Saturday, February 27, 2021

‘‘एक शाम अबूझमाड़ के नाम - एक शाम शहीदों के नाम’’ का हुआ सफल आयोजन

‘‘एक शाम अबूझमाड़ के नाम - एक शाम शहीदों के नाम’’ का हुआ सफल आयोजन


अबूझमाड़ में शांति की पुनर्स्थापना के लिए आयोजित तृतीय अंतरराष्ट्रीय माड़ मैराथन के धावकों को शांति का पैगाम देने के लिए दिनांक 26 फरवरी के सायं 500 बजे से रात्रि 1030 बजे ‘‘एक शाम अबूझमाड़ के नाम - एक शाम शहीदों के नाम’’ थीम पर कार्यक्रम आयोजित किया गया हालांकि पूर्व में यह कार्यक्रम ‘‘एक शाम अबूझमाड़ के नाम’’ प्रस्तावित था, इसी दौरान अबूझमाड़ में शांति की पुनर्स्थापना के लिए आईटीबीपी के जवान श्री एल. बालुचामी और डीआरजी नारायणपुर के जवान श्री कनेर सिंह उसेंडी ने अपने प्राणों को न्योछावर कर शहादत को प्राप्त कर गए फलस्वरूप कार्यक्रम का नाम ‘‘एक शाम अबूझमाड़ के नाम - एक शाम शहीदों के नाम’’ के थीम किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में सम्मिलित जनप्रतिनिधियों, अधिकारी/कर्मचारियों, आयोजक मण्डल, धावकों और आम नागरिकों द्वारा शहीदों को श्रद्धांजति दी गई। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हमारे मेहमान के रूप में पद्मश्री अनुज शर्मा, छालीवुड कलाकार, छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध गायक श्री अनुराग शर्मा और वॉलीवुड कलाकार दिनेश नाग उपस्थित रहे और अपने प्रस्तुति के माध्यम से लोगों का दिल जीत लिया। इस कार्यक्रम में माननीय सांसद श्री दीपक बैज, माननीय विधायक श्री चंदन कश्यप, आईजी बस्तर श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग, जिला पंचायत सीईओ श्री राहुल देव और वनमंडलाधिकारी श्री एन आर खूंटे सहित जिला नारायणपुर के समस्त जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता, व्यापारिक प्रतिष्ठान के लोग, अधिकारी कर्मचारी, और माड़ मैराथन में शामिल होने आए देश विदेश के धावकों सहित लगभग 10 हजार से अधिक लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम में जो सबसे अहम मेहमान था वह थी शहीद आरक्षक श्री कनेर सिंह उसेंडी की लगभग 7साल की भतीजी, जब शहीद की भतीजी मंच में आई तो उनके मासूम से चेहरे ने हजारों जनप्रतिनिधियों, अधिकारी कर्मचारी और लोगों के आंखों से आँसू बहने पर मजबूर कर दिया, उनका मंच में आना उनका बिना बोले मंच से चले जाना हम सबके लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण रहा क्योंकि इस समय उन्होंने बिना बोले हम सबको एक प्रश्न कर जाती है कि आखिर कब तक मुझ जैसी बेटी अपने चाचा से, अपने पापा से अपने भाई से और माताएं अपने पति और पुत्र को गवांते रहेंगे? और सभी दर्शक केवल दर्शक रह जाते हैं, बेजुबान हो जाते हैं शहीदों के लिए केवल 2मिनट के श्रद्धांजलि और चंद बूंदे आँसू ही अर्पित कर पाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान माननीय सांसद और माननीय विधायक ने स्थानीय लोगों, बुद्धजीवी सामाजिक कार्यकर्ता और मीडिया साथियों से अपील करते हुए कहा कि ‘‘हम सबको मिलकर बस्तर को पहचान दिलाने के लिए बस्तर में शांति स्थापित करने के लिए काम करने की जरूरत है। हमें मिलकर हिंसा के नाम पर बस्तर और बस्तर के लोगों को बदनाम करने वालो को जवाब देना होगा। हम सबको संकल्प लेकर नक्सलवादी विचारधारा के खिलाफ बौद्धिक लड़ाई के माध्यम से जन जागरूकता लाकर केवल शहीदों की सहादत ही नहीं रोकना है बल्कि डर, भय और आतंक का सहारा लेकर जो हमारे मूलनिवासी बस्तरिया लोगों को जबरदस्ती नक्सली बनाकर उन्हें उनके ही मानव अधिकारों के खिलाफ एकजूट कर उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित कर उनके रक्षक से ही लडाया जा रहा है उन्हें रोकने का काम करना है।’’

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने एक ओर पद्मश्री अनुज शर्मा, अनुराग शर्मा, हिप-हाॅप डांस ग्रुप, राजू बैण्ड और स्थानीय कलाकारों के प्रस्तृति से जहां देशभक्ति और सांस्कृतिक गीत संगीत और नृत्य का आनंद लिया वहीं उनके साथ ही छत्तीसगढ़ एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोशिएशन द्वारा कराये जा रहे ‘‘पैरा मोटर फ्लाइयिंग’’ और ‘‘हाॅट एयर बलुन’’ के माध्यम से हवा में उडने का भी आनंद उठाया।

‘‘एक शाम अबूझमाड़ के नाम - एक शाम शहीदों के नाम’’ कार्यक्रम में शामिल धावकों और लोगों का आभार प्रकट करते पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग ने बताया कि अब सुन्दर और शांत अबूझमाड़ की नींव मजबूत हो रहा है अब शीघ्र ही हमारा जिला ही नहीं वरन् पूरा प्रदेश नक्सल मुक्त हो सकेगा। इसके लिए आप सबकी सक्रिय भागीदारी की भी आवश्यकता है।




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