"जीवन बचाओ मुहिम"

हत्यारा और मांसाहार नहीं बल्कि जीवों की रक्षा करने वाला बनो।


रविवार, अक्टूबर 02, 2022

सतनामी समाज और महात्मा गांधी : जानें, गांधी के तीन बंदर के नाम से प्रसिद्ध शिल्पकला कहाँ स्थित हैं?

सतनामी समाज और महात्मा गांधी : जानें, गांधी के तीन बंदर के नाम से प्रसिद्ध शिल्पकला  कहाँ स्थित हैं?

बलौदाबाजार (रायपुर) परिक्षेत्र में सलौनी निवासी राजमहंत नयनदास महिलांग के नेतृत्व में सतनामी समाज द्वारा गोरक्षा आन्दोलन 1915-20 चलाया गया, अंततः ब्रिटिश सरकार को अपनी शासकीय बुचड़खाना करमनडीह/ढाबाडीह को बंद करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि समीप निपानियां (भाटापारा) रेल्वे स्टेशन से गोमांस कलकत्ता-मद्रास-बांबे सप्लाई होते थे। इसके लिए बलौदाबाजार और किरवई दो बडे मवेशी बाजार लगते थे जहाँ से गोवंश उपलब्ध होते थे। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि महंत नयन दास महिलांग और गुरुअगमदास गोसाई (गुरु घासीदास बाबा के पुत्र) के द्वारा चलाए जा रहे आन्दोलन में सतनामी समाज और मदन ठेठवार जी के नेतृत्व यादव समाज समान रुप से जुड़ा हुआ था। गांव गांव पर्चे छपवाकर गोरक्षा आन्दोलन के पृष्ठभूमि बनाते और छड़वे गाय बछवा पाड़ा वृद्ध बैल भैसा नहीं बेचने तथा उन्हे मां बाप भाई बहन जैसे आत्मीय रिश्ते से जोड़कर मार्मिक अपील करते। जन जागरूकता के लिए पंथी गीतों के द्वारा जनजागरण फैलाए जाते :-
झन मारो कसैया मय गैया
हव जी झन मारो कसैया ...

भारतीय आजादी की आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ में 03 आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर बहुत चर्चित हुआ था, जिसमें कृषकों का कंडेल नहर सत्याग्रह, आदिवासियों का जंगल सत्याग्रह और सतनामियों का गोरक्षा आन्दोलन सम्मिलित है। गाँधी जी इन आन्दोलन से प्रभावित हुए और वे अवलोकनार्थ इस परिक्षेत्र का भी दौरा किये थे।

गांधी जी के प्रवास के दौरान रायपुर से बलौदाबाजार मार्ग पर भैसा बस स्टेंड पर एक वाकिया हुआ गाँधी जी को प्रणाम करने एक सतनामी महिला आई। परंतु गांधी जी ने शर्त रखा कि वे इस शर्त पर मिलना चाहेंगे कि पहले वे इनके लिए एक रुपया दान करें। महिला के पास रुपये नहीं था, वह सहज भाव से बोली कि‌ आप यही रुकिए मैं अभी घर से पैसे लेकर आ रही हूँ। उनकी इस कथ्य से गांधी जी बहुत प्रभावित हुए थे। आगे चलकर गांधी जी गुरुवंशज अगमदास गोसाई मिनीमाता सहित अनेक संत-महंत से मिलकर सतनाम संस्कृति और तीन बंदरों की दृष्टान्त से भी परिचित हुए और तीन बंदरों की दृष्टान्त से इतने प्रभावित हुए कि वे इनका जिक्र अपने निजी और सार्वजनिक जीवन में करने लगे जिससे मोती महल गुरुद्वारा भंडारपुरी के कंगुरे में स्थित तीन बंदर की कहानी, गांधी के तीन बंदर की मौलिकता के रूप में ख्याति प्राप्त कर लिया।

