Saturday, April 04, 2020

आइये आज कोरोना से लड़ने के लिए घर मे ही रहें और समय का सदुपयोग करते हुए अपने मौलिक कर्तव्य को जानें ...

आइये आज कोरोना से लड़ने के लिए घर मे ही रहें और समय का सदुपयोग करते हुए अपने मौलिक कर्तव्य को जानें ....  एच पी जोशी

देश के प्रत्येक नागरिक को अपने मौलिक अधिकारों के साथ साथ अपने मूल कर्तव्य से भी भलीभांति परिचित होना चाहिए। प्रायः देखने मे आता है, चाहे वह किसी भी देश के नागरिक हों अक्सर वे अपने अधिकारों के लिए अधिक सजग रहते हैं, उसे पाने के लिए लंबी लड़ाइयां लड़ते रहते हैं जबकि अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक भी नहीं होना चाहते, यही दुर्भाग्यजनक कारण देश में वर्ग संघर्ष और हिंसा का कारण बनता है। अतः आइए हम अपने मूल कर्तव्य को जानें और  इन्हें अपने जीवनशैली में शामिल करें।

भारत का संविधान, अध्याय-19 मूल कर्तव्य {अनुच्छेद 51 (क)} में विद्यमान है इसके तहत हमारा राष्ट्र भारत आपसे आह्वान है, आप आप सदैव :-
(क) संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करें।
(ख) स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलनों को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोये रखें और उसका पालन करें।
(ग) - भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करें और अक्षणु बनाए रखें।
(घ) देश की रक्षा करें एयर आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करें।
(ङ) भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भातृत्व की भावना का निर्माण करें, जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग पर आधारित सभी भेदभाव से परे हों; ऐसी प्रथाओं का त्याग करें जो स्त्रियों के सम्मान के विरुद्ध हों।
(च) हमारी सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्व समझें और उसका परिरक्षण करें।
(छ) प्राकृतिक पर्यावरण की; जिसके अंतर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव भी शामिल हैं, रक्षा करें, उसका संवर्धन करें तथा प्राणिमात्र के प्रति दयाभाव रखें।
(ज) वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें।
(झ) सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखें और हिंसा से दूर रहें।
(Eya) व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों मे उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत प्रयास करें,  जिससे राष्ट्र निरंतर बढ़ते हुए प्रयत्न और उपलब्धि की नई ऊंचाइयों को छू ले।
(ट) अपने 6-14 वर्ष के बच्चे के माता पिता और प्रतिपाल्य उन्हें शिक्षा का अवसर प्रदान करें।

साथियों, अब आप अपने मौलिक कर्तव्य से भली भांति अवगत हो चुके हैं। अतः आपसे अनुरोध है अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में इन बातों का ख्याल रखें जिससे देश में एकता और अखंडता  स्थापित किया जा सके।
लेखक शिक्षा शास्त्र में स्नातकोत्तर है, वर्तमान में IGNOU से मानव अधिकार में सर्टिफिकेट कोर्स कर रहा है।
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Friday, April 03, 2020

महामारी कोरोना के बीच सालगिरहा - व्यंग

महामारी कोरोना के बीच सालगिरहा - व्यंग
व्यंगकार- श्री एचपी जोशी
















बूडत ले बूडत तक, जिनगी के राहत तक; रहे बर परही।
लागथे एकरे संग, मया पिरित के बानी; लगाए बर परही।
99साल के डोकरी बर, लागथे जुन्ना ढेखरा होए ल परही।
2096 तक एकर जियत ले, कलहरत कलहरत जिए परही।।1।।


कोरोना वायरस के बारे में कितना जानते हैं आप और क्या जानना है जरूरी - विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय


कोनो बीमारी होहि मोला, ईलाज कराए बर परही।
99साल के डोकरी के, आंसू बोहाए बर; जिए ल परही।
कोरोना महामारी के परकोप ले, बाचे बर परही।
मान सनमान बचाए खातिर, घर म रहे बर परही।।2।।


हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो - (कविता)


दुःख सुख के चक्कर ले, डरे बर नई परही।
चाहे बिहान के होवत ले, एहर लड़त रइही।
जेन मन एखर, एहर करत रइही, फेर ....
पहिली बता, कोरोना ले तो बाचे बर परही।।3।।


Janta Curfew (Home Isolation) देश के हर नागरिक की सुरक्षा के लिए आवश्यक - HP Joshi

दाई ददा के सनमान बर, लड़े बर परही।
लइका डउकी के अधिकार बर, जीए परही।
कहइया के का हे संगी ...........
बूडत ले बूडत तक, जिनगी के राहत तक; जीए बर परही।।4।।

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सालगिरहा इस्पेशल समोसा, खाने का नहीं; देखने का।
बिन चटनी समोसा, खाने का; नही है ये बेचने का।।
होम मेड समोसा, फ़ॉर लवर; ख़राब होते लिवर का।।।
कोरोना से डर, बचके रह; हसी खुशी से जीने का।।end।।


