"जीवन बचाओ मुहिम"

हत्यारा और मांसाहार नहीं बल्कि जीवों की रक्षा करने वाला बनो।


गुरुवार, जून 22, 2017

Constitution of India (full in Hindi)

आज मैं अपने छत्तीसगढ़िया भाइयों, बहनो, और माताओं को भारतीय संविधान के बारे में आवश्यक जानकारी देना चाहता हूँ, क्योंकि मुझे लगता है की हमें एक भारतीय होने के नाते कम-से-कम एक बार अपने संविधान को पढ़ लेना चाहिए।  


मुझे विश्वाश है कि भारतीय संविधान का अध्ययन करना आपके लिए अत्यंत लाभदायक और अनूठा अनुभव होगा। 




उद्देशिका  
हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को :

सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, 
विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास धर्म 
और उपासना की स्वतंत्रता, 
प्रतिष्ठा और अवसर की समता 
     प्राप्त कराने के लिए 
     तथा उन सब में 
     व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता 
     सुनिश्चित करने वाली बंधुता 
     बढ़ाने के लिए 
     दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर, 1949 ई. (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी, संवत् दो हज़ार छह विक्रमी) को एतद्‌द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।



भाग I: संघ और उसका राज्‍य क्षेत्र
1 संघ का नाम और राज्‍य क्षेत्र
2 नए राज्‍यों का प्रवेश या स्‍थापना
2क [निरसन]
3 नए राज्‍यों का निर्माण और वर्तमान राज्‍यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन
4 पहली अनुसूची और चौथी अनुसूचियों के संशोधन तथा अनुपूरक, और पारिणामिक विषयों का उपबंध करने के लिए अनुच्‍छेद 2 और अनुच्‍छेद 3 के अधीन बनाई गई विधियां

भाग II: नागरिकता
5 संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता
6 पाकिस्‍तान से भारत को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्‍यक्तियों के नागरिकता के अधिकार
7 पाकिस्‍तान को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्‍यक्तियों के नागरिकता के अधिकार
8 भारत के बाहर रहने वाले भारतीय उद्भव के कुछ व्‍यक्तियों के नागरिकता के अधिकार
9 विदेशी राज्‍य की नागरिकता, स्‍वेच्‍छा से अर्जित करने वाले व्‍यक्तियों का नागरिक न होना
10 नागरिकता के अधिकारों को बना रहना
11 संसद द्वारा नागरिकता के अधिकार का विधि द्वारा विनियमन किया जाना



भाग III: मूल अधिकार 
साधारण
12 परिभाषा
13 मूल अधिकारों से असंगत या उनका अल्‍पीकरण करने वाली विधियां

समता का अधिकार
14 विधि के समक्ष समानता
15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्‍म स्‍थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध
16 लोक नियोजन के विषय में अवसर की समानता
17 अस्‍पृश्‍यता का अंत
18 उपाधियों का अंत

स्‍वतंत्रता का अधिकार
19 वाक-स्‍वतंत्रता आदि विषयक कुछ अधिकारों का संरक्षण
20 अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण
21 प्राण और दैहिक स्‍वतंत्रता का संरक्षण
22 कुछ दशाओं में गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षणशोषण के विरुद्ध अधिकार
अनुच्‍छेद विवरण
23 मानव और दुर्व्‍यापार और बलात्श्रम का प्रतिषेध
24 कारखानों आदि में बालकों के नियोजन का प्रतिषेध

धर्म की स्‍वतंत्रता का अधिकार
25 अंत:करण की और धर्म की अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्‍वतंत्रता
26 धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्‍वतंत्रता
27 किसी विशिष्‍ट धर्म की अभिवृद्धि के लिए करों के संदाय के बारे में स्‍वतंत्रता
28 कुल शिक्षा संस्‍थाओं में धार्मिक शिक्षा या धार्मिक उपासना में उपस्थित होने के बारे में स्‍वतंत्रता

संस्‍कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार
29 अल्‍पसंख्‍यक-वर्गों के हितों का संरक्षण
30 शिक्षा संस्‍थाओं की स्‍थापना और प्रशासन करने का अल्‍पसंख्‍यक-वर्गों का अधिकार
31 [निरसन]कुछ विधियों की व्‍यावृत्ति
अनुच्‍छेद विवरण
31क संपदाओं आदि के अर्जन के लिए उपबंध करने वाली विधियों की व्‍यावृत्ति
31ख कुछ अधिनियमों और विनियमों का विधिमान्‍यकरण
31ग कुछ निदेशक तत्‍वों को प्रभाव करने वाली विधियों की व्‍यावृत्ति
31घ [निरसन]सांविधानिक उपचारों का अधिकार
अनुच्‍छेद विवरण
32 इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए उपचार
32A [निरसन]
33 इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों का बलों आदि को लागू होने में, उपांतरण करने की संसद की शक्ति
34 जब किसी क्षेत्र में सेना विधि प्रवृत्त है तब इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों पर निर्बन्‍धन
35 इस भाग के उपबंधों को प्रभावी करने का विधान



भाग IV: राज्‍य की नीति के निदेशक तत्‍व 
36 परिभाषा
37 इस भाग में अंतर्विष्‍ट तत्‍वों का लागू होना
38 राज्‍य लोक कल्‍याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्‍यवस्‍था बनाएगा
39 राज्‍य द्वारा अनुसरणीय कुछ नीति तत्‍व
39क समान न्‍याय और नि:शुल्‍क विधिक सहायता
40 ग्राम पंचायतों का संगठन
41 कुछ दशाओं में काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार
42 काम की न्‍यायसंगत और मानवोचित दशाओं का तथा प्रसूति सहायता का उपबंध
43 कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी आदि
43क उद्योगों के प्रबंध में कार्मकारों का भाग लेना
44 नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता
45 बालकों के लिए नि:शुल्‍क और अनिवार्य शिक्षा का उपबंध
46 अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्‍य दुर्बल वर्गों के शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों की अभिवृद्धि
47 पोषाहार स्‍तर और जीवन स्‍तर को ऊंचा करने तथा लोक स्‍वास्‍थ्‍य को सुधार करने का राज्‍य का कर्तव्‍य
48 कृषि और पशुपालन का संगठन
48क पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन और वन तथा वन्‍य जीवों की रक्षा
49 राष्‍ट्रीय महत्‍व के संस्‍मारकों, स्‍थानों और वस्‍तुओं का संरक्षण
50 कार्यपालिका से न्‍यायपालिका का पृथक्‍करण
51 अंतरराष्‍ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि

