"जीवन बचाओ मुहिम"

हत्यारा और मांसाहार नहीं बल्कि जीवों की रक्षा करने वाला बनो।


शुक्रवार, अक्टूबर 08, 2021

यातायात पुलिस नारायणपुर द्वारा रामकृष्ण मिशन आश्रम में आयोजित की गई जागरूकता कार्यक्रम...

यातायात पुलिस नारायणपुर द्वारा रामकृष्ण मिशन आश्रम में आयोजित की गई जागरूकता कार्यक्रम...

पुलिस अधीक्षक श्री उदय किरण, आईपीएस और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज चंद्राकर के निर्देशानुसार यातायात प्रभारी श्री दीपक साव (रक्षित निरीक्षक) के नेतृत्व में यातायात पुलिस नारायणपुर द्वारा रामकृष्ण मिशन आश्रम, नारायणपुर में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उक्त कार्यक्रम में आश्रम के स्टॉफ और छात्र छात्राओं सहित लगभग 1,100 लोग उपस्थित रहे।

अवेयरनेस प्रोग्राम के दौरान श्री साव ने विशेषकर छात्रों से अपील किया कि, जीवन का कोई रिसेट बटन नहीं होता और न तो जीवन को मोबाइल फ़ोन और कंप्यूटर की तरह फॉरमेट करके पुनः रिस्टोर किया जा सकता है इसलिए यातायात नियमों का पालन करें तथा स्वयं सुरक्षित रहते हुए दूसरों के सुरक्षा का भी ख़्याल रखें।

बुधवार, अक्टूबर 06, 2021

आरक्षक बस्तर फाईटर के लिये तैयारी करने वाले अभ्यार्थियों के लिये टेस्ट सीरीज - 01

रक्तदाता के रूप में पंजीयन के लिये यहाँ क्लिक करें.......




मंगलवार, अक्टूबर 05, 2021

यातायात पुलिस द्वारा तेज स्पीड़ बाईकर्स, शराब सेवन अथवा मोबाईल से बात करते हुए वाहन चलाने वालों लोगों और नाबालिक वाहन चालकों के पालकों के खिलाफ कार्यवाही तेज...

यातायात पुलिस नारायणपुर द्वारा तेज स्पीड़ बाईकर्स, शराब सेवन अथवा मोबाईल से बात करते हुए वाहन चलाने वालों लोगों और नाबालिक वाहन चालकों के पालकों के खिलाफ कार्यवाही तेज...

पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर श्री यू. उदय किरण, भापुसे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर श्री नीरज चन्द्राकर के निर्देशानुसार आज दिनांक 05.10.2021 को यातायात प्रभारी श्री दीपक साव के नेतृत्व में यातायात पुलिस नारायणपुर द्वारा जिला मुख्यालय के विभिन्न चौक चौराहे, जैसे मेन रोड़, कलेक्टोरेट रोड़ और जय स्तंभ चौक में यातायात संबंधी जागरूकता के ध्येय से लगभग 5 घण्टे तक तेज स्पीड़ बाईकर्स, शराब सेवन कर वाहन चलाने वाले लोगों, मोबाईल फोन से बात करतेे हुए वाहन चलाने वाले लोगों और नाबालिक बालकों के द्वारा वाहन चलाने सहित यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लगभग 30 लोगों और 05 नाबालिक वाहन चालकों के पालकों को बुलाकर चेतावनी दी गई। श्री दीपक साव ने मीडिया को बताया कि इस तरह के कार्यवाहियां समय-समय पर सरप्राईज तौर पर निरंतर जारी रहेंगे और यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालानी कार्यवाहियां भी की जाएगी। श्री साव ने आम नागरिकों से अपील की है कि जीवन अत्यंत अनमोल है इसका कोई रिसेट बटन नहीं होता है इसलिये वाहन चलाते समय चालक सावधानी से वाहन चलायें, यातायात नियमों का पालन करें, शराब पीकर वाहन न चलायें, मेन रोड़ और मुख्य शहर से बाहर बाईक चलाने की स्थिति में हेलमेंट अनिवार्य रूप से पहनें और अपने नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें।