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Wednesday, April 01, 2020

कोरोना वायरस के बारे में कितना जानते हैं आप और क्या जानना है जरूरी - विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

कोरोना वायरस के बारे में कितना जानते हैं आप और क्या जानना है जरूरी - विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

नोवेल कोरोना वायरस के बारे में कई तरह की बातें सोशल मीडिया, वाट्सऐप और इंटरनेट के माध्यम से फैल रही हैं। इनमें से कुछ सही हैं, तो बहुत-सी बातें बिल्कुल निराधार हैं। ऐसे समय में जब कोरोना वायरस महामारी बनकर दुनियाभर में हजारों लोगों की जान ले चुका है, तो इससे जुड़े कुछ अनिवार्य पहलुओं के बारे में जानना जरूरी है। विभिन्न शोध निष्कर्षों पर आधारित विज्ञान प्रसार में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ टीवी वेंकटेश्वरन का यह आलेख.

संक्रमण: वायरस गले और फेफड़ों में उपकला (epithelial) कोशिकाओं को संक्रमित करता है। SARS-CoV-2 मानव कोशिकाओं के संपर्क में आने पर ACE2 रिसेप्टर्स से बंध जाता है, जो अक्सर गले और फेफड़ों में पाए जाते हैं। हालाँकि, त्वचा पर चिपकने के बावजूद वायरस नुकसान नहीं पहुँचाता क्योंकि बाहरी त्वचा पर उसका संपर्क ACE2 से नहीं होता है। यह वायरस नाक, आँखों और मुँह से होकर शरीर में प्रवेश करता है। हमारे हाथ इसका मुख्य साधन हो सकते हैं, जो हमारे मुँह, नाक और आँखों तक वायरस को पहुँचा सकते हैं। जितनी बार संभव हो 20 सेकंड तक साबुन के पानी से हाथ धोना संक्रमण को रोकने में मदद करता है।







संक्रामक खुराक: मैकाक बंदर को संक्रमित करने के लिए सात लाख पीएफयू खुराक की आवश्यकता पड़ती है। पीएफयू (प्लाक बनाने की इकाई) नमूना संक्रामकता के मापन की एक इकाई है। हालाँकि, बंदर में कोई नैदानिक लक्षण नहीं देखे गए हैं, नाक और लार के द्रव कणों में वायरल लोड था। मनुष्य को इस वायरस से संक्रमित होने के लिए सात लाख पीएफयू से अधिक खुराक की आवश्यकता होगी। ACE2 रिसेप्टर्स वाले आनुवंशिक रूप से संशोधित चूहों पर एक अध्ययन से पता चला है कि वह केवल 240 पीएफयू खुराक से SARS से संक्रमित हो सकता है। इसकी तुलना में, चूहों को नये कोरोना वायरस से संक्रमित होने के लिए 70,000 पीएफयू की आवश्यकता होगी।

संक्रामक अवधि: यह अभी पूरी तरह ज्ञात नहीं है कि कोई व्यक्ति कितनी अवधि तक दूसरों को संक्रमण पहुँचा सकता है, लेकिन अब तक यह माना जा रहा है कि यह अवधि 14 दिन की हो सकती है। संक्रामक अवधि को कृत्रिम रूप से कम करना समग्र संचरण को कम करने का एक महत्वपूर्ण तरीका हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल में एकांत कमरे में भर्ती करना, दूसरे लोगों से अलगाव और लॉकडाउन संक्रमण रोकने के प्रभावी तरीके हो सकते हैं।

कौन कर सकता है संक्रमित: वायरस से संक्रमित कोई भी व्यक्ति लक्षण प्रकट होने से पहले ही दूसरों को संक्रमित कर सकता है। खाँसी या छींक आने पर हमारे मुँह और नाक को ढंकने से संक्रमण को कम करने में मदद मिल सकती है। वायरस पूरी संक्रामक अवधि में संक्रमित व्यक्ति की लार, थूक और मल में मौजूद रहता है।

हम कैसे करते हैं संक्रमित: संक्रमण प्रायः द्रव कणों के माध्यम से होता है। इसके लिए, छह फीट से कम नजदीकी संपर्क की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि यह सिफारिश की जाती है कि हम सार्वजनिक स्थानों जैसे- सब्जी बाजार या सुपरमार्केट में एक-दूसरे से 1.5 मीटर दूर रहें। हांगकांग में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि सामाजिक दूरी बनाए रखकर 44% तक संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। फोन, दरवाजे की कुंडी और दूसरी सतहें वायरस के संचरण का संभावित स्रोत हो सकती हैं, लेकिन इसके बारे में बहुत अधिक जानकारी नहीं है। दरवाजे की कुंडी, लिफ्ट का बटन और सार्वजनिक स्थानों पर काउंटर को छूने के बाद हाथों को सैनेटाइज करना बचाव का सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