भाग IVक: मूल कर्तव्‍य 
51A मूल कर्तव्‍य



भाग IVक: मूल कर्तव्‍य 

51A मूल कर्तव्‍य

भाग V: संघ
अध्‍याय I. कार्यपालिकाराष्‍ट्रपति और उपराष्‍ट्रपति
52 भारत के राष्‍ट्रपति
53 संघ की कार्यपालिका शक्ति
54 राष्‍टप्रति का निर्वाचन
55 राष्‍ट्रपति के निर्वाचन की रीति
56 राष्‍ट्रपति की पदावधि
57 पुनर्निर्वाचन के लिए पात्रता
58 राष्‍ट्रपति निर्वाचित होने के लिए अर्हताएं
59 राष्‍टप्रति के पद के लिए शर्तें
60 राष्‍ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
61 राष्‍ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रकिया
62 राष्‍ट्रपति के पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन करने का समय और आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्‍यक्ति की पदावधि
63 भारत का उप राष्‍ट्रपति
64 उप राष्‍ट्रपति का राज्‍य सभा का पदेन सभापति होना
65 राष्‍ट्रपति के पद में आकस्मिक रिक्ति के दौरान या उसकी अनुपस्थिति में उप राष्‍टप्रति का राष्‍ट्रपति के रूप में कार्य करना या उसके कृत्‍यों का निर्वहन
66 उप राष्‍ट्रपति का निर्वाचन
67 उप राष्‍ट्रपति की पदावधि
68 उप राष्‍ट्रपति के पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन करने का समय और आकस्मिक रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचित व्‍यक्ति की पदावधि
69 उप राष्‍ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
70 अन्‍य आकस्मिकताओं में राष्‍ट्रपति के कृत्‍यों का निर्वहन
71 राष्‍ट्रपति या उप राष्‍ट्रपति के निर्वाचन से संबंधित या संसक्‍त विषयत
72 क्षमता आदि की और कुछ मामलों में दंडादेश के निलंबन, परिहार या लघुकरण की राष्‍ट्रपति की शक्ति
73 संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्‍तार

मंत्रि-परिषद
74 राष्‍ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रि-परिषद
75 मंत्रियों के बारे में अन्‍य उपबंध

भारत का महान्‍यायवादी
76 भारत का महान्‍यायवादी सरकारी कार्य का संचालन

सरकारी कार्य का संचालन
77 भारत सरकार के कार्य का संचालन
78 राष्‍ट्रपति को जानकारी देने आदि के संबंध में प्रधानमंत्री के कर्तव्‍य


अध्‍याय II. संसद
साधारण
79 संसद का गठन
80 राज्‍य सभा की संरचना
81 लोक सभा की संरचना
82 प्रत्‍येक जनगणना के पश्‍चात पुन: समायोजन
83 संसद के सदनों की अवधि
84 संसद की सदस्‍यता के लिए अर्हता
85 संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन
86 सदनों के अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राष्‍टप्रति का अधिकार
87 राष्‍ट्रपति का विशेष अभिभाषण
88 सदनों के बारे में मंत्रियों और महान्‍यायवादी के अधिकार

संसद के अधिकारी
89 राज्‍य सभा का सभापति और उप सभापति
90 उप सभापति का पद रिक्‍त होना, पदत्‍याग और पद से हटाया जाना
91 सभापति के पद के कर्तव्‍यों का पालन करने या सभापति के रूप में कार्य करने की उप सभापति या अन्‍य व्‍यक्ति की शक्ति
92 जब सभापति या उप सभापति को पद से हटाने का कोई संकल्‍प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन न होना
93 लोक सभा और अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष
94 अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष का पद रिक्‍त होना, पद त्‍याग और पद से हटाया जाना
95 अध्‍यक्ष के पद के कर्तव्‍यों को पालन करने या अध्‍यक्ष के रूप में कार्य करने की उपाध्‍यक्ष या अन्‍य व्‍यक्ति की शक्ति
96 जब अध्‍यक्ष या उपाध्‍यक्ष को पद से हटाने का कोई संकल्‍प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन न होना
97 सभापति और उप सभापति तथा अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष के वेतन और भत्ते
98 संसद का सचिवालय

कार्य संचालन
99 सदस्‍यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
100 सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुए भी सदनों की कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति

सदस्‍यों की निरर्हताएं
101 स्‍थानों का रिक्‍त होना
102 सदस्‍यता के लिए निरर्हताएं
103 सदस्‍यों की निरर्हताओं से संबंधित प्रश्‍नों पर विनिश्‍चय
104 अनुच्‍छेद 99 के अधीन शपथ लेने या प्रतिज्ञान करने से पहले या निरर्हित किए जाने पर बैठने और मत देने के लिए शास्ति

संसद और उसके सदस्‍यों की शक्तियां, विशेषाधिकार और उन्‍मुक्तियां
105 संसद के सदनों की तथा उनके सदस्‍यों और समितियों की शक्तियां, विशेषाधिकार आदि
106 सदस्‍यों के वेतन और भत्ते

विधायी प्रक्रिया
107 विधेयकों के पुर: स्‍थापन और पारित किए जाने के संबंध में उपलबंध
108 कुछ दशाओं में दोनों सदनों की संयुक्‍त बैठक
109 धन विधेयकों के संबंध में विशेष प्रक्रिया
110 "धन विधेयक" की परिभाषा
111 विधेयकों पर अनुमति

वित्तीय विषयों के संबंध में प्रक्रिया
112 वार्षिक वित्तीय विवरण
113 संसद में प्राक्‍कलनों के संबंध में प्रक्रिया
114 विनियोग विधेयक
115 अनुपूरक, अतिरिक्‍त या अधिक अनुदान
116 लेखानुदान, प्रत्‍ययानुदान और अपवादानुदान
117 वित्त विधेयकों के बारे में विशेष उपबंध

साधारणतया प्रक्रिया
118 प्रक्रिया के नियम
119 संसद में वित्तीय कार्य संबंधी प्रक्रिया का विधि द्वारा विनियमन
120 संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा
121 संसद में चर्चा पर निर्बंधन
122 न्‍यायालयों द्वारा संसद की कार्यवाहियों की जांच न किया जाना


