Monday, December 17, 2018

मै थक जाउं तो भारत रूक जाएगी, मै हार जाउं तो स्वाभिमान हार जाएगी - Poem

मै थक जाउं तो भारत रूक जाएगी, मै हार जाउं तो स्वाभिमान हार जाएगी

मै थक जाउं तो भारत रूक जाएगी, मै हार जाउं तो स्वाभिमान हार जाएगी
रूक कर एक कहानी सुनाती हूं, हकीकत की बात बताती हूं

महिला सेना खडा करने का बीडा एक उठाती हूं
‘मणिकर्णिका’ से ’लक्ष्मीबाई’ बनने की राज बताती हूं
हारना जो सीखी नही, उस चुलबुल ’मनु’ की गौरव गाती हूं
जिसने हमें आजादी दी, उसकी आहूति के किस्से सुनाती हूं
रूक कर एक कहानी सुनाती हूं, हकीकत की बात बताती हूं

लॉर्ड डलहौजी के हडप नीति का विरोध कर जाती हूं
स्वयंसेवक सेना बनाकर महिलाओं को युद्ध सिखाती हूं
हमषक्ल ’झलकारी बाई’ को सेनाध्यक्ष बनाती हूं
ओरछा और दतिया के राजाओं को धूल चटाती हूं
रूक कर एक कहानी सुनाती हूं, हकीकत की बात बताती हूं

स्वतंत्र भारत का सपने हर आखों को दिखलाती हूं
‘तात्या टोपे‘ से मिलकर ग्वालियर के किले में कब्जा कर जाती हूं
बारंबार फिरंगियों को गुमराह कर चालाकी दिखाती हूं
कभी गोरों से नही हारी, ऐसी नारी की पाठ पढाती हूं
रूक कर एक कहानी सुनाती हूं, हकीकत की बात बताती हूं

भारतीय स्वतंत्रता का अध्याय नया बनाती हूं
अंग्रजो को भारत से भगाने, एक समाज नया बनाती हूं
लक्ष्य प्राप्ति में सारंगी, पवन, और बादल को हमराही बनाती हूं
कदम-कदम चलती रही मैं, नारीषक्ति की याद दिलाती हूं
रूक कर एक कहानी सुनाती हूं, हकीकत की बात बताती हूं

मै थक जाउं तो भारत रूक जाएगी, मै हार जाउं तो स्वाभिमान हार जाएगी
रूक कर एक कहानी सुनाती हूं, हकीकत की बात बताती हूं


Poet Shri HP Joshi
Dated 17 Dec 2018

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