इसके बाद गांधी जी आगमन छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम और अस्पृश्यता निवारण संदर्भित दो बार और हुआ, जिसमें सतनामियों ने उनके साथ कंधे से कंधे मिलाकर सहयोग किया। क्योंकि सतनामियों को पता था कि आजादी के बाद स्वतंत्र भारत में उनका खोया हुआ वैभव और सामाजिक वैमनस्य भाव से निजात मिलेगा। अतः सतनामी समाज के हजारों मालगुजार, गौटिया और मंडल ने खुलकर कांग्रेस व गांधी जी का सहयोग किया और हिन्दू सतनामी महासभा गठित कर स्वतंत्रता संग्राम में बढचढ़कर सहभागिता निभाए तथा अपना सर्वस्व समर्पित कर दिए। 1935 में गठित अंतरिम सरकार सी पी एंड  बरार से गुरु अगमदास गुरुगोसाई प्रतिनिधित्व किए और उनके नेतृत्व में पुरा सतनामी समाज राष्ट्रीय आन्दोलन से जुड़े। 

इस तरह देखें तो सतनामियों का द्वितीय सामाजिक व राजनैतिक अभियान 1915 से लेकर आजादी प्राप्ति तक और उसके बाद सामाजिक समरसता और समानता अर्जित करने तक लंबा संघर्ष का स्वर्णिम इतिहास हैं। इस समुदाय का सामाजिक आन्दोलन आगे चलकर स्वतंत्रता संग्राम के आन्दोलन में परिणत हो गये। तब छत्तीसगढ़ में प्रायः ग्राम्य व कस्बाई संस्कृति ही था और समकालीन घटनाक्रम का दस्तावेजी करण अन्यान्य कारणों के साथ -साथ और प्रायः अशिक्षा व प्रिंट माध्यम नहीं होने के कारण नहीं हो सका है परंतु जनश्रुतियों में यह आज तक विद्यमान हैं।

टीप- ज्ञात हो कि तीन बंदरों का शिल्पांकन मोती महल गुरुद्वारा भंडारपुरी के कंगुरे पर अपने निर्माण काल 1820-25 से अंकित है और उसका समाज में गहरा प्रभाव है।
लेख - डॉ॰ अनिल कुमार भतपहरी

नारायणपुर पुलिस की तत्परता; पुलिस ने 08 घंटे के अंदर ढूंढ निकाला नाबालिक लड़की को


नारायणपुर पुलिस की तत्परता; पुलिस ने 08 घंटे के अंदर ढूंढ निकाला नाबालिक लड़की को

दिनांक 30.09.2022 को संध्या करीबन 05.30 से 07.00 बजे के बीच स्कूटी सवार तीन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा थाना कुकडाझोर क्षेत्रान्तर्गत अपनी सहेली के घर घुमने आई एक नाबालिक लड़की को बहला फुसलाकर स्कूटी में बिठाकर भगाकर ले गये थे जिसकी खोजबीन आसपास करने उपरांत उसकी सूचना थाना कुकडाझोर में दी गई। घटना की सूचना तत्काल पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार को दी गई। पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा घटना को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्कर शर्मा के निर्देशन में टीम गठित कर कार्यवाही हेतु दिशा निर्देश दिए जिस पर थाना कुकडाझोर में अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी नारायणपुर लौकेश बंसल के नेतृत्व में थाना प्रभारी कुकडाझोर प्रहलाद कुमार साहू व सायबर सेल के रूमन्त देवांगन के हमराह संयुक्त टीम गठित कर तत्काल खोजबीन में जुट गई और मुखबीरी तेज किया जाकर मुखबीर की सूचना के आधार पर बताये गए स्थान पर दबिशदेकर बरामद किया गया। जो उक्त नाबालिक बालिका को सूचना प्राप्त होने के 08 घंटा के अंदर नारायणपुर पुलिस द्वारा बरामद कर दस्तयाब किया गया एवं घटना को अंजाम देने वाले उक्त तीनों नाबालिक बालकों के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्यवाही किया जाकर माननीय किशोर न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायायिक रिमांड प्राप्त उपरांत बाल सुधार गृह भेजा गया एवं घटना में प्रयुक्त सफेद रंग के बिना नंबर सोल्ड एक्टिवा स्कूटी को जप्त कर कब्जा पुलिस लिया गया।

महात्मागांधी जयंती विशेषांक : महात्मा गांधी से संबंधित सामान्य ज्ञान परीक्षा - 2022