अध्‍याय III. राष्‍ट्रपति की विधायी शक्तियां
123 संसद के विश्रांतिकाल में अध्‍यादेश प्रख्‍यापित करने की राष्‍ट्रपति की शक्ति

अध्‍याय IV. संघ की न्‍यायपालिका
124 उच्‍चतम न्‍यायालय की स्‍थापना और गठन
125 न्‍यायाधीशों के वेतन आदि
126 कार्यकारी मुख्‍य न्‍यायमूर्ति की नियुक्ति
127 तदर्थ न्‍यायाधीशों की नियुक्ति
128 उच्‍चतम न्‍यायालय की बैठकों में सेवानिवृत्त न्‍यायाधीशों की उपस्थिति
129 उच्‍चतम न्‍यायालय का अभिलेख न्‍यायालय होना
130 उच्‍चतम न्‍यायालय का स्‍थान
131 उच्‍चतम न्‍यायालय की आरंभिक अधिकारिता
131क [निरसन]
132 कुछ मामलों में उच्‍च न्‍यायालयों से अपीलों में उच्‍चतम न्‍यायालय की अपीली अधिकारिता
133 उच्‍च न्‍यायालयों में सिविल विषयों से संबंधित अपीलों में उच्‍चतम न्‍यायालय की अपीली अधिकारिता
134 दांडिक विषयों में उच्‍चतम न्‍यायालय की अपीली अधिकारिता
134क उच्‍चतम न्‍यायालय में अपील के लिए प्रमाणपत्र
135 विद्यमान विधि के अधीन फेडरल न्‍यायालय की अधिकारिता और शक्तियों का उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा प्रयोक्‍तव्‍य होना
136 अपील के लिए उच्‍चतम न्‍यायालय की विशेष इजाजत
137 निर्णयों या आदेशों का उच्‍चतम न्‍यायालयों द्वारा पुनर्विलोकन
138 उच्‍चतम न्‍यायालय की अधिकारिता की वृद्धि
139 कुछ रिट निकालने की शक्तियों का उच्‍चतम न्‍यायालय को प्रदत्त किया जाना
139क कुछ मामलों का अंतरण
140 उच्‍चतम न्‍यायालय की आनुषंगिक शक्तिया
141 उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा घोषित विधि का सभी न्‍यायालयों पर आबद्धकर होना
142 उच्‍चतम न्‍यायालय की डिक्रियों और आदेशों का प्रवर्तन और प्रकटीकरण आदि के बारे में आदेश
143 उच्‍चतम न्‍यायालय से परामर्श करने की राष्‍ट्रपति की शक्ति
144 सिविल और न्‍यायिक प्राधिकारियों द्वारा उच्‍चतम न्‍यायालय
144क [निरसन]
145 न्‍यायालय के नियम आदि
146 उच्‍चतम न्‍यायालय के अधिकारी और सेवक तथा व्‍यय
147 निर्वचन

अध्‍याय V. भारत के नियंत्रक-महा लेखापरीक्षक
148 भारत का नियंत्रक - महा लेखापरीक्षक
149 नियंत्रक महा लेखापरीक्षक के कर्तव्‍य और शक्तियां
150 संघ के और राज्‍यों के लेखाओं का प्ररूप
151 संपरीक्षा प्रतिवेदन



भाग VI: राज्‍य
अध्‍याय I. साधारण
152 परिभाषा

अध्‍याय II. कार्यपालिकाराज्‍यपाल
153 राज्‍यों के राज्‍यपाल
154 राज्‍य की कार्यपालिका शक्ति
155 राज्‍यपाल की नियुक्ति
156 राज्‍य की पदावधि
157 राज्‍यपाल के पद के लिए शर्तें
158 राज्‍यपाल के पद के लिए शर्तें
159 राज्‍यपाल द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
160 कुछ आकस्मिकताओं में राज्‍यपाल के कृत्‍यों का निर्वहन
161 क्षमा आदि की और कुछ मामलों में दंडादेश के निलंबन, परिहार या लघुकरण की राज्‍यपाल की शक्ति
162 राज्‍य की कार्यपालिका शक्ति का विस्‍तार

मंत्रि परिषद
163 राज्‍यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रि परिषद
164 मंत्रियों के बारे में अन्‍य उपबंध

राज्‍य का महाविधवक्‍ता
165 राज्‍य का महाधिवक्‍ता

सरकारी कार्य का संचालन
166 राज्‍य की सरकार के कार्य का संचालन
167 राज्‍यपाल को जानकारी देने आदि के संबंध में मुख्‍यमंत्री के कर्तव्‍य

अध्‍याय III. राज्‍य का विधान मंडलसाधारण
168 राज्‍यों के विधान - मंडलों का गठन
169 राज्‍यों में विधान परिषदों का उत्‍सादन या सृजन
170 विधान सभाओं की संरचना
171 विधान परिषदों की संरचना
172 राज्‍यों के विधान-मंडलों की अवधि
173 राज्‍य के विधान-मंडल की सदस्‍यता के लिए अर्हता
174 राज्‍य के विधान-मंडल के सत्र, सत्रावहसान और विघटन
175 सदन और सदनों में अभिभाषण का और उनको संदेश भेजने का राज्‍यपाल का अधिकार
176 राज्‍यपाल का विशेष अभिभाषण
177 सदनों के बारे में मंत्रियों और महाधिवक्‍ता के अधिकार

राज्‍य के विधान-मंडल के अधिकारी
178 विधान सभा का अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष
179 अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष का पद रिक्‍त होना, पदत्‍याग और पद से हटाया जाना
180 अध्‍यक्ष के पद के कर्तव्‍यों का पालन करने या अध्‍यक्ष के रूप में कार्य करने की उपाध्‍यक्ष या अन्‍य व्‍यक्ति की शाक्ति
181 जब अध्‍यक्ष या उपाध्‍यक्ष को पद से हटाने का कोई संकल्‍प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन न होना
182 विधान परिषद का सभापति और उप सभापति
183 सभापति और उप सभापति का पद रिक्‍त होना, पदत्‍याग और पद से हटाया जाना
184 सभापति के पद के कर्तव्‍यों का पालन करने या सभापति के रूप में कार्य करने की उप सभापति या अन्‍य व्‍यक्ति की शक्ति
185 जब सभापति या उप सभापति को पद से हटाने का कोई संकल्‍प विचाराधीन है तब उसका पीठासीन न होना
186 अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष तथ सभापति और उप सभापति के वेतन और भत्ते
187 राज्‍य के विधान मंडल का सचिवालयकार्य संचालन
अनुच्‍छेद विवरण
188 सदस्‍यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
189 सदनों में मतदान, रिक्तियों के होते हुए भी सदनों की कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति

सदस्‍यों की निरर्हताएं
190 स्‍थानों का रिक्‍त होना
191 सदस्‍यता के लिए निरर्हताएं
192 सदस्‍यों की निरर्हताओं से संबंधित प्रश्‍नों पर विनिश्‍चय
193 अनुच्‍छेद 188 के अधीन शपथ लेने या प्रतिज्ञा करने से पहले या अर्हित न होते हुए या निरर्हित किए जाने पर बैठने और मत देने के लिए शास्तिराज्‍यों के विधान-मंडलों और उनके सदस्‍यों की शक्तियां, विशेषाधिकार और उन्‍मुक्तियां
अनुच्‍छेद विवरण
194 विधान-मंडलों के सदनों की तथा सदस्‍यों और समितियों की शक्तियां, विशेषधिकार आदि
195 सदस्‍यों के वेतन और भत्ते

विधायी प्रक्रिया
196 विधेयकों के पुर: स्‍थापन और पारित किए जाने के संबंध में उपबंध
197 धन विधेयकों से भिन्‍न विधेयकों के बारे में विधान परिषद की शक्तियों पर निर्बंधन
198 धन विधेयकों के संबंध में विशेष प्रक्रिया
199 "धन विधेयक" की परिभाषा
200 विधेयकों पर अनुमति
201 विचार के लिए आरक्षित विधेयक

वित्तीय विषयों के संबंध में प्रक्रिया
202 वार्षिक वित्तीय विवरण
203 विधान-मंडल में प्राक्‍कलनों के संबंध में प्रक्रिया
204 विनियोग विधेयक
205 अनुपूरक, अतिरिक्‍त या अधिक अनुदान
206 लेखानुदान, प्रत्‍ययानुदान और अपवादानुदान
207 वित्त विधेयकों के बारे में विशेष उपबंध

साधारणतया प्रक्रिया
208 प्रक्रिया के नियम
209 राज्‍य के विधान-मंडल में वित्तीय कार्य संबंधी प्रक्रिया का विधि द्वारा विनियमन
210 विधान मंडल में प्रयोग की जाने वाली भाषा
211 विधान-मंडल में चर्चा पर निर्बंधन
212 न्‍यायालयों द्वारा विधन मंडल की कार्यवाहियों की जांच न किया जाना

अध्‍याय IV. राज्‍यपाल की विधायी शाक्ति
213 विधान मंडल के विश्रांतिकाल में अध्‍यादेश प्रख्‍याति करने की राज्‍यपाल की शक्ति

अध्‍याय V. राज्‍यों के उच्‍च न्‍यायालय
214 राज्‍यों के लिए उच्‍च न्‍यायालय
215 उच्‍च न्‍यायालयों का अभिलेख न्‍यायालय होना
216 उच्‍च न्‍यायालयों का गठन
217 उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीश की नियुक्ति और उसके पद की शर्तें
218 उच्‍चतम न्‍यायालय से संबंधित कुछ उपबंधों का उच्‍च न्‍यायालयों का लागू होना
219 उच्‍च न्‍यायालयों के न्‍यायाधीशों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
220 स्‍थायी न्‍यायाधीश रहने के पश्‍चात विधि-व्‍यवसाय पर निर्बंधन
221 न्‍यायाधीशों के वेतन आदि
222 किसी न्‍यायाधीश का एक उच्‍च न्‍यायालय से दूसरे उच्‍च न्‍यायालय को अंतरण
223 कार्यकारी मुख्‍य न्‍यायमूर्ति की नियुक्ति
224 अपर और कार्यकारी न्‍यायाधीशों की नियुक्ति
224क उच्‍च न्‍यायालयों की बैठकों में सेवानिवृत्त न्‍यायाधीशों की नियुक्ति
225 विद्यमान उच्‍च न्‍यायालयों की अधिकारिता
226 कुछ रिट निकालने की उच्‍च न्‍यायालय की शक्ति
226क [निरसन]
227 सभी न्‍यायालयों के अधीक्षण की उच्‍च न्‍यायालय की शक्ति
228 कुछ मामलों का उच्‍च न्‍यायालय को अंतरण
228क [निरसन]
229 उच्‍च न्‍यायालयों के अधिकारी और सेवक तथा व्‍यय
230 उच्‍च न्‍यायालयों की अधिकारिता का संघ राज्‍य क्षेत्रों पर विस्‍तार
231 दो या अधिक राज्‍यों के लिए एक ही उच्‍च न्‍यायालय की स्‍थापना

अध्‍याय VI. अधीनस्‍थ न्‍यायालय
233 जिला न्‍यायाधीशों की नियुक्ति
233क कुछ जिला न्‍यायाधीशों की नियुक्तियों का और उनके द्वारा किए गए निर्णयों आदि का विधिमान्‍यकरण
234 न्‍यायिक सेवा में जिला न्‍यायाधीशों से भिन्‍न व्‍यक्तियों की भर्ती
235 अधीनस्‍थ न्‍यायालयों पर नियंत्रण
236 निर्वचन
237 कुछ वर्ग या वर्गों के मजिस्‍ट्रेटों पर इस अध्‍याय के उपबंधों का लागू होना



भाग VII: पहली अनुसूची के भाग ख के राज्‍य
238 [निरसन]


भाग VIII: संघ राज्‍य क्षेत्र
239 संघ राज्‍यक्षेत्रों का प्रशासन
239क कुछ संघ राज्‍य क्षेत्रों के लिए स्‍थानीय विधान मंडलों या मं‍त्रि-परिषदों का या दोनों का सृजन
239क दिल्‍ली के संबंध में विशेष उपबंध
239कक सांविधानिक तंत्र के विफल हो जाने की दशा में उपबंध
239कख विधान मंडल के विश्रांतिकाल में अध्‍यादेश प्रख्‍यापित करने की प्रशासक की शक्ति
240 कुछ संघ राज्‍य क्षेत्रों के लिए विनियम बनाने की राष्‍ट्रपति की शक्ति
241 संघ राज्‍य क्षेत्रों के लिए उच्‍च न्‍यायालय
242 [निरसन]



