Tuesday, June 13, 2017

स्वास्थ्य मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम

स्वास्थ्य मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम

यह एक स्वास्थ्य जागरूकता से संबंधित 6माही प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो लाईफ केयर वैकल्पिक चिकित्सा सेवा संस्थान लोरमी द्वारा संचालित की गई l इसके संचालक पं देवप्रसाद जोशी है l यह प्रशिक्षण छत्तीसगढ राज्य के लगभग 40 से भी अधिक विकास खण्डों में संचालित की गई है इस योजना के माध्यम से प्रशिक्षणार्थी को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत D.P.H.C. (AM) का प्रमाण पत्र दिया जाता है इस प्रशिक्षण के उपरांत प्रमाणपत्र धारक अपने ग्राम में वैकल्पिक चिकित्सा पद्धिती [[Alternative Medical System]] केे माध्यम से पीडितों को प्राथमिक उपचार देता है इन प्रमाणपत्र धारकों को स्वास्थ्य मित्र कहा जाता है इन्हे आयुर्वेदिक, बायोकेमी, एलोपेथी और युनानी पद्धिती में उपचार करने का पात्रता नही रहता l

यदि कोई स्वास्थ्य मित्र आयुर्वेदिक, बायोकेमी, एलोपेथी और युनानी पद्धिती में प्राथमिक उपचार करते हुए पाया जाता है तो राज्य सरकार इनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्यवाही करता है तथा ऐसी कोई शिकायत मिलने पर इनका पंजीयन लाईफ केयर वैकल्पिक चिकित्सा सेवा संस्थान द्वारा रदद कर दिया जाता है l

इस कार्यक्रम के माध्यम से कराया जाने वाला प्रशिक्षण [[D.P.H.C. (AM)]] लाईफ केयर वैकल्पिक चिकित्सा सेवा संस्थान का ट्रेडमार्क प्रशिक्षण कार्यक्रम है l





योजना प्रारूप
छत्तीसगढ स्वास्थ्य मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम 

द्वारा संचालित
लाइफ केयर वैकल्पिक चिकित्सा सेवा संस्थान लोरमी, जिला - बिलासपुर (छ.ग.)

छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1973 (44) के अधीन पंजीकृत, पंजीयन क्रमांक छ.ग. राज्य 1411

माननीय जबलपुर उच्च न्यायालय द्वारा वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली का पठन-पाठन पुर्णतः वैघ घोषित पिटिसन नंबर 5553/1998, 

भारतीय संविधान की धारा 19 (1) G के तहत कार्यरत



योजना का नाम 
स्वास्थ्य मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्तीसगढ़

योजना अवधि 
अधिकतम 5 वर्ष मेें संपुर्ण छत्तीसगढ़ के सभी पंचायतों में से प्रत्येक एक हजार की जनसंख्या के लिए एक छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मित्र का चयन कर उसे वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली का प्रशिक्षण पत्राचार माध्यम से दिया जावेगा। एवं उसे उनके ही पंचायत में निश्चित कर्तव्यों के पालन के लिए पंजीकरण किया जावेगा।