महात्मागांधी जयंती विशेषांक : महात्मा गांधी से संबंधित सामान्य ज्ञान परीक्षा - 2022

# महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी से संबंधित आधारभूत प्रश्नों की शृंखला ।


आवश्यक दिशा निर्देश :
# कृपया "महात्मा गांधी से संबंधित सामान्य ज्ञान परीक्षा - 2022" में हिस्सा लेने के लिए नीचे दिए गए खाली स्थान में  उचित आवश्यक और सही जानकारी भरें उसके बाद प्रश्नों मे उचित विकल्पों का चुनाव करें। सभी विकल्पों का चुनाव करने के बाद अंत में सबमिट बटन को प्रेस करें।
# यदि आप एक भी प्रश्न के लिए उचित विकल्प का चुनाव नहीं करेंगे तो आपका प्रश्नपत्र सबमिट नहीं होगा।
# सबमिट करने पर आपके मोबाईल अथवा कंप्यूटर की स्क्रीन ब्लैंक हो जाएगी तो घबराना नहीं है बल्कि बिना रिफ्रेस किए स्क्रीन को ड्रेग करते हुए ऊपर की ओर जाना है जिससे आपको व्यू स्कोर का ऑप्शन डिस्प्ले होगा जिसे क्लिक करने से आपको प्राप्त अंक की जानकारी और सही उत्तर मिल जाएंगे ।
# किसी भी प्रकार की समस्या के लिए श्री हुलेश्वर जोशी से 9826164156 मे कॉल करके समाधान पा सकते हैं।

शनिवार, अक्टूबर 01, 2022

विकास, विश्वास और सुरक्षा की ध्येय पर खरा उतरती नारायणपुर पुलिस; डीआरजी और आईटीबीपी के साथ मिलकर पुलिस ने पल्ली-बारसूर मार्ग में बनाया अस्थाई पुलिया और सड़क


विकास, विश्वास और सुरक्षा की ध्येय पर खरा उतरती नारायणपुर पुलिस; 
डीआरजी और आईटीबीपी के साथ मिलकर पुलिस ने पल्ली-बारसूर मार्ग में बनाया अस्थाई पुलिया और सड़क

आईपीएस श्री सदानंद कुमार, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर के निर्देशानुसार आज दिनाँक 01.10.2022 को नारायणपुर पुलिस ने डीआरजी और 45वीं बटालियन आईटीबीपी के जवानों के साथ मिलकर पल्ली-बारसूर मुख्यमार्ग, कडेमेटा कैंप के पास निर्माणाधीन पुलिया के डायवर्सन को दुरूस्त करते हुए अस्थाई पुलिया निर्माण कर लगभग 100 मीटर रोड़ का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है, इससे नारायणपुर से दंतेवाड़ा जाने के लिये लगभग 95 किलोमीटर की दूरी कम हुई है। क्वांर नवरात्रि में माता दंतेश्वरी देवी की दर्शन हेतु दंतेवाड़ा जाने वाले दर्शनार्थियों के समस्या की जानकारी मिलने पर आईपीएस श्री सदानंद कुमार ने त्वरित कार्यवाही करते हुए जवानों से अस्थाई पुलिया एवं डायवर्सन रोड़ का निर्माण कराया है। डायवर्सन और पुलिया निर्माण से आसपास के लोगों और दर्शनार्थियों को राहत मिली है और स्थानीय लोग पुलिस बल के कार्य की सराहना कर रहे हैं।

उप निरीक्षक भर्ती; टेस्ट सीरीज - 07

उप निरीक्षक भर्ती; टेस्ट सीरीज - 07

@ केंद्र सरकार और राज्य सरकार की सरकारी नौकरी के लिए सबसे बेहतरीन टेस्ट सीरीज

@ उप निरीक्षक संवर्ग भर्ती, लोक सेवा आयोग और व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा के लिए समान रूप से उपयोगी टेस्ट



बुधवार, सितंबर 21, 2022

नारायणपुर पुलिस की संवेदनशीलता; निरीक्षक आकाश मसीह (थाना प्रभारी कोहकमेटा) ने जहरीले सर्प दंश के शिकार युवक को बचाया


