Friday, April 03, 2020

महामारी कोरोना के बीच सालगिरहा - व्यंग

महामारी कोरोना के बीच सालगिरहा - व्यंग
व्यंगकार- श्री एचपी जोशी
















बूडत ले बूडत तक, जिनगी के राहत तक; रहे बर परही।
लागथे एकरे संग, मया पिरित के बानी; लगाए बर परही।
99साल के डोकरी बर, लागथे जुन्ना ढेखरा होए ल परही।
2096 तक एकर जियत ले, कलहरत कलहरत जिए परही।।1।।


कोरोना वायरस के बारे में कितना जानते हैं आप और क्या जानना है जरूरी - विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय


कोनो बीमारी होहि मोला, ईलाज कराए बर परही।
99साल के डोकरी के, आंसू बोहाए बर; जिए ल परही।
कोरोना महामारी के परकोप ले, बाचे बर परही।
मान सनमान बचाए खातिर, घर म रहे बर परही।।2।।


हावय हमर संकल्प, अब कोरोना ले लडबो - (कविता)


दुःख सुख के चक्कर ले, डरे बर नई परही।
चाहे बिहान के होवत ले, एहर लड़त रइही।
जेन मन एखर, एहर करत रइही, फेर ....
पहिली बता, कोरोना ले तो बाचे बर परही।।3।।


Janta Curfew (Home Isolation) देश के हर नागरिक की सुरक्षा के लिए आवश्यक - HP Joshi

दाई ददा के सनमान बर, लड़े बर परही।
लइका डउकी के अधिकार बर, जीए परही।
कहइया के का हे संगी ...........
बूडत ले बूडत तक, जिनगी के राहत तक; जीए बर परही।।4।।

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सालगिरहा इस्पेशल समोसा, खाने का नहीं; देखने का।
बिन चटनी समोसा, खाने का; नही है ये बेचने का।।
होम मेड समोसा, फ़ॉर लवर; ख़राब होते लिवर का।।।
कोरोना से डर, बचके रह; हसी खुशी से जीने का।।end।।


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