कार्यक्षेत्र 
संपुर्ण छत्तीसगढ़

योजना प्रस्तावना 
इस कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के सभी पंचायत से प्रति एक हजार की जनसंख्या पर एक 10 वीं /12 वीं उत्र्तीण व्यक्ति को 10 माह तक DPHC (AM) वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली (प्राकृतिक चिकित्सा, योग चिकित्सा, एक्युप्रेसर चिकित्सा , एक्युपंचर चिकित्सा, बायोकैमी चिकित्सा, इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा, पुष्प चिकित्सा, मसाज चिकित्सा एवं अन्य वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली) का प्रशिक्षण दिया जावेगा। प्रशिक्षण पश्चात् प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र दिया जावेगा। 
इस कार्यक्रम के तहत सभी पंचायत के सभी झोलाझाप/अप्रशिक्षित/अपंजीकृत चिकित्सकों को अल्टरनेटिव मेडिकल सिस्टम में पत्राचार से प्रशिक्षण, मार्गदर्शन शिक्षा देकर झोलाझाप अप्रशिक्षित चिकित्सकों की संख्या कम करना है। उन्हे वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली (बायोकैमी, इलेक्ट्रोहोम्योपैथी, हर्बल, चुम्बक, एक्युप्रेसर, योग, ध्यान, रैकी, गौ मुत्र चिकित्सा आदि वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली) में प्रशिक्षित करना है।
वर्तमान में झोलाझाप चिकित्सक प्रशिक्षण, धन, समय एवं रोजगार के अभाव में कही से थोडे़ जानकारी लेकर सीधे एलोपैथी एवं आर्युवेदिक चिकित्सा प्रणाली का प्रयोग कर रहे है, जो शासन के नियमोे का खुला उल्लंघन है, जो गैर कानुनी एवं दंडनीय अपराध है। झोलाझाप चिकित्सक जनता को लाभ पहुचाने के साथ हानि भी पहुचा रहे हैै। इस लिए संस्थान इनको वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली की शिक्षा देकर इनको वैकल्पिक चिकित्सा पद्वति में लोगो का प्राथमिक चिकित्सा करने की शिक्षा प्रदान करना चाहती है।
सफलता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात् लोगों को स्वास्थ्य विषयक शिक्षा देंगे एवं आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली द्वारा प्राथमिक उपचार करेगे। अपने गांव के सभी लोंगों को जागरूक करेंगे, उन्हें स्वास्थ्य विषयक जानकारी प्रदान करेंगे, उन्हें पुराने रूढ़ीवादी विचारधारा एवं परंपराओं से बाहर निकालने का प्रयास करंेगे।


योजना प्रारंभ 
प्रथम/द्वितीय/तृतीय साल - 
बिलासपुर जिला
जांजगीर जिला
कोरबा जिला
रायगढ़ जिला
कोरिया जिला
दुर्ग जिला
कबीरधाम जिला
रायपुर जिला
जशपुर जिला
सरगुजा जिला
राजनांदगांव जिला
महासमुंद जिला
धमतरी जिला

चर्तुथ/पंचम साल - 
जगदलपुर जिला
कांकेर जिला
दंतेवाड़ा जिला 

छत्तीसगढ़ में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं 
छ.ग. की जनसंख्या 2,07,95,956 है, जिनके लिए 6 जिला अस्पताल - 34,65,992 लोगों के लिए एक जिला अस्पताल, 34 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र - 6,11,645 लोगों के लिए एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 512 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र - 40,617 लोगों के लिए एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 3818 उपस्वास्थ्य केंद्र - 5,446 लोगों के लिए एक उपस्वास्थ्य केंद्र l

उपरोक्त उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं पर्याप्त नही है, जिनके अभाव में गांव के लोग गांव के कथित झोलाछाप डाॅक्टर (जिन्होनें ना कही से प्रशिक्षण लिया है, और ना ही जिनका कही पंजीयन है) से इलाज कराने मजबुर है, जो लोगों को कुछ लाभ पहुचाने के साथ अधिक हानि पहुचा रहे हेै, साथ ही मरीज का मनमानी ढ़ंग से शोषण कर रहे है।
इन सभी परिस्थितियों से बचने के लिए प्रत्येक पंचायत में एक 10 वी उत्र्तीण व्यक्ति को एक वर्ष प्रशिक्षण वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जावेगा जो प्रशिक्षण पश्चात् गांव में लोगो को स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करेगे एवं लोगों का वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली द्वारा प्राथमिक उपचार करेंगे। साथ ही संचालित स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे।

इस कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के सभी 146 विकास खंडोें से चयन कर एवं प्रशिक्षण के लिए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मित्र/अल्टरनेटिव मेडिकल प्रेक्टीसनर -2,07,95,956 लोगो के लिए 20795 छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मित्र/अल्टरनेटिव मेडिकल प्रेक्टीसनर, प्रत्येक पंचायत से एक 10 वीं उत्र्तीण को एक वर्ष तक वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जावेगा।

जिलेवार जानकारी 
चयन कर प्रशिक्षण दिए जाने वाले स्वास्थ्य मित्र/अल्टरनेटिव मेडिकल प्रेक्टीसनर