हम कितने लोगों को संक्रमित करते हैं: एक विशिष्ट संक्रामक व्यक्ति के कारण होने वाले नए संक्रमणों की औसत संख्या मानव संक्रामकता सीमा 2.2 से 3.1 के बीच है। सरल शब्द में, एक संक्रमित व्यक्ति औसतन लगभग 2.2 से 3.1 व्यक्तियों को संक्रमित करता है। एक-दूसरे से दूरी बनाए रखकर हम वास्तविक संचरण क्षमता को कृत्रिम रूप से कम कर सकते हैं, इस प्रकार संक्रमण की दर को धीमा कर सकते हैं।

वायरस कहां से आया: यह चमगादड़ का सूप पीने से तो नहीं हुआ है। जब खाद्य उत्पादों को उबाला जाता है, तो वायरस नष्ट हो जाता है। प्रारंभ में, यह अनुमान लगाया गया था कि SARS-CoV-2 वायरस चमगादड़ से मनुष्यों में पहुँचा है। लेकिन, हाल ही में हुए जीनोम के अध्ययन से पता चलता है कि इनसानों में पहुँचने से पहले इसे किसी मध्यस्थ प्रजाति तक जाना चाहिए था। एक अन्य अध्ययन से संकेत मिलता है कि SARS-CoV-2 वायरस का एक वंश बीमारी फैलने से पहले मनुष्यों में मौजूद था।

कैसे विकसित हुआ वायरस: मनुष्यों में पहुँचने से पहले SARS-CoV-2 या तो किसी जंतु मेजबान में वायरल रूप के प्राकृतिक चयन या फिर जूनोटिक ट्रांसमिशन के बाद मनुष्यों में वायरल रूप के प्राकृतिक चयन से उभरा है। केवल अधिक अध्ययन से पता चलेगा कि दोनों में से कौन-सा तथ्य सही है। यह अभी भी स्पष्ट नहीं हैं कि SARS-CoV-2 में कौन से रूपांतरण हैं, जिन्होंने मानव संक्रमण और संचरण को बढ़ावा दिया है।

SARS-CoV2 कब सामने आया: दिसंबर 2019 से पहले SARS-CoV2 के कोई दस्तावेजी मामले सामने नहीं आए हैं। हालाँकि, प्रारंभिक जीनोमिक विश्लेषण बताता है कि SARS-CoV-2 के पहले मानव मामले मध्य अक्तूबर से मध्य दिसंबर 2019 के बीच सामने आए थे। इसका मतलब है कि प्राथमिक जूनोटिक घटना और मनुष्यों में इसके प्रकोप के फैलने के बीच की अवधि के बारे में जानकारी नहीं है।

क्या यह जानवरों को संक्रमित कर सकता है: आणविक मॉडलिंग से पता चलता है कि SARS-CoV-2 मानव के अलावा, चमगादड़, सिवेट, बंदर और सुअर की कोशिकाओं को प्रभावित कर सकता है। हालाँकि, यह घरेलू पशुओं को संक्रमित नहीं करता है। अंडे या अन्य पॉल्ट्री उत्पादों का सेवन करने से भी SARS-CoV-2 संक्रमण नहीं होता।

क्या कोई दो बार संक्रमित हो सकता है: एक बार खसरा होने के बाद अधिकतर लोगों में जीवन भर के लिए इस बीमारी के प्रति प्रतिरक्षा विकसित हो जाती है। इसके बाद शायद ही उन्हें फिर से खसरा होता है। प्रायोगिक रूप से संक्रमित मैकाक बंदर में दोबारा इससे संक्रमित होने के मामले नहीं देखे गए हैं। इसी तरह, मनुष्यों में भी SARS-CoV-2 से उबरने के बाद दोबारा इससे संक्रमित होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। हालाँकि, यह प्रतिरक्षा कब तक बनी रह सकती है, यह कहना मुश्किल है।

कितनी गंभीर है बीमारी: COVID-19 मौत की सजा नहीं है। इसके अधिकांश मामले हल्के (81%) हैं, लगभग 15% मामलों में अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है और 5% को महत्वपूर्ण देखभाल की आवश्यकता होती है। अधिकतर संक्रमित लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

कौन हैं सबसे अधिक संवेदनशील : हेल्थकेयर कार्यकर्ता इस वायरस के खतरे के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। लोम्बार्डी, इटली में लगभग 20% स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करते हुए संक्रमित हो रहे हैं। विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धों, हृदय रोगियों, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और साँस संबंधी रोगों से ग्रस्त लोगों में इसका खतरा अधिक होता है।

मौत का कारण क्या है: अधिकांश मौतें श्वसन तंत्र फेल होने या फिर श्वसन तंत्र से जुड़ी परेशानी एवं हृदय संबंधी समस्याओं के संयुक्त प्रभाव के कारण होती हैं। फेफड़ों में द्रव का रिसाव, जो श्वसन को रोकता है और रुग्णता को बढ़ावा देता है। वर्तमान में, COVID-19 के लिए उपचार मुख्य रूप से सहायक देखभाल है, यदि आवश्यक हो तो वेंटिलेशन उपयोग किया जा सकता है। फिलहाल, कई चिकित्सीय परीक्षण जारी हैं, और परिणामों की प्रतीक्षा की जा रही है।