भाग IX: पंचायत 
243 परिभाषाएं
243क ग्राम सभा
243ख पंचायतों का गठन
243ग पंचायतों की संरचना
243घ स्‍थानों का आरक्षण
243ड पंचायतों की अवधि, आदि
243च सदस्‍यता के लिए निरर्हताएं
243छ पंचायतों की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्‍व
243ज पंचायतों द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्तियां और उनकी निधियां
243-झ वित्तीय स्थिति के पुनर्विलोकन के लिए वित्त आयोग का गठन
243ञ पंचायतों के लेखाओं की संपरीक्षा
243ट पंचायतों के लिए निर्वाचन
243ठ संघ राज्‍य क्षेत्रों को लागू होना
243ड इस भाग का कतिपय क्षेत्रों को लागू नह होना
243ढ विद्यमान विधियों और पंचायतों का बना रहना
243-ण निर्वाचन संबंधी मामलों में न्‍यायालयों के हस्‍तक्षेप का वर्जन


भाग IX क: नगरपालिकाएं 
243त परिभाषाएं
243थ नगरपालिकाओं का गठन
243द नगरपालिकाओं की संरचना
243ध वार्ड समितियों, आदि का गठन और संरचना
243न स्‍थानों का आरक्षण
243प नगरपालिकाओं की अवधि, आदि
243फ सदस्‍यता के लिए निरर्हताएं
243ब नगरपालिकाओं, आदि की शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्‍व
243भ नगरपालिकाओं द्वारा कर अधिरोपित करने की शक्ति और उनकी निधियां
243म वित्त आयोग
243य नगरपालिकाओं के लेखाओं की संपरीक्षा
243यक नगरपालिकाओं के लिए निर्वाचन
243यख संघ राज्‍यक्षेत्रों को लागू होना
243यग इस भाग का कतिपय क्षेत्रों को लागू न होना
243यघ जिला योजना के लिए समिति
243यड महानगर योजना के लिए समिति
243यच विद्यमान विधियों और नगरपालिकाओं का बना रहना
243यछ निर्वाचन संबंधी मामलों में न्‍यायालयों के हस्‍तक्षेप का वर्जन


भाग X: अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र 
244 अनुसूचित क्षेत्रों और जनजाति क्षेत्रों का प्रशासन.
244क असम के कुछ जनजाति क्षेत्रों को समाविष्‍ट करने वाला एक स्‍वशासी राज्‍य बनाना और उसके लिए स्‍थानीय विधान मंडल या मंत्रि परिषद का या दोनों का सृजन.


भाग XI: संघ और राज्‍यों के बीच संबंध 
अध्‍याय I. विधायी संबंधविधायी शक्तियों का वितरण
245 संसद द्वारा राज्‍यों के विधान मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों का विस्‍तार.
246 संसद द्वारा और राज्‍य के विधान मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों की विषयवस्‍तु.
247 कुछ अतिरिक्‍त न्‍यायालयों की स्‍थापना का उपबंध करने की संसद की शक्ति.
248 अवशिष्‍ट विधायी शक्तियां.
249 राज्‍य सूची में के विषय के संबंध में राष्‍ट्रीय हित में विधि बनाने की संसद की शक्ति.
250 यदि आपात की उदघोषणा प्रवर्तन में हो तो राज्‍य सूची में के विषय के संबंध में विधि.
251 संसद द्वारा अनुच्‍छेद 249 और अनुच्‍छेद 250 के अधीन बनाई गई विधियों और राज्‍यों के विधान मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों में असंगति.
252 दो या अधिक राज्‍यों के लिए उनकी सहमति से विधि बनाने की संसद की शक्ति और ऐसी विधि का किसी अन्‍य राज्‍य द्वारा अंगीकार किया जाना.
253 अंतरराष्‍ट्रीय करारों को प्रभावी करने के लिए विधान.
254 संसद द्वारा बनाई गई विधियों और राज्‍यों के विधान मंडलों द्वारा बनाई गई विधियों में असंगति.
255 सिफारिशों और पूर्व मंजूरी के बारे में अपेक्षाओं को केवल प्रक्रिया के विषय मानना.

अध्‍याय II. प्रशासनिक संबंध
साधारण
256 राज्‍यों की ओर संघ की बाध्‍यता.
257 कुछ दशाओं में राज्‍यों पर संघ का नियंत्रण.
257क [निरसन]
258 कुछ दशाओं में राज्‍यों को शक्ति प्रदान करने आदि की संघ की शक्ति.
258क संघ को कृत्‍य सौंपने की राज्‍यों की शक्ति.
259 [निरसन]
260 भारत के बाहर के राज्‍य क्षेत्रों के संबंध में संघ की अधिकारिता.
261 सार्वजनिक कार्य, अभिलेख और न्‍यायिक कार्यवाहियां.

जल संबंधी विवाद
262 अंतरराज्यिक नदियों या नदी दूनों के जल संबंधी विवादों का न्‍यायनिर्णयन.

राज्‍यों के बीच समन्‍वय
263 अंतरराज्‍य परिषद के संबंध में उपबंध.



भाग XII: वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद 
अध्‍याय I. वित्तसाधारण
264 विधि के प्राधिकार के बिना करों का अधिरोपण न किया जाना.
265 विधि के प्राधिकार के बिना करों का अधिरोपण न किया जाना.
266 भारत और राज्‍यों के संचित निधियां और लोक लेखे.
267 आकस्मिकता निधि.

संघ और राज्‍यों के बीच राजस्‍वों का‍ वितरण
268 संघ द्वारा उदगृहीत किए जाने वाले किन्‍तु राज्‍यों द्वारा संगृहीत और विनियोजित किए जाने वाले शुल्‍क.
269 संघ द्वारा उदगृहीत और संगृहीत किन्‍तु राज्‍यों को सौंपे जाने वाले कर.
270 उदगृहीत कर और उनका संघ तथा राज्‍यों के बीच वितरण.
271 कुछ शुल्‍कों और करों पर संघ के प्रयोजनों के लिए अधिभार.
272 [निरसन]
273 जूट पर और जूट उत्‍पादों का निर्यात शुल्‍क के स्‍थान पर अनुदान.
274 ऐसे कराधान पर जिसमें राज्‍य हितबद्ध है, प्रभाव डालने वाले विधेयकों के लिए राष्‍ट्रपति की पूर्व सिफारिश की अपेक्षा.
275 कुछ राज्‍यों को संघ अनुदान.
276 वृत्तियों, व्‍यापारों, आजीविकाओं और नियोजनों पर कर.
277 व्‍यावृत्ति.
278 [निरसन]
279 "शुद्ध आगम", आदि की गणना.
280 वित्त आयोग.
281 वित्त आयोग की सिफारिशें.

