Saturday, July 28, 2018

सारे ब्रम्हाण्ड में माता के अलावा कोई ईश्वर नही - परमपूज्यनीय मालिक जोशी

सारे ब्रम्हाण्ड में माता के अलावा कोई ईश्वर नही - परमपूज्यनीय मालिक जोशी


बात उन दिनों की है जब मै कक्षा 8वीं में अध्ययनरत् था, उन दिनों मेरे दादा जी की गौटियानी ही नही बल्कि उसके बाद घोर गरीबी भी समाप्त चूकी थी। हमारा परिवार वनोपज, गाय/भैंस पालन और डेयरी उत्पादन के लाभ से सुखमय स्थिति में आ चूका था। इसी सुखयम अहसास को अधिक गौरवान्वित करने उद्देश्य से मेरे पिता श्री शैल जोशी नें सन् १९९९ में दादाश्री (परमपूज्यनीय मालिक जोशी) को चारधाम यात्रा कराने के लिए अपनी इच्छा जाहिर किया था, तब दादाजी ने यह कहकर मना कर दिया कि ‘‘मेरे लिए कली (मेरी पत्नी) समस्त धामों से श्रेष्ठ व दर्शनीय है।’’ 

उनका मानना था कि ‘‘सारे ब्रम्हाण्ड में माता के अलावा कोई ईश्वर नही है। भौतिक रूप से स्वर्ग की कल्पना मुर्खता है सुखमय परिवार को ही स्वर्ग की संज्ञा दी गई है।’’


संस्मरण - हुलेश्वर जोशी
दिनांक 27/07/2018

Share:

0 टिप्पणियाँ:

Post a Comment

Fight With Corona - Lock Down

Popular Information

यह वेबसाइट /ब्लॉग भारतीय संविधान की अनुच्छेद १९ (१) क - अभिव्यक्ति की आजादी के तहत सोशल मीडिया के रूप में तैयार की गयी है।
यह वेबसाईड एक ब्लाॅग है, इसे समाचार आधारित वेबपोर्टल न समझें।
इस ब्लाॅग में कोई भी लेखक/व्यक्ति अपनी मौलिक पोस्ट प्रकाशित करवा सकता है। इस ब्लाॅग के माध्यम से हम शैक्षणिक, समाजिक और धार्मिक जागरूकता लाने तथा वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रयासरत् हैं। लेखनीय और संपादकीय त्रूटियों के लिए मै क्षमाप्रार्थी हूं। - श्रीमती विधि हुलेश्वर जोशी

Most Information