Friday, June 19, 2020

आज भी ब्रांडेड खरीदेंगे? आत्मनिर्भर भारत के दुश्मन! - Writer HP Joshi

भारत आत्मनिर्भर कब बनेगा?

आत्मनिर्भर होना हर व्यक्ति, हर समाज, हर प्रदेश और हर देश के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह संभव है अत्यंत आसान भी, केवल आपकी इच्छाशक्ति होनी चाहिए आत्मनिर्भर बनने की; अन्यथा किसी भी शर्त में आप आत्मनिर्भर नहीं हो सकते। हमें हर स्तर में आत्मनिर्भर बनने का साझा प्रयास करना होगा, इसके लिए हमें अपने आसपास के अपने क्षेत्र के व्यवसायी, अतिलघु और लघु उद्यमियों को बढ़ावा देने की जरूरत है। यदि आप ऐसा नही कर रहे इसका तात्पर्य यह है कि आप आत्मनिर्भर भारत के सपने के खिलाफ काम कर रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले की ही बात है मैं अपने बच्चों के लिए जूते सैंडल खरीद रहा था। दुकान वाली लड़की किसी नए कंपनी के जूते सैंडल दिखा रही थी यह देखकर मैंने कुछ ब्रांड का नाम लिया और कहा इनमें से किसी ब्रांड का दिखाइए। मेरी पत्नी अचानक कह उठी "आज भी ब्रांडेड खरीदेंगे? आत्मनिर्भर भारत के दुश्मन!" मैं असहज हो गया, सभी असहज हो गए, कुछ अन्य ग्राहक भी मेरी पत्नी को देखने लगे। वह समझाने में सफल रही और सभी समझने को राजी हुए। इसके बावजूद कुछ मामलों में आज भी मुझपर ब्रांडेड का भूत सवार है।

सोशल मीडिया में कई वर्षों से चीनी सामग्री की बहिष्कार करने का अभियान चलाया जाता है। केवल एक देश से निर्मित वस्तुओं का विरोध करना अत्यंत खेदजनक है, ऐसे अभियान चलाने की जरूरत ही नहीं है। हमें केवल चीन निर्मित ही नहीं बल्कि हर विदेशी, हर ब्रांडेड वस्तुओं को खरीदने से बचना चाहिए जो लघु, अतिलघु और मध्यम उद्यमियों द्वारा स्वदेश में तैयार हो रहा है। इससे न केवल स्वदेशी को बढ़ावा मिलेगा वरन आत्मनिर्भर बनने का हमारा लक्ष्य पूरा भी होगा। 

आइए, हम सब मिलकर आत्मनिर्भर बनने बनाने का साझा प्रयास शुरू करें, यदि आप बेरोजगार हैं तो छोटे से छोटे काम से भी अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं। गृहउद्योग अथवा बिल्कुल छोटे आकार के फुटपाथ अथवा आंगन में दुकान खोलने के लिए आप 500-5000 रुपये के लागत से भी अपना रोजगार शुरू कर लें, मगर आत्मनिर्भर रहें। यदि आप सक्षम या ग्राहक हैं तो ऐसे लोगों का सहयोग करिए अपनी जरूरत की सामग्री ऐसे लोगों से ही खरीदिए। देशभक्त होने का यह भी एक अच्छा तरीका है देश के लिए आप बार्डर में जाकर लड़ नहीं सकते तो भी आत्मग्लानि की कोई बात नहीं, अपने लोगों के लिए उनसे समान खरीदिए, बेरोजगार लोगों को उनका अपना रोजगार स्थापित करने के लिए आर्थिक सहयोग करिए, फोकट में नहीं तो सही उधारी में कुछ रुपये दीजिये या न्यूनतम ब्याज में रुपए दिलाइए। तभी आपका भारत आपका देश आत्मनिर्भर होगा, तभी आप और आपके आसपास के आपके अपने लोग खुशहाल जीवन जीने का आंनद उठा सकेंगे।


संक्षेप में, आपसे कुछ अनुरोध........
# ब्रांडेड वस्तुओं के बजाय गृहउद्योग, अतिलघु, लघु अथवा मझोले उद्यम से निर्मित अथवा फुटपाथ में बिकने वाली सामग्री खरीदिए।
# हर वह सामग्री जो स्वदेश में तैयार हो रहा है स्वदेशी ही खरीदिए।
# आत्मनिर्भर भारत के लिए अपना योगदान दीजिए, ऐसा करना देशभक्त होने का अच्छा और आसान तरीका है।

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माफीनामाः- इस लेख को लिखने के पीछे किसी भी व्यक्ति को आहत पहुंचाना नही है, बल्कि देशवासियों को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने का प्रयास करना है। यदि किसी व्यक्ति को इस लेख से बुरा लगे तो लेखक पूर्व से क्षमाप्रार्थी है। - HP Joshi

सूचना:- उपर दिये गये चित्र सांकेतिक है। जिसे घर के भीतर ही बच्चों को नाटक और स्कील सीखाने के लिए फोटो खीचा गया था। बच्चों को व्यवसाय में लगाना अनुचित और अवैधानिक हो सकता है।

लेखक सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद समाज में शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक सुधार के लिए कार्यरत है। श्री एच पी जोशी, वर्तमान में नवा रायपुर छत्तीसगढ़ में निवास कर रहे हैं।

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