नारायणपुर पुलिस की संवेदनशीलता; निरीक्षक आकाश मसीह (थाना प्रभारी कोहकमेटा) ने जहरीले सर्प दंश के शिकार युवक को बचाया

आज दिनाँक 21.09.2022 को थाना कोहकमेटा (जिला नारायणपुर) क्षेत्रान्तर्गत ग्राम किहकाड निवासी श्री घनश्याम देहारी पिता श्री दुर्गा प्रसाद देहारी उम्र- 19 वर्ष जब अपने खेत में काम कर रहा था उसी वक्त उसे जहरीले करैत सांप ने काट दिया था। सूचना मिलने पर निरीक्षक आकाश मसीह तत्काल मौके पर पहुँचे और एम्बुलेंस को कॉल कर इसकी सूचना आईपीएस श्री सदानंद कुमार (पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर) को दिए। सूचना मिलने पर आईपीएस सदानंद कुमार मरीज की हालात खराब जानकर निरीक्षक आकाश मसीह को एम्बुलेंस का इंतिजार किये बिना तत्काल अपनी सुविधा से जिला अस्पताल नारायणपुर में एडमिट कराने निर्देशित किये। पुलिस अधीक्षक से निर्देश प्राप्त कर थाना प्रभारी कोहकमेटा आकाश मसीह ने मरीज को बाइक से ही जिला अस्पताल, नारायणपुर ले जाकर एडमिट कराया, प्राथमिक उपचार बाद मरीज के हालात में सुधार है।



सोमवार, सितंबर 19, 2022

नारायणपुर पुलिस और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की संयुक्त बीडीएस टीम ने नक्सलियों के मंसूबे को किया नाकाम; 12किलो वजनी पाइप आईईडी किया बरामद

नारायणपुर पुलिस और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की संयुक्त बीडीएस टीम ने नक्सलियों के मंसूबे को किया नाकाम; 12किलो वजनी पाइप आईईडी किया बरामद

आईपीएस श्री सदानंद कुमार, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर के आदेशानुसार चलाये जा रहे सघन रोड़ डीमायनिंग अभियान के तहत आज आज दिनाँक 19.09.2022 को जिला पुलिस नारायणपुर, छसबल कुकड़ाझोर और छसबल आकाबेडा की संयुक्त बीडीएस टीम नारायणपुर से आकाबेडा रोड़ में डिमायनिंग के लिए निकली थी। इस दौरान आकाबेडा मुख्यमार्ग पुलिया के किनारे झाड़ी में छिपाई गई वायर दिखने से उसे ट्रैक करते हुए बीडीएस टीम ने लगभग 12 किलो वजनी एक नग पाइप आईईडी बरामद किया। नक्सलियों ने नारायणपुर पुलिस द्वारा चलाये जा रहे नक्सल अभियान को प्रभावित करने तथा पुलिस बल और आम नागरिकों को जानमाल की नुकसान पहुचाने की नीयत से सड़क किनारे पुलिया में आईईडी प्लांट किया था। बीडीएस टीम ने आईईडी रिकवर करने के पश्चात पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर से निर्देश प्राप्त कर आईईडी को नष्ट किया है।

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गुरुवार, सितंबर 15, 2022

उप निरीक्षक भर्ती; टेस्ट सीरीज - 06


उप निरीक्षक भर्ती; टेस्ट सीरीज - 06

@ केंद्र सरकार और राज्य सरकार की सरकारी नौकरी के लिए सबसे बेहतरीन टेस्ट सीरीज

@ उप निरीक्षक संवर्ग भर्ती, लोक सेवा आयोग और व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा के लिए समान रूप से उपयोगी टेस्ट







सोमवार, सितंबर 05, 2022

शिक्षक दिवस विशेषांक : जिन गुरुजनों की शिक्षा के बिना मैं जानवर से भी बद्तर होता आज शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्हें प्रणाम... धन्यवाद!

शिक्षक दिवस विशेषांक : जिन गुरुजनों की शिक्षा के बिना मैं जानवर से भी बद्तर होता आज शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्हें प्रणाम... धन्यवाद!

