवा लेते हैं जिसका बाद में दुरूपयोग भी करते हैं। जिस दिनांक को वेतन का आहरण किया जाता है उस दिनांक को साहूकार कर्मचारियों का वेतन स्वयं एटीएम  के माध्यम से आहरण कर लेते है और ऋण लेने वाले को अपने परिवार के पालन पोषण करने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गांव में ऐेसे साहूकार जमीन को अपने कब्जे में ले लेते है और बेच कर मूलधन से दुगुना ब्याज कमाते है तथा गरीब मजदूर किसान प्रताड़ित होते हैं।  

यह भी देखने में आता है कि जिस दिनांक को कर्मचारियेां का वेतन आहरण किया जाता है उस दिनांक को कर्मचारियों को धमका-चमका कर कर्ज की वसूली करते है तथा इनकी ब्याज दर इतनी अधिक रहती है कि मूलधन से ज्यादा राशि ब्याज बतौर वसूल कर लेते है, उसके बावजूद मूलधन शेष रहता है, जिससे कई घर बर्बाद हो गए तथा ऐसे साहूकारों का खौफ रहता है। 

ऐसी प्राप्त तमाम शिकायतें, जिसमें ऐसे प्रताड़ित लोग जिन्हें डरा धमका कर, बार-बार उनके घर पर कर्जा वसूली हेतु तगादा किया जाता है तथा उनके स्वामित्व वाले मकान, दुकान तथा वाहनों पर कब्जा कर लिया जाता है जो पूर्णतः अवैधानिक है, ऐसे साहूकार जो ऋण वसूली करते है। 
ऐसे साहूकारों के विरुद्ध यथोचित वैधानिक कार्यवाही किया जाना आवश्यक है। 

आईजी श्री जीपी सिंह ने बताया कि ऐसे साहूकारो/ सूदखोरों के विरूद्ध जो ऊँची ब्याज दर पर कर्ज देकर ऋण वसूली करते है उनके विरूद्ध छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 जिसे आम बोलचाल की भाषा में कर्जा एक्ट कहा जाता है। उसकी धारा 3 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि ऋण की वसूली के लिए कर्जा प्राप्त करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध हिंसा का प्रयोग,  बार-बार ऋण वसूली के लिए उसका पीछा करना, उसके घर जाकर तगादा करना तथा उसके स्वामित्व की सम्पति से वंचित करना इत्यादि से साहूकार द्वारा ऐसे ऋण को अपने व्यवहार से बाधित नहीं किया जा सकता है जिससे वह अपने आप को अपमानित महसूस करें। 
साहूकारों का यह कृत्य उक्त अधिनियम की धारा4 के तहत दंडनीय अपराध है, जिसके तहत जुर्माना व कारावास का प्रावधान है। साथ ही इस धारा के साथ-साथ भादवि की अन्य धाराओं के तहत कार्यवाही की जा सकती है।  

श्री जीपी सिंह ने अपील किया है कि ऐसे उत्पीड़ित व्यक्ति निकटतम थाना में लिखित रिपोर्ट करें, ताकि अवैध रूप से वसूली करने वाले व डराने धमकाने वाले साहूकारों के विरूद्ध यथोचित वैधानिक कार्यवाही की जा सके। 

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