Sunday, February 18, 2018

पूजा पचिस्ठा के नवा तरीका .....

पूजा पचिस्ठा के नवा तरीका .....

हे भगवान मोर रक्षा करबे, जिनगी ह भारी आर्थिक संकट ले गुजरत हे ............।
अरे तय कहां चल दे ओ, दे तो माचिस ल लइकामन कहां रख देहे।
मोर गोड म कभु काटा झन गड़य भले दूसर के गोड म खीला गड जावय, परोसी ह बड़े आदमी बनत हे ओला घटा के कुछ मोला देदे।
अरे माचिस मांगे हावव कहां मर गे! ओ ...........

एले काकर फोन आगे, पूजा घलो म बाधा!लातो मोर मोबाइल ल काखर फोन आगे, वो सारा बेटा xxxx होहि, 2महीना होंगे ₹5000 वापिस नई करे है। अउ फेर ₹25000 मंगत हे, xxxx होहि त कहि देबे मय मोबाइल ल भूल गे हावव।
हे भगवान मोर परोसी के लइका मन भारी हो हल्ला करथें, थोरकुन लइका मन ल बुध्दि देहव।
पूजा समाप्त .... बिना अगरबत्ती जलाए।

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"करा समर्पण" हल्बी गीत

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