प्रकीर्ण वित्तीय उपबंध
282 संघ या राज्‍य द्वारा अपने राजस्‍व के लिए जाने वाले व्‍यय.
283 संचित निधियों, आकस्मिकता निधियों और लोक लेखाओं में जमा धनराशियों की अभिरक्षा आदि.
284 लोक सेवकों और न्‍यायालयों द्वारा प्राप्‍त वादकर्ताओं की जमा राशियों और अन्‍य धनराशियों की अभिरक्षा.
285 संघ और संपत्ति को राजय के कराधान से छूट.
286 माल के क्रय या विक्रय पर कर के अधिरोपण के बारे में निर्बंधन.
287 विद्युत पर करों से छूट.
288 जल या विद्युत के संबंध में राज्‍यों द्वारा कराधान से कुछ दशाओं में छूट.
289 राज्‍यों की संपत्ति और आय को संघ और कराधार से छूट.
290 कुछ व्‍ययों और पेंशनों के संबंध में समायोजन.
290क कुछ देवस्‍वम निधियों की वार्षिक संदाय.
291 [निरसन]

अध्‍याय II. उधार लेना
292 भारत सरकार द्वारा उधार लेना.
293 राज्‍यों द्वारा उधार लेना.

अध्‍याय III. संपत्ति संविदाएं, अधिकार, दायित्‍व, बाध्‍यताएं और वाद
294 कुछ दशाओं में संपत्ति, अ‍ास्तियों, अधिकारों, दायित्‍वों और बाध्‍यताओं का उत्तराधिकार.
295 अन्‍य दशाओं में संपत्ति, अ‍ास्तियों, अधिकारों, दायित्‍वों और बाध्‍यताओं का उत्तराधिकार.
296 राजगामी या व्‍यपगत या स्‍वामीवि‍हीन होने से प्रोदभूत संपत्ति.
297 राज्‍य क्षेत्रीय सागर खण्‍ड या महाद्वीपीय मग्‍नतट भूमि में स्थित मूल्‍यवान चीजों और अनन्‍य आर्थिक क्षेत्र संपत्ति स्रोतों का संघ में निहित होना.
298 व्‍यापार करने आदि की शक्ति.
299 संविदाएं.
300 वाद और कार्यवाहियां.

अध्‍याय IV. संपत्ति का अधिकार
300क विधि के प्राधिकार के बिना व्‍यक्तियों को संपत्ति से वंचित न किया जाना.


भाग XIII: भारत के राज्‍य क्षेत्र के भीतर व्‍यापार, वाणिज्‍य और समागम  
भारत के संघ राज्‍य क्षेत्र
301 व्‍यापार, वाणज्यि और समागम की स्‍वतंत्रता.
302 व्‍यापार, वाणज्यि और समागम पर निर्बंधन अधिरोपित करने की संसद की शक्ति.
303 व्‍यापार और वाणिज्‍य के संबंध में संघ और राज्‍यों की विधायी शक्तियों पर निर्बंधन.
304 राज्‍यों के बीच व्‍यापार, वाणिज्य और समागम पर निर्बंधन.
305 विद्यमान विधियों और राज्‍य के एकाधिकार का उपबंध करने वाली विधियों की व्‍यावृत्ति.
306 [निरसन]
307 अनुच्‍छेद 301 से अनुच्‍छेद 304 के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए प्राधिकारी की नियुक्ति.


भाग XIV: संघ और राज्‍यों के अधीन सेवाएं 
अध्‍याय I. सेवाएं
308 निर्वचन.
309 संघ या राज्‍य की सेवा करने वाले व्‍यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तें.
310 संघ या राज्‍य की सेवा करने वाले व्‍यक्तियों की पदावधि.
311 संघ या राज्‍य के अधीन सिविल हैसियत में नियोजित व्‍यक्तियों का पदच्‍युत किया जाना या पंक्ति में अवनत किया जाना.
312 अखिल भारतीय सेवाएं.
312क कुछ सेवाओं के अधिकारियों की सेवा की शर्तों में परिवर्तन करने या उन्‍हें प्रतिसंहृत करने की संसद की शक्ति.
313 संक्रमण कालीन उपबंध.
314 [निरसन]

अध्‍याय II.- लोक सेवा आयोग
315 संघ और राज्‍यों के लिए लोक सेवा आयोग.
316 सदस्‍यों की नियुक्ति और पदावधि.
317 लोक सेवा आयोग के किसी सदस्‍य का हटाया जाना और निलंबित किया जाना.
318 आयोग के सदस्‍यों और कर्मचारिवृंद की सेवा की शर्तों के बारे में विनियम बनाने की शक्ति.
319 आयोग के सदस्‍यों द्वारा ऐसे सदस्‍य न रहने पर पद धारण करने के सबंध में प्रतिषेध.
320 लोक सेवा आयोगों के कृत्‍य.
321 लोक सेवा आयोगों के कृत्‍यों का विस्‍तार करने की शक्ति.
322 लोक सेवा आयोगों के व्‍यय.
323 लोक सेवा आयोगों के प्रतिवेदन.


भाग XIVक: अभिकरण
323क प्रशासनिक अधिकरण.
323ख अन्‍य विषयों के लिए अधिकरण.