क्या वायरस दूध के पाउच या समाचार पत्रों द्वारा प्रेषित होते हैं: SARS-CoV-2 प्लास्टिक और स्टेनलेस स्टील सतहों पर 3 दिनों तक बना रह सकता है। जब वायरल लोड 10,000 पीएफयू था, तो यह केवल 5 मिनट के लिए अखबार और सूती कपड़े पर रह सकता था। हालाँकि, वायरस को हटाने के लिए दूध के पाउच को धोना पर्याप्त है।

क्या यह हवा में फैल सकता है: हवा में, वायरस केवल 2.7 घंटे तक जीवित रह सकता है। इसलिए, घर की बालकनी या छत जैसे खुले स्थानों में इससे होने वाले नुकसान का खतरा नहीं होता है।

क्या कोई कम प्रभावकारी रूप है: इस वायरस के विभिन्न उपभेदों की पहचान की जा रही है, लेकिन अब तक के अध्ययनों में किसी भी रूपांतरण का संकेत नहीं मिला है, जो संचरण या रोग की गंभीरता से जुड़ा हो।

क्या गर्मी या बरसात से मिल सकती है राहत : तापमान और आर्द्रता में वृद्धि के साथ संचरण में कमी को दर्शाने के कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं है।

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Thursday, March 26, 2020

हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो (कविता) - HP Joshi

हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो - (कविता)
हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो।
एको जीव गंवावय झन, उदिम अईसे करबो।।


जोडी संग वादा निभाबोन,
जिनगी ल बचाबो।
सरकार के बात मानके,
घर के भीतरी रहिबो।।1।।
हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो।


चाउर दार के नई हे कमी,
ए बात ल बगराबो।
फोकट म सरकार देवत हवय
रांध-रांध के खाबो।।2।।
हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो।


जीमी कांदा-सेमी खोईला
जम्मो सुकसी ल सिरवाबो।
पाछू साल के अथान आम के
चांट-चांट चटकारबो।।3।।
हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो।


मही म चाउर पिसान घोर,
कढ़ी सुग्घर बनाबो।
सुखा मिरचा अउ लहसुन के
चटनी म खाबो।।4।।
हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो।


पसई नून खाके
जिनगी ल बचाबो।
तभेच माई पिला मिलके
हरेली ल मनाबो।।5।।
हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो।


फोकट घर ले निकलन नहीं,
तिरि पासा खेलबो।
दारू-कुकरी के पइसा बचाके
नोनी बर फराक लेबो।।6।।
हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो।


घर के भीतरी उधमकूद
लईका संग करबो।
हमरो बंस ह अमर राहय,
बुता अईसे करबो।।7।।
हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो।


मेयार म साडी अरझाके
बाबू ल झुलना झूलाबो।
एक साहर के राजा कहिके
सुग्घर कहानी सुनाबो।।8।।
हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो।


अंगना म गहिरा कोडके
करा बाटी खेलबो।
बारी म रेंहचूल बांध के
एहू ल झूलाबो।।9।।
हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो।


रचनाकार - एचपी जोशी, नवा रायपुर, छत्तीसगढ़
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Saturday, March 21, 2020

Janta Curfew (Home Isolation) देश के हर नागरिक की सुरक्षा के लिए आवश्यक - HP Joshi

 Janta Curfew for CoronaVirus

Janta Curfew देश के हर नागरिक की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, इसलिए सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश का पालन करें। जनता कर्फ्यू के दौरान अपने घर से बाहर न निकलें, जनता कर्फ्यू के बाद भी जब तक देश कोरोना वायरस से मुक्त नही हो जाती, स्वयम अपने परिवार सहित घर में ही रहें, अर्थात् होम आईसोलेशन में रहें, जब तक कोई ईमरजेंसी न हो घर से बाहर न निकलें। अति आवश्यक होने पर ही उचित सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए घर से बाहर जाएं।


ध्यान रखें, जादू टोना, टोटके, झाड़ फूंक, शराब, जड़ी बूटी अथवा गोबर के बिस्कुट और गौ मूत्र से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा नही जा सकता। इससे बचने के लिए परहेज करें, यदि किसी व्यक्ति को संक्रमण हो चुका हो तब भी घबराने की जरूरत नहीं, तत्काल सरकार द्वारा निर्धारित अस्पताल मे भर्ती होकर आइसोलेशन में रहें, जीवन सुरक्षित रहेगी।



Home Isolation Naccesery for Us
Home Isolation Naccesery for Fight Corona Virus
Home Isolation is Naccesery for World 
कोरोना वायरस के लक्षण, संक्रमण और रोकथाम के उपाय - HP Joshi 

लक्षण
बुखार, खांसी और स्वास लेने में कठिनाई।

Janta Curfew (Home Isolation) is necessary to prevent corona virus infection; that is, to break the virus chain.