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रविवार, अक्टूबर 03, 2021

छत्तीसगढ़ पुलिस : उप निरीक्षक संवर्ग भर्ती, के लिये अहर्तायें एवं विशेष उपबंधों की संक्षिप्त जानकारी

छत्तीसगढ़ पुलिस : उप निरीक्षक संवर्ग भर्ती, के लिये अहर्तायें एवं विशेष उपबंधों की संक्षिप्त जानकारी
See Rajpatra
शैक्षणिक योग्यता :
# सूबेदार, उप निरीक्षक, उप निरीक्षक (विशेष शाखा), प्लाटून कमाण्डर
- मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक
उप निरीक्षक (रेडियो) - इलेक्ट्रानिक/टेलीकम्युनिकेशन में 03 वर्ष का डिप्लोमा।
उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह/प्रश्नाधीन दस्तावेज) - गणित, भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र के साथ स्नातक।
# उप निरीक्षक (कम्प्यूटर/सायबर क्राईम) - बीसीए अथवा बीएससी (कम्प्यूटर) में स्नातक

शारीरिक योग्यता :
अभ्यार्थी का शारीरिक रूप से विकलांग नहीं होना चाहिये।

ऊँचाई -
# 168 से.मी. अथवा अधिक (पुरूष अभ्यार्थी)
# 153 से.मी. अथवा अधिक (महिला अभ्यार्थी)

सीने का माप - केवल पुरूष अभ्यार्थी हेतु
# बिना फुलाये 81 से.मी. अथवा अधिक
# फुलाने पर 86 से.मी. अथवा अधिक
# सीना के माप और फुलाने में 05 से.मी. का अंतर होना आवश्यक है।

लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार :
प्रारंभिक लिखित परीक्षा -
300 अंक के लिये आयोजित की जावेगी। जिसके लिये 02 घण्टे का समय मिलेगा। परीक्षा में मुख्यतः सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे जायेंगे जो कि कम्प्यूटराईज्ड वैकल्पिक प्रकार के होंगे। (पदों की संख्या के गुणांक-20 उत्तीर्ण होंगे।)

मुख्य लिखित परीक्षा -
(क) हिन्दी तथा अंग्रेजी भाषा में दक्षता - (अनिवार्य विषय) पूर्णांक-200, समय-2 घण्टे, हिन्दी-125 अंक तथा अंग्रेजी-75 अंक के होंगे।
(ख) सामान्य ज्ञान एवं सामान्य अध्ययन - (अनिवार्य विषय) पूर्णांक-200, समय-3 घण्टे।
(ग) एप्टीट्यूड टेस्ट - (अनिवार्य विषय) पूर्णांक-200, समय-2 घण्टे, हिन्दी-125 अंक तथा अंग्रेजी-75 अंक के होंगे।
(घ) विज्ञान (गणित, भौतिकी और रसायन) परीक्षा - पूर्णांक-200, समय- 2घण्टे - उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह/रेड़ियो/प्रश्नाधीन दस्तावेज) के लिये।
(ड) कम्प्यूटर विज्ञान की परीक्षा - पूर्णांक-200, समय- 2घण्टे - उप निरीक्षक (कम्प्यूटर/सायबर क्राईम) के लिये।

शारीरिक दक्षता परीक्षा:- 
300 अंको के लिये आयोजित की जावेगी। अभ्यार्थी को 30 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है उप निरीक्षक (कम्प्यूटर एवं सायबर क्राईम) के लिये केवल क्वालिफाईंग होगा।
(अ) लम्बी कूद - 60 अंक 
(ब) ऊँची कूद - 60 अंक
(स) गोला फेंक - 60 अंक
 (द) 100 मीटर दौड़ - 60 अंक
(इ) 1500 मीटर दौड़ - 60 अंक

साक्षात्कार : 100 अंक के लिये साक्षात्कार लिये जायेंगे।

बोनस अंक : 10 अंक, राष्ट्रीय स्तर के खेलकूद में प्रवीणता

आयु सीमा :
# न्यूनतम आयु - 18 वर्ष तथा उच्चतर आयु - 28 वर्ष होगी। छूट सहित अधिकतम आयु 36 वर्ष से अधिक न हो।
# एस.सी., एस.टी और ओबीसी के पुरूष अभ्यार्थी को अधिकतम आयु सीमा में 5वर्ष की छूट।
# स्थाई शासकीय सेवक को 36 साल की आयु तक भर्ती में शामिल की जा सकती है।
# विधवा, परित्यक्ता महिला अभ्यार्थियों को आयु सीमा में 35वर्ष तक की छूट होगी।
# अस्पृश्यता निवारण के तहत् अंतर्जातीय विवाह और राज्य स्तरीय सम्मान के लिये 05 साल की छूट।

