Friday, September 13, 2019

विधि विरूद्ध संबोधनों के खिलाफ, एकजूट होने की जरूरत - श्रीमती विधि हुलेश्वर जोशी

आज देश में कुछ संबोधन को शासन द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया है इसके बावजूद कुछ लोग और कुछ समाज इनके प्रयोग से परहेज नही कर पा रहे हैं। 

भारत सरकार द्वारा कुछ संबोधन जैसे चमार और हरिजन इत्यादि प्रतिबंधित है इसके बावजूद ऐसे प्रतिबंधित संबोधन से किसी व्यक्ति अथवा जाति समूह को संबोधित करना अनुचित और असंवैधानिक है। यदि इन संबोधन का किसी व्यक्ति अथवा समाज के लिए प्रयोग किया जाता है तो इसे लोगों/संस्था के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराया जावे।

ऐसे संबोधन को सुनना और स्वीकारना भी अनुचित है, नियमानुसार विरोध आवश्यक है। परन्तु बल पूर्वक नहीं बल्कि कानून के दायरे में रहकर, अन्यथा उस संबंधित आरोपी से पहले आपको जेल जाना पड़ सकता है।


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