आज शिक्षक दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम अपने पूज्यनीय गुरुजनों को सादर प्रणाम करता हूँ और उन्हें धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ। साथ ही यह स्वीकार करता हूँ कि मैं आप सबका चिरऋणी हूँ क्योंकि आपकी शिक्षा और प्रेरणा के बिना मैं जानवर से भी बद्तर होता।

आज शिक्षक दिवस पर उन सभी गुरुजनों का मेरे जीवन में प्रभाव का मैं जिक्र नहीं कर पाऊँगा मगर मोटे तौर पर जिनसे जो मुख्य बातें मैंने सीखा है उन गुरुओं का नाम और उनके शिक्षा का उल्लेख जरूर करूँगा, जो इस प्रकार से है:-

# माँ मोतिम जोशी - आपने सब कुछ सिखाया, आज जो हूँ आपके बदौलत हूँ।
# पिता शैल जोशी - आपने मुझे अपने हक़ और अधिकार के लिये लड़ना सिखाया।
# दादी माँ कली जोशी - आपने कहानी-कहानी में गुणवत्तापूर्ण और आदर्श जीवन जीना सिखाया।
# परदादी माँ श्यामा जोशी - आपने मुझे शिक्षा को प्राथमिकता में रखने की सीख दी।
# दादा मालिक जोशी - आपने मुझे सरलता, समानता और प्राकृतिक न्याय को अपने आचरण में शामिल करने की शिक्षा दी।
# भैया देव जोशी - आपने मुझे निष्ठापूर्वक कर्तव्यों का पालन करना, समय के साथ सोचनाऔर आगे बढ़ने की स्किल दी है। आपने मुझे साहित्य रचना करने की प्रेरणा और कंप्यूटर की शिक्षा भी दी है।
# मंडलोई गुरुजी - आपने मुझे देवनागरी लिपि पढ़ना और लिखना सिखाया।
# अनिल बंजारे गुरुजी - आपने मुझे समय का महत्व और तत्परतापूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना सिखाया।
# लाल मैडम - आपने मुझे अंग्रेजी पढ़ना, लिखना और समझना सिखाया।
# ओंकार नाथ सिंह (प्रशिक्षक) - आपने मुझे शारीरिक रूप से मजबूत होने की प्रेरणा दी।
# आईपीएस गुरजिंदर पाल सिंह - आपने पद और उम्र के बजाय स्किल और योग्यता के आधार पर सम्मान की शिक्षा दी।
# गुरु घासीदास बाबा, भगवान बुद्ध, कबीर साहेब - आपने मेरी मानसिकता और विचारों को शुद्धता प्रदान करते हुए मुझमें दार्शनिक विचारों को जन्म दिया है।
# डॉ. भीमराव अंबेडकर - आपने मुझे कानूनी और संवैधानिक अधिकार प्रदान किया है, आपके द्वारा प्रदत्त अधिकारों के बिना मैं जानवर से बद्तर होता।
# अन्य सभी ज्ञात/अज्ञात गुरुजन और मार्गदर्शक।

पुनः आप सभी गुरुजनों के अलावा स्कूल-कॉलेज के समस्त शिक्षकगण और समय समय पर मार्गदर्शन करने वाले परिजनों, परिचितों और दोस्तों को सादर प्रणाम... धन्यवाद!

अंत में समस्त जीव जंतुओं को अपेक्षाओं के साथ Happy Teachers Day कि वे सभी अपने गुरुजनों को सम्मान करना सीखेंगे, क्योंकि हम गुरुओं के बिना सबसे निकृष्ट जानवर और किट पतंगों से भी बद्तर होते।

(हुलेश्वर प्रसाद जोशी)
लेखक, विचारक, मार्गदर्शक, दार्शनिक, धर्मगुरु और पुलिस अधिकारी

गुरुवार, सितंबर 01, 2022

उप निरीक्षक भर्ती; टेस्ट सीरीज - 05

उप निरीक्षक भर्ती; टेस्ट सीरीज - 05

@ केंद्र सरकार और राज्य सरकार की सरकारी नौकरी के लिए सबसे बेहतरीन टेस्ट सीरीज

@ उप निरीक्षक संवर्ग भर्ती, लोक सेवा आयोग और व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा के लिए समान रूप से उपयोगी टेस्ट





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