आरक्षण :
# नियमानुसार आरक्षण लागू होंगे, इसके अलावा समस्तर प्रभागवार निम्नानुसार आरक्षण लागू होंगे। महिलाओं के लिये वर्गवार 30प्रतिशत पद आरक्षित।

निरर्हता :
पुरूष - 
(01) जिनकी एक से अधिक जीवित पत्नी हो।
(02) महिला संबंधी अपराध में दोष सिद्ध व्यक्ति।
(03) निर्धारित आयू सीमा के पूर्व विवाह।

महिला - 
(01) जो किसी ऐसे पुरूष से विवाह किया हो जिसकी पत्नी जीवित हो।
(02) निर्धारित आयू सीमा के पूर्व विवाह।


Physical Test and Marks




आरक्षक (बस्तर फाईटर्स) भर्ती के लिये अहर्तायें एवं विशेष उपबंधों की संक्षिप्त जानकारी

आरक्षक (बस्तर फाईटर्स) भर्ती के लिये अहर्तायें एवं विशेष उपबंधों की संक्षिप्त जानकारी
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शैक्षणिक योग्यता
# अनुसूचित जन जाति - 5वीं उत्तीर्ण
# अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अनारक्षित वर्ग - 10वीं उत्तीर्ण

शारीरिक योग्यता : अभ्यार्थी का शारीरिक रूप से विकलांग नहीं होना चाहिये।
ऊँचाई -
# अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अनारक्षित वर्ग- 163 से.मी. अथवा अधिक (पुरूष अभ्यार्थी)
# अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अनारक्षित वर्ग- 153 से.मी. अथवा अधिक (महिला अभ्यार्थी)
# अनुसूचित जन जाति - 150 से.मी. अथवा अधिक (पुरूष अभ्यार्थी)
# अनुसूचित जन जाति - 148 से.मी. अथवा अधिक (महिला अभ्यार्थी)
सीने का माप - केवल पुरूष अभ्यार्थी हेतु
# अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अनारक्षित वर्ग- बिना फुलाये 79 से.मी. अथवा अधिक
# अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अनारक्षित वर्ग- फुलाने पर 84 से.मी. अथवा अधिक
# अनुसूचित जन जाति - बिना फुलाये 74 से.मी. अथवा अधिक
# अनुसूचित जन जाति - फुलाने पर 79 से.मी. अथवा अधिक

लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार :
लिखित परीक्षा - 50 अंक के लिये आयोजित की जावेगी। जिसके लिये 02 घण्टे का समय मिलेगा। परीक्षा में सामान्य ज्ञान, विश्लेषण क्षमता और अंक गणित के सवाल पूछे जायेंगे जो कि वस्तुनिष्ट प्रकार के होंगे।
साक्षात्कार - 20 अंक के लिये साक्षात्कार लिये जायेंगे। बोनस अंक - अधिकतम 30 अंक मिलेंगे। जिसमें (01) राष्ट्रीय स्तर के खेलकूद में प्रवीणता - 05 अंक
(02) एनसीसी-सी प्रमाणपत्र और एनएसएस प्रमाणपत्र धारक को 05 अंक (03) जिले की स्थानीय बोली का ज्ञान- 20 अंक के होंगे।
उपरोक्त अंकों में मेरिट के आधार पर नियुक्ति दी जायेगी।

आयु सीमा :
# न्यूनतम आयु - 18 वर्ष तथा उच्चतर आयु - 28 वर्ष होगी। छूट सहित अधिकतम आयु 36 वर्ष से अधिक न हो।
# एस.सी.एस.टी और ओबीसी के पुरूष अभ्यार्थी को अधिकतम आयु सीमा में 5वर्ष की छूट।
# राज्य के महिला अभ्यार्थी को 10 वर्ष की छूट मिलेगी।
# स्थाई शासकीय सेवक को 36 साल की आयु तक भर्ती में शामिल की जा सकती है।