भाग XV: निर्वाचन 
324 निर्वाचनों के अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण का निर्वाचन आयोग में निहित होना.
325 धर्म, मूलवंश, जाति या लिंग के आधार पर किसी व्‍यक्ति का निर्वाचक नामावली में सम्मिलित किए जाने के लिए अपात्र न होना और उसके द्वारा किसी विशेष निर्वाचक-नामावली में सम्मिलित किए जाने का दावा न किया जाना.
326 लोक सभा और राज्‍यों की विधान सभाओं के लिए निर्वाचनों का वयस्‍क मताधिकार के आधार पर होना.
327 विधान मंडल के लिए निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की संसद की शक्ति.
328 किसी राज्‍य के विधान मंडल के लिए निर्वाचनों के संबंध में उपबंध करने की उस विधान मंडल की शक्ति.
329 निर्वाचन संबंधी मामलों में न्‍यायालयों के हस्‍तक्षेप का वर्जन.
329क [निरसन]

भाग XVI: कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध 
330 लोक सभा में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्‍थानों का आरक्षण.
331 लोक सभा में आंग्‍ल भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्‍व.
332 राज्‍यों की विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए स्‍थानों का आरक्षण.
333 राज्‍यों की विधान सभाओं में आंग्‍ल भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्‍व.
334 स्‍थानों के आरक्षण और विशेष प्रतिनिधित्‍व का साठ वर्ष के पश्‍चात न रहना.
335 सेवाओं और पदों के लिए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के दावे.
336 कुछ सेवाओं में आंग्‍ल भारतीय समुदाय के लिए विशेष उपबंध.
337 आंग्‍ल भारतीय समुदाय के फायदे के लिए शैक्षिक अनुदान के लिए विशेष उपबंध.
338 राष्‍ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग.
338क राष्‍ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग.
339 अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और अनुसूचित जनजातियों के कल्‍याण के बारे में संघ का नियंत्रण.
340 पिछड़े वर्गों की दशाओं के अन्‍वेषण के लिए आयोग की नियुक्ति.
341 अनुसूचित जातियां.
342 अनुसूचित जनजातियां.


भाग XVII: राजभाषा 
अध्‍याय I. - संघ की भाषा
343 संघ की राजभाषा.
344 राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद की समिति.

अध्‍याय II. प्रादेशिक भाषाएं
345 राज्‍य की राजभाषा या राजभाषाएं.
346 एक राज्‍य और दूसरे राज्‍य के बीच या किसी राज्‍य और संघ के बीच पत्रादि की राजभाषा.
347 एक राज्‍य और दूसरे राज्‍य के बीच या किसी राज्‍य और संघ के बीच पत्रादि की राजभाषा.

अध्‍याय III. उच्‍चतम न्‍यायालय, उच्‍च न्‍यायालयों आदि की भाषा.
348 उच्‍चतम न्‍यायालय और उच्‍च न्‍यायालयों में और अधिनियमों, विधेयक



अनुसूची
पहली अनुसूची 
I. - राज्‍य.
II. - संघ राज्‍य क्षेत्र.

दूसरी अनुसूची
भाग क - राष्‍ट्रपति और राज्‍यों के राज्‍यपालों के बारे में उपबंध.
भाग ख - [निरसन]
भाग ग - लोक सभा के अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष के तथा राज्‍य सभा के सभापति और उप सभापति के तथा (राज्‍य) की विधान सभा के अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष के तथा विधान परिषद के सभापति और उप सभापति के बारे में उपबंध.
भाग घ - उच्‍चतम न्‍यायालय और उच्‍च न्‍यायालयों के न्‍यायाधीशों के बारे में उपबंध.
भाग ड - भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षण के बारे में उपबंध.

तीसरी अनुसूची
- शपथ या प्रतिज्ञान के प्ररूप.

चौथी अनुसूची 
- राज्‍य सभा में स्‍थानों का आबंटन.

पांचवीं अनुसूची
अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उपबंध.
भाग क - साधारण.
भाग ख - अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों का प्रशासन और नियंत्रण.
भाग ग - अनुसूचित क्षेत्र.
भाग घ - अनुसूची का संशोधन.

छठवीं अनुसूची 
असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्‍यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के प्रावधान.

सातवीं अनुसूची 
सूची I - संघ सूची.
सूची II - राज्‍य सूची.
सूची III - समवर्ती सूची.

आठवीं अनुसूची 
- भाषाएं.

नौवीं अनुसूची 
- विशिष्‍ट अधिनियमों और विनियमों का सत्‍यापन.

दसवीं अनुसूची 
- दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता के बारे में उपबंध.

ग्‍यारहवीं अनुसूची 
- पंचायतों के अधिकार, प्राधिकार और दायित्‍व.

बारहवीं अनुसूची 
- नगरपालिकाओं के अधिकार, प्राधिकार तथा दायित्‍व आदि.

परिशिष्‍ट
परिशिष्‍ट I  - संविधान (जम्‍मू-कश्‍मीर का लागू होना) आदेश 1954.
परिशिष्‍ट II  - संविधान के, उन अपवादों और उपांतरणों के जिनके अधीन संविधान जम्‍मू-कश्‍मीर राज्‍य को लागू होता है, वर्तमान पाठ के प्रति निर्देश से पुनर्कथन.
परिशिष्‍ट III - संविधान (चवालीसवां संशोधन) अधिनियम 1978 से उद्धरण.
परिशिष्‍ट IV  - संविधान(छियासीवां संशोधन) अधिनियम, 2002.
परिशिष्‍ट V  - संविधान (अठासीवां संशोधन) अधिनियम, 2003.




मूल स्रोत
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आओ एकरूपता लायें

आओ एकरूपता लायें

हम सब भारतीय हैं हमें यह चाहिये कि हममें किसी भी प्रकार की भेद न हो और हम एकरूप हों जिस प्रकार से हम विद्यालयके समस्त विद्यार्थीयों को देखते हैं तो हम स्वयं के पुत्र-पुत्री को पहचान नहीं पाते सब बालकमें हमें अपना बालक दिखाई देता है हम जब उनके बहुत करीब जाते है तब ज्ञात होता है कि यह हमारे पुत्र-पुत्रीके समान है परन्तु क्षणभर बाद ही हम उसे अपना माननें से इनकार कर देते हैं, जितनें बार जितनें विद्यार्थी को देखते हैं, हम उतनें बार महसुस करतें हैं-कि वह हमारा है और हम उनके हैं। फिर भी हम उन्हें अपना मानते नही जबकि ये विद्यार्थी हमें गुरू की तरह बार बार सिखाये जा रहे हैं हम इतनें मुढ़ कैसे हुए कि सिखानें पर भी नहीं सिखते। मैं चाहता हुं कि हम इसी भाव को सीखें और इसी भाव को अंतर्मन में स्थायी कर लें ताकि हम एकरूपता के कारण एकदूसरे में इसप्रकार समां जायें कि वह हमारा है, हम उनके हैं, कोई भी पराया नही है फिर जीवन जीनें में जो आनन्द मिलेगी वह स्वर्ग के समस्त सुखों से श्रेष्ठ होगी और देखना कि फिर से भगवान पृथ्वी में जन्म लेनें को तड़पेंगे जैसे कोई प्रेमी अपनी प्रेमिका को तड़पता है, माॅ अपनी बालक को तड़पती है और मृत्यु सैय्या पर सोया अभिलाषी जीवन को तड़पता है। 

