मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की अनुपम मिसाल: देहदानी प्रधान आरक्षक श्री हुलेश्वर प्रसाद जोशी ने चौथी बार किया थैलेसीमिया पीड़ित बालक को रक्तदान
☀️ थैलेसीमिया पीड़ित 10 वर्षीय बालक को समय पर जीवनरक्षक रक्त उपलब्ध कराया।
☀️ पूर्व वर्षों में भी जिला अस्पताल एवं रक्तदान शिविरों में सक्रिय सहभागिता।
🛑 नारायणपुर पुलिस में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत पुलिस अधिकारी, वरिष्ठ साहित्यकार, विचारक एवं दार्शनिक देहदानी श्री हुलेश्वर प्रसाद जोशी ने आज दिनांक 19.02.2026 को अपने जीवन का चौथा स्वैच्छिक रक्तदान कर सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने जिला अस्पताल, नारायणपुर में थैलेसीमिया पीड़ित 10 वर्षीय बालक ललित नेताम के उपचार हेतु स्वेच्छा से रक्तदान कर एक मासूम जीवन को संबल प्रदान किया।
🛑 श्री जोशी इससे पूर्व भी विभिन्न अवसरों पर जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान कर चुके हैं। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार उन्होंने बीते वर्षों में जिला अस्पताल नारायणपुर तथा स्थानीय स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों में सक्रिय भागीदारी निभाई है। उनका यह सतत प्रयास दर्शाता है कि वे केवल कानून व्यवस्था के प्रहरी ही नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों के भी सच्चे संवाहक हैं। श्री जोशी ने इसके पूर्व निम्नानुसार अवसरों में रक्तदान किया है :-
1- वर्ष 2006 में आर्म्ड पुलिस ट्रैनिंग स्कूल माना में बुनियादी प्रशिक्षण के दौरान, एक हृदय रोगी को स्कॉर्ट हार्ट सेंटर रायपुर में
2- वर्ष 2007 में कंपनी कमांडर श्री देवीलाल नेताम जी के पुत्र को एक हादसे में शिर में चोट के कारण, एम एम आई हॉस्पिटल रायपुर में
3- नारायणपुर पुलिस द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर, जिला अस्पताल नारायणपुर में दिनांक 28-03-2023 को
🛑 रक्तदान जैसे पुनीत कार्य के माध्यम से उन्होंने समाज को यह संदेश दिया है कि प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को समय-समय पर आगे आकर इस जीवनरक्षक सेवा में सहभागी बनना चाहिए।
🛑 रक्तदान को महादान कहा जाता है क्योंकि यह सीधे किसी के जीवन से जुड़ा होता है। थैलेसीमिया, दुर्घटना या अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध होना जीवन रक्षक सिद्ध होता है। इसके साथ ही रक्तदाता को निम्नानुसार फायदे होते हैं:-
@ रक्तदान से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया सक्रिय होती है।
@ रक्त संचार बेहतर होता है और हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिलता है।
@ नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के माध्यम से दाता को अपने स्वास्थ्य की जानकारी मिलती है।
@ सबसे महत्वपूर्ण — किसी जरूरतमंद को जीवनदान देने का आत्मिक संतोष प्राप्त होता है।
🛑 श्री हुलेश्वर प्रसाद जोशी ने देशवासियों से अपील की है कि देश के सभी स्वस्थ नागरिक स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं और मानवता की इस महान सेवा में सहभागी बनें। एक यूनिट रक्त किसी के लिए अमूल्य जीवन का आधार बन सकता है। प्रतिवर्ष न्यूनतम एक बार अवश्य रक्तदान करें ऐसा करना रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।
🛑 श्री हुलेश्वर प्रसाद जोशी ने बताया कि "मैंने दिनांक 24/01/2018 को मृत्यु उपरांत अपने शरीर के समस्त Organs एवम Tissues को दान करने का संकल्प लिया है। मैंने अपने मृतशरीर को व्यर्थ जलने/दफन होने से बचाने का प्रयास किया है, मेरे द्वारा ऐसा करना एक रूढ़िवादी परंपरा को समाप्त करने के लिए छोटा सा प्रयास है। यदि मेरे मृत शरीर को जलाया जाएगा तो पर्यावरण प्रदुषित होगा और किसी नदी के पवित्र जल को मेरे हड्डी दुषित करेंगे और यदि मेरे शरीर को दफनाया जाएगा तो धरती के भीतर उसे सड़-गल जाना ही तो है। यदि मेरे मरने के बाद भी मेरा कोई अंग किसी व्यक्ति को बेहतर जीवन देने में सक्षम है तो इसे व्यर्थ जलने/दफनाने के लिए आखिर क्यों छोड दूं?"
“रक्तदान करें – जीवन बचाएं। यही सच्ची मानव सेवा है।”








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