निरर्हता :
पुरूष - 
# जिनकी एक से अधिक जीवित पत्नी हो।
# महिला संबंधी अपराध में दोष सिद्ध व्यक्ति।
# निर्धारित आयू सीमा के पूर्व विवाह।
महिला - 
# जो किसी ऐसे पुरूष से विवाह किया हो जिसकी पत्नी जीवित हो।
# निर्धारित आयू सीमा के पूर्व विवाह।

शारीरिक दक्षता परीक्षा:- अनारक्षित वर्ग के लिये 60प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यार्थी को 50 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है।
# लम्बी कूद - 20 अंक 
# ऊँची कूद - 20 अंक
# गोला फेंक - 20 अंक 
# 100 मीटर दौड़ - 20 अंक
# 3000 मीटर दौड़ - 20 अंक

आरक्षण:- नियमानुसार आरक्षण लागू होंगे, इसके अलावा समस्तर प्रभागवार निम्नानुसार आरक्षण लागू होंगे।
# महिलाओं के लिये वर्गवार 30प्रतिशत पद आरक्षित।
# सहायक आरक्षकों के लिये 15प्रतिशत पद आरक्षित।


Physical Test and Marks :



शुक्रवार, अक्टूबर 01, 2021

नारायणपुर पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों का किया गया सम्मान

अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर पुलिस मुख्यालय, रायपुर के आदेश के परिपालन में आज दिनांक 01.10.2021 को ‘‘समर्पण योजना’’ के तहत् पुलिस अधीक्षक श्री यू. उदय किरण, भापुसे के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज चन्द्राकर के नेतृत्व में डीआरजी हाॅल, नारायणपुर में पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 30 वरिष्ठ नागरिक सम्मिलित हुए जिन्हें श्रीफल, डायरी और पेन इत्यादि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने अपने अनुभव और समस्यायें भी पुलिस से साझा किया। श्री चन्द्राकर ने वरिष्ट नागरिकों का कुशलक्षेम जानकर उन्हें सशक्त करने तथा उनके सुखमय और गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा समुचित सुरक्षा और सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। श्री चन्द्राकर ने वरिष्ट नागरिकों से कहा कि ’’आप सभी हमारे लिये अत्यंत महत्वपूर्ण हैं तथा आप सबका मार्गदर्शन पुलिस के लिये काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है इसलिये हम समय-समय पर आप सबसे मार्गदर्शन और सहयोग लेते रहेंगे। आज आप वरिष्ठजन बड़ी संख्या में यहाँ उपस्थित हैं और यदि कुछ बेहतर करना चाहते हैं तो पुलिस आप लोगों के साथ मिलकर जनता की बेहतरी के लिये अच्छा कार्य करने को तैयार है।’’

श्री चन्द्राकर ने मीडिया को बताया कि कार्यक्रम समाप्ति के बाद वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये ‘‘समर्पण‘‘ नामक वाट्सएप्प ग्रुप बनाया गया है, जिसमें वर्तमान में कार्यक्रम में शामिल सभी वरिष्ठ नागरिकों को जोड़ा गया है शीघ्र ही जिले के सभी नागरिकों को इस ग्रुप में जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस ग्रुप के माध्यम से वरिष्ठ नागरिक अपनी समस्याओं को रख सकेंगें। वरिष्ठ नागरिक पुलिस थाना जाकर, पुलिस अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से मोबाईल फोन से बात कर अथवा वाट्सएप्प चैट के माध्यम से भी अपनी समस्या से अवगत करा सकेंगे। जिनके स्वयं के पास स्मार्टफोन नहीं है वे दूसरे के मोबाईल फोन का भी सहारा ले सकते हैं। नारायणपुर पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के समस्याओं का त्वरित निदान किया जायेगा।

वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान समारोह में उप पुलिस अणीक्षक श्री अनुज कुमार, उप पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव उपाध्याय, रक्षित निरीक्षक श्री दीपक साव और थाना प्रभारी श्री तोपसिंह नवरंग सहित अन्य पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि समर्पण योजना के तहत् जिला नारायणपुर के अंदरूनी थानों जैसे धौड़ाई, कुकड़ाझोर, फरसगांव और धनोरा में भी आसपास के वरिष्ठ नागरिकों को थाना में बुलाकर उन्हें सम्मानित किया गया है।