अतः मै आप सबसे निवेदन करता हुॅ कि आओ हम सब मानव समुदाय में एकरूपता के भाव का सृजन करें, आत्मसात करें, एकरूप होकर सुर्य में किरन और जीवन में आत्मा की तरह विलीन हो जाएॅ, अविभाज्य हो जायें। 


आचार्य त्रिभुवन जोशी

श्रेष्ठ संस्कारों की सृजन करें


श्रेष्ठ संस्कारों की सृजन करें


हे माताओं, मै आपसे निवेदन करती हुं कि आओ हम सब मिलकर श्रेष्ठ संस्कारों की सृजन करें ताकि हमारी आनें वाली पीढ़ी श्रेष्ठ संस्कारों से सुसज्जित होकर हमारे कुल के नाम को गौरब प्रदान करनें के योग्य हो सके, विष्व में हमें सर्वोच्च स्थान प्राप्त हो। यदि आपके पुर्वज श्रेष्ठ रहे, सर्वोच्च स्थान के योग्य रहे, तब आप अवष्य ही उनके द्वारा प्राप्त ज्ञान को उनके आदेष को अपनें आनें वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित पहुॅचाओ, उन्हें श्रेष्ठ संस्कारों से संस्कारित करो और अपनें कुल के परम्परा को आगे बढ़ाते हुए ऊॅचे स्थान को प्राप्त करो। मुझे पुर्वजों से सर्वोच्च स्तर का ज्ञान प्राप्त हुआ है क्योकि मेरे पुर्वज पुज्यनीय रहे हैं मेरी आकांक्षा है कि मैं भी अपनें पुर्वजों की भांति स्थान को प्राप्त होऊॅ इसलिए मैें आप सबसे निवेदन करती हुॅ कि आप भी पुज्यनींय हों जो कि हमारे भारत के सम्मान में गुणक का कार्य करे, और सारा विष्व हमारे सम्मान में अपना षिष झुकाना अपना भाग्य समझे। मानव के रूप में हमारा जीवन तभी सफल होगा जब हम इस हेतू आवष्यक कार्य करेंगे जबकि उन कार्यों में ज्ञान का सृजन करना श्रेष्ठ है। भारत को मानव के उत्पत्तिकाल से ही विष्व के गुरू के रूप में जाना जाता रहा है और इसका एक ही कारण रहा वह है भारतीयों के द्वारा ज्ञान का प्रसार करना, षिक्षा देना और विष्व को सीखनें का अवसर देना, इसलिए हे भारतीय आत्मा उठो, सोये मत रहो अपनें सम्मान और स्थान को बनाये रखो।

माता श्यामा देवी

गुरुवार, जून 15, 2017

छत्तीसगढ़ शासन के अवकाश नियमों से संबंधित नियम / निर्देश

छत्तीसगढ़ शासन के अवकाश नियमों से संबंधित नियम / निर्देश 



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मंगलवार, जून 13, 2017

पुलिस कर्मचारियों के बेहतर कर्तव्य निर्वहन के लिए भी उपयोगी है सिटीजन कॉप - Shri HP Joshi

पुलिस कर्मचारियों के बेहतर कर्तव्य निर्वहन के लिए भी उपयोगी है सिटीजन कॉप

मै एक पुलिस कर्मचारी व समाज सेवक हूं कार्यालयीन कार्य में तैनात होने के कारण ऐसे स्थल जहां मेरा ड्यिूटी नही होता अथवा अपने ड्यिूटी पर जाते हुए कहीं भी अपराध देखता हूं तो उसकी शिकायत सिटीजन कॉप मोबाईल एप्लीकेशन में लगातार भेजते रहता हूं। मुझे खुसी होती है कि मै अपने समस्त कर्तव्यों का निर्वहन इस एप्लीकेशन के माध्यम से अच्छे से कर पा रहा हूं। इस एप्लीकेशन में शिकायत कर पुलिस विभाग के तत्काल कार्यवाही से ऐसा महसुस होता है कि मै पुलिस कर्मचारी नही वरन् उंचे ओहदे का पुलिस अधिकारी हूं जो निरीक्षक स्तर तक के पुलिस अधिकारी को आदेश देने का गौरव महसुस करता हूं। मेरे शिकायतो में से कुछ शिकायत इसप्रकार है:-

मेरे द्वारा 23/12/2015 को सिटीजन कॉप में बस क्रमांक सीजी 04 ई 0910 का शिकायत किया गया जो अत्यधिक धुआ दे रहा था। इस पर ट्रेफिक पुलिस द्वारा तत्काल एक्शन लिया गया और 24/12/2015 को मुझे अवगत कराया गया कि संबंधित बस के खिलाफ 1000/- रूपये का चालान एमव्ही-190(2) के तहत किया गया है। जिसका रिकार्ड सीएफ बुक नंबर 35253 रसीद नंबर 05 पर है। (CGR4ECEC8721018)

मेरे द्वारा 03/02/2016 को आईओएसआईएस स्पा एण्ड वेलनेश प्रा.लि. के द्वारा अश्लील होर्डिग्स् लगाये जाने का शिकायत किया गया, चूँकि होर्डिग लगवाने व हटवाने से संबंधित कार्य नगर निगम द्वारा किये जाते हैं 18/02/2016 हो सभी होर्डिग्स् हटाए गये। इस संबंध में सिविल लाईन थाना द्वारा अच्छे प्रयास किये गये। (CGRPR2016FEB271235)

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ONE YEAR


10.
POST DIPLOMA IN FIRE AND INDUSTRIAL SAFETY
ONE YEAR

AND 29+ FIRE AND SAFETY COURSE AVAILABLE





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1.       10th or/and 12th MarkSheet Photo-Copy

2.       Residence Certificate

3.       Photo Id

4.       Residential Id

5.       Total Fees Amount - Only DD or Core Banking Institute Bank A/C





Fees : On Demand Mode : One Year Fees: 25000/- Rs. , Six Month Fees : 15000/-
Fees : Regular Mode : One Year Fees : 35000/- Rs. , Six Month Fees : 20000/-

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