क्र. जिला पंचायत जनसंख्या चयन किए जाने वाले 

1. बिलासपुर 825 19,93,042 1993
2. जांजगीर 528 13,16,140 1316
3. कोरबा 347 10,12,121 1012
4. रायगढ़ 673 12,65,084 1265
5. कोरिया 230 5,85,455 585
6. दुर्ग 945 28,01,757 2801
7. कबीरधाम 329 5,84,667 584
8. रायपुर 1131 30,09,042 3009
9. जशपुर 410 7,39,780 739
10. सरगुजा 977 19,70,661 1970
11. राजनांदगांव 630 12,81,811 1281
12. महासमुंद 474 8,60,176 807
13. धमतरी 296 7,03,569 703
14. जगदलपुर 585 13,02,253 1302
15. कांकेर 375 6,51,333 651

16. दंतेवाड़ा 374 7,19,065 719


योजना लाभ एवं महत्व  
इस कार्यक्रम के अन्र्तगत 2,07,95,956 लोगो के लिए 20795 अल्टरनेटिव मेडिकल प्रेक्टीसनर (छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मित्र) का चयन कर उन्हें संस्था द्वारा एक वर्ष तक पत्राचार से प्रशिक्षण दिया जावेगा। जो छत्तीसगढ़ के लिए पर्याप्त संख्या है।
हमारे संस्था के सभी अल्टरनेटिव र्मेिडकल प्रेक्टीसनर (छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मित्र) लोगो को स्वास्थ्य विषयक जानकारी (स्वास्थ्य शिक्षा) प्रदान करंगे और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक चिकित्सा प्र्रणाली द्वारा प्राथमिक करेंगे एवं उन्हे शासकीय अस्पताल तक ले जाने मे मदद करेगे।
छत्तीसगढ़ के सभी पहुच विहीन गांव के लोगो को इस तरह से स्वास्थ्य शिक्षा और प्राथमिक उपचार एवं मार्गदर्शन मिल पाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ की जनता राहत महसूस करंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य
1. लोंगों मेें स्वास्थ्य जागरूकता लाना।
2. पहुच विहीन एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे प्रशिक्षित व्यक्ति (छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मित्र) गांव में उपलब्ध (अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्रशिक्षित कर) कराना जो लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा सके। 
3. प्रत्येक गांव में ऐसे जन सेवक तैयार करना जो आवश्यकता पड़़ने पर वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली द्वारा प्राथमिक उपचार करे और उन्हेे जागरूक करे।
4. स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में शासन द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करना एवं उनकी विस्तृत जानकारी देना एवं ग्रामीण जनता को लाभ लेने के लिए प्रेरित करना।
5. गांव के लोगो को सभी रोगो के बारे जानकारी एवं उनसे बचाव के साधनों के प्र्रयोग के लिए प्रेरित करना। 
6. स्वास्थ्य क्षेत्र के भ्रांतियों एंव अंधविश्वासों को दुर करने का प्रयास करना।
7. प्रत्येक गांव की झोलाझाप/अप्रशिक्षित चिकित्सकों की सुची तैयार करना, एवं उन्हें उनके आवेदन पर वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली मे 10 माह तक पत्राचार से प्रशिक्षण/मार्गदर्शन उपलब्ध कराना।

प्रशिक्षण अवधि 
प्रत्येक पंचायत से एक 10 वीं उत्र्तीण व्यक्ति को 10 माह तक पत्राचार से वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जावेगा। 

अनिवार्य योग्यता 
कम से कम 10 वीं अथवा 12 वीं उत्र्तीण


चयन प्रक्रिया 
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मित्र/अल्टरनेटिव र्मेिडकल प्रेक्टीसनर का चयन ग्राम पंचायत के ही योग्य महिला/पुरूष (10वीं/12वीं उत्र्तीण) से आवेदन लेकर सर्वाधिक योग्य महिला/पुरूष का चयन कर भेजेेगे ।
वर्तमान झोलाझाप प्रेक्टीसनर आवेदक को अन्य आवेदक पर प्राथमिकता दी जावेगी।

प्रशिक्षण  
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मित्र/अल्टरनेटिव र्मेिडकल प्रेक्टीसनर का पत्राचार माध्यम से प्रशिक्षण दिया जावेगा। आवेदक किसी पंजीकृत चिकित्स के पास रहकर प्रशिक्षण लेगा अथवा अध्ययन सामाग्री लेकर स्वयं अपने घर में अध्ययन करेगा।