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राष्ट्रीय समस्या: बहुएँ आत्महत्या को मजबूर क्यों? इसका निदान कैसे संभव है? - श्री हुलेश्वर जोशी

राष्ट्रीय समस्या: बहुएँ आत्महत्या को मजबूर क्यों? इसका निदान कैसे संभव है? - श्री हुलेश्वर जोशी

जागरूकता जरूरी है इसलिए इसे हर लड़की/महिलाओं को पढ़ना चाहिए। आपसे भी अनुरोध है कि इसे अधिकाधिक लोगों से शेयर कर समाज में जागरूकता लाने में अपना अहम भूमिका निभाते हुए महिलाओं में बढ़ती आत्महत्या के प्रवृत्ति को रोकने का काम करें। इस लेख के माध्यम से हम समाज के लिए सबसे अत्यधिक चिन्ताजनक परंतु महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने जा रहे हैं। चर्चा के पहले हमें तैयार रहना होगा कि हम बहुओं पर प्रतिबंध लगाने के मानसिकता को जीवित रखने के पहले अपनी बहन और बेटियों को भी बहु के पदीयदायित्यों पर बनाये रखते हुए उनकी स्थिति पर स्वच्छ चर्चा करें अर्थात कहूँ तो अपनी बहन या बेटी को बहु के पदीयदायित्वों के साथ आत्महत्या के लिए मजबूर होने से बचाने के लिए चर्चा कर लें तो हम बेहतर सकारात्मक परिणाम में पहुचेंगे कि बहुएँ आत्महत्या को मजबूर क्यों होती हैं:
# गरिमामय जीवन के अधिकार का हनन।
# आर्थिक, सामाजिक और व्यक्तिगत अधिकारों का हनन।
# अभिव्यक्ति की आज़ादी पर प्रतिबंध।
# आत्मस्वाभिमान को ठेंस पहुँचाया जाना।
# तनावपूर्ण जीवन की मजबूरी।
# समाज का पुरुष प्रधान सामाजिक मानसिकता से ग्रसित होना।
# बहु को गैर समझने की मानसिकता।
# पति-पत्नी के मध्य कम्युनिकेशन गैप, सौतन मोबाइल और स्मार्टफोन का अधिकाधिक स्तेमाल।
# केवल अपने गरिमा, सुविधाओं और आज़ादी को प्राथमिकता देना जबकि जीवनसाथी अथवा पारिवारिक सदस्यों के गरिमा, सुविधाओं और आज़ादी का उपेक्षा करना।
# अशिक्षा अथवा/और जागरूकता का अभाव।
# कार्य/जिम्मेदारियों की अधिकता।
# समाज में महिलाओं को सेक्सुअल जरूरत पूरा करने, बच्चे पैदा करने और सेवा करने (नौकर) समझने की मानसिकता से ग्रसित होना।
# पति द्वारा मद्यपान कर अथवा संदेह के आधार पर पत्नी की पिटाई करना।
# इच्छा के ख़िलाफ़ अथवा क्रूरतापूर्ण फिजिकल रिलेशन को मजबूर करना।
# माता पिता में सकारात्मक विचारधारा का अभाव।