जनता कर्फ्यू (होम आइसोलेशन) कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने, अर्थात वायरस के चैन को तोड़ने के लिए आवश्यक है।

आम नागरिकों से अपील:
1- कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता है, संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें। जिन्हें संक्रमण का संदेह हो जांच कराएं और आइसोलेशन में रहकर अपना और अपनों का जान बचाएं।
2- अफवाहों से बचें, सरकार उचित प्रयास कर रही है।
3- समय समय पर सेनेटाइजर, डेटॉल, साबुन अथवा पानी से हाथ धोते रहें। घर और आसपास उचित साफ सफाई रखें।
4- घर से बाहर निकलने की स्थिति में मास्क पहनें, हाथों से सेनेटाइजर अथवा डेटॉल लगाए। हाथों में medical glubs (दस्ताने) भी पहन सकते हैं।
5- किसी भी प्रकार के धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक अथवा पारिवारिक आयोजन न करें।
6- कोई भी व्यक्ति झूठे अफवाह फैला रहा हो अथवा कोई भी दुकानदार अधिक मूल्य में सामग्री की विक्रय कर रहा हो या कालाबाजारी कर रहा हो तो तत्काल पुलिस/ प्रशासन को शिकायत करें।
7- देश मे पर्याप्त मात्रा में राशन, मेडिसिन और आवश्यक वस्तु उपलब्ध है। किसी के झांसे में आकर जरूरत से अधिक खरीददारी करके महंगाई को आमंत्रित न करें।
8- कपड़े धोने के बाद उजाला या नील के साथ थोड़ा सा डेटॉल भी डाल सकते हैं।
9- अवकाश को एन्जॉय करने के नाम पर परिजनों अथवा पडौसी के साथ मेल मिलाप, चाय या भजिया पार्टी न करें। अनावश्यक रूप से किसी भी रिश्तेदार अथवा पड़ोसी के घर न जाएं।
10- बेहतर होगा कुछ दिन पूरे परिवार गर्म पानी ही पीएं।
11- कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और बुजुर्गों को अधिक हो सकता है।

जनता कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए  सेना, सशस्त्र बल और पुलिस के जवानों तथा चिकित्सा विभाग के अधिकारी कर्मचारियों का आभार
To make public curfew a success Grateful thanks to Army, Armed Forces and Police personnel and officers of Medical Department.

समाज सुधारकों से अपील:
समाज सेवा से जुड़े लोगों से अपील है कि WHO, केंद्र सरकार, राज्य सरकार, एम्स और चिकित्सा विभाग द्वारा जारी कोरोना वायरस से संबंधित सुझाव और दिशा निर्देश का ही प्रचार प्रसार करें। सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त झूठे और भ्रामक तथ्यों को शेयर करने से बचें।

दान दाताओं से अनुरोध:
कृपया अपने आसपास के गरीब परिवार में मास्क और सेनेटाइजर बाटें, जरूरतमंद की आर्थिक सहायता भी करें।

दुकानदारों से अपील:
किसी भी वस्तु को निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर बेचना और कालाबाजारी करना अपराध है, छोटी सी शिकायत आपकी दुकानदारी को समाप्त कर आपको जेल भेज सकती है। सही मूल्य पर सामग्री बेचें, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उधारी में भी समान दे सकते हैं।

HP Joshi
Nava Raipur, CG
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Thursday, March 19, 2020

कोरोना वायरस के लक्षण, संक्रमण और रोकथाम के उपाय - HP Joshi

सावधान, कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजन पर रोक लगाएं।

बारम्बार सेनेटाइजर, डेटॉल अथवा साबुन से 20 सेकंड से अधिक समय तक हाँथ धोएं।


मुह, नाक, कान और चेहरे को छूने से परहेज करें।

भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें।
सुरक्षा की दृष्टि से ताजे फल और गर्म भोजन ग्रहण करें तथा गर्म पानी ही पीएं।

जिन्हें कोरोना वायरस संक्रमण संभावित है उनके संपर्क में आने से परहेज करें।

कोरोना संक्रमित लोगों की आइडेंटिटी उजागर न करें, परंतु चिकित्सा विभाग को 104 नंबर में फ़ोन करके सूचित करें।

कोरोना से डरे नहीं, परहेज करें।

इम्युनिटी सिस्टम को बढ़ाने वाले ही भोज्य पदार्थों का सेवन करें।

संभव है कोरोना वायरस मनुष्य के साथ साथ पशु और पक्षियों के माध्यम से भी फैल सकता है।

एक वेबसाइट के अनुसार अब तक के कोरोना संक्रमित मरीजों में से 38% लोगों को संक्रमण से मुक्त किया जा चुका है।


