छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में बड़ा संशोधन, प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
- पदोन्नति का आधार अब “वरिष्ठता-सह-उपयुक्तता”
- हर वर्ष गठित होगी विभागीय पदोन्नति समिति (DPC)
- रिक्त पदों के विरुद्ध 25% प्रतीक्षा सूची का प्रावधान
- चयनित कर्मियों को NPS या UPS में से एक पेंशन विकल्प
- सेवा अभिलेख में न्यूनतम 40% (अनारक्षित) व 30% (SC/ST) अंक अनिवार्य
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक बल (आरक्षक) भर्ती एवं सेवा नियम, 2007 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का निर्णय लिया है। जारी अधिसूचना के अनुसार आरक्षक से प्रधान आरक्षक तथा प्रधान आरक्षक से सहायक उप-निरीक्षक पदों पर पदोन्नति अब स्पष्ट पात्रता मापदंडों के आधार पर की जाएगी।
पदोन्नति के लिए सेवा अभिलेख, वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR), निर्धारित प्रशिक्षण कोर्स तथा वरिष्ठता को आधार बनाया जाएगा। विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा रिक्तियों के अनुरूप पात्र कर्मचारियों के अभिलेखों का परीक्षण किया जाएगा।
संशोधित नियमों के तहत आरक्षण प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है। साथ ही चयनित अभ्यर्थियों को राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) अथवा एकीकृत पेंशन योजना (UPS) में से किसी एक का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और पुलिस बल की कार्यक्षमता को मजबूती मिलेगी।







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