प्रशिक्षक/मार्गदर्शक  
प्रशिक्षण के लिए इच्छुक आवेदक किसी पंजीकृत चिकित्सक के पास रहकर प्रशिक्षण लेगा अथवा अध्ययन सामाग्री लेकर स्वयं अध्ययन करेगा।

योजना संचालन फंड
शासन के सहयोग से संचालन
अथवा
प्रशिक्षणार्थी से कुछ प्रशिक्षण शुल्क एवं दान लेकर

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मित्र /सेवक के कर्तव्य
1. लोगों को स्वास्थ्य विषयक जागरूक करना।
2. लोगों को सभी रोंगों से बचाव के उपायों के बारे में बताना ।
3. लोगों को सभी रोगों के बारे में बताना कि रोग कैसे फैलता है इनसे कैसे बचाव किया जा सकता है। इनके हानिकारक प्रभाव क्या-क्या है, ये हमे किस प्रकार से प्रभावित करते है, इनसे हमें किस तरह की जन धन की हानि होती है।
4. स्वास्थ्य सेवाओं के क्षे़त्र में शासन द्धारा संचालित योजनाओं के बारे में लोंगोें को बताना एवं उनसे लाभ लेने के लिए प्रेरित करना।
5. स्वास्थ्य सेवाओं के क्षे़त्र में शासन द्वारा संचालित योजनाओं के क्र्रियान्वयन मेे सहयोग करना।
6. लोगों का स्वास्थ्य शिक्षा देना एवं आवश्यकता पढ़ने पर वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली (योग चिकित्सा प्रणाली, प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली, एक्युप्रेशर चिकित्सा प्रणाली, एक्युपंचर चिकित्सा प्रणाली, बायोकैमिक चिकित्सा प्रणाली, चुम्बक चिकित्सा प्रणाली, पष्प चिकित्सा प्रणाली, मसाज चिकित्सा प्रणाली, एवं अन्य वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली) द्वारा प्राथमिक उपचार कर लोगों को राहत देना।
7. क्षेत्र में किसी प्रकार की गंभीर बिमारी अथवा महामारी फैलने की पहली सूचना तत्काल स्वास्थ्य केंद्र को देना । 
8. लोंगों को साफ सुथरा रहने की प्रेरणा देना।
9. गांव में लोंगों को ओ. आर. एस की घोल बनाने तथा अतिसार से बचाव और इलाज की सही जानकारी देना।
10. विवाह, गर्भवती महिलाओं, जन्म तथा मष्त्यु का पंजीयन करवाने की प्रेरणा देना।
11. गांवों में सभी गर्भवती माताओं को तीन बार प्रसव पुर्व जांच करवाने की प्रेरणा देना।
12. गांव के सभी गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने की प्रेरणा देना, यदि वे अस्पताल में प्रसव के तैयार ना हो तो प्रशिक्षित दाई से सुरक्षित प्रसव कराने की प्र्रेरणा देना।
13. गांव के लोंगों को परिवार नियोजन के साधनोें के विषय में समझाना तथा कंडोम एवं ओरल विल्स एवं अन्य सभी साधनों के बारे में जानकारी देना और इनके उपयोग की प्रेरणा देना।
14. गांव के सभी पेयजल स्त्रोतों में प्रति सप्ताह नियमित रूप से ब्लीचिंग पावडर डालकर शुद्धिकरण करने के लिए प्रेरित करना।
15. गांव के सभी लोंगों को पीने के पानी में क्लोरिन की गोली डालकर उपयोग करने की सलाह देनां
16. गांव के लोगों को कम उम्र में विवाह न करने की सलाह देना।
17. गांव के निवासियों के पोषण को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करना एवं लोंगों को पोषण संबंधी विस्तृत जानकारी देना।
18. गांव की रोगी का रजिस्टर बनाना।
19. गांव के निवासियों के स्वास्थ्य को उन्नत बनाने के प्रयास करना एवं लोंगों को स्वास्थ्य को उन्नत बनाने संबधी जानकारी प्रदान करना।
20. गांव के सभी झोलाझाप चिकित्सकों की सुची तैयार करना एवं उसे संस्थान के पास भेजना।

Source : http://devgroups.co.in/swasthya_mitra.html
Dated : 13/06/2017
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