कविता के माध्यम से जानें - कोरोना वायरस (COVID-19) लक्षण और बचाव के तरीके
संक्रमण से परहेज, सही समय पर जांच और उचित उपचार से 0% कैजुअलिटी संभव है। इस हेतु देश भर के प्रमुख अस्पतालों में उचित उपचार की प्रबंध की गई है।

कोरोना संक्रमित देशों, क्षेत्रों से अपने घर लौट लोगों को सबसे पहले कोरोना संक्रमण की जांच कराने की जरूरत है, अन्यथा उनके सहित उनके परिवार, परिजन, पड़ोस और इस तरह पूरे शहर में कोरोना की महामारी फैल कर हमारे जीवन को प्रभावित कर सकती है।

भीड़भाड़ इलाके में जाने के दौरान बचाव के लिये मास्क पहना जा सकता है, मास्क उपलब्ध न होने पर कपड़े अथवा रुमाल से मुह और नाक को ढका जा सकता है।

कोरोना के लक्षण : यदि किसी व्यक्ति को खांसी, बुखार और स्वांस लेने में तकलीफ हो रही हो तो तत्काल जांच कराएं, रिपोर्ट प्राप्त होने तक परिवार, दोस्तों, रिस्तेदार और अन्य व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।

जनहित में जारी .......

HP Joshi
Nava Raipur, Chhattisgarh
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कोरोना वायरस से डरने की नहीं बल्कि लड़ने की जरुरत है - एच पी जोशी


कोरोना वायरस से डरने की नहीं, बल्कि लड़ने की जरुरत है - एच पी जोशी

कोरोना वायरस से डरने की नहीं बल्कि लड़ने की जरूरत है, इसलिए कोरोना वायरस के बारे में जागरूक रहें और अफवाहों से सावधान रहें। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए भीड़भाड़ इलाके से भी परहेज किया जा सकता है, आवश्यक न हो तो अधिक मेल मिलाप से बचें, बारम्बार सेनेटाइजर अथवा साबुन से हाथ धोएं। बहुत आवश्यक हो तभी नाक, मुँह, कान और चेहरे को छुएं, खांसी बुखार से संक्रमित व्यक्ति से कम से कम १मीटर से अधिक की दुरी में रहकर बात करें। हाथ मिलाने के बजाय हाथ जोड़कर नमस्ते करें अथवा जय हिन्द, जय छत्तीसगढ़, जय जोहर, जोहर सेवा, जय श्री राम, वालेकुम सलाम, साहेब सतनाम इत्यादि अभिवादन का प्रयोग करें। 
उल्लेखनीय है कि सोशल मिडिया में हर कोई स्वयं को डॉक्टर साबित करके कोरोना का उपचार बताने में लगे हैं, ऐसे लोगों के झांसे में आकर आत्मघाती कदम न उठायें। यूनिवर्सिटी ऑफ़ सोशल मीडिया में कोरोना वायरस से संबंधित अफवाह फ़ैलाने से बचें, हम बचाव के माध्यम से कोरोना वायरस के संक्रमण से स्वयं और अपने आसपास के लोगों को बचा सकते हैं, इसके लिए केवल सरकार द्वारा अधिकृत बयान और रोकथाम के उपाय को ही शेयर करें, मजा लेने के लिए व्यर्थ अफवाह को फ़ैलाने में सहयोग न करें। भारत सरकार, छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्य सरकार कोरोना से लड़ने और आम नागरिकों को बचाने का हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार विरोधी तत्व भी अफवाह फ़ैला कर सरकार की छवि ख़राब करने में षड्यंत्र कर सकती है इसलिए किसी के षड़यंत्र का हिस्सा बनकर किसी भी प्रकार से अपराध करने से बचें।
  1. जिन्हे खांसी, बुखार और स्वास लेने में तकलीफ हो, वे ही मास्क पहने और जल्दी से जल्दी कोरोना संक्रमण की जाँच कराएं। 
  2. जिन्हे खांसी, बुखार और स्वास लेने में तकलीफ हो उनके संपर्क में आने से परहेज करें। 
  3. कोरोना के लक्षण से मिलता जुलता लक्षण के लोगों को वायरस संक्रमण की जाँच के लिए सलाह दें। 
  4. यदि कोई भी व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हो तो उनका नाम सार्वजनिक न करें। 
  5. कोरोना वायरस से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए टोलफ्री नंबर 011-23978046 में काॅल किया जा सकता है। 
कोरोना वायरस के लक्षण और बचाव जानने के लिए एच पी जोशी की कविता जरूर पढ़ें ............ 