आत्महत्या का उपचार:
# "जैसे को तैसा का सिद्धांत" के अनुसार ही बहुओं के साथ व्यवहार करें; अर्थात बहु के ऊपर केवल उन्हीं अनुसाशन को थोपें जो आप अपनी बहन और बेटियों के साथ स्वीकार कर सकते हैं।
# महिलाओं/लड़कियों को (बाल्यकाल से ही) को अपने मूल अधिकारों और मानव अधिकारों से भलीभांति परिचित होना होगा।
# लड़कियों/महिलाओं को महिलाओं के सुरक्षार्थ (घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव और लैंगिक शोषण से संरक्षण संबंधी) क़ानूनी प्रावधानों और अधिकार से भलीभांति परिचित होना चाहिये तथा उन्हें सहजतापूर्ण क़ानूनी सहयोग प्राप्त के तरीक़ों की भी जानकारी प्रदान करें।
# बेटियों में रूढ़िवादी परम्पराओं के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की साहस पैदा करें।
# लड़कियाँ/महिलाएँ डिप्रेशन से निज़ात पाने के तरीक़ों से स्किल्ड हों। न सिर्फ़ लड़कियों और महिलाओं को वरन पुरुषों को भी तनावमुक्त जीवनशैली का चुनाव करना चाहिए।
# बहुएँ ही नहीं वरन परिवार के सभी सदस्यों के स्वाभिमान और इच्छाओं का सम्मान हो।
# लड़के और लड़कियों के मध्य भेदभाव ही आत्महत्या और हत्या का कारक है।
# न सिर्फ़ जीवनसाथी वरन परिवार के अन्य सदस्यों को भी उनके द्वारा किये गये छोटी मोटी ग़लतियों के लिए माफ़ करना सीखें।
# परिवार में बेटियों और बहु के लिए बराबर की आज़ादी का प्रावधान रखें; यदि आपका परिवार रूढ़िवाद से ग्रसित हो तो रूढ़िवाद का त्याग कर महिलाओं को पुरुषों के बराबर का दर्जा और सम्मान देना शुरू करें।
# "पति परमेश्वर है, ईश्वर और भगवान हैं इनके त्याग के बाद जीवन दुभर हो जाता है इसलिए पति के इच्छाओं की पूर्ति के लिए जीवन समर्पित रखें।" ऐसी मानसिकता न केवल झूठा और भ्रामक है बल्कि यह दूषित, अमानवीय और अधार्मिक भी है।
# अपने जीवन से श्रेष्ठ, उत्तम और अनिवार्य कुछ नहीं; इसलिए आत्महत्या का विकल्प बिल्कुल ही नाजायज, व्यर्थ और बक़वास है।
# आत्महत्या के बजाय किसी भी प्रकार से शोषण, प्रताड़ना और अधिकारों के हनन होने की स्थिति में पति और उनके परिवार के ख़िलाफ़ क़ानूनी सहायता के लिए न्यायालय और पुलिस की शरण में जाना अच्छा क़दम है।
# वैवाहिक जीवन को आपसी तालमेल से सफ़ल और सुखमय बनाया जा सकता है यदि ऐसा संभव न हो तो तलाक़ लेना एक बेहतर निर्णय होता है।
# महिलाएँ अपने लिए, अपने आध्यात्मिक और व्यक्तिगत उन्नति के लिए कुछ समय निकालें, रोज पसंदीदा संगीत सुनें। कभी कभी अपने पसंदीदा स्थानों में टूर पर जाएँ; परिवार के शुभचिंतक लोगों और अच्छे तथा विश्वसनीय दोस्तों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय व्यतीत करें।
# किसी भी स्थिति में आपके अधिकारों, आत्मस्वाभिमान को ठेस पहुचाने वाले, प्रताड़ना, हिंसा और बल का प्रयोग करने वालों को बर्दाश्त न करें। वरन पुलिस थाना के माध्यम से उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही कराएँ, यदि पुलिस कार्यवाही न कर रहा हो तो महिला आयोग अथवा न्यायालय की शरण लें।
# महिलाएँ ख़ुद की काबिलियत में निरंतर वृद्धि करते रहें, समय के अनुसार स्किल डेवलपमेंट करते रहें ताकि तलाक़ की स्थिति में भी बेहतर जीवन जी सकें; वैसे पिता और पति से भरण पोषण के लिए रुपये लेने और उनके प्रॉपर्टी से बटवारा लेने का अधिकार है।
# लड़कियाँ अपने से कम क़ाबिल और कम उम्र वाले लड़कों से विवाह करें।
# लड़कियाँ/महिलाएँ आत्मनिर्भर बनें।
# यदि आपके जीवनसाथी आपके साथ बेवज़ह मारपीट करे तो आप भी आत्मरक्षा के सारे क़दम उठा सकती हैं। "ख़्याल रखें पति का नाम लेने या उनके मारपीट का विरोध कर आत्मरक्षा करने वाली औरतें नर्क नहीं जाती।"

लेखक "अँगूठाछाप लेखक" (अबोध विचारक के बईसुरहा दर्शन) के लेखक हैं।

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