लिख दूँ क्या ? "काव्य संग्रह"
अँगूठाछाप लेखक "किताब"
शनिवार, सितंबर 26, 2020
Facebook हैकिंग और ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के उपाय : श्री हुलेश्वर जोशी
शनिवार, सितंबर 12, 2020
ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर, नारायणपुर की गाथा
# ऐसा ऐतिहासिक मंदिर जिसका पुलिस विभाग कर रहा है जीर्णोद्धार और सौन्दर्यीकरण।
# रक्षित निरीक्षक श्री दीपक साव और पूर्व रक्षित निरीक्षक श्री एसएस विध्यराज का है विशेष योगदानl
ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर, यहां माता दंतेश्वरी देवी निवास करती हैं, पहाडी मंदिर जिला मुख्यालय, नारायणपुर में स्थिति अकेला प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर नारायणपुर से कुकराझोर मार्ग में कुम्हारपारा के पास ही उंचे पहाड़ी में स्थित है। चूंकि कुम्हारपारा में ही रक्षित केन्द्र स्थित है इसलिए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों विशेषकर पुलिस अधीक्षक और रक्षित निरीक्षकों ने समय-समय पर अपना अमूल्य योगदान देते हुए लगभग अपनी पहचान खो चूके ऐतिहासिक मंदिर का जिर्णोद्धार कराया। यह मंदिर कई दशकों से स्थित है जो अपने आप में दर्शनिक व प्राकृतिक सौन्दर्य का केंद्र बना हुआ है, नवरात्रि एवं महाशिवरात्रि जैसे पर्व के अलावा भी प्रतिदिन श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहता है।
उल्लेखनीय है कि सर्वप्रथम रक्षित निरीक्षक श्री एस.एस. विंध्यराज द्वारा तात्कालीन पुलिस अधीक्षक श्री राहूल भगत और पुलिस अधीक्षक श्री मयंक श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में अपने कार्यकाल में रक्षित केन्द्र में तैनात पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के सहयोग से वर्ष 2008-2013 के मध्य पहली बार मंदिर के जिर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ करते हुए सीढ़ियों में स्टील की रेलिंग, हनुमान जी की मंदिर और जल आपूर्ति हेतु बोरिंग, मोटर और पानी की टंकी इत्यादि का निर्माण कराया था। उसके बाद से निरंतर रक्षित केन्द्र, नारायणपुर के अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा समय समय पर छोटी-बडी निर्माण कार्य करवाया जाता रहा है।
हाल ही में, कोरोना महामारी के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग की अध्यक्षता में गठित करूणा फाउण्डेशन के सहयोग एवं मार्गदर्शन में रक्षित निरीक्षक श्री दीपक साव के नेतृत्व में करूणा फाउण्डेशन तथा रक्षित केन्द्र नारायणपुर के अधिकारी/कर्मचारियों के सहयोग से पुनः ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर के सौन्दर्यीकरण का कार्य किया गया है। इसके तहत् पहाड़ी मंदिर प्रांगण में पुराने कलस की साफ सफाई कर रंगों से कलाकृति फ्लॉवर पॉट गमला बनाया गया, रेलिंग, टाइल्स, हवन यज्ञ तैयार किया गया तथा जिर्णोद्धार, सौदर्यीकरण, प्लांटेशन, पत्थरों में चित्रकारिता एवं साज सज्जा के साथ सेल्फी पॉइंट तैयार किया गया, 5नए स्थायी कूड़ादान तैयार कराया गया तथा यात्री प्रतीक्षालय का मरम्मत कार्य व पहाडी मंदिर में टीन शेड का निर्माण भी कराया गया है। करूणा फाउण्डेशन के उपाध्यक्ष श्री रोहित साव के द्वारा हाल ही में 4 अगस्त 2020 को पहाडी मंदिर में राम दरबार की स्थापना भी कराया गया है।
Others Images
महत्वपूर्ण एवं भाग्यशाली फ़ॉलोअर की फोटो
Important Notice :
Recent Information and Article
Satnam Dharm (सतनाम धर्म)
I'm Durgamya Joshi
Durgmaya Educational Foundation
Must read this information and article in Last 30 Day's
-
गुरू घासीदास जयंती विशेषांक: गुरु घासीदास बाबा जी के 07 सिद्धांत, प्रचलित 42 अमृतवाणी (उपदेश) और 27 मुक्ता (हिन्दी और छत्तीसगढ़ी में) संक्षि...
-
🔹शांत, उन्नत और नक्सलमुक्त अबूझमाड की दिशा में अंतिम पायदान थोड़ी दूर; नारायणपुर पुलिस ने नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल के भीतर “मन्दोड़...
-
🔹शांत, उन्नत और नक्सलमुक्त अबूझमाड की दिशा में अंतिम पायदान थोड़ी दूर; नारायणपुर पुलिस ने नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल के भीतर “आदिनपार...
-
🔹शांत, उन्नत और नक्सलमुक्त अबूझमाड की दिशा में अंतिम पायदान थोड़ी दूर; नारायणपुर पुलिस ने नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल के भीतर “कोड़नार”...
-
विश्व के सबसे महान किताब और श्री एच पी जोशी के नवीन दर्शन पर आधारित ग्रंथ "मानव अधिकार के अनछुए पहलू' का आज 10 दिसंबर 2025 को हुआ व...
-
मानव अधिकार के अनछुए पहलू Untouched aspects of human rights "HP JOSHI" लेखक : श्री हुलेश्वर प्रसाद जोशी Writer : Shri Huleshwar P...
-
800मीटर और 1500 मीटर दौड़ के सात मुख्य नियम (सेना, सशस्त्र बल और पुलिस भर्ती हेतु विशेषरूप से उपयोगी)800मीटर और 1500 मीटर दौड़ के सात मुख्य नियम (सेना, सशस्त्र बल और पुलिस भर्ती हेतु विशेषरूप से उपयोगी) Seven main rules of 800 meter and 1500 ...
-
नारायणपुर पुलिस ने ओरछा-आदेर के रास्ते बेदरे (जिला बीजापुर) के बार्डर “लंका” तक बनाई सड़क कनेक्टिविटी; शीघ्र ही मोबाईल टावर और सरकारी योजनाओं...
-
गुरु घासीदास बाबा जयंती विशेषांक : गुरु घासीदास के सप्त सिद्धांत और अमृतवाणियाँ मानव मानव के बीच प्रेम, सद्भावना, भाईचारा, समानता और न्याय क...
-
दहिमन क्या है; दहिमन के मुख्य फ़ायदे क्या है? : श्री हुलेश्वर जोशी दहिमन मुख्यतः वनऔषधीय पेड़ है; जिसके उपयोग से स्थानीय लोग और आयुर्वेद चिकित...