कोरोना के लक्षण
खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानी
हो सकता है कोरोना, तुम मत बनना अज्ञानी
तत्काल जांच कराना, अपनी जान बचाना
टोलफ्री नंबर 011-23978046 में काॅल करना

कोरोना से बचाव के तरीका
बार-बार डेटाॅल और सेनिटाईजर से हांथ धोना
नाक, आंख और मुंह को गंदे हाथ कभी मत छूना
छींकने खांसने के दौरान मुंह को ढ़ंककर रखना
टोलफ्री नंबर 011-23978046 में काॅल करना

भीड-भाड से बचकर बच्चू तुम रहना
पार्टी सार्टि के चोचले मे अभी मत पडना
‘‘जान हे त जहांन हे’’, कहना सियान का मानना
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मास्क एवं हैंड-सैनिटाइजर की जमाखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने प्राधिकृत अधिकारी नामांकित

मास्क एवं हैंड-सैनिटाइजर की जमाखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने प्राधिकृत अधिकारी नामांकित

आवश्यक वस्तु अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश, तत्काल प्रभाव से लागू

कोरोना वायरस संक्रमण के खतरों के मद्देनजर मास्क एवं हैंड-सैनिटाइजर की जमाखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई के लिए राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने प्राधिकृत अधिकारी नामांकित किए हैं। प्रदेश में अधिनियम का पालन तथा पर्याप्त संख्या में मास्क एवं हैंड-सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करने स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज आदेश जारी कर अधिकार प्रवर्तित कर दिए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के दायरे में मास्क एवं हैंड-सैनिटाइजर को भी शामिल करते हुए आवश्यक वस्तु आदेश, 2020 अधिसूचित किया है। इसके अंतर्गत 2-प्लाई एवं 3-प्लाई सर्जिकल मास्क, एन-95 मास्क तथा हैंड-सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तुओं में शामिल किया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आज आदेश जारी कर पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए औषधि नियंत्रण प्राधिकारी, संबंधित जिला क्षेत्र में नगर निगम के आयुक्त, संबंधित अनुविभागीय क्षेत्र में अनुविभागीय दंडाधिकारी, संबंधित जिला/क्षेत्र में सहायक औषधि नियंत्रक और औषधि निरीक्षक तथा नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्र में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आवश्यक वस्तु आदेश, 2020 का पालन कराने के लिए अधिकार सौंपा है। ये अधिकारी मास्क एवं हैंड-सैनिटाइजर की जमाखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने के साथ ही इनकी उपलब्धता एवं वितरण सुनिश्चित करने आवश्यक कदम उठाएंगे। इन आवश्यक वस्तुओं पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक में बेचने वालों पर भी इन प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का यह आदेश 30 जून 2020 तक प्रभावशील रहेगा।
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डॉ. हर्षवर्धन ने नोवल कोरोना वायरस से निपटने के लिए उठाए गए कदमों और आगे की तैयारियों की समीक्षा की

डॉ. हर्षवर्धन ने नोवल कोरोना वायरस से निपटने के लिए उठाए गए कदमों और आगे की तैयारियों की समीक्षा की

‘विशेष दल इस बीमारी के फैलने की स्थिति का आकलन एवं निगरानी करने के लिए नियमित रूप से क्‍वारंटाइन केंद्रों का मुआयना करेंगे’

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज नई दिल्‍ली में मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारियों और सफदरजंग अस्‍पताल, डॉ. आरएमएल अस्‍पताल तथा एम्‍स जैसे केंद्र सरकार के अस्‍पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों/निदेशकों के साथ एक उच्‍च स्‍तरीय समीक्षा बैठक की। 

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने सबसे पहले केंद्रीय एवं राज्‍य स्‍तरों के विभिन्‍न मंत्रालयों के साथ-साथ विदेश स्थित भारतीय दूतावासों के बीच आपसी सहयोग से उठाए जा रहे विभिन्‍न कदमों की सराहना की। उन्‍होंने कोरोना वायरस (कोविड-19) को नियंत्रण में रखने के लिए अत्‍यंत सक्रियतापूर्वक निगरानी करने, रोगियों के संपर्क में आए लोगों का प्रभावकारी ढंग से पता लगाने और इस दिशा में ठोस तैयारी करने के लिए राज्‍यों की भी सराहना की।

उन्‍होंने इसके लिए अस्‍पतालों में समुचित प्रबंधन जैसे कि ओपीडी ब्‍लॉकों की व्‍यवस्‍था, टेस्टिंग किटों, निजी सुरक्षात्मक उपकरणों (पीपीई) एवं दवाओं की उपलब्‍धता और पर्याप्‍त संख्‍या में आइसोलेशन वार्डों के इंतजाम के संबंध में की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। उन्‍होंने अस्‍पतालों को सभी स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों के लिए पर्याप्‍त संख्‍या में सुरक्षात्मक सामग्री या उपकरणों की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस दौरान डॉ. हर्षवर्धन को यह जानकारी दी गई कि पर्याप्‍त संख्‍या में निजी सुरक्षात्मक उपकरण (पीपीई), मास्‍क, सैनिटाइजर, थर्मामीटर, इत्‍यादि खरीदे जा रहे हैं और मांग के अनुसार निर्दिष्‍ट स्‍थानों पर इन्‍हें मुहैया कराया जा रहा है। इसके साथ ही डॉ. हर्षवर्धन को यह जानकारी भी दी गई कि भविष्‍य में किसी भी मांग की पूर्ति के लिए इन उपकरणों का पर्याप्‍त स्‍टॉक सुनिश्चित किया जा रहा है।

