Monday, July 09, 2018

रोबोट नोहय मोर ददा ह, मनखे तुमन समझलव जी .......

रोबोट नोहय मोर ददा ह, मनखे तुमन समझलव जी .......




रोबोट नोहय मोर ददा ह, मनखे तुमन समझलव जी।
कतेक परतारना सहिथे तुंहर काहिं तो हरू करदव जी।।


कोन जनम के दोष लगाके, नरक ल भोगवावत हव।
तुमहरे रक्छा करथे तबो, तुतारी कोंच दउरावत हव।।


24 - 365 ड्यूटी जेकर, आधा बेतन देवत हव।
धुप बरसात, बिन अन पानी के जीवरा ल कल्पावत हव।।


अंगरेजी कानुन बताके, गुलाम जेला बनाये हव।
अइसने मोर ददा ये साहेब, नागर म जेला फंदाये हव।।


मोर ददा के मुस्कान ह तुहला, फूटे आँखि नइ सुहावत हे।
तेखरे सेति रोथन साहेब, आंसू ह बोहावत हे।।


रोबोट नोहय मोर ददा ह, मनखे तुमन समझलव जी।
कतेक परतारना सहिथे तुंहर काहिं तो हरू करदव जी।।


पापा के नन्ही परि
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"करा समर्पण" हल्बी गीत

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