डॉ. हर्षवर्धन ने हवाई अड्डों/अन्‍य महत्‍वपूर्ण निकासी मार्गों से बाहर आने वाले संक्रमित यात्रियों के लिए इंतजाम किए गए क्‍वारंटाइन केंद्रों के साथ-साथ वहां तक इन यात्रियों की आवाजाही की व्‍यवस्‍था, स्‍वास्‍थ्‍य की जांच इत्‍यादि के बारे में विस्‍तृत समीक्षा की। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने इस कार्य के लिए तैनात किए जाने वाले दलों को क्‍वारंटाइन केंद्रों का नियमित निरीक्षण एवं निगरानी करने का निर्देश दिया है, ताकि वहां आवश्‍यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि आवश्‍यक सुविधाओं को बेहतर करने के उद्देश्‍य से वह प्रतिदिन इन सुविधाओं की समीक्षा करेंगे। डॉ. हर्षवर्धन ने यह भी कहा कि वह संबंधित राज्‍यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ पूरी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।

संकट से निपटने का एक उपयुक्‍त साधन मानी जाने वाली प्रभावकारी संचार व्‍यवस्‍था के विशेष महत्‍व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने मल्‍टी-मीडिया संचार अभियान शुरू करने की सलाह दी जो विभिन्‍न पहलुओं पर फोकस करेंगे। बीमारी की रोकथाम के उपायों, अफवाहों को निराधार साबित करने, आम जनता को संबंधित दिशा-निर्देशों, एडवाइजरी, टेस्टिंग लैब इत्‍यादि के बारे में विस्‍तृत सूचनाएं देना इन पहलुओं में शामिल हैं। 
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डीएसी ने भारतीय वायुसेना के लिए 83 स्‍वदेशी तेजस लड़ाकू विमान की खरीद को मंजूरी दी, ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा

डीएसी ने भारतीय वायुसेना के लिए 83 स्‍वदेशी तेजस लड़ाकू विमान की खरीद को मंजूरी दी, ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा

रक्षा विभाग (डीओडी) और सैन्‍य मामलों के विभाग (डीएमए) के कार्यक्षेत्रों के निर्धारण के पश्‍चात रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्‍यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की पहली बैठक हुई। अधिग्रहण विंग डीएसी का सचिवालय है। इससे बेहतर समन्‍वय होगा और मामलों पर तेजी से निर्णय लिए जा सकेंगे क्‍योंकि अधिग्रहण विंग पर कैपिटल अधिग्रहण प्रक्रिया की जवाबदेही है।

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के अंतर्गत विमान विकास एजेंसी (एडीए) ने हल्‍के लड़ाकू विमान तेजस का स्‍वदेशी डिजाइन तैयार किया है। इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने निर्मित किया है। भविष्य में यह भारतीय वायुसेना का रीढ़ साबित होगा। 40 तेजस विमानों के खरीद आदेश दिए जा चुके हैं। डीएसी ने 83 विमानों की खरीद की मंजूरी दी है जो विमान का आधुनिक एमके-1ए वर्जन होगा। इसके लिए संविदा और अन्‍य मामलों को अंतिम रूप दिया गया है। प्रस्‍ताव को सुरक्षा पर संसदीय समिति (सीसीएस) के समक्ष विचार के लिए रखा जाएगा। इस खरीद से 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा मिलेगा क्‍योंकि विमान का डिजाइन और विकास स्‍वदेशी तकनीक से किया गया है। इसका निर्माण एचएएल के अतिरिक्‍त कई अन्‍य स्‍थानीय निर्माताओं के सहयोग से किया गया है।

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 1,300 करोड़ रुपये के स्वदेशी रक्षा उपकरणों के अधिग्रहण की भी मंजूरी दी। प्रस्‍ताव भारतीय वायु सेना के हॉक एमके-32 विमान के लिए एरियल फ़्यूज़ और ट्विन-डोम सिमुलेटर के खरीद के लिए थे। 

डीएसी ने रक्षा खदीद प्रक्रिया (डीपीपी) 2016 में संशोधन को भी मंजूरी दी। इस संशोधन से कॉस्टिंग कमेटी उन निविदाओं की समीक्षा करने में सक्षम होगी, जिन्‍हें रक्षा सार्वजनिक उद्यमों/आयुध निर्माण बोर्ड/डीआरडीओ द्वारा प्रस्‍तुत किया है। इसमें रक्षा वस्‍तुओं की खरीद नामांकन के आधार पर भी की जाती है। इससे कीमतों में अधिक पारदर्शिता आएगी और निविदा को अंतिम रूप देने में कम समय लगेगा।
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